Priyanka Gandhi: लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक (131वां संशोधन) 2026 गिरने के एक दिन बाद कांग्रेस सांसद Priyanka Gandhi Vadra ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि जो विधेयक सभी दलों की सहमति के बाद 2023 में पारित किया गया था, सरकार में दम है तो उसको लागू करे।
प्रियंका गांधी ने कहा, “सरकार को पुराना महिला आरक्षण विधेयक लाना चाहिए। सभी पार्टियां मिलकर सोमवार को ही उसे पास करवा देंगी।” उन्होंने कहा, “सोमवार को संसद चलाइए और पुराना विधेयक पेश करिए। हम सभी समर्थन में वोट करेंगे।”
विधेयक गिरने के बाद शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप
देखा जाए तो सदन में विधेयक गिरने के बाद BJP ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया है। BJP का कहना है कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल महिलाओं को उनका अधिकार नहीं देना चाहते हैं।
लोकसभा में मतों के विभाजन के दौरान 298 सांसदों ने विधेयक के समर्थन में वोट किया था। वहीं 230 ने विरोध में वोट किया। कुल 528 वोट पड़े थे। विधेयक पारित होने के लिए दो तिहाई वोटों की जरूरत थी।
समझने वाली बात यह है कि इसके बाद लोकसभा स्पीकर Om Birla ने कहा कि समर्थन के अभाव में बिल पारित नहीं किया जा सका है। इसके बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने कहा कि बाकी के दो बिल भी इसी से जुड़े हुए हैं इसलिए उन्हें आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
गृह मंत्री अमित शाह ने दिया बयान
बीजेपी का कहना है कि महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का यह ऐतिहासिक बिल विपक्ष ने पारित नहीं होने दिया। गृह मंत्री Amit Shah ने कहा कि TMC, कांग्रेस और अन्य विरोधियों को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।
दिलचस्प बात यह है कि विपक्ष का कहना है कि महिला आरक्षण संशोधन विधेयक बिना पर्याप्त संवाद के ही पेश कर दिया गया। जबकि Mallikarjun Kharge ने स्पेशल सेशन से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की थी।
विपक्ष के क्या हैं तर्क
इसके अलावा विपक्ष का कहना है कि महिला आरक्षण विधेयक को परिसीमन और जनगणना से नहीं जोड़ना चाहिए। लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने कहा था कि यह विधेयक केवल चुनाव का स्वरूप बदलने के लिए लाया गया है।
वहीं TMC के Kalyan Banerjee ने कहा कि अगर सरकार विधेयक लाए कि महिलाओं को 50 फीसदी सीटों पर आरक्षण दिया जाएगा तो सारे विपक्षी तुरंत इसका समर्थन कर देंगे।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि सपा सांसद Dimple Yadav ने कहा कि आरक्षण के कोटे के अंदर आरक्षण नहीं दिया जा सकता। ऐसे में OBC और अन्य पिछड़ी जातियों की महिलाओं को उनका हक नहीं मिल पाएगा। इससे केवल सवर्ण महिला प्रत्याशियों को ही फायदा मिलेगा।
देखें कौन है महिला विरोधी: प्रियंका गांधी
अगर गौर करें तो प्रियंका गांधी ने बीजेपी को सीधी चुनौती दी है। उनका कहना है कि अगर सरकार में सच्ची इच्छाशक्ति है तो वे 2023 में पास हुए पुराने विधेयक को लागू करें।
यह राजनीतिक बहस अब तूल पकड़ती जा रही है। एक तरफ बीजेपी विपक्ष को महिला विरोधी बता रही है तो दूसरी तरफ विपक्ष सरकार पर सही इरादे न होने का आरोप लगा रहा है।
महिला आरक्षण का मुद्दा भारतीय राजनीति में दशकों से चर्चा का विषय रहा है। 2023 में जब विधेयक पास हुआ था तो इसे ऐतिहासिक कदम बताया गया था। लेकिन अब 2026 में इसमें संशोधन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
मुख्य बातें (Key Points):
• महिला आरक्षण संशोधन विधेयक 2026 लोकसभा में दो तिहाई बहुमत न मिलने से गिर गया
• 298 सांसदों ने समर्थन में वोट किया जबकि 230 ने विरोध में, कुल 528 वोट पड़े
• Priyanka Gandhi ने सरकार को चुनौती दी कि 2023 का पुराना विधेयक लाए
• BJP ने विपक्ष को महिला विरोधी बताया तो विपक्ष ने OBC महिलाओं के हक का मुद्दा उठाया













