Punjab Crop Damage का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह खुडियां ने बुधवार को केंद्र सरकार से तत्काल अपील की है कि राज्य में भारी बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं और अन्य रबी फसलों को हुए भारी नुकसान के आकलन के लिए एक उच्चस्तरीय केंद्रीय टीम भेजी जाए। उन्होंने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर यह मांग की है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार अब तक 1.30 लाख एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में फसल का नुकसान दर्ज किया गया है।
बंपर पैदावार की उम्मीद पर फिरा पानी
खुडियां ने अपने पत्र में बताया कि इस रबी सीजन में पंजाब में 35 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई की गई थी, जिससे बंपर पैदावार की उम्मीद थी। लेकिन लगातार बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। Punjab Crop Damage ने किसान समुदाय को गहरे संकट में धकेल दिया है।
उन्होंने कहा कि राज्य कृषि विभाग के प्रारंभिक आकलन के अनुसार 1.30 लाख एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में फसल का नुकसान हुआ है। बारिश अभी भी जारी है और अंतिम आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है।
गेहूं ही नहीं, सब्जियां और चारा भी तबाह
Punjab Crop Damage सिर्फ गेहूं तक सीमित नहीं है। सब्जियां, चारा और अन्य रबी फसलें भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। फाजिल्का, फिरोजपुर, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, अमृतसर, मोगा और मानसा समेत कई जिलों में भारी नुकसान की रिपोर्ट आई है। फसलों का यह नुकसान किसानों की आजीविका और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन गया है।
पंजाब सरकार ने शुरू की स्पेशल गिरदावरी
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाए हैं। राज्य सरकार ने फसल के नुकसान का आकलन करने के लिए स्पेशल गिरदावरी के आदेश दे दिए हैं।
खुडियां ने केंद्र सरकार से तत्काल राहत और मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि नुकसान का पैमाना बहुत बड़ा है और किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार अपने किसानों के साथ खड़ी है और केंद्रीय टीम को हर संभव सहयोग देगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब में भारी बारिश और ओलावृष्टि से 1.30 लाख एकड़ से ज्यादा फसल तबाह, आंकड़ा और बढ़ सकता है
- कृषि मंत्री खुडियां ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर केंद्रीय टीम और मुआवजे की मांग की
- 35 लाख हेक्टेयर में बोई गई गेहूं की बंपर पैदावार की उम्मीदों पर फिरा पानी
- फाजिल्का, फिरोजपुर, बठिंडा, अमृतसर समेत कई जिलों में सब्जियां और चारा भी प्रभावित













