CM Bhagwant Mann BJP Attack ED Raids: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को केंद्र सरकार और BJP पर सबसे तीखा हमला बोला। संगरूर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “पंजाब कभी किसी के सामने नहीं झुका और कभी नहीं झुकेगा। जो पंजाब औरंगजेब के अत्याचारों के सामने नहीं झुका, वह मोदी के सामने कैसे झुकेगा?”
यह बयान उस समय आया जब AAP के मंत्री संजीव अरोड़ा के घर Enforcement Directorate (ED) ने एक साल में तीसरी और महीने में दूसरी बार छापेमारी की। CM मान ने इसे “राजनीतिक बदला” और “धमकी की राजनीति” करार देते हुए कहा कि ED और BJP की यह नापाक साठगांठ पंजाब से ही खत्म होगी।
देखा जाए तो, यह केवल एक press conference नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के खिलाफ एक राजनीतिक घोषणापत्र था। भगवंत मान ने CBI, ED, Income Tax और Election Commission – सभी पर आरोप लगाया कि इन्हें BJP के राजनीतिक हथियार बना दिया गया है।
सबसे बड़ा आरोप यह था: “ED raids का मकसद काला धन पकड़ना नहीं, बल्कि नेताओं को BJP में शामिल कराना है।”
अशोक मित्तल केस – “दो दिन रेड, तीसरे दिन BJP join, फिर Y-कैटेगरी सिक्योरिटी”
CM भगवंत मान ने अपने आरोपों को साबित करने के लिए एक ताजा उदाहरण दिया – राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल का।
मान ने कहा, “कुछ दिन पहले अशोक मित्तल के घर, यूनिवर्सिटी और कारोबार के ठिकानों पर रेड हुई। दो दिन तक रेड चली। लेकिन जैसे ही उन्होंने BJP join की, रेड बंद हो गई। उसके बाद उन्हें केंद्र सरकार की तरफ से Y-category security तक मिल गई। यह क्या साबित करता है अगर agencies के राजनीतिक दुरुपयोग को नहीं?”
यह एक बेहद मजबूत आरोप है। इससे यह संदेश जाता है कि:
• ED raids का असली मकसद जांच नहीं, political pressure है
• जो BJP join करता है, उसकी रेड बंद हो जाती है
• जो नहीं करता, उसे परेशान किया जाता है
अगर गौर करें, तो यह पैटर्न केवल पंजाब में नहीं, बल्कि कई राज्यों में देखा गया है। महाराष्ट्र, दिल्ली, बंगाल – जहां भी विपक्षी सरकारें रही हैं, वहां ED-CBI की कार्रवाइयां तेज हुई हैं।
संजीव अरोड़ा पर तीसरी रेड – “कुछ नहीं मिला, कुछ नहीं मिलेगा”
CM मान ने कहा कि संजीव अरोड़ा के घर यह एक साल में तीसरी बार और महीने में दूसरी बार रेड हो रही है।
“पहली बार भी कुछ नहीं मिला। दूसरी बार भी कुछ नहीं मिला। अब तीसरी बार भी कुछ नहीं मिलेगा। ये raids सिर्फ डर पैदा करने, दबाव बनाने और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को तोड़ने के लिए की जा रही हैं।”
समझने वाली बात यह है कि अगर पहली दो raids में कुछ नहीं मिला, तो तीसरी raid का क्या औचित्य है? या तो पहली दो raids गलत थीं, या फिर तीसरी raid राजनीतिक है।
मान ने साफ कहा, “ये राजनीतिक रूप से प्रेरित raids हैं। इनका मकसद सिर्फ डर पैदा करना और पंजाब सरकार को अस्थिर करना है।”
“विपक्षी राज्यों में ही ED raids क्यों?” – सवाल पर सवाल
भगवंत मान ने एक बहुत महत्वपूर्ण सवाल उठाया: “ED raids मुख्य रूप से उन्हीं राज्यों में होती हैं जहां BJP की सरकार नहीं है। BJP-शासित राज्य अछूते रहते हैं। क्यों?”
यह एक uncomfortable सवाल है जिसका जवाब देना मुश्किल है। अगर वास्तव में भ्रष्टाचार के आधार पर raids होती हैं, तो क्या BJP-शासित राज्यों में कोई भ्रष्टाचार नहीं है?
या फिर जैसा कि CM मान का आरोप है, ये raids राजनीतिक हथियार हैं?
मान ने कहा, “पूरे देश में BJP ने एक pattern अपनाया है। raids नहीं होतीं भ्रष्टाचार उजागर करने या काला धन बरामद करने के लिए, बल्कि लोगों पर राजनीतिक दबाव बनाने के लिए। BJP का संदेश बिल्कुल साफ है: या तो BJP join करो, या फिर raids और जांच के जरिए परेशानी का सामना करो।”
औरंगजेब से तुलना – “तब नहीं झुके, अब कैसे झुकेंगे”
CM भगवंत मान का सबसे controversial और powerful बयान यह था:
“पंजाब गुरुओं, संतों और शहीदों की पवित्र भूमि है। यह धरती औरंगजेब के अत्याचारों के सामने नहीं झुकी और यह मोदी के सामने भी नहीं झुकेगी।”
यह एक बेहद मजबूत तुलना है। औरंगजेब को मुगल इतिहास में सबसे क्रूर शासकों में गिना जाता है। सिख इतिहास में गुरु तेग बहादुर और गुरु गोबिंद सिंह के पुत्रों की शहादत औरंगजेब के कारण हुई।
इस तुलना से भगवंत मान ने दो संदेश दिए:
पहला – पंजाब ने इतिहास में अत्याचार का सामना किया है और हमेशा डटकर लड़ा है
दूसरा – PM Modi की policies को वे अत्याचार के समान देखते हैं
यह बेहद aggressive political rhetoric है। लेकिन पंजाब में, खासकर किसान आंदोलन के बाद, यह काफी resonance पा सकता है।
“कृषि कानूनों का बदला ले रहे हैं मोदी” – आरोप
CM मान ने कहा, “पंजाबियों ने PM Modi को तीन काले कृषि कानून वापस लेने के लिए मजबूर किया। अब वह इसका बदला ले रहे हैं।”
यह एक direct political allegation है। 2020-21 के किसान आंदोलन में पंजाब सबसे आगे था। दिल्ली की सीमाओं पर महीनों तक किसान डटे रहे। और अंततः सरकार को कानून वापस लेने पड़े।
मान का आरोप है कि इस “हार” का बदला लेने के लिए केंद्र सरकार पंजाब को निशाना बना रही है।
उन्होंने गिनाया:
• चंडीगढ़ का मुद्दा – केंद्र अलग UT बनाने की बात करता है
• भाखड़ा डैम का पानी – हरियाणा को ज्यादा देने की कोशिश
• पंजाब यूनिवर्सिटी – केंद्र के नियंत्रण की मांग
• धान की खरीद में रुकावटें
• RDF (Rural Development Fund) और अन्य हजारों करोड़ के बकाया रोके गए
मान ने कहा, “हर मोर्चे पर पंजाब के साथ भेदभाव हो रहा है। यह सब किसान आंदोलन का बदला है।”
बेअदबी कानून पर सख्त रुख – “दबाव में नहीं लौटाएंगे”
इस press conference में एक और बड़ा मुद्दा था – anti-beadbi law (बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून)।
पंजाब सरकार ने हाल ही में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून पास किया है। इसमें बेअदबी करने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है।
लेकिन इस कानून को लेकर कुछ धार्मिक संगठनों ने विरोध भी किया है। उनका कहना है कि यह कानून “पंथ की मर्जी” के खिलाफ है।
CM मान ने इस पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा:
“बेअदबी कानून को किसी दबाव में नहीं लौटाया जाएगा। गवर्नर ने इसे मंजूरी दे दी है। यह पूरी संवैधानिक प्रक्रिया के बाद लागू हुआ है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध कर रहे लोग पहले खुद इस तरह के कानून की मांग करते थे। 2007 में SGPC ने भी ऐसे कानून के लिए प्रस्ताव पास किया था।
“अब वही लोग कह रहे हैं कि सरकार ऐसा कानून नहीं बना सकती। वे ‘parallel authority’ चलाने की कोशिश कर रहे हैं और संवेदनशील धार्मिक मुद्दे को राजनीति बना रहे हैं।”
“शुक्राना यात्रा से ध्यान हटाने के लिए ED raids” – आरोप
CM मान ने एक और दिलचस्प आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे इन दिनों पूरे पंजाब में “शुक्राना यात्रा” (धन्यवाद यात्रा) कर रहे हैं, जिसे जबरदस्त जनसमर्थन मिल रहा है।
“लेकिन जानबूझकर ED raids, notices और controversies खड़ी की जा रही हैं ताकि मीडिया का ध्यान शुक्राना यात्रा के भारी जनसमर्थन से हट जाए।”
यानी उनका आरोप है कि यह एक planned political strategy है – जब AAP को जनता का समर्थन मिल रहा हो, तब उसे negative news में उलझा दो।
“ED-BJP का गठजोड़ पंजाब से खत्म होगा” – चुनौती
CM मान ने सबसे बड़ी चुनौती यह दी:
“ED और BJP के बीच इस अनैतिक गठजोड़ (unholy alliance) का अंत पंजाब से ही शुरू होगा। पंजाब कभी डर और दबाव की राजनीति के आगे नहीं झुका और कभी नहीं झुकेगा।”
यह एक बहुत मजबूत political statement है। इसका मतलब है:
• AAP पंजाब में केंद्र के खिलाफ मुकाबला जारी रखेगी
• ED raids से डरकर कोई BJP में नहीं जाएगा
• पंजाब में BJP की “धमकी की राजनीति” नहीं चलेगी
• यह लड़ाई लंबी चलेगी
“नफरत की राजनीति पंजाब में नहीं चलेगी” – सांप्रदायिकता पर वार
CM मान ने BJP पर एक और आरोप लगाया – सांप्रदायिक राजनीति का।
उन्होंने कहा, “बंगाल में BJP की सरकार बनने से पहले ही पूरे बंगाल में आग लगी पड़ी है। दो समुदायों को लड़ाकर, एक समुदाय के साथ खड़े होकर BJP वोट इकट्ठा करती है। यह नफरत की राजनीति है।”
फिर उन्होंने पंजाब के बारे में कहा, “लेकिन पंजाब गुरुओं की धरती है। यहां की उपजाऊ जमीन पर हर बीज उग सकता है, लेकिन नफरत का बीज कभी नहीं उगेगा।”
यह एक powerful metaphor है। इससे यह संदेश जाता है कि:
• पंजाब में सांप्रदायिक सद्भाव है
• हिंदू-सिख को बांटने की कोशिशें नाकाम होंगी
• BJP की divisive politics यहां नहीं चलेगी
CBI, ED, Income Tax, Election Commission – सबको निशाना
CM मान ने केवल ED पर ही नहीं, बल्कि कई संस्थाओं पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, “CBI, ED, Income Tax Department और यहां तक कि Election Commission जैसी संवैधानिक संस्थाएं अब स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रहीं। इन्हें गैर-BJP शासित राज्यों, खासकर पंजाब के खिलाफ राजनीतिक उद्देश्यों के लिए हथियार बना दिया गया है।”
यह बहुत serious allegation है। इसका मतलब है कि:
• ये संस्थाएं अपने constitutional mandate से भटक गई हैं
• इनका इस्तेमाल political vendetta के लिए हो रहा है
• Democracy की institutional integrity खतरे में है
अगर ये आरोप सही हैं, तो यह भारतीय लोकतंत्र के लिए बहुत चिंताजनक है।
X (Twitter) पर भी जमकर बोले
CM मान ने अपने X (पूर्व में Twitter) account पर भी लंबी post डाली।
उन्होंने लिखा:
“BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार देश के संवैधानिक ढांचे को कमजोर कर रही है। BJP लगातार CBI, ED, Income Tax Department और Election Commission जैसी संस्थाओं का अपने राजनीतिक हितों के लिए दुरुपयोग कर रही है।”
“क्यों ED raids केवल उन्हीं राज्यों में की जा रही हैं जहां BJP की सरकार नहीं है? यह लोकतंत्र की सीधी हत्या है। पंजाबियों के खिलाफ नफरत और भेदभाव की राजनीति की जा रही है। हमें डराने और धमकाने के लिए हर दिन नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।”
“मैं एक बात बिल्कुल साफ करना चाहता हूं: पंजाब गुरुओं और संतों की धरती है। इस उपजाऊ मिट्टी में हर बीज उग सकता है, लेकिन नफरत का बीज कभी जड़ नहीं पकड़ सकता।”
“असलियत में, बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून पास होने के बाद BJP पूरी तरह से हिल गई है। पंजाब के लोगों के साथ ऐसे खेल बंद करो। यह तानाशाही रवैया यहां नहीं चलेगा। हम पूरी ईमानदारी से लोगों की सेवा करते रहेंगे। न हम झुकेंगे, न रुकेंगे।”
भाषाई और सांस्कृतिक गौरव का इस्तेमाल
CM मान ने अपने पूरे भाषण में पंजाब की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गौरव का बार-बार जिक्र किया।
• गुरुओं की धरती
• शहीदों की भूमि
• औरंगजेब के सामने नहीं झुकी
• देश को अनाज देती है (wheat और rice)
• देश की सीमाओं की रक्षा करती है (border security में पंजाबी युवाओं का योगदान)
यह एक calculated political strategy है। इससे:
• पंजाबी अस्मिता को जगाया जाता है
• “हम vs वे” की भावना पैदा होती है
• केंद्र सरकार को “बाहरी” के रूप में प्रस्तुत किया जाता है
• पंजाबियों में गर्व और प्रतिरोध की भावना जगाई जाती है
राजनीतिक रणनीति – 2027 के चुनाव की तैयारी?
यह सब केवल ED raid पर प्रतिक्रिया नहीं है। यह 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी भी हो सकती है।
AAP की रणनीति साफ दिखती है:
• खुद को “पंजाब का रक्षक” के रूप में पेश करना
• केंद्र सरकार को “विरोधी” के रूप में दिखाना
• किसान आंदोलन की यादें ताजा करना
• पंजाबी अस्मिता की राजनीति करना
यह strategy 2022 में काम कर चुकी है जब AAP ने भारी बहुमत से जीत हासिल की थी।
क्या कहती है केंद्र सरकार?
इस पूरे मामले में केंद्र सरकार या BJP की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
आम तौर पर केंद्र सरकार का रुख यह रहता है:
• ED एक स्वतंत्र संस्था है
• वह केवल evidence के आधार पर काम करती है
• राजनीतिक दल इसे political victimization बताकर sympathy हासिल करना चाहते हैं
• जो दोषी है, उसे कानून के कटघरे में लाया जाएगा
लेकिन CM मान के आरोप बहुत specific हैं – खासकर अशोक मित्तल का केस। इस पर केंद्र को जवाब देना होगा।
मुख्य बातें (Key Points)
• CM भगवंत मान ने संगरूर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला, “पंजाब औरंगजेब के सामने नहीं झुका, मोदी के आगे कैसे झुकेगा”
• संजीव अरोड़ा पर तीसरी ED raid, CM बोले- “साल में तीसरी बार, महीने में दूसरी बार, पहले कुछ नहीं मिला, अब भी नहीं मिलेगा”
• अशोक मित्तल केस: “दो दिन रेड हुई, तीसरे दिन BJP join की, फिर Y-category security मिली – यह क्या साबित करता है?”
• “विपक्षी राज्यों में ही raids क्यों?” – ED-BJP की साठगांठ का आरोप, किसान आंदोलन का बदला लेने का आरोप
• बेअदबी कानून पर सख्त: “किसी दबाव में नहीं लौटाएंगे, गवर्नर ने मंजूरी दे दी, यह लागू हो चुका है”










