Punjab Congress Delimitation: चंडीगढ़ में आज हुई press conference में पंजाब कांग्रेस ने केंद्र सरकार की परिसीमन योजना के खिलाफ जोरदार हमला बोला। देखा जाए तो यह केवल एक political statement नहीं था, बल्कि federalism और regional representation के मुद्दे पर एक गंभीर चेतावनी थी।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, AICC महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा और AICC सचिव कुलजीत सिंह नागरा ने कांग्रेस भवन में संयुक्त press conference को संबोधित किया। उन्होंने 17 अप्रैल को संसद में पेश और बाद में वापस लिए गए महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के पीछे की असली मंशा को उजागर किया।

महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन Bill था असली मुद्दा
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि संसद में महिला आरक्षण bill नहीं, बल्कि परिसीमन bill वापस लिया गया था। समझने वाली बात यह है कि भाजपा ने महिला आरक्षण bill के नाम पर चुपचाप परिसीमन bill लाने की कोशिश की, जबकि महिला आरक्षण bill 2023 में पहले ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि BJP पर आरोप लगाया गया कि वह महिला आरक्षण के नाम पर असल में delimitation का agenda push कर रही थी। यह political maneuvering का एक classic example है जहां एक popular issue के behind एक controversial agenda छिपाया जाता है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को बराबरी के अधिकार और आरक्षण देने के लिए कांग्रेस को BJP से किसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि 1989 में राजीव गांधी ने ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू किया था।
परिसीमन से Punjab को होगा नुकसान: आंकड़े सामने आए
दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस नेताओं ने विस्तृत आंकड़े पेश किए कि कैसे proposed delimitation से पंजाब और कुछ अन्य राज्यों को नुकसान होगा जबकि कुछ राज्यों को फायदा।
उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित परिसीमन के तहत:
हिस्सेदारी बढ़ेगी:
- उत्तर प्रदेश: 1.7% वृद्धि
- बिहार: 1.2% वृद्धि
- राजस्थान: 1% वृद्धि
हिस्सेदारी घटेगी:
- पंजाब: 0.3% कमी
- तमिलनाडु: 1% कमी
- केरल: 1% कमी
- पश्चिम बंगाल: 0.2% कमी
हैरान करने वाली बात यह है कि कांग्रेस नेताओं ने साफ शब्दों में कहा, “इसके पीछे स्पष्ट सोच है – जहां भाजपा मजबूत है, वहां हिस्सेदारी बढ़ाना और जहां कमजोर है, उसे कम करना।”
Population Control को Penalize करना Unfair
अगर गौर करें तो यह मुद्दा केवल political नहीं है। यह उन राज्यों के साथ न्याय का सवाल है जिन्होंने population control में सफलता हासिल की है। पंजाब, तमिलनाडु, और केरल ने family planning programs में बेहतर काम किया है, जिससे उनकी population growth rate कम रही।
लेकिन delimitation अगर केवल population के basis पर होता है, तो इन राज्यों को “penalize” किया जा रहा है उनके अच्छे काम के लिए। दूसरी ओर, जिन राज्यों ने population control में उतनी सफलता नहीं पाई, उन्हें “reward” मिल रहा है।
यह chिंता का विषय है क्योंकि यह federalism के principles के खिलाफ जाता है और states को demographic responsibility के लिए discourage करता है।
Bhagwant Mann की विदेश यात्राओं पर तंज
कांग्रेस नेताओं ने Punjab के मुख्यमंत्री भगवंत मान की विदेश यात्राओं पर भी कड़ा तंज कसा। उन्होंने कहा कि ये निवेश के नाम पर सिर्फ “छुट्टियां” हैं।
और बस यहीं से शुरू हुआ AAP सरकार पर हमला। कांग्रेस का कहना था कि आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब में कोई बड़ा निवेश लाने में विफल रही है और केवल MOU sign करने से निवेश की गारंटी नहीं मिलती।
समझने वाली बात यह है कि CM की foreign trips एक common practice है जहां वे investors को attract करने की कोशिश करते हैं। लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि concrete results नहीं आ रहे।
उन्होंने सरकार को चुनौती दी कि वे ऐसे projects दिखाए जहां वास्तव में काम शुरू हुआ हो। यह valid point है क्योंकि MOUs और actual implementation में बहुत फर्क होता है।
AAP की 10 संदिग्ध “पहलकदमियां”
सुखजिंदर सिंह रंधावा ने AAP सरकार की कथित “पहलकदमियों” पर तंज कसते हुए 10 संदिग्ध मामलों को गिनाया। यह list बेहद चौंकाने वाली है:
1. थानों के बाहर Barricading और Electric Fencing:
पहली बार थानों के बाहर barricading और ऊपर बिजली के तारों के घेरे बनाए गए। यह security situation की गंभीरता को दर्शाता है।
2. जेलों में Gangsters के लिए Wi-Fi और Phone:
पहली बार जेलों में gangsters के interviews के लिए Wi-Fi, phone और light की व्यवस्था की गई। यह बेहद serious allegation है।
3. Sarpanchs और आम लोगों की अंधाधुंध हत्याएं:
पहली बार sarpanchs और आम लोगों की अंधाधुंध हत्याएं हो रही हैं। Law and order situation पर यह गंभीर सवाल है।
4. Gangsters खुले तौर पर Political Help:
पहली बार Jaggu Bhagwanpuria जैसे gangsters खुले तौर पर विधायकों की मदद कर रहे हैं और sarpanch बन रहे हैं। Crime-politics nexus का यह खतरनाक उदाहरण है।
5. Elected MLAs और Ministers की धमकियां:
पहली बार चुने हुए विधायक और मंत्री कारोबारियों को धमका रहे हैं और उन्हें कारोबार बंद करने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
6. CM खुद भ्रष्टाचार के सबूत की बात करते हैं:
पहली बार मुख्यमंत्री खुद अपने मंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार के सबूत होने की बात करता है, लेकिन बाद में उसे clean chit देकर बहाल कर देता है। यह accountability पर सवाल खड़ा करता है।
7. High Command को खुश करने के लिए Z Plus Security:
पहली बार high command को खुश करने के लिए Z Plus security दी जा रही है, जबकि आम लोग घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। Priorities का यह misplacement है।
8. Gangster को America में गिरफ्तार करने का दावा:
पहली बार चुनावों के दौरान मुख्यमंत्री ने दावा किया कि एक gangster को America में गिरफ्तार किया गया है। इसकी authenticity पर सवाल उठे थे।
9. Security घटाने जैसे Sensitive मामले Media में:
पहली बार security घटाने जैसे संवेदनशील मामले को media में साझा किया गया, जिससे पंजाब को नुकसान हुआ।
10. एक भी Press Conference नहीं:
पहली बार इतनी बड़ी घटनाओं के बावजूद मुख्यमंत्री ने एक भी press conference नहीं की। Transparency और accountability की कमी।
Law and Order पर गंभीर सवाल
यह 10-point list पंजाब में बिगड़ती law and order situation की गंभीर तस्वीर पेश करती है। अगर ये allegations सही हैं, तो यह बेहद चिंताजनक है।
Gangsters का political patronage, sarpanchs की हत्याएं, businessmen को धमकियां – ये सब एक failed law and order machinery के symptoms हैं। यह राज्य की image को नुकसान पहुंचाता है और investment climate को भी affect करता है।
Political Blame Game या Genuine Concern?
सवाल उठता है कि क्या यह केवल political blame game है या genuine concerns हैं? Opposition का काम सरकार को accountable रखना है, लेकिन allegations में substance भी होनी चाहिए।
कांग्रेस ने specific examples दिए हैं – Jaggu Bhagwanpuria का नाम, jails में facilities, sarpanchs की हत्याएं। ये verifiable claims हैं। अगर सरकार चाहे तो इनका जवाब दे सकती है।
लेकिन अब तक AAP सरकार की ओर से कोई detailed rebuttal नहीं आया है। यह भी चिंता की बात है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब कांग्रेस ने लोकसभा-विधानसभा परिसीमन के खिलाफ चेतावनी दी।
- परिसीमन से पंजाब की हिस्सेदारी 0.3% घटेगी, UP की 1.7% और बिहार की 1.2% बढ़ेगी।
- तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल की भी हिस्सेदारी घटेगी।
- कांग्रेस ने आरोप लगाया कि BJP जहां मजबूत है वहां हिस्सेदारी बढ़ा रही है।
- 17 अप्रैल को महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन bill लाया गया था जो बाद में वापस लिया गया।
- CM भगवंत मान की विदेश यात्राओं को “छुट्टियां” बताया।
- Sukhजिंदर सिंह रंधावा ने AAP सरकार की 10 संदिग्ध “पहलकदमियां” गिनाईं।
- Gangsters को political patronage, sarpanchs की हत्याएं, और businessmen को धमकियों के आरोप।
- Jaggu Bhagwanpuria जैसे gangsters के खुले तौर पर MLAs की मदद करने का आरोप।
- CM ने बड़ी घटनाओं के बावजूद एक भी press conference नहीं की।













