Monsoon 2026 अब पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department) ने 10 जून 2026 को जारी ताजा बुलेटिन में बड़ी चेतावनी दी है। अगले तीन दिनों में देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, तूफानी हवाओं और ओलावृष्टि का खतरा मंडरा रहा है। खासतौर पर उत्तर पश्चिम भारत में 11-12 जून को मौसम का मिजाज काफी बिगड़ सकता है, जहां 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
देखा जाए तो इस बार का मानसून अपेक्षाकृत तेजी से आगे बढ़ रहा है। India Meteorological Department के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा अब 18°N/60°E से शुरू होकर सिलीगुड़ी और 27.5°N/87.5°E तक पहुंच चुकी है। अगले 3-4 दिनों में यह महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के कुछ और हिस्सों, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और ओडिशा तक विस्तार कर सकता है।
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दिल्ली-NCR में भी बदलेगा मौसम का मिजाज
राजधानी दिल्ली और NCR क्षेत्र में भी अगले कुछ दिन काफी उथल-पुथल भरे रहने वाले हैं। 10 जून को दिल्ली में अधिकतम तापमान 41-43°C के बीच रहने का अनुमान है, लेकिन शाम तक हल्की बारिश, धूल भरी आंधी और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। दिलचस्प बात यह है कि 11-12 जून को स्थिति और गंभीर हो सकती है। मौसम विभाग ने 11 जून को 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है, जो 70 किमी प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती हैं।
12 जून को दिल्ली में तापमान में काफी गिरावट आने की संभावना है। अधिकतम तापमान 34-36°C और न्यूनतम 24-26°C के बीच रह सकता है। यानी करीब 8-10 डिग्री की गिरावट। यह सामान्य से 3 से 5 डिग्री कम होगा।
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उत्तर पश्चिम भारत में ओलावृष्टि का अलर्ट
अगर गौर करें तो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव में पूरा उत्तर पश्चिम भारत आने वाला है। हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11-12 जून को ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और पंजाब में भी 11 जून को ओले पड़ सकते हैं।
समझने वाली बात यह है कि ओलावृष्टि खड़ी फसलों, बागवानी और बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा सकती है। पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं, बिजली और संचार लाइनें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं, और कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंच सकता है।
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पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश का कहर
पूर्वोत्तर भारत में स्थिति और भी गंभीर है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नगालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा में 10 से 14 जून तक लगातार बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) होने की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 10-16 जून तक भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पिछले 24 घंटों में सब-हिमालयन वेस्ट बंगाल के लीश रिवर (जलपाईगुड़ी) में 13 सेमी बारिश दर्ज की गई। तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के नालुमुक्कु में भी 13 सेमी बारिश हुई। अंडमान निकोबार द्वीप समूह के मयाबंदर में 11 सेमी और असम के मतिजुर्ती में 11 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
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दक्षिण भारत में भी मानसून की दस्तक
दक्षिण भारत में मानसून अच्छी गति से आगे बढ़ रहा है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में अगले 5-7 दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। केरल में 11-12 जून को बहुत भारी बारिश हो सकती है। कोस्टल कर्नाटक में भी 12 जून को बहुत भारी वर्षा का अनुमान है।
तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और रायलसीमा में भी आंशिक बारिश के साथ तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है। दिलचस्प यह है कि दक्षिण भारत में पहले से ही अच्छी बारिश हो रही है, जो किसानों के लिए राहत की बात है।
मछुआरों के लिए खतरे की घंटी
मौसम विभाग ने मछुआरों को गंभीर चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी में मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन, श्रीलंका तट, दक्षिण बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों, अंडमान सागर और पूर्वी-मध्य तथा पश्चिमी-मध्य बंगाल की खाड़ी में 10 से 15 जून तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
अरब सागर में दक्षिण महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल तट, लक्षद्वीप क्षेत्र और मालदीव के पास 10 से 12 जून तक खतरनाक स्थिति रह सकती है। सोमालिया और ओमान तटों के पास दक्षिण पश्चिम और पश्चिमी-मध्य अरब सागर में भी 10 से 15 जून तक समुद्र उफनाव पर रह सकता है।
हीट वेव का खतरा अभी टला नहीं
चिंता का विषय यह है कि मानसून की आमद के बावजूद कुछ इलाकों में अभी भी हीट वेव की स्थिति बनी हुई है। 10 जून को पूर्वी राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पंजाब के कुछ इलाकों में लू (Heat Wave) चल सकती है। पश्चिमी राजस्थान में 10-11 जून तक यह स्थिति जारी रह सकती है।
पिछले 24 घंटों में राजस्थान के श्रीगंगानगर में सबसे अधिक 46.4°C तापमान दर्ज किया गया। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और विदर्भ के कई हिस्सों में तापमान 40-46°C के बीच रहा।
तूफानी हवाओं ने मचाई तबाही
पिछले 24 घंटों में कई जगहों पर तूफानी हवाओं ने तबाही मचा दी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हरियाणा के पंडु पिंडारा (जींद) में 115 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इटावा में 91 किमी/घंटा, आगरा (वायु सेना स्टेशन) में 89 किमी/घंटा की रफ्तार दर्ज की गई।
झारखंड के डुमका में 70 किमी/घंटा, पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर में 74 किमी/घंटा और बिहार के बक्सर और मधेपुरा में 59 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और ओडिशा में भी तेज हवाओं की रिपोर्ट आई।
किसानों के लिए विशेष सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को कई महत्वपूर्ण सलाह दी हैं। ओलावृष्टि वाले क्षेत्रों में फलों के बागों और सब्जी के पौधों को ओला जाल या ओला कैप से बचाने की सलाह दी गई है। भारी बारिश वाले इलाकों में खेतों में जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने और तैयार फसलों की जल्द से जल्द कटाई करने का निर्देश दिया गया है।
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और त्रिपुरा में धान की नर्सरी को पॉलीथीन शीट से ढकने की सलाह दी गई है। केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में केला, नारियल, इलायची और सब्जियों के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की जरूरत है। तेलंगाना और महाराष्ट्र में भी सब्जी और बागवानी फसलों में जल निकासी की व्यवस्था करने को कहा गया है।
आम जनता के लिए सुरक्षा सलाह
मौसम विभाग ने आम लोगों को भी सतर्क रहने की अपील की है। तूफान और बिजली गिरने की स्थिति में:
- घर के अंदर रहें और खिड़की-दरवाजे बंद रखें
- पेड़ों के नीचे शरण न लें
- बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग कर दें
- पानी के स्रोतों से दूर रहें
- कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और दीवारों से दूर रहें
- यात्रा से बचें और मौसम अपडेट पर नजर रखें
हीट वेव से बचने के लिए:
- धूप में लंबे समय तक न रहें
- खूब पानी पिएं, भले ही प्यास न लगी हो
- ORS, लस्सी, नींबू पानी, छाछ जैसे पेय पदार्थों का सेवन करें
- बुजुर्गों, बच्चों और पुरानी बीमारियों से ग्रस्त लोगों का विशेष ध्यान रखें
तापमान में आने वाले बदलाव
अगले कुछ दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में तापमान में बदलाव देखने को मिलेगा। उत्तर पश्चिम भारत में 10 जून तक तापमान स्थिर रहने के बाद 11-13 जून तक 3-5°C की गिरावट आने की संभावना है। उसके बाद फिर से 2-4°C की बढ़ोतरी हो सकती है।
मध्य भारत में 12 जून तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद 2-3°C की गिरावट आ सकती है। पूर्वी भारत में 11 जून तक तापमान स्थिर रहने के बाद 12-14 जून तक 2-4°C की गिरावट संभव है।
मौसम तंत्र और वायुमंडलीय परिस्थितियां
वर्तमान में कई महत्वपूर्ण मौसम तंत्र सक्रिय हैं:
- उत्तर पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर निम्न वायुदाब चक्रवात
- पूर्वी उत्तर प्रदेश से विदर्भ तक एक गर्त (Trough)
- उत्तर पश्चिम बिहार के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण
- मध्य बंगाल की खाड़ी से तटीय कर्नाटक तक गर्त
- पंजाब से गंगीय पश्चिम बंगाल तक समुद्र स्तर पर गर्त
- 60°E देशांतर के साथ 32°N से उत्तर में पश्चिमी विक्षोभ
इन सभी तंत्रों का संयुक्त प्रभाव देश के विभिन्न हिस्सों में विविध मौसम परिस्थितियां पैदा कर रहा है।
क्या है Southwest Monsoon 2026 की खासियत
इस बार का मानसून समय पर आया है और अच्छी गति से आगे बढ़ रहा है। यह किसानों के लिए अच्छी खबर है, क्योंकि खरीफ की फसल की बुवाई के लिए यह महत्वपूर्ण समय है। हालांकि, कुछ जगहों पर अत्यधिक बारिश और तूफानी हवाओं से नुकसान की आशंका भी है।
दिलचस्प यह भी है कि इस साल मानसून के आगमन के साथ ही कई जगहों पर तापमान में तेजी से गिरावट देखने को मिल रही है। जो इलाके कुछ दिन पहले तक 45-46°C तापमान झेल रहे थे, वहां अब 34-36°C तक तापमान आ सकता है।
आगे का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक देश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहेंगी। पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत में लगातार बारिश जारी रहेगी। उत्तर पश्चिम भारत में 13 जून तक गीला मौसम रहने की संभावना है, उसके बाद मौसम में सुधार हो सकता है।
हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि मानसून की आगे की गति कैसी रहेगी। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Southwest Monsoon 2026 अच्छी गति से आगे बढ़ रहा है, अगले 3-4 दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों तक पहुंच सकता है
- 11-12 जून को उत्तर पश्चिम भारत में 50-70 किमी/घंटा की तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी
- दिल्ली में 12 जून को तापमान में 8-10°C की गिरावट, अधिकतम तापमान 34-36°C रह सकता है
- पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 10-14 जून तक बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) की संभावना
- केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में अगले 5-7 दिनों तक भारी बारिश जारी रहेगी
- मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कई हिस्सों में 10-15 जून तक समुद्र में न जाने की सलाह
- पश्चिमी राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश और दिल्ी में 10 जून को हीट वेव की स्थिति बनी हुई है













