Punjab Power Crisis Bikram Majithia ने आज पूरी शिद्दत से उठाया है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने 27 अप्रैल 2026 को एक प्रेस नोट जारी कर पंजाब की AAP सरकार पर बिजली कटौती को लेकर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जो सरकार “बल्ब का झमका भी नहीं होगा” का नारा देती थी, आज उसी सरकार के राज में न बल्ब जल रहा है, न पंखा चल रहा है। भीषण गर्मी में 12-12 घंटे की बिजली कटौती से पंजाब का हर इंसान परेशान है। बिजली मंत्री ने खुद माना है कि “हम मैनेज नहीं कर पाए।”
देखा जाए तो मजीठिया ने सिर्फ बिजली संकट पर ही नहीं, बल्कि हाल में राज्यसभा सांसदों के घरों पर “गद्दार” शब्द लिखे जाने के मुद्दे पर भी तीखा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि AAP पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा, मुख्यमंत्री भगवंत मान और वित्त मंत्री हरपाल चीमा को पंजाब के 3 करोड़ लोगों को बताना चाहिए कि “गद्दार” शब्द की उत्पत्ति किसने की? क्या सिर्फ पंजाबी ही गद्दार हैं?
बिजली संकट: 12 घंटे कट, मंत्री ने माना हम फेल
समझने वाली बात यह है कि पंजाब में इस समय भीषण गर्मी का दौर चल रहा है। मौसम विभाग ने हीटवेव की चेतावनी जारी की है। ऐसे में बिजली की मांग बढ़ना स्वाभाविक है। लेकिन समस्या यह है कि PSPCL (Punjab State Power Corporation Limited) बाहरी स्रोतों से बिजली खरीदने में विफल हो रही है।
बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि पंजाब में बिजली की मांग कभी भी 13,000 मेगावाट को पार कर सकती है। लेकिन सरकार ने पहले से कोई इंतजाम नहीं किए। बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने खुद माना है कि “हम इंतजाम नहीं कर पाए।”
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अकाली दल के समय में पहले से ही इंतजाम हो जाते थे। अकाली दल की सरकार ने राज्य में नए थर्मल प्लांट लगाकर पंजाब को पावर सरप्लस बना दिया था। 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई थी—खेती, उद्योग और आम लोगों के लिए।
लेकिन AAP सरकार ने अकाली दल द्वारा बनाए गए सरप्लस को बर्बाद कर दिया है। आज 12-12 घंटे के लंबे कट लग रहे हैं।
मुख्यमंत्री और मंत्री विदेश में मौज, पंजाब में अंधेरा
हैरान करने वाली बात यह है कि जब पंजाब के लोग गर्मी में तड़प रहे थे, तब मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री अपने प्रियजनों के साथ ठंडे देशों में महंगे होटलों में मौज-मस्ती कर रहे थे।
मजीठिया ने मुख्यमंत्री से सवाल किया, “आप कहते थे कि पंजाब पावर कट फ्री राज्य बन गया है और अब यहां बिजली का झमका नहीं बज रहा और न ही बल्ब जल रहा है। आपने बिजली बोर्ड की हालत ऐसी कर दी है कि न बल्ब जल रहा है, न पंखा चल रहा है। आम लोगों को बताएं कि वे कहां जाएं?”
अकाली दल का सरप्लस, AAP का कंगाल पंजाब
अगर गौर करें तो मजीठिया ने कहा कि अकाली दल की सरकार ने राज्य को पावर सरप्लस बनाया था। नए थर्मल प्लांट लगाए गए। 24 घंटे बिजली मिलती थी। किसानों को बिना रुकावट बिजली मिलती थी। उद्योगों को भी।
लेकिन AAP सरकार ने इस सरप्लस को बर्बाद कर दिया। आज पंजाब कंगाल हो गया है।
समस्याएं:
- कई यूनिट्स कथित तौर पर बंद हैं
- बाहरी स्रोतों से बिजली खरीदने में विफलता
- पहले से इंतजाम नहीं किए गए
- लोगों में डर और निराशा का माहौल
मजीठिया ने मांग की है कि पंजाब के लोगों को बिजली की असली सच्चाई से अवगत कराया जाए ताकि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, पंजाबी PSPCL पर निर्भर हुए बिना कुछ इंतजाम कर सकें।
बिजली बोर्ड की जमीनें बेचकर लूट का आरोप
चिंता का विषय यह है कि मजीठिया ने गंभीर आरोप लगाया है कि बिजली मंत्री बिजली बोर्ड की जमीनें अपने चहेतों को करोड़ों रुपये में बेचकर पंजाब के खजाने को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिस तरह ED (Enforcement Directorate) पंजाब में रेड कर रही है, उसी तरह उसे बिजली बोर्ड की जमीनों के जरिए पंजाब के खजाने को लूटने में पंजाब के बिजली मंत्री की मिलीभगत की भी जांच करनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली मंत्री एक बिल्डर भी हैं और इस मिलीभगत से बिजली बोर्ड को दांव पर लगाया जा रहा है। इसकी हाई लेवल जांच होनी चाहिए।
सवाल उठता है कि जहां AAP के मंत्री और सरकार सिर्फ अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी जमीनें बेचने में लगे हैं, ऐसे राज्य में विदेशी निवेश और उद्योग कैसे आ सकते हैं?
मजीठिया ने कहा कि झाड़ू सरकार ने अपनी और अपने चहेतों की जेबें भरी हैं और पंजाब को कर्ज में डाल दिया है।
“गद्दार” शब्द विवाद: सिर्फ पंजाबी क्यों?
दिलचस्प बात यह है कि मजीठिया ने हाल में राज्यसभा सांसदों के घरों पर “गद्दार” शब्द लिखे जाने के मुद्दे पर भी तीखा हमला बोला।
क्या हुआ था?
AAP के कुछ राज्यसभा सांसदों ने पार्टी लाइन के खिलाफ वोट किया था या पार्टी छोड़ी थी। इसके बाद उनके घरों के बाहर “गद्दार” शब्द लिखा गया।
मजीठिया ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और पूरी सरकार की नाकामी से ध्यान हटाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।
मजीठिया के सवाल:
- हरभजन सिंह को गद्दार?
जिन खिलाड़ियों ने देश का नाम रोशन किया, उनमें से एक पंजाब का गौरव हरभजन सिंह हैं। AAP ने उन्हें राज्यसभा का टिकट दिया। आज उन्हें गद्दार कहा जा रहा है। क्या यह सही है? - उद्योगपतियों को गद्दार?
राजिंदर गुप्ता और अशोक मित्तल जैसे उद्योगपति, जिन्होंने पंजाबी युवाओं को रोजगार दिया, क्या उन्हें गद्दार कहना सही है? - सिर्फ पंजाबी ही गद्दार क्यों?
पंजाब से 6 और दिल्ली से 1 सांसद राज्यसभा के सदस्य थे। लेकिन सिर्फ पंजाब के 3 पंजाबी सांसदों के घरों के बाहर “गद्दार” शब्द लिखा गया। दिल्ली वाले क्यों बच गए?
मजीठिया का आरोप:
क्या भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल का दिमाग पंजाबियों को देश-विदेश में गद्दार कहकर बदनाम करने का है?
क्या AAP पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा, मुख्यमंत्री भगवंत मान, लोकसभा सांसद और वित्त मंत्री हरपाल चीमा पंजाब के 3 करोड़ लोगों को बताएंगे कि ऐसे शरारती शब्द उनके अपने दिमाग से निकले हैं या दिल्ली से लाए गए हैं?
पंजाब की छवि खराब करने का आरोप
राहत की बात यह नहीं है। मजीठिया ने कहा कि पंजाब पर कुछ रहम करो, तुमने पहले ही देश-विदेश में इसे बदनाम कर दिया है।
पंजाब की छवि पर हमला:
- बरगाड़ी सचखंड मामला: धार्मिक भावनाओं को ठेस
- ड्रग्स समस्या: बढ़ती लत
- गैंगस्टर कल्चर: अपराध बढ़ रहा है
- बढ़ता कर्ज: आर्थिक संकट
मजीठिया ने कहा कि लोग अभी दिल्ली से मिले 1984 के जख्मों को भूले भी नहीं हैं, और तुम पंजाबियों के लिए एक और नया शब्द “गद्दार” ले आए हो?
पंजाब के लोग जानना चाहते हैं कि तुम, AAP की लीडरशिप, हमारे पंजाबियों की खुशियों में जहर घोलना चाहते हो? जहां हिंदू, सिख, ईसाई और मुसलमान भी एक साथ रहते हैं।
असली गद्दार कौन?
उम्मीद की किरण यह नहीं है। मजीठिया ने साफ कहा कि भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल पंजाब के असली गद्दार हैं।
क्यों?
- बिजली सरप्लस को बर्बाद किया
- 12-12 घंटे बिजली कट
- बिजली बोर्ड की जमीनें बेचकर लूट
- पंजाब को कर्ज में डाला
- पंजाबियों को “गद्दार” कहकर बदनाम किया
- 1984 के जख्मों पर नमक छिड़का
बच्चे, बूढ़े गर्मी में परेशान
चिंता का विषय यह है कि पंजाब में बच्चे, बूढ़े, बीमार—सब गर्मी में परेशान हैं। बिजली नहीं है तो पंखे नहीं चल रहे, कूलर नहीं चल रहे। अस्पतालों में भी समस्या है। स्कूलों में बच्चे तड़प रहे हैं।
मजीठिया ने कहा, “पंजाब से बत्ती गुल और महाराजा संतोख फुल।” यानी पंजाब में अंधेरा है, लेकिन AAP के नेता मौज में हैं।
क्या है समाधान?
सवाल उठता है कि समाधान क्या है?
तत्काल कदम:
- बाहरी स्रोतों से तुरंत बिजली खरीदी जाए
- बंद यूनिट्स को चालू किया जाए
- लोगों को सच्चाई बताई जाए ताकि वे अपने इंतजाम कर सकें
दीर्घकालिक:
- नए पावर प्लांट लगाए जाएं
- सरप्लस बनाने पर फोकस
- बिजली बोर्ड की जमीनों की सुरक्षा
- पारदर्शिता और जवाबदेही
लेकिन अगर सरकार सिर्फ अपनी और अपने चहेतों की जेबें भरने में लगी है, तो यह कैसे होगा?
मुख्य बातें (Key Points):
• बिक्रम सिंह मजीठिया ने AAP सरकार पर हमला बोला, 12-12 घंटे बिजली कट, बिजली मंत्री ने माना हम मैनेज नहीं कर पाए
• अकाली दल ने पंजाब को पावर सरप्लस बनाया था, AAP ने बर्बाद कर दिया, PSPCL बाहरी स्रोतों से खरीदने में फेल
• मजीठिया ने आरोप लगाया बिजली बोर्ड की जमीनें चहेतों को बेची जा रही हैं, ED को जांच करनी चाहिए
• राज्यसभा सांसदों के घरों पर “गद्दार” शब्द लिखने पर सवाल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, अशोक मित्तल को गद्दार कहना गलत
• मजीठिया ने कहा भगवंत मान-केजरीवाल असली गद्दार, पंजाबियों को बदनाम करने की साजिश, 1984 के जख्मों पर नमक











