Delhi Bakrid Guidelines 2026: दिल्ली सरकार में विकास मंत्री कपिल मिश्रा के बयान के बाद बकरीद के मौके पर अवैध कुर्बानी को लेकर पहली बार सरकारी आदेश जारी हुआ है। और यहीं से शुरुआत होती है सख्ती की इस नई परंपरा की। सरकार की कार्रवाई के बाद विकास विभाग की पशुपालन इकाई ने आदेश जारी कर सड़कों और गलियों पर होने वाली कुर्बानी पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया है।
देखा जाए तो यह एक ऐतिहासिक कदम है क्योंकि पहली बार किसी सरकार ने इस मुद्दे पर इतनी स्पष्टता से रुख अपनाया है।
कुर्बानी के लिए जारी हुए सख्त नियम-कानून
विभाग ने कुर्बानी के लिए नियम-कानून बिल्कुल साफ कर दिए हैं। समझने वाली बात यह है कि अब कुर्बानी के दौरान खून नालियों में नहीं बहाया जा सकेगा। पशुओं की अवैध रूप से सार्वजनिक स्थानों पर खरीद-बिक्री पर भी रोक लगाई गई है।
28 मई को बकरीद मनाई जाएगी और इसके लिए विभाग ने आठ पॉइंट की सख्त एडवाइजरी जारी कर दी है।
क्यों जरूरी थी यह एडवाइजरी?
दरअसल, बकरीद के मौके पर अवैध कुर्बानी को लेकर दिल्ली में मिली-जुली आबादी में रहने वाले हिंदू इससे काफी परेशान होते रहे हैं। यहां तक कि गलियों और सड़कों पर भी कुर्बानी दे दी जाती थी। कई जगह सड़कें खून से लाल हो जाती हैं। नालियों का बहने वाला पानी लाल हो जाता है।
अगर गौर करें तो इसके लिए पहले से ही मनाही है और सड़कों-गलियों में कुर्बानी देने का प्रावधान नहीं है। पिछली सरकार के वक्त तक हिंदू लोग इसकी शिकायत प्रशासन से करते रहे हैं, मगर कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई।
सरकार बदली, अधिकारियों का रुख भी बदला
मगर सरकार बदलने के बाद अधिकारियों का रुख भी बदला और अब वह सख्ती के मूड में आ गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा इस बारे में पहले ही बयान दे चुके हैं कि अवैध कुर्बानी के लिए किसी को भी इजाजत नहीं दी जाएगी।
इसके बाद विकास विभाग ने शनिवार को इसको लेकर सार्वजनिक सूचना जारी कर दी, जिसमें अवैध कुर्बानी को लेकर सख्त चेतावनी दी गई है। साथ ही शांति, सद्भाव और जिम्मेदारी के साथ पर्व मनाने का आग्रह किया गया है।
8 पॉइंट एडवाइजरी: क्या-क्या है शामिल?
आइए जानते हैं दिल्ली सरकार की तरफ से जारी की गई आठ सूत्रीय एडवाइजरी में क्या-क्या शामिल है:
| क्रम संख्या | नियम विवरण |
|---|---|
| 1 | ट्रांसपोर्टेशन के दौरान पशुओं के साथ किसी भी प्रकार की क्रूरता नहीं होनी चाहिए |
| 2 | गाय, बछड़ा, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पूरी तरह से गैरकानूनी है |
| 3 | बिना लाइसेंस वाले स्थानों पर मांस की बिक्री प्रतिबंधित है |
| 4 | कुर्बानी केवल अधिकृत या अनुमोदित स्थानों पर होगी |
| 5 | सड़कों, गलियों या सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी करना बिल्कुल मना है |
| 6 | कुर्बानी के दौरान निकलने वाले खून को नालियों या सार्वजनिक सीवरेज प्रणाली में नहीं बहाना है |
| 7 | पर्व के दौरान पशुओं का कोई भी अवैध वध करने की अनुमति नहीं होगी |
| 8 | सार्वजनिक जगहों पर पशुओं की खरीद-फरोख्त पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दी गई है |
उल्लंघन पर क्या होगी कार्रवाई?
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इन गाइडलाइंस का उल्लंघन करने पर अपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी शिकायत या सूचना के लिए निकटतम पुलिस थाना या PCR (पुलिस कंट्रोल रूम) से संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा दिल्ली सरकार के विकास विभाग को भी सूचित किया जा सकता है।
गाय और ऊंट की कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध
समझने वाली बात यह है कि गाय, बछड़ा, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पूरी तरह से गैरकानूनी है। ऐसा करने या करने की कोशिश करने पर अपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा और कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
केवल अधिकृत स्थानों पर ही कुर्बानी संभव
अब कुर्बानी केवल वैध स्थलों पर, निर्धारित स्थानों पर ही की जा सकती है। खरीद-फरोख्त भी केवल वैध तरीके से वैध स्थानों पर, जहां अनुमति है, वहीं की जा सकेगी।
दरअसल यह कदम पर्यावरण और स्वच्छता को बनाए रखने के लिए भी जरूरी है। सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी से न सिर्फ गंदगी फैलती है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ते हैं।
शांति और सद्भाव के साथ मनाएं त्योहार
दिल्ली सरकार ने सभी नागरिकों से शांति, सद्भाव और जिम्मेदारी के साथ पर्व मनाने का आग्रह किया है। मंत्री कपिल मिश्रा ने भी अपने वीडियो संदेश में कहा है कि आने वाला ईद का त्यौहार सभी के लिए शुभ हो और सभी को बहुत-बहुत बधाई।
देखा जाए तो यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्द बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
मुख्य बातें (Key Points):
- दिल्ली सरकार ने बकरीद पर सड़कों-गलियों में कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया
- 8 पॉइंट की सख्त एडवाइजरी जारी की गई है
- गाय, बछड़ा और ऊंट की कुर्बानी पूरी तरह गैरकानूनी
- केवल अधिकृत स्थानों पर ही कुर्बानी की अनुमति
- उल्लंघन पर अपराधिक मामला दर्ज होगा











