रविवार, 26 अप्रैल 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Anti Defection Law के तहत AAP का बड़ा दांव, गद्दार सांसदों की छुट्टी!

Anti Defection Law के तहत AAP का बड़ा दांव, गद्दार सांसदों की छुट्टी!

AAP सांसद संजय सिंह ने राघव चड्ढा समेत BJP में शामिल हुए सात सांसदों की सदस्यता रद्द करने के लिए राज्यसभा सभापति को याचिका सौंपी, संविधान की 10वीं अनुसूची का लिया सहारा।

The News Air Team by The News Air Team
रविवार, 26 अप्रैल 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, राष्ट्रीय, सियासत
A A
0
Anti Defection Law
104
SHARES
691
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Anti Defection Law AAP के हथियार के रूप में सामने आ गया है। आम आदमी पार्टी ने अपने उन सात सांसदों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है जिन्होंने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने रविवार 26 अप्रैल 2025 को नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय पर प्रेस वार्ता करके यह जानकारी दी कि पार्टी ने राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति को एक विस्तृत याचिका भेज दी है। इस याचिका में राघव चड्ढा समेत सभी सात सांसदों की सदस्यता तत्काल समाप्त करने की मांग की गई है।

देखा जाए तो यह केवल राजनीतिक दल-बदल का मामला नहीं है, बल्कि पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी का मुद्दा बन चुका है। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि ये सांसद न केवल AAP बल्कि पंजाब की जनता, लोकतंत्र और संविधान के साथ भी धोखा कर चुके हैं।

याचिका दाखिल, संविधान की 10वीं अनुसूची का सहारा

संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि यह याचिका संविधान के विशेषज्ञों, देश के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और पीडीटी आचार्य जैसे कानूनी दिग्गजों से परामर्श करके तैयार की गई है। सभी विशेषज्ञों ने यह साफ कर दिया है कि जिन सात लोगों ने AAP को छोड़कर BJP में विलय का फैसला लिया है, उनकी सदस्यता निश्चित रूप से समाप्त होगी।

अगर गौर करें तो संविधान की 10वीं अनुसूची, जिसे दल-बदल विरोधी कानून (Anti Defection Law) के नाम से जाना जाता है, ऐसे किसी भी राजनीतिक तोड़फोड़ की इजाजत नहीं देता। संजय सिंह ने कहा, “मैंने राज्यसभा के सभापति और देश के उपराष्ट्रपति को एक विस्तृत याचिका भेजी है। इसमें अनुरोध किया गया है कि संविधान की 10वीं अनुसूची के नियमों के मुताबिक इन सातों सदस्यों की सदस्यता पूरी तरह समाप्त की जाए।”

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि शनिवार को मीडिया से बातचीत में एनडीए के एक घटक दल से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के एक अधिवक्ता ने भी स्पष्ट कहा कि इन नेताओं की सदस्यता हर हाल में जाएगी। यह AAP के पक्ष को मजबूती देता है।

BJP पर गंभीर आरोप – ED-CBI से डराकर तोड़ने का खेल

AAP सांसद ने भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि तोड़फोड़ के खेल में भाजपा माहिर है। उनका आरोप है कि BJP पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) और CBI जैसी जांच एजेंसियों से विपक्षी नेताओं को डराती है और फिर उन्हें अपनी पार्टी में शामिल कर लेती है।

संजय सिंह ने कहा, “जब कोई नेता एक पार्टी से चुनकर आता है और उसके बाद ED, CBI और अन्य जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करके उसे तोड़ा जाता है, तो यह पूरी तरह गलत है। यह लोकतंत्र के साथ बड़ा धोखा है।”

दिलचस्प बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब विपक्ष ने ऐसे आरोप लगाए हैं। कई राज्यों में सरकारें गिराने के लिए BJP पर इसी तरह के आरोप पहले भी लगते रहे हैं।

पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात – संजय सिंह

संजय सिंह ने जोर देकर कहा कि यह केवल पार्टी का मामला नहीं है, बल्कि पंजाब की जनता के साथ सीधा विश्वासघात है। ये सांसद पंजाब के विधायकों द्वारा राज्यसभा में भेजे गए थे, लेकिन अब वे उसी पार्टी को बुरा-भला कह रहे हैं जिसने उन्हें यह मंच दिया।

उन्होंने कहा, “यदि किसी व्यक्ति को एक दल से मतभेद है तो उसे उस दल से इस्तीफा देना चाहिए और जहां उसकी विचारधारा मिलती हो वहां जाना चाहिए। लेकिन जो लोग उसी पार्टी के विधायकों द्वारा चुने गए हैं, वे आज उसी पार्टी को बुरा-भला कह रहे हैं, यह गद्दारी है।”

समझने वाली बात है कि राज्यसभा में सांसद सीधे जनता द्वारा नहीं चुने जाते, बल्कि विधानसभा के सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं। इसलिए AAP का तर्क है कि ये सांसद पंजाब के AAP विधायकों का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए पार्टी बदलना विधायकों और जनता दोनों के साथ धोखा है।

यह भी पढे़ं 👇

ITAT Cash Deposit Tax

बड़ी राहत! ITAT Cash Deposit Tax का फैसला, जानें क्या बदला

रविवार, 26 अप्रैल 2026
Punjab de Gaddar

“Punjab de Gaddar” के नारों से गूंजा पूरा प्रदेश: AAP का Statewide Protest, Defected MPs के घरों पर लिखा “Gaddar”

रविवार, 26 अप्रैल 2026
Vikramjit Singh Sahney

Vikramjit Sahney : “Punjab भीख का कटोरा नहीं, अन्न का भंडार है; CM Mann में Vision की कमी”

रविवार, 26 अप्रैल 2026
Tungabhadra Dam

Tungabhadra Dam का अनोखा इतिहास: बिना Cement के बना वो चमत्कार जिसने खत्म किया अकाल!

रविवार, 26 अप्रैल 2026
उत्तराखंड और अरुणाचल के उदाहरण – सुप्रीम कोर्ट के फैसले

संजय सिंह ने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के भी कई निर्णय हैं जो स्पष्ट करते हैं कि ऐसी सदस्यता कैसे समाप्त हो सकती है। उन्होंने उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश के मामलों का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वहां इस प्रकार की राजनीतिक तोड़फोड़ की गई थी, तब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था।

उन्होंने कहा, “कई बार विलंब होने से निराशा जरूर होती है लेकिन हम इसकी कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। संविधान की बात है, उसे तो सबको मानना पड़ेगा और वह सबके ऊपर लागू होता है।”

यह कानूनी आधार AAP की रणनीति को मजबूत करता है। हैरान करने वाली बात यह है कि यदि सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों को देखें तो दल-बदल के मामलों में अदालतों ने सख्त रुख अपनाया है।

पंजाब में विरोध – जनता सड़कों पर

संजय सिंह ने बताया कि पूरे पंजाब में इन गद्दार सांसदों का जबरदस्त विरोध हो रहा है। जनता सड़कों पर उतरकर नारेबाजी कर रही है। पार्टी और पंजाब को धोखा देने के कारण इनके खिलाफ भारी जनभावना है।

उन्होंने कहा, “पूरे पंजाब में इन लोगों का विरोध हो रहा है और इनके खिलाफ जनता सड़कों पर उतरकर नारेबाजी कर रही हैं। अभी तो खुद इनकी सदस्यता खत्म होने वाली है तो अपनी सदस्यता खत्म कराने के लिए कौन सा विधायक इनके साथ जाएगा?”

देखा जाए तो यह राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति भी है। AAP यह संदेश देना चाहती है कि जनता इस विश्वासघात को स्वीकार नहीं कर रही।

विधायकों के संपर्क की अफवाहों पर AAP का पलटवार

पंजाब के कुछ विधायकों के राघव चड्ढा के संपर्क में होने और BJP में जाने की अफवाहों पर संजय सिंह ने इसे झूठा प्रचार करार दिया। उन्होंने कहा, “इस प्रकार की झूठी खबरें BJP, राघव चड्ढा और बाकी लोगों के द्वारा प्रचारित की जाएंगी। राजनीति में इतनी समझ तो सब लोग रखते हैं। यह केवल एक झूठा प्रचार और भ्रम फैलाने की कोशिश है।”

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यदि कोई विधायक दल-बदल करता है तो उसकी भी सदस्यता खतरे में पड़ सकती है, इसलिए AAP का तर्क है कि कोई भी विधायक ऐसा जोखिम नहीं लेगा।

Right to Recall की मांग – भगवंत मान राष्ट्रपति से मिलेंगे

संजय सिंह ने बताया कि Right to Recall का एक मामला है जिस पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान राष्ट्रपति से मिलकर अपनी बात रखेंगे और इसके लिए उन्होंने समय मांगा है।

उन्होंने कहा, “जिन विधायकों ने इन सांसदों को चुना था, आज उनके साथ धोखा हुआ है। अब वे विधायक इन लोगों को वापस बुला रहे हैं कि यदि उनसे काम नहीं हो पा रहा है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।”

अगर गौर करें तो Right to Recall की मांग एक नई रणनीति है। इसका मतलब है कि जिन विधायकों ने इन सांसदों को चुना था, उन्हें वापस बुलाने का अधिकार मिलना चाहिए। हालांकि यह कानूनन कितना संभव है, यह देखना होगा।

संवैधानिक और कानूनी आधार – 10वीं अनुसूची क्या कहती है?

भारतीय संविधान की 10वीं अनुसूची, जिसे 1985 में 52वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया था, दल-बदल पर रोक लगाती है। इसके अनुसार, यदि कोई सांसद या विधायक स्वेच्छा से अपनी पार्टी की सदस्यता छोड़ता है या पार्टी के निर्देशों के विरुद्ध मतदान करता है, तो उसकी सदस्यता समाप्त की जा सकती है।

लेकिन इसमें एक अपवाद भी है – यदि किसी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य विलय (merger) करते हैं, तो उन्हें दल-बदल नहीं माना जाता। इसी बिंदु पर AAP और BJP के बीच कानूनी लड़ाई होने की संभावना है।

समझने वाली बात यह है कि यदि सातों सांसदों ने सामूहिक रूप से AAP छोड़ी है और यह दावा करते हैं कि यह विलय है, तो कानूनी पचड़ा बढ़ सकता है। लेकिन AAP का तर्क है कि राज्यसभा में AAP के कुल सदस्यों की संख्या के दो-तिहाई यह नहीं हैं।

राजनीतिक विश्लेषण – AAP की चुनौतियां और रणनीति

दिलचस्प बात यह है कि यह पूरा मामला केवल कानूनी नहीं बल्कि राजनीतिक भी है। AAP को पंजाब में अपनी पकड़ मजबूत रखनी है। यदि ये सांसद BJP में शामिल होकर बच गए, तो AAP की साख को बड़ा झटका लगेगा।

वहीं दूसरी ओर, BJP के लिए यह एक बड़ी राजनीतिक जीत होगी, खासकर पंजाब जैसे राज्य में जहां उसकी पकड़ कमजोर है। राघव चड्ढा जैसे युवा चेहरों को शामिल करना BJP की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

सवाल उठता है कि राज्यसभा के सभापति कितनी जल्दी इस मामले पर फैसला देंगे। अतीत में ऐसे मामलों में महीनों और कभी-कभी सालों तक विलंब होता रहा है, जो AAP के लिए चिंता का विषय हो सकता है।

आम आदमी की नजर में – जनता क्या सोचती है?

आम आदमी के लिए यह मामला भ्रामक भी हो सकता है। एक ओर दल-बदल की राजनीति से नफरत है, तो दूसरी ओर राजनीतिक दलों के आंतरिक झगड़ों से थकान भी। लेकिन यदि यह सिद्ध होता है कि जांच एजेंसियों का दुरुपयोग हुआ है, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय बन जाता है।

उम्मीद की किरण यह है कि संविधान की 10वीं अनुसूची जैसे प्रावधान हैं जो ऐसे राजनीतिक खेल को रोकने के लिए बनाए गए हैं। अब देखना होगा कि राज्यसभा सभापति और सुप्रीम कोर्ट (यदि मामला वहां पहुंचता है) इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं।


मुख्य बातें (Key Points)
  • आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा समेत सात सांसदों की सदस्यता रद्द करने के लिए राज्यसभा सभापति को याचिका भेजी है
  • संजय सिंह ने आरोप लगाया कि BJP ED-CBI से विपक्षी नेताओं को डराकर अपनी पार्टी में शामिल करती है
  • याचिका संविधान की 10वीं अनुसूची (Anti Defection Law) के तहत दायर की गई है
  • कपिल सिब्बल समेत संवैधानिक विशेषज्ञों से परामर्श लेकर याचिका तैयार की गई
  • पंजाब में जनता इन गद्दार सांसदों का जोरदार विरोध कर रही है, सड़कों पर नारेबाजी हो रही है
  • मुख्यमंत्री भगवंत मान Right to Recall के मुद्दे पर राष्ट्रपति से मिलने के लिए समय मांग चुके हैं
  • सुप्रीम कोर्ट के उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश के मामलों में पहले भी ऐसे दल-बदल पर सख्त फैसले आ चुके हैं

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: संविधान की 10वीं अनुसूची क्या है और यह दल-बदल को कैसे रोकती है?

संविधान की 10वीं अनुसूची 1985 में जोड़ी गई थी, जिसे दल-बदल विरोधी कानून (Anti Defection Law) कहते हैं। इसके तहत यदि कोई सांसद या विधायक स्वेच्छा से अपनी पार्टी छोड़ता है या पार्टी के निर्देशों के विरुद्ध वोट करता है, तो उसकी सदस्यता समाप्त की जा सकती है। हालांकि यदि पार्टी के दो-तिहाई सदस्य विलय करते हैं तो यह दल-बदल नहीं माना जाता।

प्रश्न 2: राघव चड्ढा समेत कितने AAP सांसदों ने BJP ज्वाइन की है?

AAP के कुल सात सांसदों ने पार्टी छोड़कर BJP ज्वाइन की है, जिनमें राघव चड्ढा प्रमुख नाम हैं। ये सभी राज्यसभा सदस्य थे जो पंजाब के AAP विधायकों द्वारा चुने गए थे। AAP ने इसे पंजाब की जनता और संविधान के साथ विश्वासघात बताया है।

प्रश्न 3: क्या AAP के इन सांसदों की सदस्यता निश्चित रूप से खत्म हो जाएगी?

संवैधानिक विशेषज्ञ कपिल सिब्बल और अन्य कानूनी जानकारों के अनुसार, इन सांसदों की सदस्यता समाप्त होने की संभावना प्रबल है। लेकिन अंतिम फैसला राज्यसभा के सभापति (उपराष्ट्रपति) और यदि मामला अदालत में जाता है तो सुप्रीम कोर्ट करेगा। उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश के पुराने मामलों में भी सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे दल-बदल के खिलाफ सख्त फैसले दिए थे।

Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

100% Ethanol Blending पर Nitin Gadkari का बड़ा ऐलान, गाड़ियों पर खतरा!

Next Post

Donald Trump Attack: White House Dinner में गोलीबारी, सुरक्षाकर्मियों ने बचाई जान!

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

ITAT Cash Deposit Tax

बड़ी राहत! ITAT Cash Deposit Tax का फैसला, जानें क्या बदला

रविवार, 26 अप्रैल 2026
Punjab de Gaddar

“Punjab de Gaddar” के नारों से गूंजा पूरा प्रदेश: AAP का Statewide Protest, Defected MPs के घरों पर लिखा “Gaddar”

रविवार, 26 अप्रैल 2026
Vikramjit Singh Sahney

Vikramjit Sahney : “Punjab भीख का कटोरा नहीं, अन्न का भंडार है; CM Mann में Vision की कमी”

रविवार, 26 अप्रैल 2026
Tungabhadra Dam

Tungabhadra Dam का अनोखा इतिहास: बिना Cement के बना वो चमत्कार जिसने खत्म किया अकाल!

रविवार, 26 अप्रैल 2026
Super El Niño 2026

Super El Niño 2026: भारत में आने वाली सदी की सबसे भयंकर गर्मी!

रविवार, 26 अप्रैल 2026
Trump Attack

US Secret Service Counter Assault Team की खतरनाक ट्रेनिंग, Trump Attack में कैसे बचाई जान!

रविवार, 26 अप्रैल 2026
Next Post
Donald Trump Attack

Donald Trump Attack: White House Dinner में गोलीबारी, सुरक्षाकर्मियों ने बचाई जान!

Swiss Air Flight Fire

Swiss Air Flight Fire पर IGI Airport में दहशत, 232 यात्रियों को बचाया गया!

MP Amritpal Singh

Amritpal Singh Arrest: NSA से Punjab Police Custody में, MP सीट पर सवाल!

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।