Sacrilege Law Punjab: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने शनिवार को कहा कि 13 अप्रैल को बेअदबी के मामलों के खिलाफ नया कानून बनाने के लिए बुलाया गया विशेष सत्र सिर्फ आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश है। चंडीगढ़ में मीडिया से बात करते हुए वड़िंग ने कहा कि 4 साल सत्ता में रहने के बावजूद सरकार बेअदबी के दोषियों को सजा नहीं दिला सकी है।
विशेष सत्र पर उठाए सवाल
वड़िंग ने सवाल उठाया कि बेअदबी और बाद में प्रदर्शनकारियों की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा देने में सरकार क्यों विफल रही। उन्होंने कहा कि यह विशेष सत्र भी आप की एक और नाटकीय प्रस्तुति होगा, जिसमें शोर-शराबा तो होगा, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकलेगा। आप सरकार मुश्किल हालात से बचने के लिए बार-बार विशेष सत्रों का सहारा लेती रही है।
संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श क्यों नहीं?
वड़िंग ने कहा कि अगर आम आदमी पार्टी सरकार की नीयत सच्ची होती, तो वह इस तरह का कानून तैयार करने से पहले संबंधित पक्षों, विद्वानों और कानूनी विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श करती। यह कानून न केवल पंजाबी समुदाय के लिए भावनात्मक और संवेदनशील महत्व रखता है, बल्कि इसके लंबे भविष्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं। जल्दबाजी में बनाया गया कोई भी कानून पंजाब के हित में नहीं होगा।
BJP की सरपरस्ती में आप-अकाली का “खुला समझौता”
वड़िंग ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में आप और शिरोमणि अकाली दल के बीच भारतीय जनता पार्टी की सरपरस्ती में “खुला समझौता” है। उन्होंने पूछा कि अगर अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने श्री अकाल तख्त साहिब के सामने अपनी गलती स्वीकार की थी, तो आप सरकार ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की। यह सवाल सरकार की नीयत पर सीधा प्रहार है।
24 घंटे में सजा का वादा, 4 साल में कुछ नहीं
वड़िंग ने आप नेतृत्व, खासकर अरविंद केजरीवाल को याद दिलाया कि 2022 विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने दावा किया था कि बेअदबी के दोषियों को 24 घंटे में सजा दी जाएगी। लेकिन चार साल बीत जाने के बावजूद आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं। सिर्फ कानून बनाने से डर पैदा नहीं होता, जब तक दोषियों को सजा न मिले। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर सक्रिय रहे कुंवर विजय प्रताप सिंह को भी पार्टी में किनारे कर दिया गया है और वे इस्तीफे के कगार पर हैं।
2016 का कानून अब तक क्यों नहीं अधिसूचित?
भाजपा पर निशाना साधते हुए वड़िंग ने पूछा कि केंद्र सरकार ने 2016 में पंजाब विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित सख्त बेअदबी विरोधी कानून को अब तक अधिसूचित क्यों नहीं किया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आप सरकार ने इस मुद्दे को केंद्र के साथ आगे क्यों नहीं बढ़ाया। ऐसे में क्या गारंटी है कि नया कानून भी उसी तरह अधर में नहीं लटक जाएगा। जैसे 2016 में अकाली सरकार ने अपने कार्यकाल के अंत में ऐसा कानून लाया था, उसी तरह अब आप सरकार भी अपने कार्यकाल के आखिरी चरण में यह कदम उठा रही है।
मुख्य बातें (Key Points)
- वड़िंग ने बेअदबी विशेष सत्र को आप सरकार की नाकामियों को छिपाने का नाटक बताया
- 4 साल में दोषियों को सजा न मिलने पर सरकार को घेरा
- BJP की सरपरस्ती में आप-अकाली के बीच “खुला समझौता” होने का आरोप लगाया
- 2016 का बेअदबी कानून अब तक अधिसूचित न होने पर केंद्र सरकार से सवाल













