Bikram Majithia Anticipatory Bail की खबर पंजाब की सियासत में एक नया मोड़ लेकर आई है। शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने मजीठा पुलिस थाने में दर्ज केस में अपनी गिरफ्तारी रोकने के लिए अमृतसर जिला अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उनकी याचिका पर सुनवाई 10 जून को होगी।
देखा जाए तो यह केस सिर्फ एक FIR की बात नहीं है। बल्कि यह पंजाब में अकाली दल और सत्ताधारी पार्टी के बीच चल रही सियासी रस्साकशी का नया अध्याय बन चुका है।
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31 May को दर्ज हुआ था Case
मजीठा पुलिस थाने में 31 मई को यह केस दर्ज किया गया था। इसमें मजीठिया के अलावा कई और लोगों को भी नामजद किया गया था। अकाली नेता पर आरोप है कि उन्होंने मजीठा पुलिस थाने में दाखिल होकर एक बंधक को जबरन छुड़ाने की कोशिश की और पुलिस के कामकाज में बाधा डाली। इसके साथ ही और भी कई गंभीर आरोप इस FIR में जोड़े गए हैं।
Green Avenue पर हुई थी Police Raid
केस दर्ज होने के बाद जिला देहाती पुलिस ने मजीठिया की गिरफ्तारी के लिए उनके अमृतसर स्थित ग्रीन एवेन्यू वाले घर पर छापेमारी की थी। पर वे घर पर नहीं मिले। यहीं से असली ड्रामा शुरू हुआ: एक तरफ पुलिस उन्हें ढूंढ रही थी, दूसरी ओर उनकी कानूनी टीम बचाव की रणनीति बना रही थी।
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कानूनी टीम ने अदालत में रखी दलील
मिली जानकारी के मुताबिक, बिक्रम सिंह मजीठिया के कानूनी विशेषज्ञों की टीम ने आज अमृतसर जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल कर दी है। अदालत अब इस मामले में अगली कार्रवाई कल यानी 10 जून को करेगी।
Punjab की सियासत पर सीधा असर
दिलचस्प बात यह है कि यह मामला उस वक्त सामने आया है जब पंजाब की सियासत में अकाली दल खुद को फिर से खड़ा करने की कोशिश में लगा है। ऐसे में यह केस पार्टी की रणनीति पर सीधा असर डाल सकता है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर कोर्ट से राहत नहीं मिली, तो पार्टी के सबसे बड़े चेहरों में से एक जेल जा सकता है।
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जानें पूरा मामला
मजीठा पुलिस थाने में 31 मई को बिक्रम मजीठिया और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की गई। आरोप है कि उन्होंने थाने में घुसकर एक बंधक व्यक्ति को जबरन छुड़ाने की कोशिश की और सरकारी कामकाज में बाधा डाली। पुलिस की छापेमारी से बचने के बाद अब उन्होंने अदालत से अग्रिम जमानत मांगी है।
मुख्य बातें (Key Points)
- बिक्रम मजीठिया ने अमृतसर जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की।
- 31 मई को मजीठा थाने में FIR दर्ज हुई थी।
- आरोप: थाने में घुसकर बंधक को छुड़ाने और पुलिस कार्य में बाधा डालने का।
- अगली सुनवाई 10 जून को होगी।













