Southwest Monsoon 2026 अब केरल के दरवाजे पर दस्तक देने वाला है। India Meteorological Department (IMD) ने मंगलवार, 3 जून 2026 को दोपहर 1:30 बजे जारी अपनी ताजा प्रेस विज्ञप्ति में साफ संकेत दिए हैं कि अगले 24 घंटों के भीतर मानसून Kerala में दाखिल हो जाएगा। देखा जाए तो यह खबर किसानों और आम लोगों दोनों के लिए राहत भरी है, लेकिन साथ ही कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी भी चिंता का विषय बन गई है।
Ministry of Earth Sciences के तहत आने वाले मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि केरल में अगले 6-7 दिनों तक अलग-अलग इलाकों में 7 से 20 सेमी तक भारी से अति भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। वहीं, Tamil Nadu और Karnataka के कुछ हिस्सों में भी इसी अवधि में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।
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मानसून की मौजूदा स्थिति: कहां पहुंच चुका है मानसून का सफर
IMD के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Monsoon) फिलहाल 10°N/60°E, 9°N/65°E, 8.5°N/70°E, 8°N/75°E, 7.8°N/78°E, 8°N/80°E, 10°N/80°E, 13°N/87°E, 16°N/90°E, 19°N/93°E और 22°N/97°E से होकर गुजर रही है। अगले 24 घंटों में मानसून दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ और हिस्सों, Lakshadweep Islands, केरल और तमिलनाडु के कुछ इलाकों, दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के बचे हुए हिस्सों में आगे बढ़ने की स्थिति में है।
समझने वाली बात यह है कि मानसून की यह एडवांस सामान्य समयसीमा के अनुरूप है और इससे खरीफ फसलों की बुवाई में मदद मिलेगी।
पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम का मिजाज
2 जून को सुबह 8:30 बजे से लेकर 3 जून सुबह 8:30 बजे तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो कई इलाकों में मौसम ने अपना रौद्र रूप दिखाया है। Andaman & Nicobar Islands और North Interior Karnataka में अलग-अलग स्थानों पर 12 से 20 सेमी तक अति भारी बारिश दर्ज की गई। खासतौर पर Andaman & Nicobar Islands के Long Island में 14 सेमी और Karnataka के Yadgir जिले में Kakkeri में 12 सेमी बारिश हुई।
वहीं, Madhya Maharashtra, Assam & Meghalaya, तमिलनाडु, केरल, Coastal Karnataka, South Interior Karnataka और Telangana में कुछ जगहों पर 7 से 11 सेमी भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। दिलचस्प बात यह है कि Uttarakhand और West Madhya Pradesh में तेज आंधी के साथ 70 से 95 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि West Madhya Pradesh के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई।
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तापमान ने तोड़े रिकॉर्ड: कहां पारा चढ़ा, कहां गिरा
1 जून 2026 को दिन का अधिकतम तापमान देश के मध्य और पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत, दक्षिण-पश्चिम Rajasthan, Saurashtra & Kutch और Interior Maharashtra के कुछ हिस्सों में 38 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। सबसे ज्यादा तापमान Telangana के Khammam में 43.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि Assam & Meghalaya, Bihar और Himachal Pradesh के अलग-अलग स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। वहीं, 2 जून को रात का न्यूनतम तापमान Himachal Pradesh, Odisha, बिहार, West Rajasthan, Saurashtra & Kutch, Uttar Pradesh, West Madhya Pradesh, तेलंगाना, Gangetic West Bengal, Mizoram, Nagaland और Assam & Meghalaya में सामान्य से अधिक रहा।
मौसम तंत्र: क्या है इन बदलावों की असली वजह
IMD के विश्लेषण के अनुसार, फिलहाल कई मौसम तंत्र (Weather Systems) सक्रिय हैं:
- West Uttar Pradesh और आसपास के इलाकों में निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों (tropospheric levels) पर एक चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulation) मौजूद है।
- उत्तर Pakistan और आसपास के क्षेत्र में भी एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है।
- पूर्व-मध्य अरब सागर और तटीय कर्नाटक के आसपास निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण है।
- उत्तर Andaman Sea और आसपास के क्षेत्र में निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।
इन सभी मौसम तंत्रों के प्रभाव में ही देशभर में बारिश और आंधी-तूफान का दौर जारी रहने वाला है।
अगले 7 दिनों का मौसम पूर्वानुमान: क्षेत्रवार विस्तृत जानकारी
उत्तर-पूर्व भारत (Northeast India):
अगले 7 दिनों तक पूरे क्षेत्र में काफी व्यापक स्तर पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। Arunachal Pradesh में 4 जून और 6 से 9 जून के बीच अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। Assam & Meghalaya में 4 से 7 जून तक भारी बारिश, जबकि 8-9 जून को अति भारी बारिश की आशंका है। Nagaland, Manipur, Mizoram & Tripura में 6-7 जून को भारी बारिश हो सकती है।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत (South Peninsular India):
केरल और लक्षद्वीप पर सबसे ज्यादा फोकस है। 3 से 9 जून तक केरल में अलग-अलग इलाकों में अति भारी बारिश का अनुमान है। North Interior Karnataka में 3 से 5 जून तक गरज के साथ तेज हवाएं (50-60 किमी प्रति घंटा) चल सकती हैं। तमिलनाडु में 3 से 8 जून तक भारी बारिश संभव है। Coastal Karnataka में 3 जून और 8-9 जून को अति भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वी भारत (East India):
Andaman & Nicobar Islands में 3 से 5 जून तक भारी बारिश के साथ तेज हवाएं (50-60 किमी प्रति घंटा) चलने की संभावना है। Sub-Himalayan West Bengal & Sikkim में 4 से 9 जून तक भारी बारिश हो सकती है। बिहार में 6 से 9 जून तक आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है।
उत्तर-पश्चिम भारत (Northwest India):
Jammu-Kashmir-Ladakh-Gilgit-Baltistan-Muzaffarabad में 3-4 जून को तेज आंधी (50-60 किमी प्रति घंटा) के साथ बारिश हो सकती है। वहीं, 3-4 जून को इन इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका है। Himachal Pradesh में 3 से 5 जून, Uttarakhand में 4-5 जून को ओलावृष्टि संभव है। Haryana Chandigarh & Delhi, Punjab, East Rajasthan और West Rajasthan में भी 3-4 जून को तेज आंधी और बारिश हो सकती है।
मध्य भारत (Central India):
West Madhya Pradesh में 3 से 5 जून तक तेज आंधी (50-60 किमी प्रति घंटा) के साथ बारिश संभव है। 4 जून को East Madhya Pradesh और West Madhya Pradesh में ओलावृष्टि हो सकती है। Chhattisgarh और Vidarbha में भी 4-5 जून को आंधी-बारिश का दौर रहेगा।
पश्चिमी भारत (West India):
Konkan & Goa में 3 से 5 जून और 8-9 जून को भारी बारिश की संभावना है। Madhya Maharashtra में 5 जून को भारी बारिश हो सकती है। Gujarat Region और Saurashtra & Kutch में 3 से 5 जून तक आंधी-बारिश का अनुमान है।
तापमान में होंगे उतार-चढ़ाव: जानें किस क्षेत्र में क्या बदलाव
| क्षेत्र | अवधि | तापमान परिवर्तन |
|---|---|---|
| Northwest India | 3 जून तक | 2-4°C की धीरे-धीरे वृद्धि |
| Northwest India | 4-6 जून | 2-4°C की धीरे-धीरे कमी |
| Northwest India | 7-9 जून | 3-5°C की धीरे-धीरे वृद्धि |
| East India | 5 जून तक | 2-3°C की धीरे-धीरे वृद्धि |
| Maharashtra | 5 जून तक | 2-3°C की धीरे-धीरे कमी |
| Gujarat State | 5 जून तक | 2-3°C की धीरे-धीरे कमी |
| Gujarat State | 6-9 जून | 2-3°C की धीरे-धीरे वृद्धि |
लू (Heat Wave) की चेतावनी: ये इलाके रहेंगे प्रभावित
अगर गौर करें तो बारिश के बीच कुछ राज्यों में गर्मी का प्रकोप भी जारी रहने वाला है। बिहार में 5 से 9 जून तक अलग-अलग जगहों पर लू चलने की बहुत अधिक संभावना है। East Uttar Pradesh में 7 से 9 जून और West Uttar Pradesh में 8-9 जून को लू का अनुमान है।
गर्म और उमस भरा मौसम Arunachal Pradesh, Assam & Meghalaya और Sub-Himalayan West Bengal & Sikkim में 3 जून को, Odisha में 3 से 7 जून तक, और Nagaland, Manipur, Mizoram & Tripura में 3-4 जून को बना रहेगा।
मछुआरों के लिए खतरे की घंटी: इन इलाकों में न जाएं समुद्र में
IMD ने मछुआरों को सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 3 से 8 जून 2026 तक निम्नलिखित समुद्री क्षेत्रों में न जाएं:
Bay of Bengal (बंगाल की खाड़ी):
- Gulf of Mannar, Comorin & Maldives area, Sri Lanka coasts, दक्षिण और आसपास की मध्य बंगाल की खाड़ी और Andaman Sea – 3 से 8 जून तक
- उत्तर तमिलनाडु तट – 4 से 8 जून तक
Arabian Sea (अरब सागर):
- सोमालिया तट के साथ और उसके पास दक्षिण-पश्चिम अरब सागर – 3 से 8 जून
- दक्षिण महाराष्ट्र, गोवा तट – 3 से 6 जून
- केरल, कर्नाटक, लक्षद्वीप के पास मालदीव और आसपास के समुद्री क्षेत्र – 3 से 8 जून
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम: 4 दिनों का पूर्वानुमान
Delhi/NCR के लोगों के लिए भी अगले कुछ दिन खास रहने वाले हैं। पिछले 24 घंटों में दिल्ली में अधिकतम तापमान में 1-2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है और यह 36-38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। न्यूनतम तापमान 25-27 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।
3 जून 2026:
आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। शाम से रात के बीच गरज के साथ तेज हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटा, झोंके 50 किमी तक) चल सकती हैं। अधिकतम तापमान 38-40 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
4 जून 2026:
आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे जो दोपहर में सामान्यतः बादल में बदल जाएंगे। दोपहर से शाम के बीच हल्की बारिश के साथ गरज/बिजली/धूल भरी आंधी और तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा, झोंके 60 किमी तक) संभव हैं। रात में भी हल्की बारिश के साथ गरज और तेज हवाओं की संभावना है।
5 जून 2026:
आम तौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर तक हल्की बारिश के साथ गरज/बिजली और तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा, झोंके 60 किमी तक) चल सकती हैं। शाम से रात में भी हल्की बारिश संभव है। अधिकतम तापमान 36-38 डिग्री सेल्सियस रहेगा।
6 जून 2026:
आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर तक बहुत हल्की से हल्की बारिश के साथ गरज/बिजली और तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा, झोंके 60 किमी तक) संभव हैं। अधिकतम तापमान 37-39 डिग्री सेल्सियस रहेगा।
आंधी-तूफान और बिजली गिरने से बचाव: क्या करें, क्या न करें
IMD ने जनसुरक्षा के लिए कुछ महत्वपूर्ण सलाह दी हैं:
संभावित प्रभाव:
- पेड़ों की टहनियां टूट सकती हैं और बड़े पेड़ उखड़ सकते हैं
- खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है
- बिजली और संचार लाइनों को क्षति पहुंच सकती है
- कमजोर संरचनाओं को आंशिक या बड़ा नुकसान हो सकता है
- ढीली वस्तुएं उड़ सकती हैं
सुरक्षा उपाय:
- मौसम के अपडेट पर नजर रखें और स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं
- घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें
- अनावश्यक यात्रा से बचें
- सुरक्षित आश्रय लें; पेड़ों के नीचे शरण न लें
- बिजली की गतिविधि के दौरान कंक्रीट के फर्श पर न लेटें या कंक्रीट की दीवारों के पास न खड़े हों
- बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करें
- पानी के स्रोतों से तुरंत बाहर निकलें
- बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूर रहें
भारी बारिश के प्रभाव और सावधानियां
संभावित प्रभाव:
- सड़कों पर स्थानीय बाढ़ और निचले इलाकों में जल जमाव
- भारी बारिश के कारण दृश्यता में कमी
- शहरी क्षेत्रों में सड़कों पर जल जमाव के कारण यातायात में बाधा और यात्रा समय में वृद्धि
- कच्ची सड़कों को क्षति
- कमजोर संरचनाओं को नुकसान की संभावना
- स्थानीय भूस्खलन/मिट्टी के खिसकने की आशंका
- बागवानी और खड़ी फसलों को जलमग्नता से नुकसान
- कुछ नदी कैचमेंट क्षेत्रों में नदी में बाढ़ हो सकती है
सुझाव:
- अपने गंतव्य के लिए निकलने से पहले अपने मार्ग पर यातायात की स्थिति की जांच करें
- इस संबंध में जारी किसी भी यातायात सलाह का पालन करें
- ऐसे क्षेत्रों में जाने से बचें जहां अक्सर जल जमाव की समस्या होती है
- कमजोर संरचनाओं में रहने से बचें
किसानों के लिए कृषि सलाह: फसलों को कैसे बचाएं
ओलावृष्टि के प्रभाव के लिए:
- Jammu & Kashmir, Uttarakhand, Himachal Pradesh, Rajasthan और Madhya Pradesh में फलों के बगीचों और सब्जी के पौधों में यांत्रिक क्षति से बचाने के लिए ओला जाल या ओला कैप का उपयोग करें
- जल जमाव को रोकने के लिए खेत में प्रभावी जल निकासी सुनिश्चित करें
- परिपक्व फलों की तुड़ाई जल्द से जल्द करें और कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखें
भारी बारिश के प्रभाव के लिए:
- Arunachal Pradesh: सब्जी, मक्का और नर्सरी के खेतों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें। WRC धान में नर्सरी बेड से अतिरिक्त पानी निकालने के लिए जल निकासी चैनल खुले रखें।
- Assam: वर्तमान भारी बारिश के बाद बोरो धान की कटाई करें और पहले से कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थान पर संग्रहीत करें। धान नर्सरी, सब्जियां, केला, खट्टे फल और पपीता के खेतों से अतिरिक्त पानी की त्वरित निकासी के लिए उचित जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करें।
- Meghalaya: साफ मौसम में तुरंत परिपक्व केले के फलों की कटाई करें। मक्का, अदरक, सब्जी, केला और अन्य बागवानी क्षेत्रों से अतिरिक्त बारिश के पानी को निकालने के लिए आवश्यक व्यवस्था करें।
- Tamil Nadu: कपास, धान नर्सरी, हाल ही में बोई गई कुम्बू और सब्जियों में पानी के जमाव को रोकने के लिए उचित जल निकासी बनाए रखें।
- Kerala: केला, नारियल और अन्य सब्जियों के लिए पर्याप्त जल निकासी प्रदान करें। केले के पौधों को सहारा दें।
- Karnataka: वर्तमान बारिश के बाद परिपक्व धान की कटाई करें, धान के खेतों, सुपारी और आम के बागों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें। टमाटर के पौधों को सहारा दें।
लू/उच्च तापमान के प्रभाव के लिए:
- Bihar: खड़ी फसलों में हल्की और बार-बार सिंचाई करें। मिट्टी की नमी के नुकसान को कम करने के लिए फसल अवशेष, पुआल या पॉलीथीन से मल्चिंग करें।
आंधी/तेज हवाओं के प्रभाव के लिए:
- कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं या खेतों में तिरपाल शीट से ढकें
- बागवानी फसलों को यांत्रिक सहारा और सब्जियों तथा युवा फलों के पौधों को तेज हवाओं से गिरने से बचाने के लिए सहारा दें
पशुधन/मुर्गीपालन/मत्स्यपालन:
- ओलावृष्टि/भारी बारिश के दौरान जानवरों को शेड के अंदर रखें और उन्हें संतुलित आहार प्रदान करें
- चारा और चारा को खराब होने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर संग्रहीत करें
- तालाबों के चारों ओर उचित जाली के साथ एक आउटलेट बनाएं ताकि अतिरिक्त पानी निकल सके
- उच्च तापमान और लू वाले क्षेत्रों में जानवरों के लिए साफ, स्वच्छ और पर्याप्त पीने का पानी प्रदान करें
पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश कहां हुई
| स्थान | जिला | राज्य/केंद्रशासित प्रदेश | बारिश (सेमी) |
|---|---|---|---|
| Long Island | North & Middle Andaman | Andaman & Nicobar Islands | 14 |
| Kakkeri | Yadgir | North Interior Karnataka | 12 |
| Kozhikode | Kozhikode | Kerala | 10 |
| Hunsagi | Yadgir | North Interior Karnataka | 9 |
| Peermade | Idukki | Kerala | 9 |
| Nalumukku | Tirunelveli | Tamil Nadu | 9 |
| Dindori | Nashik | Madhya Maharashtra | 9 |
| Enkuru | Khammam | Telangana | 9 |
पिछले 24 घंटों में सबसे तेज हवाएं कहां चलीं
देखा जाए तो Uttarakhand के Jollygrant में सबसे तेज हवाएं 96 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलीं। वहीं, West Madhya Pradesh के Indore में 81 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं दर्ज की गईं। Assam & Meghalaya के Manas में 61 किमी प्रति घंटा, Marathawada के Ambejogai (Beed) में भी 61 किमी प्रति घंटा की तेज हवाएं चलीं।
मौसम विज्ञान क्या कहता है: मानसून समय पर आने का महत्व
हैरान करने वाली बात यह है कि हर साल Southwest Monsoon के आगमन का समय भारतीय अर्थव्यवस्था और खासकर कृषि क्षेत्र के लिए बेहद अहम होता है। भारत की लगभग 60 फीसदी खेती अभी भी मानसून पर निर्भर है। समय पर मानसून का आना खरीफ फसलों की बुवाई के लिए जरूरी है, जिनमें धान, मक्का, बाजरा, ज्वार, सोयाबीन, मूंगफली और कपास जैसी फसलें शामिल हैं।
इस साल Southwest Monsoon 2026 के समय पर केरल पहुंचने से किसानों को राहत मिलेगी और फसल उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। हालांकि, भारी बारिश और आंधी-तूफान से होने वाले नुकसान से बचने के लिए किसानों को सतर्क रहना होगा और IMD की सलाह का पालन करना होगा।
राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने समय रहते अलर्ट जारी किया
यहां ध्यान देने वाली बात है कि India Meteorological Department ने इस बार पहले से ही विस्तृत चेतावनी जारी कर दी है। विभाग ने न सिर्फ बारिश और आंधी-तूफान की भविष्यवाणी की है, बल्कि किसानों, मछुआरों और आम लोगों को भी विस्तृत सुरक्षा दिशा-निर्देश दिए हैं।
सवाल उठता है कि क्या राज्य सरकारें और स्थानीय प्रशासन इन चेतावनियों के आधार पर समय रहते तैयारी कर पाएंगे? खासकर शहरी क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था और ग्रामीण इलाकों में किसानों को सहायता प्रदान करने में प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- Southwest Monsoon 2026 अगले 24 घंटों में Kerala में दस्तक देगा
- Kerala में अगले 6-7 दिनों तक 7-20 सेमी भारी से अति भारी बारिश की संभावना
- देशभर के कई हिस्सों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान का खतरा
- Bihar में 5-9 जून तक लू चलने की चेतावनी, East और West Uttar Pradesh में भी लू की आशंका
- मछुआरों को 3 से 8 जून तक Arabian Sea और Bay of Bengal के कई क्षेत्रों में न जाने की सलाह
- Delhi/NCR में 4-6 जून को गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश संभव
- Himachal Pradesh, Uttarakhand, Jammu-Kashmir में ओलावृष्टि की आशंका
- Andaman & Nicobar Islands और North Interior Karnataka में पिछले 24 घंटों में 12-20 सेमी अति भारी बारिश दर्ज












