IMD Weather Alert April 2026: India Meteorological Department ने 15 अप्रैल 2026 को एक महत्वपूर्ण प्रेस रिलीज जारी करते हुए देश के कई हिस्सों में Heat Wave की चेतावनी दी है। देखा जाए तो यह चेतावनी मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी भारत के कई राज्यों के लिए जारी की गई है। साथ ही पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश, बिजली गिरने और आंधी-तूफान की भी आशंका जताई गई है।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन आने वाले मौसम विभाग ने दोपहर 2:15 बजे जारी अपनी चेतावनी में बताया कि आने वाले सप्ताह भर देश के अधिकतर हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर बना रहेगा। हैरान करने वाली बात यह है कि पिछले 24 घंटों में महाराष्ट्र के अकोला और कर्नाटक के कलबुर्गी में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

पिछले 24 घंटे में कहां-कहां बरसे बादल
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में त्रिपुरा के कदमतला में 9 सेंटीमीटर भारी बारिश दर्ज की गई। अगर गौर करें तो अरुणाचल प्रदेश में 50-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान चला। वहीं पूर्वोत्तर भारत के बाकी हिस्सों, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 30-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।
दिलचस्प बात यह है कि देश के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान 38-44 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। हालांकि उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में यह 38 डिग्री से कम दर्ज किया गया।
तापमान में हो रही है लगातार बढ़ोतरी
IMD के मुताबिक अधिकतम तापमान हरियाणा, महाराष्ट्र, आंतरिक कर्नाटक और केरल के कई स्थानों पर सामान्य से 1.6 से 3.5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर के कुछ स्थानों और राजस्थान, ओडिशा तथा मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में भी तापमान सामान्य से अधिक रहा।
समझने वाली बात यह है कि न्यूनतम तापमान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 13-19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पंजाब के गुरदासपुर में सबसे कम 14.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
गुजरात, ओडिशा और तेलंगाना में रात का तापमान बढ़ा
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि गुजरात क्षेत्र, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, मराठवाड़ा और तेलंगाना में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.1 से 5.0 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। यह hot and humid weather का संकेत है जो आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है।
Western Disturbance का असर, पहाड़ी इलाकों में बारिश
मौसम विभाग ने बताया कि भूमध्य सागर और आसपास के क्षेत्रों में एक Western Disturbance cyclonic circulation के रूप में मौजूद है। एक और cyclonic circulation उत्तरी बांग्लादेश और आसपास के इलाकों में निचले tropospheric स्तर पर है।
और बस यहीं से शुरू हुई पूर्वोत्तर भारत में मौसम बदलने की कहानी। एक east-west trough उत्तर-पश्चिमी बिहार से मणिपुर तक फैला हुआ है। दूसरी ओर, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में भी एक upper air cyclonic circulation मौजूद है।
IMD के अनुसार 16 अप्रैल की रात से एक नया Western Disturbance पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इससे पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बढ़ गई है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट
अरुणाचल प्रदेश में 15, 18 और 19 अप्रैल को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। असम और मेघालय में 17 और 18 अप्रैल को तथा नागालैंड में 18 अप्रैल को भारी बारिश हो सकती है।
15 से 19 अप्रैल के बीच असम और मेघालय में छिटपुट से लेकर व्यापक स्तर पर हल्की से मध्यम बारिश, बिजली गिरने और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 और 16 अप्रैल को इसी तरह के मौसम की आशंका जताई गई है।
राहत की बात यह है कि 15 अप्रैल को असम और मेघालय में ओलावृष्टि की संभावना है, लेकिन यह सीमित क्षेत्रों में ही होगी।
उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश और ओलावृष्टि
जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 16 से 19 अप्रैल के दौरान छिटपुट से लेकर व्यापक स्तर पर हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी, बिजली गिरने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 17 से 19 अप्रैल और उत्तराखंड में 17 अप्रैल को ऐसे ही मौसम की आशंका है।
चिंता का विषय यह है कि 17 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि हो सकती है।
पूर्वी भारत में आंधी-तूफान की चेतावनी
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 15 से 19 अप्रैल के दौरान अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश, बिजली गिरने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की संभावना है। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 17 अप्रैल को और ओडिशा में 15 से 20 अप्रैल के दौरान इसी तरह का मौसम रहेगा।
हैरान करने वाली बात यह है कि 16 अप्रैल को गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में thundersquall की संभावना है जिसमें हवा की रफ्तार 50-60 किमी प्रति घंटे से लेकर 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
दक्षिण भारत और पश्चिम भारत में मौसम
आंतरिक कर्नाटक में 18 और 19 अप्रैल को हल्की से मध्यम बारिश, बिजली गिरने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की संभावना है। तटीय कर्नाटक में 16 से 19 अप्रैल और तटीय आंध्र प्रदेश में 17 और 18 अप्रैल को बिजली गिर सकती है।
मध्य महाराष्ट्र में 18 से 21 अप्रैल के दौरान अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
तापमान में होगी तेज बढ़ोतरी
IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में 15 से 18 अप्रैल के दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 3-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी। 19 से 21 अप्रैल के दौरान इसमें कोई खास बदलाव नहीं होगा।
मध्य भारत में 15 से 20 अप्रैल के दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी। 21 अप्रैल को इसमें कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा।
पूर्वोत्तर भारत में 15 और 16 अप्रैल को तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा लेकिन 17 से 21 अप्रैल के दौरान धीरे-धीरे 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी होगी।
Heat Wave की गंभीर चेतावनी
मौसम विभाग ने निम्नलिखित क्षेत्रों में Heat Wave की चेतावनी जारी की है:
- पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 15 से 19 अप्रैल तक
- छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में 16 से 19 अप्रैल तक
- पश्चिमी मध्य प्रदेश और ओडिशा में 17 से 19 अप्रैल तक
- मध्य महाराष्ट्र में 15 से 18 अप्रैल तक
- मराठवाड़ा में 16 से 18 अप्रैल तक
- रायलसीमा में 17 और 18 अप्रैल को
समझने वाली बात यह है कि इन क्षेत्रों में लू (heat wave) के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
गर्म और उमस भरा मौसम
निम्नलिखित क्षेत्रों में hot and humid weather की स्थिति बनेगी:
- गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 15 से 21 अप्रैल तक
- तटीय महाराष्ट्र और तटीय आंध्र प्रदेश में 15 से 17 अप्रैल तक
- गुजरात के तटीय इलाकों में 15 से 18 अप्रैल तक
- तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय कर्नाटक और केरल में 15 से 19 अप्रैल तक
- रायलसीमा में 15, 16 और 19 अप्रैल को
यह स्थिति विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और पुरानी बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी
मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे 15 अप्रैल को गुजरात तट और उसके आसपास के अरब सागर क्षेत्र में न जाएं। बंगाल की खाड़ी के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
दिल्ली-NCR में 42 डिग्री तक पहुंच सकता पारा
दिल्ली और NCR क्षेत्र के लिए मौसम विभाग ने विशेष पूर्वानुमान जारी किया है। पिछले 24 घंटों में दिल्ली में अधिकतम तापमान में 1-2 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 1 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
अधिकतम तापमान 38-39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18-21 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। आने वाले दिनों का पूर्वानुमान इस प्रकार है:
15 अप्रैल: मुख्य रूप से साफ आसमान। अधिकतम तापमान 38-40 डिग्री के बीच रहेगा।
16 अप्रैल: मुख्य रूप से साफ आसमान जो बाद में आंशिक रूप से बादल युक्त हो जाएगा। अधिकतम तापमान 39-41 डिग्री और न्यूनतम 20-22 डिग्री के बीच रहेगा।
17 अप्रैल: मुख्य रूप से साफ आसमान जो बाद में आंशिक रूप से बादल युक्त हो जाएगा। अधिकतम तापमान 40-42 डिग्री तक पहुंच सकता है।
18 अप्रैल: मुख्य रूप से साफ आसमान जो शाम की ओर आंशिक रूप से बादल युक्त हो जाएगा। अधिकतम तापमान 40-42 डिग्री के बीच रहेगा।
दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली में heat wave की स्थिति नहीं बनने की उम्मीद है, लेकिन तापमान सामान्य से अधिक रहेगा।
स्वास्थ्य सलाह: गर्मी से बचाव जरूरी
मौसम विभाग ने विशेष रूप से कमजोर समूहों जैसे शिशुओं, बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए स्वास्थ्य सलाह जारी की है:
- लंबे समय तक धूप में रहने से बचें
- हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें
- बाहर जाते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाता से ढकें
- खूब पानी पिएं
- जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों से बचें
आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से प्रभाव और सुरक्षा उपाय
असम और मेघालय में 15 अप्रैल को और जम्मू-कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश में 17 अप्रैल को ओलावृष्टि की संभावना है। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 16 अप्रैल को तेज आंधी (50-60 किमी प्रति घंटे से 70 किमी प्रति घंटे तक) आ सकती है।
संभावित प्रभाव:
- पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं
- केला और पपीता के पेड़ों को नुकसान हो सकता है
- बिजली और संचार लाइनों को क्षति पहुंच सकती है
- कच्चे मकानों और झोपड़ियों को नुकसान हो सकता है
- खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है
- ओले से खुले स्थानों पर लोगों और मवेशियों को चोट लग सकती है
सुरक्षा सलाह:
- घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें
- संभव हो तो यात्रा से बचें
- पेड़ों के नीचे शरण न लें
- कंक्रीट के फर्श पर न लेटें
- इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग कर दें
- पानी से तुरंत बाहर निकल आएं
भारी बारिश से प्रभाव और सावधानियां
अरुणाचल प्रदेश में 15, 18 और 19 अप्रैल को, असम और मेघालय में 17 और 18 अप्रैल को तथा नागालैंड में 18 अप्रैल को भारी बारिश की संभावना है।
संभावित प्रभाव:
- सड़कों पर स्थानीय जलभराव
- निचले इलाकों में पानी जमा होना
- शहरी क्षेत्रों में अंडरपास बंद होना
- भारी बारिश के कारण दृश्यता में कमी
- प्रमुख शहरों में यातायात बाधित होना
- कच्ची सड़कों को नुकसान
- स्थानीय भूस्खलन/मिट्टी धंसने की संभावना
- बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान
सुरक्षा सलाह:
- अपने गंतव्य के लिए निकलने से पहले यातायात की स्थिति की जांच करें
- यातायात संबंधी सलाह का पालन करें
- जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें
- कमजोर संरचनाओं में रहने से बचें
किसानों के लिए विशेष कृषि सलाह
ओलावृष्टि के प्रभाव से बचाव:
- मेघालय में फलों के बागों और सब्जी के पौधों में ओला जाली या ओला टोपी का उपयोग करें
- परिपक्व फसलों, फलों और सब्जियों की तुरंत कटाई करें और सुरक्षित स्थानों पर रखें
भारी बारिश के प्रभाव से बचाव:
अरुणाचल प्रदेश: पत्ता गोभी, मटर, सरसों, देर से पकने वाली धान की किस्मों और आलू की सावधानीपूर्वक कटाई करें। धान, मक्का, अन्य खड़ी फसलों, सब्जियों और बागों में उचित जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
असम: फसलों के खेतों से अतिरिक्त बारिश के पानी को निकालने की आवश्यक व्यवस्था करें।
नागालैंड: अलसी की कटाई करें। कटाई के बाद उपज को सुरक्षित, सूखे स्थानों पर रखें।
Heat Wave से बचाव के लिए कृषि उपाय:
महाराष्ट्र: कोंकण में मूंग, सब्जियां, नव रोपित सुपारी और नारियल में सिंचाई करें। मध्य महाराष्ट्र में गन्ना, गर्मी की मूंगफली, सब्जियां, केला और बागों में हल्की और बार-बार सिंचाई करें। विदर्भ में सुबह और शाम के समय हल्की सिंचाई करें।
गुजरात: ग्वार, खीरा, तोरी, लौकी और करेला में सुबह या शाम हल्की और बार-बार सिंचाई करें।
ओडिशा: बोरो धान, गर्मी की मक्का, मूंग, उड़द, मूंगफली और सब्जी के खेतों में हल्की सिंचाई दें। आम और काजू की फसलों में पर्याप्त मिट्टी की नमी बनाए रखें।
मध्य प्रदेश: मक्का, मूंग, उड़द, मूंगफली और सब्जी की फसलों में आवश्यकतानुसार बार-बार सिंचाई करें।
छत्तीसगढ़: रबी मक्का, केला और पपीता के बागानों में निराई-गुड़ाई के बाद हल्की सिंचाई करें। गेहूं और चने की कटाई पूरी करें और सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करें।
आंध्र प्रदेश: धान, रबी मक्का, ज्वार, चना, मूंगफली, तिल, गन्ना, सब्जियां और फलों के बागों में पर्याप्त नमी बनाए रखने के लिए हल्की सिंचाई दें।
तेलंगाना: आम के बागों और सब्जी की फसलों में आवश्यकतानुसार सिंचाई करें।
कर्नाटक: गन्ना, तिल, मूंग, उड़द, सुपारी, सब्जियां और नर्सरी में सुरक्षात्मक सिंचाई दें।
तमिलनाडु, केरल और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल: मिट्टी की नमी बनाए रखने के लिए गर्मी की फसलों और सब्जियों में हल्की सिंचाई करें।
आंधी-तूफान से फसलों की सुरक्षा
- कटाई की गई उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखें या खेतों में तिरपाल से ढकें
- तेज हवाओं से विस्थापन के जोखिम को कम करने के लिए फसलों को मजबूती से बांधें
- बागवानी फसलों को यांत्रिक सहारा दें और सब्जियों तथा युवा फलों के पेड़ों में डंडे लगाएं
पशुधन और मुर्गी पालन के लिए सलाह
- भारी बारिश के दौरान जानवरों को शेड के अंदर रखें और उन्हें संतुलित आहार दें
- चारे और फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें ताकि खराब न हों
- तालाबों के चारों ओर उचित जाली के साथ एक आउटलेट का निर्माण करें ताकि ओवरफ्लो होने पर मछलियां बच न निकलें
- उच्च तापमान और Heat Wave वाले क्षेत्रों में जानवरों को स्वच्छ, पर्याप्त पानी दें
- मुर्गी शेड की छत को घास से ढकें ताकि प्रतिकूल प्रभाव कम हों
मुख्य बातें (Key Points)
• India Meteorological Department ने 10 राज्यों में Heat Wave की चेतावनी जारी की है
• महाराष्ट्र के अकोला और कर्नाटक के कलबुर्गी में 44°C तापमान रिकॉर्ड हुआ
• अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नागालैंड में भारी बारिश की संभावना
• दिल्ली-NCR में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है
• पश्चिम बंगाल में 16 अप्रैल को 70 किमी प्रति घंटे तक तेज आंधी आ सकती है
• किसानों को फसलों में नियमित हल्की सिंचाई करने की सलाह दी गई है
• मछुआरों को 15 अप्रैल को गुजरात तट पर न जाने की चेतावनी












