TCS Nashik Case: महाराष्ट्र के नासिक में TCS (Tata Consultancy Services) के BPO में हुए कॉर्पोरेट स्कैंडल ने पूरे देश को हिला दिया है। एक सीक्रेट टिप ऑफ के बाद पुलिस ने अंडरकवर ऑपरेशन चलाया जिसमें कांस्टेबलों को हाउसकीपिंग स्टाफ के रूप में तैनात किया गया। इस ऑपरेशन के बाद जो खुलासे हुए, उन्होंने सबको चौंका दिया। आठ दिनों के अंदर नौ FIR दर्ज की गईं। सवाल उठता है कि कैसे चार सालों से लगातार एक कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर में यह नेक्सस काम कर रहा था? 18 से 25 साल की युवा महिलाओं के साथ क्या हुआ? कैसे उनके धार्मिक विश्वासों को प्रभावित करने की कोशिश की गई? और सबसे बड़ी बात—TCS जैसी बड़ी कंपनी में यह सब कैसे हो रहा था? आइए जानते हैं पूरी कहानी।
देखा जाए तो यह केस सिर्फ workplace harassment का नहीं है, बल्कि इसमें धार्मिक प्रभाव, मानसिक उत्पीड़न और संगठित षड्यंत्र के आरोप हैं। पुलिस की जांच अभी जारी है और हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं।
2023 में शुरू हुई कहानी, युवा रिक्रूट्स का जुड़ाव
शुरुआत होती है साल 2023 से। महाराष्ट्र के नासिक में TCS का एक BPO था। यहां करीब 147 के आसपास लोग काम करते थे। 2023 वह साल था जब इस BPO में कई सारे नए यंग रिक्रूट्स को जॉइन कराया जाता है।
इनमें ज्यादातर 18 से 25 साल की लड़कियां थीं। कुछ यंग लड़के भी थे। सैलरी इन लोगों की 18,000 से 25,000 रुपये के बीच थी। बहुत कम उम्र के लोग थे और कईयों की यह पहली कॉर्पोरेट जॉब थी। तो वे अपनी पहली जॉब के लिए बहुत एक्साइटेड भी थे।
यहां पर कुछ सीनियर्स भी थे। नाम सामने आए—सफी शेख, आसिफ अंसारी, तौसिफ अख्तर, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन और दानिश शेख। ये सारे लोग टीम लीडर की तरह काम कर रहे थे।
इन सबके बीच एक HR मैनेजर का नाम भी सामने आया—निदा खान। निदा खान पुणे से ताल्लुक रखती थी, बाद में जॉब के सिलसिले में नासिक शिफ्ट हो गई थी। रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि निदा खान को ये सभी टीम लीडर “लेडी डॉन” कहते थे।
पहली पीड़िता: दानिश से मुलाकात और झूठे वादे
FIR में एक 23 साल की महिला एसोसिएट का जिक्र है। इस महिला की पहली मुलाकात दानिश शेख से जनवरी 2022 में हुई थी—नासिक के देवलाली कैंप के लविट मार्केट में। दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे क्योंकि सेम एजुकेशनल इंस्टीट्यूट से निकले थे।
दानिश ने उस महिला को बताया कि वह TCS में काम कर रहा है और जब उसकी पढ़ाई पूरी हो जाएगी, तो वह उसे TCS में सिक्योर्ड जॉब दिलवा सकता है। ये बातें यहीं तक रही।
लेकिन करीब 6 महीने बाद जुलाई 2022 में दानिश ने उस महिला को कॉल किया और देवलाली कैंप में ही एक जगह बुलाया। वहां बुलाने के बाद उसे जॉब की बात तो की, लेकिन FIR में आरोप लगाया गया है कि दानिश ने उस महिला से फिजिकल रिलेशन की डिमांड की। उसे उकसाया गया, दबाव डाला गया और फोर्सबली किस किया गया।
हैरान करने वाली बात यह है कि जब महिला ने मना किया और रेजिस्ट किया, तो दानिश ने यह कहा कि वह उससे शादी करना चाहता है। इस वजह से वह आगे बढ़ाना चाहता है। महिला ने उस समय कहा कि ठीक है, मैं इस बारे में सोचूंगी।
जॉब मिली, लेकिन शुरू हुआ मानसिक उत्पीड़न
जब इस महिला की BCA की डिग्री कंप्लीट हुई, तो दानिश के कहने पर उसने TCS के BPO में काम करना शुरू किया। इंटरव्यू दिया, सिलेक्शन हो गया और एसोसिएट के पद पर उसे रख लिया गया।
अब यह महिला उन नए रिक्रूट्स में से थी जिन्हें 2023 में नौकरी मिली थी। लेकिन यहीं से चीजें बदलने लगीं।
FIR में बताया जाता है कि दानिश शेख, तौसिफ अख्तर और निदा खान—ये तीनों इस महिला के साथ कभी कैंटीन में जाते, कभी वॉक पर निकल जाते, ऑफिस के बाहर बातचीत करते। कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर में जो होता है, वैसे गेट-टुगेदर शुरू हो गए।
समझने वाली बात यह है कि समय के साथ दानिश और तौसिफ ने इस हिंदू महिला को हिंदू धर्म और इस्लाम के बीच डिफरेंसेस बताने शुरू कर दिए। उसके ऊपर दबाव डालना शुरू कर दिया कि कैसे उनका धर्म बेटर है हिंदू धर्म से।
तौसिफ की धार्मिक यात्रा के बाद बदला रवैया
FIR और मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि तौसिफ अख्तर की उम्र करीब 36 साल थी—सबसे ज्यादा। एक और बड़ी बात यह कही जाती है कि तौसिफ कुछ समय के लिए एक धार्मिक यात्रा पर गया था।
वहां से आने के बाद देखा गया कि तौसिफ बहुत ज्यादा एक्सट्रीम रिलीजियस तरीके से काम करने लगा था। साथ ही वह इन्फ्लुएंस करने लगा था बाकी लोगों को। बताया जाता है कि पहले उसने दानिश को इन्फ्लुएंस किया, फिर दोनों ने मिलकर बाकी लोगों को इन्फ्लुएंस करना शुरू किया।
रिपोर्ट्स में लिखा है कि ये लोग अपने आसपास के लोगों को—खासकर हिंदू महिलाओं को—यह समझाते थे कि इस्लाम सबसे बड़ा धर्म है। हिंदू देवी-देवताओं के बारे में ऐसी बातें की जातीं जो यहां बताई नहीं जा सकतीं।
अगस्त 2024: फिजिकल रिलेशन और ब्लैकमेलिंग
करीब एक साल बाद अगस्त 2024 की बात बताई जाती है। दानिश ने उस महिला को अचानक एक दिन बुलाया, बिना इनफॉर्म किए। उसे अपनी बाइक पर बैठाकर त्र्यंबक रोड पर ले गया।
FIR में आरोप है कि वहां जाने के बाद उसे फोर्स किया गया फिजिकल रिलेशन बनाने के लिए। कुछ समय बाद महिला बताती है कि तौसिफ अख्तर को इन दोनों के रिलेशन के बारे में पता चला।
उसके बाद तौसिफ ने उस महिला को धमकाना शुरू किया कि अगर उसके साथ भी फिजिकल कॉन्टैक्ट नहीं किया, तो वह महिला के घर पर ये सारी बातें बता देगा। चिंता का विषय यह है कि किस तरह से एक युवा महिला को इस भयावह स्थिति में डाला गया।
2026 में खुली पोल: दानिश शादीशुदा निकला
साल 2026 में इस महिला के पास मेसेज आता है एक मेहरीन नाम की लड़की का। मेहरीन ने बताया कि वह दानिश की पत्नी है और दानिश के दो बच्चे भी हैं।
जब यह हकीकत इस महिला को पता चली, तो उसने दानिश का सामना किया। उससे पूछा कि तुमने यह झूठ क्यों बोले? यह सब क्यों छुपाया कि तुम्हारी शादी हो चुकी है?
दानिश ने कई वेग आंसर्स दिए और फिर कहा कि वह कभी इंटरेस्टेड ही नहीं था इस महिला से शादी करने में। जैसे ही यह बातें सामने आईं, महिला समझ गई कि उसके साथ एक बहुत बड़ा धोखा हुआ है और यह कहीं न कहीं एक संगठित षड्यंत्र है।
पुलिस को मिली टिप-ऑफ, शुरू हुआ अंडरकवर ऑपरेशन
फरवरी 2026 में एक स्थानीय पॉलिटिकल वर्कर ने नासिक सिटी पुलिस को अप्रोच किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक हिंदू महिला जो BPO में काम कर रही है, वह रमजान के दौरान रोजे रख रही है, फास्टिंग कर रही है।
जब पुलिस ने उस महिला के परिवार से संपर्क किया, तो परिवार ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी का ऑफिस जाना बंद कर दिया है क्योंकि उसकी लाइफस्टाइल इस्लामिक मैनर में बदलती हुई दिख रही थी।
दिलचस्प बात यह है कि इसके बाद नासिक पुलिस ने एक अंडरकवर ऑपरेशन प्लान किया। कुछ कांस्टेबलों को हाउसकीपिंग स्टाफ के तौर पर इस BPO में जॉब दिलवाई गई।
ऐसा इसलिए किया गया ताकि ये कांस्टेबल वहां जाकर पता लगा सकें कि आखिर ऑफिस के अंदर क्या चल रहा है। करीब एक महीने तक ये पुलिस टीम वहां रही। महिला कांस्टेबल और पुरुष कांस्टेबल दोनों शामिल थे।
वे डेली कन्वर्सेशन सुनते, लोगों से इंटरैक्ट करते और हर दिन अपने सीनियर ऑफिसर्स को रिपोर्ट करते।
तीन हफ्ते बाद मिले पुख्ता सबूत
करीब तीन हफ्ते बाद पुलिस को इतने सबूत मिल चुके थे जो एक्शन लेने के लिए काफी थे। 26 मार्च 2025 को पहली FIR रजिस्टर की गई देवलाली पुलिस स्टेशन में।
इस FIR में तीन लोगों के नाम आए—दानिश शेख, तौसिफ अख्तर और निदा खान। पुलिस ने सबसे पहले दानिश और तौसिफ को गिरफ्तार किया।
जो स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनी, उसने इन पर चार्जेस लगाए:
- रेप के आरोप (झूठे वादे करके शारीरिक संबंध बनाना)
- सेक्सुअल फेवर्स की मांग
- धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना (हर्टिंग रिलीजियस सेंटीमेंट्स)
पुलिस ने जब इनके फोन, लैपटॉप और CCTV फुटेज चेक किए, तो तौसिफ के फोन में एक फोटो मिली जिसमें एक हिंदू महिला कलीग को मुस्लिम अटायर (कपड़ों) में देखा जा सकता था।
निदा खान के बारे में आरोप लगाया गया कि वह सारी कंप्लेंट्स को दबाती थी। जब भी कोई महिला उससे शिकायत करती, तो वह कोई एक्शन नहीं लेती थी। साथ ही उसने हिंदू महिलाओं को नमाज पढ़ने का तरीका भी समझाया।
8 दिन में 9 FIR, कई और पीड़िताएं सामने आईं
जैसे ही पहला केस सामने आया, अगले 8 दिनों में 9 FIR रजिस्टर की गईं। 26 मार्च से 3 अप्रैल 2025 तक अलग-अलग महिलाएं निकलकर सामने आने लगीं।
सभी 18 से 25 साल की उम्र के बीच थीं। सभी ने हाल ही में जॉइन किया था। उन्होंने भी यही कहा:
- सेक्सुअल हरासमेंट की शिकायत
- धार्मिक दबाव
- गलत तरीके से टच करना
- पर्सनल मैरिड लाइफ में दखल देना
- डबल मीनिंग कमेंट्स
कुल 9 FIR में से 6 में धर्मांतरण (कन्वर्जन) के सेक्शन लगाए गए।
अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है—6 पुरुष और 2 महिलाएं।
TCS ने सभी आरोपियों को किया सस्पेंड
TCS ने तुरंत एक्शन लेते हुए उन सभी एम्प्लॉइज को सस्पेंड कर दिया जिनका नाम इस केस में आया। कंपनी ने कहा, “हमारी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है टुवर्ड्स हरासमेंट और इसे हम बरकरार रखेंगे।”
लेकिन सवाल उठता है कि चार साल तक यह सब कैसे चलता रहा? HR मैनेजर क्या कर रही थी? कंपनी के सिस्टम में कहां खामी थी?
वकील का पक्ष: आरोप गलत हैं
आरोपियों के वकील बाबा सैयद ने कहा कि वह 6 में से 4 आरोपियों को रिप्रेजेंट कर रहे हैं। उनका कहना है:
- ईद के दौरान नॉन-मुस्लिम दोस्त भी मुस्लिम कपड़े पहनकर आते हैं, इसका मतलब कन्वर्जन नहीं है
- अगर कोई डिस्कशन होता है तो उसमें हर तरह की बातें होती हैं, इसका मतलब इन्फ्लुएंस करना नहीं है
जांच में सब स्पष्ट हो जाएगा कि सच क्या है।
आवाज उठाना जरूरी है
यह केस एक महत्वपूर्ण संदेश देता है—अगर किसी के साथ कुछ गलत हो रहा है, तो तुरंत आवाज उठाएं। चुप न रहें। कॉर्पोरेट में हो या कहीं और, अपनी बात रखें।
इस महिला ने 2022 से 2026 तक चार साल इंतजार किया। अगर पहले ही बात सामने आ जाती, तो यह नेटवर्क पहले ही टूट जाता।
मुख्य बातें (Key Points)
- TCS नासिक BPO में अंडरकवर ऑपरेशन से खुला स्कैंडल
- पुलिस ने कांस्टेबलों को हाउसकीपिंग स्टाफ बनाकर भेजा
- 8 दिन में 9 FIR दर्ज, 8 आरोपी गिरफ्तार
- 18-25 साल की युवा महिलाओं के साथ उत्पीड़न और धार्मिक प्रभाव के आरोप
- दानिश शेख, तौसिफ अख्तर, निदा खान मुख्य आरोपी
- TCS ने सभी आरोपियों को सस्पेंड किया













