Southwest Monsoon 2026 अब भारत के दरवाजे पर दस्तक देने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 2 जून 2026 को जारी अपने ताजा बुलेटिन में घोषणा की कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 4 जून 2026 के आसपास केरल में दस्तक दे सकता है। इसके साथ ही विभाग ने चेतावनी जारी की है कि केरल में अगले 6-7 दिनों में 7-20 सेमी तक बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
कहने का मतलब साफ है—पूरे देश में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। और बस यहीं से शुरू हुआ चार महीने के मानसून का सफर, जो देश की कृषि अर्थव्यवस्था और जल संसाधनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मानसून की उत्तरी सीमा: कहां तक पहुंचा
देखा जाए तो मानसून पहले ही अपनी यात्रा शुरू कर चुका है। IMD के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Monsoon) वर्तमान में 10°N/60°E, 9°N/65°E, 8.5°N/70°E, 8°N/75°E, 7.8°N/78°E, 8°N/80°E, 10°N/80°E, 13°N/87°E, 16°N/90°E, 19°N/93°E और 22°N/97°E से होकर गुजर रही है।
समझने वाली बात यह है कि 4 जून के आसपास मानसून दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ और हिस्सों, लक्षद्वीप द्वीप समूह, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व क्षेत्रों में आगे बढ़ेगा।
केरल में बहुत भारी बारिश की चेतावनी
अगर गौर करें तो IMD ने केरल के लिए सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है। 2 से 8 जून के बीच केरल और माहे में बहुत भारी बारिश (Very Heavy Rainfall) होने की संभावना है। यानी एक दिन में 12-20 सेमी तक बारिश हो सकती है।
| राज्य/क्षेत्र | बारिश की तीव्रता | अवधि |
|---|---|---|
| केरल और माहे | बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) | 2-8 जून |
| तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल | भारी बारिश (7-11 सेमी) | 2-8 जून |
| लक्षद्वीप | भारी बारिश | 2-7 जून |
| दक्षिण आंतरिक कर्नाटक | भारी बारिश | 2-7 जून |
| तटीय कर्नाटक | भारी बारिश | 2-7 जून |
| उत्तर आंतरिक कर्नाटक | भारी बारिश | 2-6 जून |
दिलचस्प बात यह है कि पिछले 24 घंटों में लक्षद्वीप में 12 सेमी बहुत भारी बारिश पहले ही रिकॉर्ड हो चुकी है। यह मानसून की आहट का स्पष्ट संकेत है।
पूरे देश में तूफानी हवाओं का अलर्ट
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि केवल बारिश ही नहीं, बल्कि तूफानी हवाएं भी पूरे देश में कहर बरपाने के लिए तैयार हैं। IMD ने चेतावनी जारी की है कि उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मध्यम से गंभीर आंधी-तूफान गतिविधि होगी।
Thundersquall (तेज तूफानी हवाएं) की चेतावनी:
| क्षेत्र | हवा की रफ्तार | तारीख |
|---|---|---|
| तटीय आंध्र प्रदेश और यनम | 50-60 kmph, झोंके 70 kmph तक | 2-4 जून |
| तेलंगाना | 50-60 kmph, झोंके 70 kmph तक | 2-4 जून |
| ओडिशा | 50-60 kmph, झोंके 70 kmph तक | 2-3 जून |
| जम्मू-कश्मीर | 50-60 kmph, झोंके 70 kmph तक | 3-4 जून |
| पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली | 50-60 kmph, झोंके 70 kmph तक | 3-4 जून |
| पश्चिम राजस्थान | 50-60 kmph, झोंके 70 kmph तक | 2-3 जून |
| पूर्व राजस्थान | 50-60 kmph, झोंके 70 kmph तक | 2-4 जून |
| मध्य प्रदेश | 50-60 kmph, झोंके 70 kmph तक | 2-4 जून |
पिछले 24 घंटों में रिकॉर्ड तूफानी हवाएं
समझने वाली बात यह है कि पिछले 24 घंटों में कई जगहों पर पहले ही तेज हवाएं चल चुकी हैं:
- ओडिशा के झारसुगुड़ा में 80 kmph की रफ्तार से हवाएं चलीं
- पूर्वी उत्तर प्रदेश के मजीदिहा (जौनपुर) में 87 kmph
- मध्य प्रदेश के आगर में 89 kmph
- गुजरात के अरणेज (अहमदाबाद) में 89 kmph
- राजस्थान के जैसलमेर में 83 kmph
- उत्तराखंड के मुक्तेश्वर में 63 kmph
ओलावृष्टि और धूल भरी आंधी की चेतावनी
अगर विश्लेषण करें तो कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी संभावना है:
- जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में 3 और 4 जून को ओलावृष्टि
- मध्य प्रदेश में 2 और 4 जून को ओलावृष्टि
- मध्य महाराष्ट्र में 2 जून को ओलावृष्टि
इसके अलावा, पश्चिम राजस्थान में 3 जून को धूल भरी आंधी (Duststorm) की भी संभावना है। पिछले 24 घंटों में पश्चिम राजस्थान और मध्य प्रदेश में धूल भरी आंधी पहले ही आ चुकी है।
दिल्ली-NCR के लिए विशेष चेतावनी
दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली-NCR के लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। IMD ने दिल्ली के लिए 2-5 जून तक का विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है:
2 जून 2026:
- आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे
- दोपहर से शाम के बीच हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं (30-40 kmph, झोंके 50 kmph तक)
- अधिकतम तापमान 36-38°C
3 जून 2026:
- आंशिक बादल
- हल्की बारिश/बूंदाबांदी के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं (20-30 kmph, झोंके 40 kmph तक)
- अधिकतम तापमान 37-39°C
4 जून 2026:
- बादल छाए रहेंगे
- हल्की बारिश के साथ गरज-चमक/धूल भरी आंधी और बहुत तेज हवाएं (40-50 kmph, झोंके 60 kmph तक)
- रात में भी हल्की बारिश की संभावना
- अधिकतम तापमान 37-39°C
5 जून 2026:
- बादल छाए रहेंगे
- सुबह से दोपहर के बीच हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं (40-50 kmph, झोंके 60 kmph तक)
- शाम को भी बारिश की संभावना
- अधिकतम तापमान 36-38°C
मछुआरों के लिए गंभीर चेतावनी
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि IMD ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी है:
बंगाल की खाड़ी:
- मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन और मालदीव क्षेत्र, श्रीलंका तट, दक्षिण और मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में 2-7 जून तक न जाएं
- उत्तरी तमिलनाडु तट पर 4-7 जून तक न जाएं
अरब सागर:
- सोमालिया तट के साथ दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में 3-7 जून तक न जाएं
- केरल, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मालदीव और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में 2-7 जून तक न जाएं
बिहार में लू (Heat Wave) की चेतावनी
समझने वाली बात यह है कि जहां एक ओर केरल में भारी बारिश हो रही है, वहीं बिहार में 4-6 जून के बीच लू (Heat Wave) की स्थिति बनने की संभावना है।
इसके अलावा, गर्म और उमस भरा मौसम निम्न क्षेत्रों में रहेगा:
- सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम (2-3 जून)
- असम और मेघालय (2-3 जून)
- कोंकण और गोवा (2-3 जून)
- ओडिशा (2-6 जून)
किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
अगर गौर करें तो IMD ने किसानों के लिए विशेष एग्रोमेट सलाह भी जारी की है:
ओलावृष्टि से बचाव:
- जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र में फलों के बगीचों और सब्जी के पौधों में हेल नेट या हेल कैप का उपयोग करें
भारी बारिश से बचाव:
- केरल में केला, नारियल और अन्य सब्जियों के लिए पर्याप्त जल निकासी की व्यवस्था करें
- तमिलनाडु में कपास, धान नर्सरी और सब्जियों में जल जमाव से बचने के लिए उचित जल निकासी बनाए रखें
- कर्नाटक में पकी हुई धान की कटाई बारिश के बाद करें, धान के खेतों, सुपारी और आम के बागों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें
तूफानी हवाओं से बचाव:
- कटाई किए गए उत्पाद को सुरक्षित स्थानों पर रखें या तिरपाल से ढकें
- बागवानी फसलों को यांत्रिक सहायता प्रदान करें
- सब्जियों और फल देने वाले पौधों को सहारा दें
पशुधन/मुर्गीपालन/मत्स्य पालन:
- ओलावृष्टि/भारी बारिश के दौरान जानवरों को शेड के अंदर रखें
- चारा और फीड को सुरक्षित स्थान पर रखें
- तालाबों के चारों ओर जाल लगाकर अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें
तापमान में होने वाले बदलाव
दिलचस्प बात यह है कि विभिन्न क्षेत्रों में तापमान में भी बदलाव आने वाला है:
- उत्तर-पश्चिम भारत में 3 जून तक अधिकतम तापमान में 2-4°C की क्रमिक वृद्धि, फिर 4-6 जून के दौरान 2-4°C की गिरावट, और 7-8 जून को फिर से 2-4°C की वृद्धि
- पूर्वी भारत में 3 जून तक 2-3°C की वृद्धि और फिर 4-8 जून तक कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं
- महाराष्ट्र में 3 जून तक 2-3°C की गिरावट
पिछले 24 घंटों में तेलंगाना के आदिलाबाद में सबसे अधिकतम तापमान 44.8°C रिकॉर्ड किया गया।
लोगों को क्या करना चाहिए?
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि IMD ने जनता को कई सुरक्षा सलाह दी हैं:
आंधी-तूफान और बिजली गिरने के दौरान:
- मौसम के अपडेट पर नजर रखें
- घर के अंदर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें
- खिड़कियां और दरवाजे सुरक्षित रूप से बंद करें
- सुरक्षित स्थानों पर शरण लें, खुले स्थानों से बचें
- पेड़ों के नीचे शरण न लें
- बिजली गिरने की गतिविधि के दौरान कंक्रीट के फर्श पर न लेटें या कंक्रीट की दीवारों से न टिकें
- बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करें
- तुरंत जल निकायों से बाहर निकलें
- बिजली संचालित वस्तुओं से दूर रहें
भारी बारिश के दौरान:
- अपने गंतव्य के लिए निकलने से पहले ट्रैफिक की जांच करें
- जारी किए गए ट्रैफिक सलाह का पालन करें
- ऐसे क्षेत्रों में जाने से बचें जहां अक्सर जल जमाव होता है
- कमजोर संरचनाओं में रहने से बचें
मौसम प्रणालियां: वैज्ञानिक विश्लेषण
समझने वाली बात यह है कि ये सभी मौसमी घटनाएं विभिन्न मौसम प्रणालियों (Weather Systems) के प्रभाव के कारण हो रही हैं:
- दक्षिण केरल तट के पास दक्षिण-पूर्व अरब सागर पर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण
- उत्तर-पूर्व और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी पर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण
- पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ पर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण
- एक ट्रफ (गर्त) पूर्वी मध्य प्रदेश से उत्तर-पूर्वी तमिलनाडु तक विस्तारित
- एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश पर
- एक नया पश्चिमी विक्षोभ 3 जून से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला है
क्षेत्रवार विस्तृत पूर्वानुमान
उत्तर-पूर्व भारत:
- अगले 5 दिनों तक गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ व्यापक बारिश
- अरुणाचल प्रदेश में 3-8 जून को भारी बारिश
- असम और मेघालय में 5-8 जून को भारी बारिश
पूर्वी भारत:
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 2-8 जून तक व्यापक बारिश
- सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4-6 जून को भारी बारिश
- ओडिशा में 2-3 जून को thundersquall
उत्तर-पश्चिम भारत:
- जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 2-6 जून तक बिखरी से काफी व्यापक बारिश
- हिमाचल प्रदेश में 3-5 जून को बारिश
- दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में 3-6 जून को बारिश और तूफान
मध्य भारत:
- अगले 5 दिनों तक बिखरी हुई बारिश
- मध्य प्रदेश में 2-4 जून को thundersquall
पश्चिम भारत:
- कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 2-6 जून को बारिश
- गुजरात में 2-5 जून को बारिश
मुख्य बातें (Key Points)
- Southwest Monsoon 4 जून 2026 के आसपास केरल में दस्तक देगा
- केरल और माहे में 2-8 जून के बीच 12-20 सेमी बहुत भारी बारिश की संभावना
- तमिलनाडु, कर्नाटक, लक्षद्वीप में भी भारी बारिश का अलर्ट
- देशभर में 50-70 kmph की रफ्तार से तूफानी हवाओं की चेतावनी
- दिल्ली-NCR में 3-5 जून को आंधी-तूफान और धूल भरी आंधी की संभावना
- बिहार में 4-6 जून को लू (Heat Wave) की चेतावनी
- मछुआरों को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में 2-7 जून तक न जाने की सलाह
- जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में ओलावृष्टि की संभावना
- पिछले 24 घंटों में लक्षद्वीप में 12 सेमी बारिश रिकॉर्ड
- तेलंगाना के आदिलाबाद में सबसे अधिक 44.8°C तापमान दर्ज
- किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष सलाह जारी










