Heat Wave 2026 India: देश के उत्तर पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में अगले सप्ताह भर तक गंभीर लू (Severe Heat Wave) की स्थिति बनी रहेगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार, 17 मई 2026 को जारी अपनी ताजा प्रेस रिलीज़ में यह चेतावनी जारी की है। वहीं दूसरी ओर, पूर्वोत्तर राज्यों, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तमिलनाडु, केरल तथा कर्नाटक में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है।
देखा जाए तो यह मौसम का एक विरोधाभासी पैटर्न है – जहां एक तरफ देश का एक हिस्सा भीषण गर्मी से तप रहा है, वहीं दूसरा हिस्सा भारी बरसात के लिए तैयार हो रहा है। दिलचस्प बात यह है कि IMD ने दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) के केरल में दस्तक देने की तारीख भी घोषित कर दी है – 26 मई 2026, जिसमें ±4 दिनों का मॉडल एरर है।

16 मई को अमरावती और वर्धा में 46°C का तापमान
पिछले 24 घंटों (16 मई 2026) में मध्य भारत और उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 40-45°C के बीच रहा। गुजरात, राजस्थान और हरियाणा के कई इलाकों में भी यही स्थिति रही। अगर गौर करें तो महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में स्थित अमरावती और वर्धा में देश का सबसे अधिक तापमान 46.0°C दर्ज किया गया।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1°C से भी अधिक ऊपर रहा। पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और पश्चिम मध्य प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर भी तापमान सामान्य से काफी अधिक रहा।
समझने वाली बात यह है कि न्यूनतम तापमान (रात का तापमान) भी सामान्य से अधिक रह रहा है। पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5°C से भी अधिक ऊपर रहा, जिसका मतलब है कि रात में भी राहत नहीं मिल रही है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026: केरल में 26 मई को होगी एंट्री
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Monsoon) वर्तमान में 5°N/75°E, 6°N/79°E, 8°N/85°E, 10.5°N/90°E, 13.5°N/95°E और 15.5°N/98°E से होकर गुजर रही है।
अगले 2-3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून दक्षिणपूर्वी अरब सागर, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी, अंडमान द्वीप समूह के शेष भागों, अंडमान सागर और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने की स्थिति अनुकूल है।
और बस यहीं से शुरू होगी किसानों और आम लोगों के लिए राहत की कहानी। दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई को केरल में दस्तक देने की संभावना है। हालांकि, इसमें ±4 दिनों का मॉडल एरर है, यानी 22 मई से 30 मई के बीच कभी भी मानसून केरल पहुंच सकता है।
पिछले 24 घंटों में कहां-कहां हुई भारी बारिश
16-17 मई के बीच (सुबह 8:30 बजे तक) देश के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई:
सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में सबसे अधिक बारिश हुई। जलपाईगुड़ी जिले के इंडोंग टी.ई. में 14 सेमी, हिल्ला टी.ई. में 13 सेमी और जुरान्टी टी.ई. में 11 सेमी बारिश दर्ज की गई। बालुरघाट (दक्षिण दिनाजपुर) में 8 सेमी और मानगन जिले के सिंगिक में 9 सेमी बारिश हुई।
केरल और माहे में कायमकुलम एग्री (अलाप्पुझा जिला) में 11 सेमी और चेर्थला (अलाप्पुझा) में 7 सेमी बारिश हुई।
ओडिशा के सुंदरगढ़ में 9 सेमी, कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के मुल्की में 7 सेमी और तमिलनाडु में सुथमल्ली डैम और नवलुर कोट्टपट्टु में 7-7 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
तेज हवाओं और आंधी-तूफान की स्थिति
पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान आए। तमिलनाडु के नाथम_ISRO (दिंडीगुल) में 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 61 किमी/घंटा और अंडमान निकोबार की राजधानी श्री विजयपुरम (पोर्ट ब्लेयर) में 60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं।
उत्तराखंड के चमोली में 56 किमी/घंटा, ओडिशा के राउरकेला में 50 किमी/घंटा और पूर्वी मध्य प्रदेश के अनूपपुर में 46 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।
7 दिनों तक रहेगी लू की चपेट: राज्यवार चेतावनी
IMD ने विभिन्न राज्यों के लिए Heat Wave Alert जारी किया है:
राजस्थान: 17-23 मई तक अलग-अलग जगहों पर लू की स्थिति बनी रहेगी।
उत्तर प्रदेश: 17-23 मई तक लू की स्थिति रहेगी, लेकिन 19-23 मई को गंभीर लू (Severe Heat Wave) की स्थिति बन सकती है।
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: 18-23 मई तक लू की चपेट में रहेंगे।
मध्य प्रदेश और विदर्भ: 17-21 मई तक लू की स्थिति।
छत्तीसगढ़: 20 और 21 मई को लू की चपेट में रहेगा।
तेलंगाना: 17-21 मई तक कुछ स्थानों पर लू की स्थिति।
पश्चिम राजस्थान: 17 और 18 मई को रात में भी गर्म मौसम (Warm Night) की स्थिति रहेगी।
दिल्ली-NCR में 45°C तक पहुंच सकता है पारा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में अगले कुछ दिन बेहद कठिन रहने वाले हैं। पिछले 24 घंटों में दिल्ली में अधिकतम तापमान 41-42°C और न्यूनतम तापमान 25-27°C के बीच रहा।
17 मई 2026: मुख्य रूप से साफ आसमान, दोपहर/शाम को आंशिक बादल और गरज की संभावना। तेज हवाएं 20-30 किमी/घंटा, कभी-कभी 40 किमी/घंटा तक। अधिकतम तापमान 42-44°C।
18 मई 2026: मुख्य रूप से साफ आसमान। तेज हवाएं। अधिकतम तापमान 43-45°C और न्यूनतम 25-27°C। अधिकतम तापमान सामान्य से 3-5°C ऊपर रहेगा।
19 मई 2026: साफ आसमान। अधिकतम 43-45°C और न्यूनतम 27-29°C। दोनों ही सामान्य से अधिक रहेंगे।
20 मई 2026: साफ आसमान। अधिकतम 43-45°C और न्यूनतम 26-28°C।
भारी से अति भारी बारिश: इन राज्यों में अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत:
अरुणाचल प्रदेश में 17 और 18 मई को भारी बारिश, 17 मई को अति भारी बारिश की संभावना। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा तथा असम और मेघालय में 17-23 मई तक भारी बारिश। असम और मेघालय में 17, 22 और 23 मई को अति भारी बारिश हो सकती है।
गड़गड़ाहट, बिजली कड़कने और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
दक्षिण भारत:
तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल, तटीय कर्नाटक और केरल तथा माहे में 17-19 मई तक भारी बारिश। केरल और माहे में 17 मई को अति भारी बारिश हो सकती है।
लक्षद्वीप में 17 और 18 मई को भारी बारिश की संभावना।
तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा रायलसीमा में 20-21 मई को तेज हवाओं के साथ बारिश।
पूर्व भारत:
सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 17 मई और 21-23 मई के दौरान भारी से अति भारी बारिश (17 मई को अति भारी)।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पूरे सप्ताह भारी बारिश, 17 मई को अति भारी बारिश संभव।
बिहार और ओडिशा में 20 मई को तेज आंधी (50-60 किमी/घंटा, झोंके 70 किमी/घंटा तक)।
मछुआरों के लिए खतरे की घंटी
IMD ने मछुआरों को 17-22 मई के दौरान निम्नलिखित क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सलाह दी है:
बंगाल की खाड़ी:
- मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों और पूर्व-मध्य तथा पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 17-22 मई तक।
- अंडमान सागर में 17-22 मई तक।
अरब सागर:
- केरल और कर्नाटक तटों के साथ, लक्षद्वीप और आसपास के मालदीव क्षेत्रों में 17-19 मई तक।
- सोमालिया तट और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में 18 मई और 20-22 मई के दौरान।
कृषि पर प्रभाव और किसानों के लिए सलाह
ओलावृष्टि के लिए:
कर्नाटक के आंतरिक भागों में 17 और 18 मई को ओलावृष्टि की संभावना है। फलों के बागों और सब्जी के पौधों पर ओला जाल (Hail Nets) या ओला कैप का उपयोग करें। परिपक्व फलों की तुरंत तुड़ाई करें और उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
भारी बारिश के लिए:
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल में धान, मक्का, सब्जियों और बागों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें। परिपक्व फसलों की तुरंत कटाई करें। टमाटर जैसी लंबी फसलों को बांस की छड़ियों से सहारा दें।
अंडमान-निकोबार में नारियल के बागों में जल भराव से बचें।
केरल में केले, नारियल और अन्य सब्जियों के लिए उचित जल निकासी प्रदान करें। केले के पौधों को सहारा दें।
तमिलनाडु और दक्षिण कर्नाटक में उड़द, मूंग, गन्ना और सब्जियों में जल भराव रोकने के लिए उचित जल निकासी बनाए रखें।
लू/गर्मी के लिए:
पंजाब में सब्जियों, मूंग, फलों के पौधों और प्याज की नर्सरी में हल्की और बार-बार सिंचाई करें।
हरियाणा में खड़ी गन्ना, कपास और ग्रीष्मकालीन चारा फसलों में पर्याप्त सिंचाई बनाए रखें।
राजस्थान में मूंग और ग्रीष्मकालीन कद्दूवर्गीय फसलों जैसे लौकी, कद्दू, करेला, खीरा और भिंडी में आवश्यकतानुसार सिंचाई करें। मिट्टी की मल्चिंग/पुआल/पॉलीथीन से मल्चिंग करके वाष्पीकरण द्वारा पानी की हानि को कम करें।
मध्य प्रदेश में मक्का, मूंग, उड़द, मूंगफली और सब्जी की फसलों में हल्की सिंचाई करें।
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा में ग्रीष्मकालीन मूंगफली, मक्का, सब्जियों और बागों में आवश्यकतानुसार सिंचाई करें। विदर्भ में गन्ना, सब्जियों और बागों में सिंचाई करें; केले के गुच्छों को पत्तियों से ढकें।
उत्तर प्रदेश में मक्का, मूंग, उड़द, गन्ना, सूरजमुखी, सब्जियों और आम, केला, पपीता जैसे फलों के पौधों के लिए बार-बार सिंचाई और मल्चिंग प्रदान करें।
तेलंगाना में सब्जी की फसलों को मिट्टी के प्रकार के अनुसार सुबह या शाम को सींचें।
पशुपालन, मुर्गीपालन और मत्स्य पालन सलाह
ओलावृष्टि/भारी बारिश के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखें और उन्हें संतुलित आहार प्रदान करें। चारा और फ़ीड को सुरक्षित स्थान पर स्टोर करें।
तालाबों के चारों ओर उचित जाली के साथ एक आउटलेट बनाएं ताकि अतिरिक्त पानी निकल सके और मछलियां बाहर न निकलें।
उच्च तापमान और लू वाले क्षेत्रों में जानवरों के लिए स्वच्छ, स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल प्रदान करें। मुर्गी शेड की छतों को घास से ढकें।
तटीय राज्यों (विशेष रूप से तमिलनाडु और केरल) में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी जाती है।
लू का स्वास्थ्य पर प्रभाव और सावधानियां
लू की स्थिति में निम्नलिखित सावधानियां बरतें:
स्वास्थ्य संबंधी खतरे:
- लंबे समय तक धूप में रहने वालों को गर्मी से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है
- कमजोर लोगों जैसे शिशुओं, बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य चिंता
बचाव के उपाय:
- गर्मी के संपर्क से बचें – ठंडा रहें
- निर्जलीकरण (Dehydration) से बचें
- प्यास न लगने पर भी पर्याप्त पानी पिएं
- ORS, घर के बने पेय जैसे लस्सी, तोरानी (चावल का पानी), नींबू पानी, छाछ आदि का उपयोग करें
तापमान में बदलाव का पूर्वानुमान
उत्तर पश्चिम भारत के कई हिस्सों में 21 मई तक अधिकतम तापमान में 3-5°C की क्रमिक वृद्धि होगी और 22-23 मई के दौरान कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा।
महाराष्ट्र और गुजरात राज्य में 19 मई तक अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा और 20-22 मई के दौरान 2-3°C की क्रमिक गिरावट होगी।
पूर्व, पूर्वोत्तर भारत और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में 19 मई तक अधिकतम तापमान में 2-3°C की क्रमिक वृद्धि होगी और 20-23 मई के दौरान कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा।
देश के शेष हिस्सों में 23 मई तक अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा।
मौसम प्रणालियां और हवाई संचलन
IMD ने देश के विभिन्न हिस्सों में निम्नलिखित वायु चक्रवातीय संचलन (Upper Air Cyclonic Circulation) की पहचान की है:
- पूर्वोत्तर तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में
- पश्चिम मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में
- पश्चिम विदर्भ और आसपास के क्षेत्रों में
- पूर्वी उत्तर प्रदेश में
- पूर्वोत्तर बिहार में
- मध्य असम और आसपास के क्षेत्रों में
- कोमोरिन क्षेत्र और आसपास में
इसके अलावा, उत्तरी ईरान और आसपास के क्षेत्रों में एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) चक्रवाती संचलन के रूप में मौजूद है।
क्या होगा आगे?
इससे साफ होता है कि देश दो विपरीत मौसम स्थितियों का सामना कर रहा है। जहां उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के लोगों को अगले सप्ताह भर गंभीर गर्मी का सामना करना होगा, वहीं दक्षिण, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के लोगों को भारी बारिश और आंधी-तूफान से सावधान रहने की जरूरत है।
किसानों के लिए यह समय बेहद नाजुक है। लू प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को नियमित सिंचाई की जरूरत होगी, जबकि बारिश वाले क्षेत्रों में जल निकासी और फसलों की सुरक्षा पर ध्यान देना होगा।
मानसून के 26 मई को केरल में आने की संभावना राहत की खबर है, लेकिन पूरे देश में इसके विस्तार में अभी समय लगेगा।
मुख्य बातें (Key Points)
• उत्तर प्रदेश में 19-23 मई को गंभीर लू की चपेट, कुछ स्थानों पर तापमान 45°C से ऊपर जा सकता है
• दिल्ली-NCR में 18-20 मई को अधिकतम तापमान 43-45°C तक पहुंच सकता है
• दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई 2026 को केरल में दस्तक देगा (±4 दिन का एरर)
• अमरावती और वर्धा (विदर्भ) में 16 मई को देश का सबसे अधिक 46°C तापमान दर्ज किया गया
• केरल, असम, मेघालय, अंडमान-निकोबार में 17 मई को अति भारी बारिश की चेतावनी
• राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और विदर्भ में 17-23 मई तक लू की स्थिति
• मछुआरों को 17-22 मई तक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कई हिस्सों में न जाने की सलाह
• कर्नाटक के आंतरिक भागों में 17-18 मई को ओलावृष्टि की संभावना
• सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल में पिछले 24 घंटों में 14 सेमी तक बारिश दर्ज की गई













