पंजाब के कैबिनेट मंत्री और AAP पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने शुक्रवार को भाजपा की केंद्र सरकार और एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) पर मनगढ़ंत कहानियों, चुनिंदा जानकारी लीक करने और केंद्रीय एजेंसियों के गलत इस्तेमाल के जरिए उन्हें बदनाम करने के लिए राजनीति से प्रेरित मुहिम चलाने का गंभीर आरोप लगाया।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अमन अरोड़ा ने सभी आरोपों से साफ इनकार किया और पूरी घटना को चुनाव से पहले राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए भाजपा की डराने-धमकाने और चरित्र हनन की राजनीति का प्रतीक बताया।
देखा जाए तो यह कोई साधारण प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं थी। यह एक राजनीतिक योद्धा का अपनी साफ छवि बचाने का संघर्ष था।
ईडी रेड की जानकारी ही नहीं थी, मां ICU में थीं
अमन अरोड़ा ने बताया कि उन्हें बुधवार सुबह हुई ईडी की छापेमारी के बारे में बिल्कुल पता नहीं था क्योंकि वह विभाग की मीटिंग में शामिल होने से पहले अपनी मां की देखभाल कर रहे थे, जो पिछले दो हफ्ते से ICU में भर्ती हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें छापेमारी के बारे में तब पता चला जब मीटिंग के दौरान पार्टी के साथियों और मीडिया वालों के कॉल और वीडियो आने लगे। अरोड़ा ने कहा, “मैं टेलीविजन पर नोटों से भरे बैग के सीन देखकर हैरान रह गया। दोपहर करीब 3:30 बजे तक मैं विभाग की मीटिंग में व्यस्त था और मुझे इस मामले से जुड़ी किसी भी तरह की कोई जानकारी नहीं थी।”
दिलचस्प बात यह है कि देर शाम उनके एक साथी ने उन्हें बताया कि उनके करीबी दोस्त गौरव धीर के घर पर भी रेड पड़ी है। उन्होंने आगे कहा, “सुबह से शाम तक एक झूठी कहानी बनाई गई और धीरे-धीरे घुमाकर मेरा नाम इस विवाद में घसीटा गया, सिर्फ इसलिए क्योंकि गौरव धीर से मेरी दोस्ती है, जबकि इस कथित मामले से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।”
ईडी के बयान में बाद में जोड़ा गया नाम – बड़ा खुलासा
एक सोची-समझी साजिश का पर्दाफाश करते हुए अमन अरोड़ा ने बताया कि ईडी ने शुरू में एक आधिकारिक बयान जारी किया था जिसमें न तो उनका और न ही गौरव धीर का नाम था।
समझने वाली बात यह है कि असली बयान में सिर्फ “गौरव कंस्ट्रक्शंस” का नाम था। अमन अरोड़ा ने कहा, “आधे घंटे के अंदर, ठीक उसी कंटेंट वाला एक और बयान जारी किया गया, जिसमें सिर्फ आखिरी पैराग्राफ में अमन अरोड़ा का नाम जोड़ा गया।”
“इससे साफ साबित होता है कि मेरा नाम सिर्फ बाद में राजनीतिक रूप से टारगेट करने और मुझे बदनाम करने के लिए जोड़ा गया था,” उन्होंने कहा। उन्होंने इस हेरफेर की पूरी जांच की मांग की।
नाम पहली बार सुने – सुरेश बजाज, अजय सहगल, नितिन गोयल
अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि उन्होंने बुधवार से पहले इस केस से जुड़े कई लोगों के नाम सुने भी नहीं थे, जिनमें सुरेश कुमार बजाज, अजय सहगल, नितिन गोयल और प्रितपाल सिंह ढींढसा शामिल हैं।
“मैंने कल अपनी जिंदगी में पहली बार ये नाम सुने,” अमन अरोड़ा ने साफ शब्दों में कहा।
22 साल की दोस्ती, लेकिन कोई व्यापारिक लेन-देन नहीं
गौरव धीर के बारे में बात करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि उनकी दोस्ती 22 साल से ज्यादा पुरानी है और यह पूरी तरह से व्यक्तिगत भरोसे और प्यार पर आधारित है।
अरोड़ा ने सवाल किया, “गौरव धीर पिछले 22-23 सालों से मेरे लिए भाई से भी बढ़कर हैं। दोस्ती कोई गुनाह नहीं है। लेकिन इस बात का क्या सबूत है कि उन्होंने या मैंने कुछ गलत किया है?”
यहां ध्यान देना होगा कि उन्होंने स्पष्ट किया – “हालांकि हमारे निजी रिश्ते मजबूत हैं, लेकिन हमारा कभी कोई व्यापारिक लेन-देन नहीं रहा। हमारी दोस्ती कल भी थी, आज भी है और हमेशा रहेगी। लेकिन दोस्ती का मतलब व्यापार में शामिल होना नहीं है।”
1991 से राजनीति में, एक रुपया लिया तो छोड़ दूंगा
अपनी साफ इमेज को दोहराते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि उन्होंने सार्वजनिक जीवन में 31 साल से ज्यादा बिताए हैं और उन पर भ्रष्टाचार या पद के गलत इस्तेमाल का कोई आरोप नहीं है।
अरोड़ा ने ऐलान किया, “अगर कोई यह साबित कर दे कि 1991 में राजनीति में आने के बाद से अमन अरोड़ा ने कभी किसी से एक रुपया भी मांगा हो, तो मैं तुरंत राजनीति छोड़ दूंगा।”
उन्होंने आगे कहा, “तीन दशक से ज्यादा की पब्लिक लाइफ और लगभग चार साल की सरकार में, मैंने कभी किसी से कुछ नहीं लिया, एक कप चाय भी नहीं।”
BJP पर सीधा हमला – सुरेश बजाज ने BJP को दिया था डोनेशन
भाजपा पर सीधा हमला करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि पार्टी ने उन राज्यों में ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करना एक आम राजनीतिक रणनीति बना ली है, जहां चुनाव पास हैं।
अरोड़ा ने दावा किया कि भाजपा दबाव बनाने, डर और झूठे प्रचार के जरिए लोगों को तोड़ने की कोशिश कर रही है क्योंकि वह अपने विरोधियों को राजनीतिक तौर पर हरा नहीं सकती।
दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने ईडी पर अपने बयानों से जानबूझकर राजनीतिक रूप से असुविधाजनक डिटेल्स को हटाकर पक्षपाती रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
“इस मामले में नामजद लोगों में से एक, सुरेश कुमार बजाज ने 2023-24 के दौरान भाजपा को 2.5 लाख रुपये का डोनेशन दिया था, लेकिन यह बात जानबूझकर छिपाई गई,” अरोड़ा ने कहा।
उन्होंने आगे कहा, “ईडी जानती है कि अमन अरोड़ा और गौरव धीर दोस्त हैं, लेकिन यह इस बात का जिक्र नहीं करती कि आरोपियों में से एक ने भाजपा को वित्तीय योगदान दिया है। यह इस पूरे ऑपरेशन के पीछे के असली राजनीतिक एजेंडे को सामने लाता है।”
फोन की फोरेंसिक जांच करवाओ – खुला चैलेंज
ईडी को खुला चैलेंज देते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि वह किसी भी जांच में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं।
“अगर ईडी को कोई शक है तो मुझे बुलाए। मैं खुद आऊंगा। मेरे फोन की फोरेंसिक जांच करवाए,” अरोड़ा ने कहा।
“अगर उनकी लिस्ट में बताए गए किसी भी व्यक्ति का कॉन्टैक्ट नंबर मेरे फोन में सेव पाया गया तो मैं खुद को दोषी मानूंगा,” उन्होंने जोड़ा।
ऑल्टस प्रोजेक्ट पर सफाई – नो ड्यूज सर्टिफिकेट है
ऑल्टस प्रोजेक्ट से जुड़े आरोपों पर बात करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि कंपनी के 600 एकड़ के मेगा प्रोजेक्ट को 2013-14 में चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) की मंजूरी मिली थी।
उन्होंने साफ किया कि सभी CLU लाइसेंस कंडीशनल हैं और तब तक वैलिड रहते हैं जब तक डेवलपर्स सरकारी पॉलिसी का पालन करते हैं।
“मैं आठ महीने से इस डिपार्टमेंट का इंचार्ज हूं और मेरी समझ के हिसाब से, हर CLU कंडीशनल है और तब तक रिन्यू होता है जब तक डेवलपर पॉलिसी के नियमों का पालन करता है और कुछ भी गलत नहीं करता है,” अरोड़ा ने कहा।
समझने वाली बात यह है कि उन्होंने बताया, “मौजूद जानकारी के मुताबिक, ऑल्टस कभी गमाडा और पंजाब सरकार के सबसे बड़े डिफॉल्टर्स में से एक था, लेकिन आज उसके पास सरकार से ‘नो ड्यूज सर्टिफिकेट’ है और उसने सरकार का एक भी रुपया नहीं देना है।”
अरोड़ा ने सवाल किया, “अगर सारा बकाया चुका दिया गया है और पंजाब सरकार ने खुद नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी किया है, तो धोखाधड़ी कहां है?”
जानें पूरा मामला – ईडी रेड की पृष्ठभूमि
बुधवार को ईडी ने लुधियाना और आसपास के इलाकों में कई ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें मैसर्स गौरव कंस्ट्रक्शंस और ऑल्टस प्रोजेक्ट से जुड़े स्थान शामिल थे। रेड के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने की खबरें आईं।
शाम तक ईडी ने एक बयान जारी किया जिसमें शुरू में केवल कंपनी का नाम था। लेकिन कुछ ही घंटों में एक संशोधित बयान जारी किया गया जिसमें अमन अरोड़ा का नाम जोड़ा गया था। इस हेरफेर ने राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। पंजाब में आगामी चुनावों से पहले ऐसी कार्रवाइयां राजनीतिक संदेश भेजने का काम करती हैं।
मुख्य बातें
- अमन अरोड़ा: पंजाब आप प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री
- ईडी रेड: बुधवार को गौरव धीर के ठिकानों पर
- आरोप: ₹85.4 करोड़ की सप्लाई पर फर्जी ITC
- अरोड़ा का दावा: नाम बाद में जोड़ा गया, राजनीतिक साजिश
- दोस्ती: गौरव धीर से 22 साल पुरानी, लेकिन कोई बिजनेस नहीं
- चैलेंज: फोन की फोरेंसिक जांच करवाओ
- बड़ा खुलासा: आरोपी सुरेश बजाज ने BJP को ₹2.5 लाख दान दिए
- ऑल्टस प्रोजेक्ट: सरकार से नो ड्यूज सर्टिफिकेट मिला हुआ
- राजनीतिक इतिहास: 1991 से राजनीति में, कोई भ्रष्टाचार का आरोप नहीं
- ICU में मां: रेड के दिन विभाग की मीटिंग में व्यस्त थे













