Moscow Drone Attack: यूक्रेन ने रूस की राजधानी मॉस्को (Moscow) पर हाल के महीनों का सबसे भीषण ड्रोन हमला किया है। 16-17 मई की दरमियानी रात हुए इस हमले में एक भारतीय मजदूर की मौत हो गई और तीन अन्य भारतीय घायल हो गए। रात भर मॉस्को में धमाकों की आवाजें गूंजती रहीं, एयर रेड सायरन बजते रहे और आसमान से ड्रोन गिराए जाते रहे।
रूस में भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि मॉस्को क्षेत्र में हुए ड्रोन हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई है और तीन भारतीय घायल हुए हैं। घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है और दूतावास के अधिकारी अस्पताल पहुंचकर घायल मजदूरों से मिल चुके हैं।
देखा जाए तो यह हमला रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) में एक नया और खतरनाक मोड़ है। रूस का दावा है कि 24 घंटे के भीतर 1,000 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन तबाह कर दिए गए। वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने इसे हाल में हुए रूसी हमलों का जवाब बताया है।
भारतीय दूतावास ने दी जानकारी
भारतीय दूतावास ने X (पूर्व में Twitter) पर जारी बयान में कहा:
“मॉस्को क्षेत्र में हुए ड्रोन हमले में एक भारतीय नागरिक की दुखद मौत हो गई है। तीन अन्य भारतीय नागरिक घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है। दूतावास के अधिकारी अस्पताल में घायलों से मिले हैं।”
दूतावास ने आगे कहा कि वह मृतक के परिवार और घायल मजदूरों की हर संभव मदद के लिए कंपनी और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है। फिलहाल मारे गए और घायल भारतीयों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि रूस में हजारों भारतीय मजदूर और छात्र रहते हैं। कई भारतीय निर्माण परियोजनाओं में काम करते हैं और यह पहला मौका नहीं है जब युद्ध की चपेट में भारतीय नागरिक आए हों।
यूक्रेन का सबसे बड़ा ड्रोन हमला
16-17 मई की दरमियानी रात यूक्रेन (Ukraine) ने मॉस्को और आसपास के क्षेत्रों पर व्यापक ड्रोन हमला किया। यह हाल के महीनों में रूसी राजधानी पर सबसे बड़े हमलों में से एक था।
रूस के रक्षा मंत्रालय (Russian Ministry of Defence) का दावा है कि 24 घंटे के भीतर देशभर में 1,000 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन तबाह कर दिए गए। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन (Sergei Sobyanin) ने कहा कि राजधानी की ओर बढ़ रहे कम से कम 81 ड्रोन एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक लिए।
और बस यहीं से शुरू होती है असली कहानी। इसके बावजूद कई इलाकों में नुकसान हुआ। रिहाइशी इमारतों और अन्य स्थानों पर ड्रोन का मलबा गिरा। रूस के अनुसार इस हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हुई है।
मौत और तबाही का आंकड़ा
रूसी अधिकारियों के अनुसार:
- मॉस्को क्षेत्र में तीन मौतें (जिनमें एक भारतीय शामिल)
- बेलगोरोद क्षेत्र में एक मौत (यूक्रेन सीमा से सटा इलाका)
- कई लोग घायल
- रिहाइशी इमारतें क्षतिग्रस्त
- ऑयल रिफाइनरी के पास कुछ घायल मिले (हालांकि रिफाइनरी को बड़ा नुकसान नहीं)
मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव (Andrei Vorobyov) ने बताया:
- खिमकी (Khimki) इलाके में एक घर पर ड्रोन का मलबा गिरने से एक महिला की मौत
- मायतिशी जिले के पोगोरेलकी गांव में दो पुरुषों की मौत
समझने वाली बात यह है कि यह हमला मॉस्को के केंद्र से काफी दूर बाहरी इलाकों में हुआ, लेकिन इसका असर व्यापक रहा। आम लोगों में दहशत फैल गई।
जेलेंस्की का बयान: यह जवाब है
यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने इस हमले को रूस के हालिया हमलों का जवाब बताया। उन्होंने X पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें कई जगहों से धुआं उठता दिख रहा था और फायर ब्रिगेड की टीमें आग बुझाने में लगी हुई थीं।
जेलेंस्की ने कहा:
“रूस युद्ध को जितना लंबा खींचेगा और हमारे शहरों पर हमले करेगा, जवाब भी उतना ही मिलेगा। हमने रूस के अंदर 500 किलोमीटर से अधिक दूर तक के ठिकानों को निशाना बनाया है।”
दिलचस्प बात यह है कि कुछ दिन पहले ही रूस ने कीव (Kyiv) पर युद्ध शुरू होने के बाद के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक किया था। उसके बाद जेलेंस्की ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
अगर गौर करें तो यूक्रेन अब लंबी दूरी के ड्रोन हमलों (Long-Range Drone Strikes) में महारत हासिल कर चुका है। इससे पहले यूक्रेन मुख्य रूप से सीमावर्ती इलाकों को निशाना बनाता था, लेकिन अब मॉस्को जैसे दूरस्थ लक्ष्य भी रेंज में आ गए हैं।
रूस का आरोप: यह आतंकवादी हमला है
रूस ने इन हमलों को “सामूहिक आतंकवादी हमला” (Mass Terrorist Attack) बताया है। रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा (Maria Zakharova) ने सरकारी न्यूज़ एजेंसी TASS से कहा:
“यूक्रेन जानबूझकर आम लोगों को निशाना बना रहा है। यह युद्ध नहीं, आतंकवाद है।”
हालांकि, यहां एक विरोधाभास है। रूस और यूक्रेन दोनों ही शुरुआत से यह दावा करते रहे हैं कि वे जानबूझकर नागरिकों पर हमला नहीं करते। लेकिन युद्ध के चार साल से अधिक समय में दोनों देशों के रिहाइशी इलाके और आम लोग लगातार हमलों की चपेट में आते रहे हैं।
मॉस्को में आतंक और अफरातफरी
रात भर मॉस्को में:
- एयर रेड सायरन लगातार बजते रहे
- विस्फोटों की गड़गड़ाहट सुनाई दी
- एयर डिफेंस सिस्टम ने आसमान में ड्रोन मार गिराए
- ड्रोन का जलता हुआ मलबा इमारतों पर गिरा
- लोगों में दहशत फैल गई
- सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुए
यह पहली बार नहीं है जब मॉस्को हमले का निशाना बना है, लेकिन इस बार का हमला पैमाने और तीव्रता में अभूतपूर्व था।
ऑयल रिफाइनरी को बचा लिया गया
कई घायल मॉस्को की ऑयल रिफाइनरी के पास मिले थे, जिससे आशंका जताई गई कि रिफाइनरी को निशाना बनाया गया था। हालांकि, रूसी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रिफाइनरी को बड़ा नुकसान नहीं हुआ है और उसका काम जारी है।
यूक्रेन ने पहले भी रूस की ऊर्जा अवसंरचना (Energy Infrastructure) को निशाना बनाया है। यह रणनीति रूस की युद्ध क्षमता को कमजोर करने के उद्देश्य से अपनाई जाती है।
बेलगोरोड में भी मौत
बेलगोरोद (Belgorod) – जो यूक्रेन सीमा से सटा हुआ रूसी क्षेत्र है – में भी एक व्यक्ति की मौत हुई। यह इलाका युद्ध की शुरुआत से ही लगातार यूक्रेनी हमलों का निशाना रहा है।
रूस-यूक्रेन युद्ध: चार साल का संघर्ष
फरवरी 2022 में शुरू हुआ यह युद्ध अब चार साल से अधिक समय से जारी है। शुरू में रूस ने त्वरित जीत की उम्मीद की थी, लेकिन यूक्रेन के जबरदस्त प्रतिरोध और पश्चिमी देशों की सैन्य सहायता ने युद्ध को लंबा खींच दिया है।
युद्ध का वर्तमान स्वरूप:
- दोनों पक्षों द्वारा ड्रोन युद्ध (Drone Warfare) पर अधिक निर्भरता
- रिहाइशी इलाकों पर बार-बार हमले
- ऊर्जा अवसंरचना को निशाना बनाना
- हजारों नागरिकों की मौत
- लाखों शरणार्थी
इससे साफ होता है कि यह युद्ध अब घिसाव की लड़ाई (War of Attrition) बन चुका है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे की अर्थव्यवस्था और मनोबल को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
भारतीयों के लिए चिंता का विषय
रूस में हजारों भारतीय नागरिक रहते हैं:
- छात्र (मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए)
- मजदूर (निर्माण और अन्य परियोजनाओं में)
- पेशेवर (विभिन्न कंपनियों में)
भारत सरकार ने युद्ध की शुरुआत से ही भारतीयों को रूस और यूक्रेन छोड़कर वापस आने की सलाह दी थी। लेकिन कई लोग आजीविका और पढ़ाई के कारण वहीं रुके हुए हैं।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि युद्ध क्षेत्र में रहना कितना खतरनाक है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब:
- अमेरिका और NATO यूक्रेन को और अधिक सैन्य सहायता देने पर विचार कर रहे हैं
- रूस ने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दोहराई है
- युद्ध विराम के लिए कोई ठोस बातचीत नहीं हो रही है
पश्चिमी देशों ने यूक्रेन के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है, लेकिन रूसी क्षेत्र पर गहरे हमलों को लेकर चिंता भी जताई है कि कहीं युद्ध और न बढ़ जाए।
मुख्य बातें (Key Points)
• यूक्रेन ने 16-17 मई की रात मॉस्को पर हाल के महीनों का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया
• एक भारतीय मजदूर की मौत, तीन घायल; भारतीय दूतावास घायलों से मिला
• रूस का दावा – 24 घंटे में 1,000+ यूक्रेनी ड्रोन तबाह किए गए
• मॉस्को के मेयर ने कहा – 81 ड्रोन एयर डिफेंस ने रोके
• कुल चार लोगों की मौत – तीन मॉस्को क्षेत्र में, एक बेलगोरोड में
• खिमकी, मायतिशी और अन्य इलाकों में रिहाइशी इमारतें क्षतिग्रस्त
• राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया – यह कीव पर रूसी हमलों का जवाब है
• यूक्रेन ने रूस के अंदर 500 किमी से अधिक दूर के ठिकानों पर हमले किए
• रूस ने इसे “सामूहिक आतंकवादी हमला” बताया
• ऑयल रिफाइनरी को बड़ा नुकसान नहीं, काम जारी है













