Attari Constituency Development: पाकिस्तान सीमा पर स्थित अटारी निर्वाचन क्षेत्र, जिसे दशकों तक उपेक्षित रखा गया, अब विकास की नई सुबह देखने को तैयार है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को ₹57.80 करोड़ की लागत से 137 किलोमीटर में फैली 121 सड़कों के नवीनीकरण की आधारशिला रखी। साथ ही उन्होंने भाजपा और अकाली दल पर जमकर हमला बोला और 2027 में फिर से जनादेश हासिल करने का भरोसा जताया।
अमृतसर के अटारी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि रणनीतिक महत्व वाले इस क्षेत्र को पिछली सरकारों ने जानबूझकर पिछड़ा रखा। अब सड़कों, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं में निवेश से यहां की तस्वीर बदलेगी।
532 किमी सीमा पर फेंसिंग का सर्वेक्षण
देखा जाए तो सीमावर्ती इलाकों में सबसे बड़ी समस्या फेंसिंग से जुड़ी रही है। पठानकोट से फाजिल्का तक 532 किलोमीटर की सीमा पर फेंसिंग को अंतरराष्ट्रीय सीमा से 300 मीटर के भीतर शिफ्ट करने का सर्वेक्षण चल रहा है। इससे लाखों एकड़ जमीन पर खेती संभव हो सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “आप सरकार के प्रयासों से भारत सरकार ने फेंसिंग को 300 मीटर के भीतर शिफ्ट करने का आदेश दिया है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फाजिल्का और फिरोजपुर के किसानों को इससे बेहद फायदा होगा।”
कांग्रेस और अकाली दल पर तीखा प्रहार
अपनी बेबाक शैली में मुख्यमंत्री ने विपक्षी पार्टियों को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस की कलम 1984 के दंगों से सनी है, अकाली दल की कलम बेअदबी से। भगवंत मान की कलम सिर्फ जनसेवा के लिए काम करती है।”
उन्होंने अकाली दल की ‘पंजाब बचाओ यात्रा’ पर तंज कसते हुए कहा, “इसका असली नाम ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है। 15 साल लूटने के बाद किससे बचाना चाहते हैं पंजाब को? जब पूरा किसान समुदाय अपने अधिकारों के लिए लड़ रहा था, अकालियों ने मोदी सरकार का काले कानूनों पर साथ दिया।”
दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री ने बादल परिवार के इतिहास को भी खंगाला। उन्होंने कहा कि यह परिवार अंग्रेजों का पिट्ठू था और देशभक्तों के खिलाफ गद्दारी के लिए ‘सर’ की उपाधि पाई थी। “13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग नरसंहार के बाद इस परिवार ने जनरल डायर के लिए डिनर आयोजित किया था। सिर्फ इतना ही नहीं, गोल्डन टेंपल में उसे सिरोपा और माफी भी दिलाई।”
नशे के खिलाफ जंग का दावा
समझने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ सरकार की मुहिम को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे का कारोबार चलाने वाले वही लोग थे जिन्होंने कातिलों के साथ शराब के गिलास उठाए। “जो लोग सत्ता में थे, उन्होंने अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर नशे के कारोबार को संरक्षण दिया। सरकारी गाड़ियों से नशा एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जाता था।”
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आप सरकार ने ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान चलाकर नशे की सप्लाई लाइन तोड़ दी है और बड़े तस्करों को जेल भेजा है। “वह दिन दूर नहीं जब हम लोगों के साथ मिलकर पंजाब से नशे का कलंक हमेशा के लिए मिटा देंगे।”
विकास की उपलब्धियां गिनाईं
मुख्यमंत्री ने आप सरकार की उपलब्धियों का लंबा खाका खींचा। 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली, 65 हजार से अधिक युवाओं को बिना भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियां, टोल प्लाजा बंद करके रोजाना ₹70 लाख की बचत, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत हर परिवार को ₹10 लाख तक मुफ्त इलाज, नहर के पानी का इस्तेमाल 22 प्रतिशत से बढ़ाकर 71 प्रतिशत करना—ये सभी उपलब्धियां गिनाई गईं।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री ने पहली बार धान के मौसम में ट्यूबवेल को दिन में आठ घंटे से अधिक बिजली देने का जिक्र किया। “किसानों को पहली बार दिन के समय सिंचाई के लिए बिजली मिल रही है, जिसने उनका जीवन बदल दिया है।”
2027 में फिर से जनादेश का भरोसा
अपनी बात समाप्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों में लोगों के पास तीन कलम होंगे। “पहली कलम कांग्रेस की है जिसकी लाल स्याही हरमंदिर साहिब पर हमले, 1984 के दंगों और सिख विरोधी रुख को दर्शाती है। दूसरी कलम अकालियों की है जिसमें सिर्फ एक स्याही है—गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी। तीसरी कलम आप की है जो हर दिन पंजाब को रंगला पंजाब बनाने की दिशा में कदम उठा रही है।”
राहत की बात यह है कि मुख्यमंत्री को भरोसा है कि पंजाब की जनता 2027 में फिर से आप को मौका देगी और विकास का नया अध्याय लिखेगी।
मुख्य बातें (Key Points):
- अमृतसर के अटारी निर्वाचन क्षेत्र में ₹57.80 करोड़ से 121 सड़कों (137 किमी) का विकास
- पठानकोट से फाजिल्का तक 532 किमी सीमा पर फेंसिंग शिफ्ट का सर्वेक्षण, लाखों एकड़ में खेती संभव होगी
- नशे के खिलाफ ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान से सप्लाई लाइन तोड़ने का दावा
- 90% घरों को मुफ्त बिजली, 65 हजार नौकरियां, ₹10 लाख तक मुफ्त इलाज जैसी उपलब्धियां
- 2027 में आप को फिर से जनादेश मिलने का भरोसा













