Textile Dermatitis एक ऐसी Skin समस्या है जिसके बारे में ज्यादातर लोग जानते ही नहीं, लेकिन भुगतते बहुत हैं। क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि कोई खास कपड़ा या ड्रेस पहनते ही Skin में जबरदस्त खुजली शुरू हो जाती है, दाने निकल आते हैं और Skin लाल पड़ जाती है? अगर हाँ, तो यह Textile Dermatitis हो सकता है। फोर्टिस हॉस्पिटल गुरुग्राम में डर्मेटोलॉजी डिपार्टमेंट की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. रश्मि शर्मा ने इस बारे में विस्तार से जानकारी दी है।
‘क्या होता है Textile Dermatitis: कपड़ों से स्किन की लड़ाई’
डॉ. रश्मि शर्मा के अनुसार Textile Dermatitis एक तरह का कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस है। इसमें आपकी Skin कपड़ों के फाइबर या उसमें इस्तेमाल की गई डाई और दूसरे केमिकल से रिएक्ट करती है। इसकी वजह से Skin में सूजन, रेडनेस, तेज खुजली, फुंसियाँ और दाने हो सकते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि जैसे-जैसे गर्मी और पसीना बढ़ता है, Textile Dermatitis की दिक्कत भी कई गुना बढ़ जाती है। यही कारण है कि गर्मियों के मौसम में यह समस्या अचानक तेज हो जाती है।
‘सिंथेटिक कपड़े हैं सबसे बड़े विलेन’
डॉ. रश्मि ने बताया कि Textile Dermatitis कुछ खास तरह के कपड़े पहनने पर ज्यादा होता है। सबसे बड़े दोषी हैं सिंथेटिक कपड़े, जिनमें नायलॉन, पॉलीएस्टर और स्पैन्डेक्स शामिल हैं। ये कपड़े हवा को अपने अंदर से गुजरने नहीं देते, जिससे पसीना सूख नहीं पाता। Skin और कपड़ों के बीच लगातार नमी बनी रहती है और इसी नमी से खुजली और रैशेज शुरू हो जाते हैं। कई बार दिक्कत सिर्फ कपड़े से नहीं, बल्कि उसमें मौजूद रंग और केमिकल से होती है जो Skin में एलर्जी पैदा कर देते हैं।
‘किसे है सबसे ज्यादा खतरा’
Textile Dermatitis का खतरा उन लोगों को सबसे ज्यादा है जिनकी Skin बहुत सेंसिटिव है, जिन्हें एग्जिमा की समस्या है, जो गर्म और उमस भरी जगहों पर रहते हैं या फिर तंग कपड़े पहनने की आदत है। इसके लक्षण अक्सर उन जगहों पर शुरू होते हैं जहाँ Skin कपड़ों से रगड़ खाती है या मुड़ती है: कोहनी के अंदर का हिस्सा, घुटनों के पीछे, बगलों में, जांघों के बीच और हर उस जगह जहाँ कपड़े टाइट होते हैं।
‘बचाव: सही कपड़े चुनना है सबसे पहला कदम’
डॉ. रश्मि ने Textile Dermatitis से बचाव के लिए सबसे जरूरी सलाह दी कि सही कपड़े चुनना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। कॉटन और लिनन के कपड़े पहनें क्योंकि ये हवा को आने देते हैं और इनमें पसीना कम फंसता है। गर्मियों में पॉलीएस्टर और नायलॉन जैसे सिंथेटिक कपड़े कम से कम पहनें। नए कपड़े हमेशा एक बार धोने के बाद ही पहनें ताकि उनमें मौजूद एक्स्ट्रा केमिकल निकल जाएं।
‘इन कपड़ों से रहें सावधान’
जिन कपड़ों पर “वॉश सेपरेटली” यानी अलग से धोने का लेबल लगा हो, उनसे बचना चाहिए क्योंकि उनमें डाई ज्यादा हो सकती है। इसी तरह “नो आयरन”, “डर्ट रिपेलेंट” या “परमानेंट प्रेस” वाले कपड़ों में केमिकल ज्यादा होते हैं, इसलिए इन्हें भी कम पहनना बेहतर है। अगर किसी कपड़े को पहनने के बाद खुजली हो तो उस जगह को ठंडे पानी से धोएं और तुरंत कपड़े बदल लें। Textile Dermatitis के कई मामलों में इतने से ही आराम मिल जाता है और दवा की जरूरत भी नहीं पड़ती।
‘कब जाएं डॉक्टर के पास’
लेकिन अगर Textile Dermatitis की दिक्कत बढ़ती जा रही है, दाने कम होने की बजाय और ज्यादा फैल रहे हैं, तो बिना देर किए डॉक्टर के पास जाएं। डॉक्टर सूजन और खुजली को कंट्रोल करने के लिए दवा, मॉइस्चराइजर या स्टेरॉइड क्रीम दे सकते हैं। गर्मियों का मौसम शुरू हो चुका है और यही वो समय है जब Textile Dermatitis सबसे ज्यादा परेशान करता है, इसलिए अभी से सावधानी बरतना समझदारी है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- Textile Dermatitis सिंथेटिक कपड़ों के फाइबर, डाई या केमिकल से Skin में होने वाली एलर्जिक रिएक्शन है
- गर्मी और पसीने में दिक्कत कई गुना बढ़ जाती है, सेंसिटिव Skin वालों को सबसे ज्यादा खतरा
- कॉटन-लिनन पहनें, नए कपड़े धोकर पहनें, “नो आयरन” और “वॉश सेपरेटली” वाले कपड़ों से बचें
- दिक्कत बढ़े तो डॉक्टर से मिलें, स्टेरॉइड क्रीम या दवा से खुजली कंट्रोल हो सकती है













