Trolley Theft मामला अब सियासी तूफान बन गया है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल और मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां पर बड़े आरोप लगाए हैं। मजीठिया का दावा है कि इन नेताओं ने जैलदार इनोवेशन की ट्रॉली चोरी की, पैसे मांगे, धमकाया और पीड़ित परिवार को परेशान किया।
और बस यहीं से शुरू हुई इस विवाद की असली कहानी। मजीठिया ने 14 अप्रैल को चंडीगढ़/मजीठा में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि अब “ट्रॉली चोरों” ने रात के अंधेरे में 6.30 लाख रुपये वापस कर दिए हैं। इससे उन्होंने अपना अपराध खुद स्वीकार कर लिया है।
देखा जाए तो, यह मामला कई महीनों से चर्चा में था। लेकिन अब जब पैसे लौटा दिए गए हैं, तो आरोपों की गंभीरता और बढ़ गई है।
क्या है पूरा मामला
मजीठिया ने बताया कि जैलदार इनोवेशन नाम की कंपनी की ट्रॉली को जबरदस्ती दबाकर रखा गया था। पैसे नहीं दिए गए थे। पीड़ित परिवार को करीब डेढ़ साल तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
दिलचस्प बात यह है कि परिवार के बच्चों को भी डराया गया। उन्हें स्कूल जाने से डर लगने लगा। परिवार को गैंगस्टरों के जरिए भी धमकियां दिलवाई गईं।
मजीठिया ने कहा, “यह सिर्फ पैसों की बात नहीं है। यह एक निर्दोष परिवार को लंबे समय तक मानसिक पीड़ा देने, उनका जीवन मुश्किल बनाने और उन्हें लगातार डर और दबाव में रखने का मामला है।”
रात के अंधेरे में लौटाए 6.30 लाख रुपये
यहां ध्यान देने वाली बात है कि जब पूरे पंजाब और देश में ये मंत्री और विधायक “ट्रॉली चोर” के नाम से बदनाम हो गए, तब दबाव में आकर उन्होंने रात के समय पैसे वापस किए।
मजीठिया ने कहा, “पहले ये नेता इस मामले को झूठा बताते रहे और इसे बदनाम करने की साजिश करार देते रहे। लेकिन अब पैसे लौटाने के बाद उनका गुनाह खुद सामने आ गया है।”
समझने वाली बात यह है कि पैसे लौटाने से अपराध खत्म नहीं हो जाता। मजीठिया का कहना है कि इन नेताओं को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
FIR दर्ज करने की मांग
बिक्रम सिंह मजीठिया ने मांग की है कि कुलदीप सिंह धालीवाल और हरदीप सिंह मुंडियां के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि अब जब सच्चाई सामने आ चुकी है, तो क्या मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने चहेते विधायक और मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करेंगे?
अगर गौर करें तो यह सवाल सीधे मुख्यमंत्री की नैतिकता और शासन शैली पर उठाया गया है। विपक्ष का आरोप है कि AAP सरकार अपने नेताओं की रक्षा कर रही है।
निवेश की बात और गुंडागर्दी का आरोप
मजीठिया ने एक बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “एक तरफ सरकार बाहर से निवेश लाने की बातें करती है, वहीं दूसरी तरफ उसके मंत्री और विधायक कारोबारियों को डराकर और धमकाकर परेशान कर रहे हैं। इससे पंजाब में व्यापार और निवेश का माहौल खराब हो रहा है।”
यह चिंता का विषय है। जब रोजगार देने वाले उद्यमियों को ही प्रताड़ित किया जाएगा, तो राज्य में निवेश कैसे आएगा?
मजीठिया ने AAP के विधायक और मंत्री के इस रवैये को “गुंडागर्दी” बताया। उन्होंने कहा कि निवेश की बात करने वालों के मंत्री-विधायकों का कारोबारियों पर गुंडागर्दी का चेहरा बेनकाब हो गया है।
डेढ़ साल की मानसिक प्रताड़ना
इस मामले की सबसे दर्दनाक बात यह है कि पीड़ित परिवार को करीब डेढ़ साल तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। मजीठिया ने बताया कि बच्चों को इतना डराया गया कि उन्हें स्कूल जाने से भी डर लगने लगा।
परिवार को गैंगस्टरों के जरिए धमकियां दिलवाई गईं। यह दिखाता है कि आरोपी नेताओं ने किस हद तक जाकर इस परिवार को प्रताड़ित किया।
“गुंडा टोली” और “ट्रॉली चोरों” को बाहर करने की अपील
अंत में मजीठिया ने पंजाब के लोगों से अपील की। उन्होंने कहा, “दिल्ली के इशारों पर चलने वाली AAP की ‘गुंडा टोली’ और ‘ट्रॉली चोरों’ को पंजाब से बाहर करना जरूरी है, ताकि राज्य को ऐसे तत्वों से बचाया जा सके।”
यह बयान काफी कठोर है। लेकिन मजीठिया का तर्क है कि जो नेता रोजगार देने वालों को प्रताड़ित करते हैं, उन्हें सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
AAP सरकार की चुप्पी
यहां ध्यान देने वाली बात है कि अभी तक AAP सरकार या संबंधित नेताओं की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पैसे तो लौटा दिए गए हैं, लेकिन इस पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
अगर आरोप सच हैं, तो यह पंजाब की राजनीति में एक बड़ा घोटाला हो सकता है। अगर झूठे हैं, तो AAP को साफ-साफ जवाब देना चाहिए।
राजनीतिक प्रभाव
यह मामला सिर्फ एक ट्रॉली चोरी का नहीं रह गया है। यह AAP की छवि पर सवाल उठा रहा है। जिस पार्टी ने ईमानदारी और पारदर्शिता के नाम पर सत्ता हासिल की, उसके नेताओं पर ऐसे गंभीर आरोप लग रहे हैं।
विपक्ष इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहा है। अकाली दल ने तो इसे अपने राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बना लिया है।
मुख्य बातें (Key Points)
- बिक्रम सिंह मजीठिया ने AAP विधायक कुलदीप धालीवाल और मंत्री हरदीप मुंडियां पर ट्रॉली चोरी का आरोप लगाया
- आरोपियों ने रात में 6.30 लाख रुपये लौटाकर अपराध कबूल किया
- पीड़ित परिवार को डेढ़ साल तक मानसिक प्रताड़ना दी गई, बच्चों को भी डराया
- FIR दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग
- निवेश माहौल खराब होने की चिंता
- AAP को “गुंडा टोली” और “ट्रॉली चोर” बताया













