IMD Weather Alert: नई दिल्ली, 07 मई 2026। देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अब पूरी तरह बदलने वाला है। भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत आने वाले India Meteorological Department (IMD) ने अगले दो सप्ताह (07 मई से 20 मई 2026) के लिए एक विस्तृत मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। दिलचस्प बात यह है कि जहां एक ओर देश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है, वहीं दूसरी ओर गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों में गर्मी की लहर (Heat Wave) की आशंका जताई जा रही है। सबसे बड़ी खबर यह है कि मई के अंत तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और अंडमान सागर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत हो सकती है।
देखा जाए तो पिछले सप्ताह उत्तर भारत में चल रही भीषण गर्मी की लहर को बड़े पैमाने पर हुई thunderstorm गतिविधियों ने तोड़ दिया है। IMD के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले हफ्ते केरल, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, और कई पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की गई। वहीं, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, ओडिशा और तेलंगाना जैसे राज्यों में ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी थी।

पिछले सप्ताह का मौसम: तूफान और बारिश का तांडव
अगर गौर करें तो 30 अप्रैल से 06 मई के बीच देश के मौसम ने कई करवटें बदलीं। पूर्वी उत्तर प्रदेश और विदर्भ के कुछ इलाकों में 30 अप्रैल को गर्मी की लहर का असर दिखा, लेकिन उसके तुरंत बाद शुरू हुई बारिश ने राहत दी। केरल और माहे में 30 अप्रैल, 1 मई और 6 मई को भारी से बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। सब-हिमालयन वेस्ट बंगाल और सिक्किम में 2 मई को, पश्चिम उत्तर प्रदेश में 4 मई को तेज बारिश हुई।
समझने वाली बात यह है कि इस पूरे सप्ताह में न केवल बारिश का सिलसिला जारी रहा, बल्कि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, झारखंड, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में कई जगहों पर ओले भी गिरे। यह किसानों के लिए चिंता का विषय बना, क्योंकि खड़ी फसलों को नुकसान हुआ।
तापमान का खेल: 14.5°C से 45.3°C तक
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पिछले सप्ताह देश में तापमान का अंतर अत्यधिक रहा। असम के हाफलांग में 3 मई को न्यूनतम तापमान 14.5°C दर्ज किया गया, जबकि तेलंगाना के आदिलाबाद में 3 मई को ही अधिकतम तापमान 45.3°C पहुंच गया। IMD के अनुसार, उत्तर, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 3-5°C नीचे रहा।
बारिश के आंकड़े: देश में 79% अधिक बारिश
IMD के विश्लेषण के मुताबिक, 06 मई को समाप्त सप्ताह में देश में कुल बारिश का प्रतिशत अपने दीर्घकालिक औसत (LPA) से 79% अधिक रहा। प्री-मानसून सीजन (01 मार्च 2026 से 06 मई 2026) में अब तक देश में कुल 8% अधिक बारिश हो चुकी है।
पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में सप्ताह के दौरान 57.3 mm बारिश हुई, जो सामान्य 38.7 mm से 48% अधिक है। उत्तर-पश्चिम भारत में 18.3 mm बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 161% अधिक है। मध्य भारत में 9.8 mm बारिश हुई, जो सामान्य से 226% ज्यादा है। हालांकि, दक्षिण प्रायद्वीप में बारिश सामान्य से 26% अधिक लेकिन सीजन के दौरान 17% कम रही।
El Niño और Indian Ocean Dipole की स्थिति
देखा जाए तो बड़े पैमाने पर मौसम को प्रभावित करने वाले factors भी सक्रिय हो रहे हैं। वर्तमान में, भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में ENSO-neutral स्थितियां El Niño की ओर बढ़ रही हैं। IMD के Monsoon Mission Coupled Forecasting System (MMCFS) का पूर्वानुमान बताता है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान El Niño की स्थिति विकसित हो सकती है।
दूसरी ओर, हिंद महासागर में फिलहाल तटस्थ Indian Ocean Dipole (IOD) की स्थिति है, लेकिन climate models का अनुमान है कि मानसून सीजन के अंत तक positive IOD विकसित हो सकता है। Madden-Julian Oscillation (MJO) index वर्तमान में phase 3 में है और यह अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में cyclogenesis को बढ़ावा देने की संभावना रखता है।
अगले सप्ताह (07-13 मई) का मौसम पूर्वानुमान
IMD ने बताया कि दक्षिण-पूर्व अरब सागर और लक्षद्वीप क्षेत्र में ऊपरी वायु चक्रवाती circulation मौजूद है। इसके अलावा, दक्षिण मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, बिहार और असम के ऊपर भी चक्रवाती circulation देखी जा रही है। 10 मई से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया Western Disturbance प्रभावी होने की संभावना है।
उत्तर-पश्चिम भारत के लिए:
07 मई को उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश, thunderstorm, बिजली और तेज हवाओं (30-50 kmph) की संभावना है। 08 मई को उत्तराखंड में thundersquall (50-60 kmph से 70 kmph तक तेज हवाएं) की आशंका है। 11-13 मई के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में फिर से बारिश/बर्फबारी संभव है।
पूर्वोत्तर भारत के लिए:
असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, और त्रिपुरा में 07-09 मई के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और thunderstorm की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 07, 12 और 13 मई को भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वी भारत के लिए:
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 07-13 मई तक बारिश जारी रहेगी। सब-हिमालयन वेस्ट बंगाल और सिक्किम में 07-09 मई, गंगेटिक वेस्ट बंगाल में 07, 08 और 10 मई को बारिश होगी। बिहार और ओडिशा में 07-11 मई तक thunderstorm की संभावना है।
दक्षिण भारत के लिए:
तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे, लक्षद्वीप, और आंतरिक कर्नाटक में अगले 5 दिनों तक thunderstorm और तेज हवाओं की संभावना है। तमिलनाडु, केरल में अगले 7 दिनों तक भारी बारिश हो सकती है।
दूसरे सप्ताह (14-20 मई) में बड़ा बदलाव
IMD का अनुमान है कि 14-20 मई के दौरान मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव होंगे। Western Disturbance का प्रभाव पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र पर रहेगा। बंगाल की खाड़ी से पूर्वोत्तर भारत की ओर दक्षिण-पश्चिमी हवाएं चलती रहेंगी। सबसे अहम बात यह है कि मई के अंत तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत हो सकती है।
बिहार, गंगेटिक वेस्ट बंगाल, सिक्किम, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में सप्ताह के कई दिनों में बारिश होगी। बिहार, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और त्रिपुरा में कुछ दिनों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। केरल और तमिलनाडु में भी भारी बारिश हो सकती है।
गर्मी की लहर की चेतावनी: गुजरात और राजस्थान में खतरा
यहां समझने वाली बात है कि जहां देश के अधिकतर हिस्सों में बारिश और ठंडक की उम्मीद है, वहीं गुजरात और पश्चिम राजस्थान में 09-13 मई के दौरान गर्मी की लहर (Heat Wave) की स्थिति बन सकती है। कोंकण और गोआ में 07-09 मई के दौरान गर्म और आर्द्र मौसम (Hot & Humid) रहने की आशंका है।
दूसरे सप्ताह (14-20 मई) में राजस्थान, गुजरात, विदर्भ, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की संभावना के साथ heat wave conditions विकसित हो सकती हैं। राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1-5.0°C अधिक रह सकता है।
तापमान में क्रमिक वृद्धि
IMD ने बताया कि उत्तर-पश्चिम भारत में 10 मई तक अधिकतम तापमान में 3-4°C की क्रमिक वृद्धि होगी, लेकिन 11-13 मई के बीच कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। मध्य भारत में 08 मई तक तापमान स्थिर रहेगा, उसके बाद 2-4°C की वृद्धि हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत में 08 मई तक तापमान 3-5°C बढ़ सकता है। महाराष्ट्र में 09 मई तक तापमान 2-3°C बढ़ने की संभावना है।
पिछले 24 घंटों में राजकोट (गुजरात) में सबसे अधिक तापमान 42.9°C दर्ज किया गया। विदर्भ, तेलंगाना, रायलसीमा, सौराष्ट्र और कच्छ के अधिकतर हिस्सों में तापमान 40°C या उससे ऊपर रहा।
किसानों और पशुपालकों के लिए सलाह
IMD ने कृषि मौसम विज्ञान सलाह भी जारी की है। अरुणाचल प्रदेश में किसानों से कहा गया है कि धान, मक्का, सब्जियों और बागों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें। केरल में केला, नारियल और अन्य सब्जियों के लिए पर्याप्त जल निकासी प्रदान करें। तमिलनाडु में उड़द, मूंग, गन्ना और सब्जियों में पानी जमाव रोकने के लिए उचित drainage बनाए रखें।
गुजरात में cluster bean और सब्जियों को सुबह या शाम के समय हल्की और बार-बार सिंचाई दें। राजस्थान में मूंग, कपास, भिंडी, तरबूज जैसी फसलों में पर्याप्त नमी बनाए रखने के लिए हल्की सिंचाई करें।
तूफान/तेज हवाओं के दौरान कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें या tarpaulin से ढकें। बागवानी फसलों को यांत्रिक सहारा दें और सब्जियों तथा फलों के पौधों को staking प्रदान करें।
पशुधन और मछली पालन के लिए दिशा-निर्देश
ओलावृष्टि/भारी बारिश के दौरान जानवरों को शेड के अंदर रखें और उन्हें संतुलित आहार दें। चारा और fodder को सुरक्षित स्थान पर store करें। तालाबों के चारों ओर उचित jaal (netting) के साथ एक outlet बनाएं ताकि अतिरिक्त पानी निकल सके और मछलियां बह न जाएं।
आम जनता के लिए सुरक्षा निर्देश
Thunderstorm और तेज हवाओं के दौरान लोगों से अपील की गई है कि मौसम पर नजर रखें और स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाएं। घर के अंदर रहें, खिड़की-दरवाजे बंद रखें और यात्रा से बचें। पेड़ों के नीचे शरण न लें। कंक्रीट की दीवारों और फर्श से दूर रहें। बिजली के उपकरणों को unplug कर दें। पानी के शरीर से तुरंत बाहर निकलें। बिजली का संचालन करने वाली सभी वस्तुओं से दूर रहें।
मानसून आगमन से पहले की तैयारी शुरू
यह समझना महत्वपूर्ण है कि मई के अंत तक मानसून के आगमन की संभावना एक बड़ी खबर है। यह किसानों, जल प्रबंधन अधिकारियों और आम जनता के लिए तैयारी का समय है। अच्छे मानसून से खरीफ की फसल, जल भंडार और बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिलता है।
हालांकि El Niño की स्थिति विकसित होने की आशंका थोड़ी चिंता का विषय है, क्योंकि यह मानसून की बारिश को प्रभावित कर सकती है। लेकिन positive IOD की संभावना इस प्रभाव को कुछ हद तक संतुलित कर सकती है।
मौसम के रुझान: दक्षिण, पूर्व और पूर्वोत्तर में अधिक बारिश
कुल मिलाकर, IMD का अनुमान है कि अगले दो सप्ताह में दक्षिण, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से अधिक बारिश होगी। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सामान्य से कम बारिश रह सकती है, जबकि देश के बाकी हिस्सों में लगभग सामान्य बारिश होगी।
Thunderstorm गतिविधि पूर्व, पूर्वोत्तर और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में सप्ताह के कई दिनों तक जारी रहने की संभावना है। यह कृषि गतिविधियों, जल संसाधनों और दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकता है।
क्या है पूर्वानुमान का आधार
IMD अपने पूर्वानुमान के लिए विभिन्न मॉडलों का उपयोग करता है, जिनमें Monsoon Mission Coupled Forecasting System (MMCFS), Extended Range Forecast Models, और विभिन्न Climate Models शामिल हैं। ये सभी मॉडल atmospheric conditions, oceanic parameters, temperature patterns और wind systems का विश्लेषण करते हैं।
वर्तमान में विभिन्न cyclonic circulations, troughs, wind discontinuities और Western Disturbances की मौजूदगी ने आने वाले दिनों के मौसम को प्रभावित करने की पूरी तैयारी कर ली है।
राज्यवार प्रभाव: कहां रहना होगा सतर्क
केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक: अगले सप्ताह भर भारी बारिश की तैयारी रखें। तटीय इलाकों में flooding की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा: Thundersquall और तेज हवाओं के साथ बारिश होगी। पेड़ों के गिरने और बिजली लाइनों को नुकसान की आशंका है।
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर: Western Disturbance के कारण बारिश/बर्फबारी होगी। पहाड़ी इलाकों में landslide का खतरा रहेगा।
गुजरात, राजस्थान: Heat wave से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पिएं, दोपहर में बाहर न निकलें और हल्के कपड़े पहनें।
पूर्वोत्तर राज्य: लगातार बारिश और thunderstorm की स्थिति बनेगी। जल निकासी व्यवस्था चेक करें।
मौसम विभाग की सलाह मानना क्यों जरूरी
हर साल मौसम की अनिश्चितता के कारण जान-माल का भारी नुकसान होता है। IMD के समय पर जारी किए गए alerts और warnings को गंभीरता से लेना और तदनुसार तैयारी करना बेहद आवश्यक है। स्थानीय प्रशासन को भी चाहिए कि वे disaster management की तैयारियां पूरी रखें।
किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के उपाय करने चाहिए, जबकि आम जनता को अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए और आपातकालीन नंबरों की जानकारी रखनी चाहिए।
मुख्य बातें (Key Points)
• IMD ने 07-20 मई 2026 के लिए विस्तृत मौसम पूर्वानुमान जारी किया है
• मई के अंत तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में मानसून की शुरुआत संभव
• केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
• गुजरात और पश्चिम राजस्थान में 09-13 मई के दौरान गर्मी की लहर की आशंका
• El Niño conditions विकसित होने की संभावना, जो मानसून को प्रभावित कर सकती है
• देश भर में thunderstorm, lightning और तेज हवाओं की warning जारी
• किसानों और पशुपालकों के लिए विशेष कृषि मौसम विज्ञान सलाह दी गई है











