Toll Tax New Rule के तहत देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले करोड़ों लोगों के लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नई अधिसूचना जारी करते हुए साफ कर दिया है कि 10 अप्रैल 2026 से टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसके साथ ही FASTag मुख्य भुगतान माध्यम रहेगा और बिना FASTag वाले वाहनों को UPI से 1.25 गुना शुल्क चुकाना होगा।
कैश खत्म, FASTag अनिवार्य
Toll Tax New Rule के तहत अब टोल प्लाजा पर केवल वैध और सक्रिय FASTag ही प्राथमिक भुगतान माध्यम होगा। अगर कोई वाहन बिना FASTag के टोल प्लाजा में प्रवेश करता है तो उसके पास UPI के जरिए भुगतान करने का विकल्प तो होगा, लेकिन इसके लिए उसे निर्धारित टोल शुल्क का 1.25 गुना भुगतान करना पड़ेगा। यानी जो टोल अगर ₹100 है, तो बिना FASTag वाले को ₹125 देने होंगे।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह अतिरिक्त शुल्क एक दंडात्मक प्रावधान है ताकि लोग FASTag का इस्तेमाल करें और टोल प्लाजा पर रुकावट कम हो।
लंबी कतारों से मिलेगी छुटकारा
Toll Tax New Rule का मुख्य उद्देश्य टोल बूथ पर लगने वाली लंबी कतारों को खत्म करना और हाईवे पर सफर को तेज और सुगम बनाना है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार FASTag पहले से ही टोल वसूली का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है और अब इसे और मजबूती देने के लिए कैश पेमेंट को पूरी तरह समाप्त किया जा रहा है।
इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की खपत भी कम होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। वाहनों को टोल पर रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे हाईवे पर ट्रैफिक जाम की समस्या भी काफी हद तक कम होगी।
₹3000 में 200 बार टोल पार: वार्षिक पास की बढ़ी लोकप्रियता
Toll Tax New Rule के साथ ही NHAI के वार्षिक FASTag पास की लोकप्रियता में भी तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। NHAI ने जानकारी दी है कि इसके सब्सक्राइबर्स की संख्या 50 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। यह पास यूजर को सालाना ₹3000 में 200 बार टोल पार करने की सुविधा देता है, जो नियमित यात्रियों के लिए काफी फायदेमंद है।
15 अगस्त को लॉन्च किए गए इस वार्षिक पास के जरिए अब तक 26 करोड़ से ज्यादा लेनदेन हो चुके हैं। इससे साफ है कि लोग तेजी से डिजिटल टोल सिस्टम को अपना रहे हैं।
10,150 से ज्यादा टोल प्लाजा पर लागू होगा नियम
देशभर में फिलहाल 10,150 से ज्यादा टोल प्लाजा राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर सक्रिय हैं। ऐसे में Toll Tax New Rule करोड़ों यात्रियों को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा। डिजिटल पेमेंट से हर लेनदेन का रिकॉर्ड होगा, जिससे किसी तरह की गड़बड़ी या विवाद की संभावना भी कम हो जाएगी और टोल कलेक्शन सिस्टम पूरी तरह पारदर्शी बनेगा।
आने वाले समय में यह बदलाव हाईवे यात्रा के अनुभव को पूरी तरह बदल सकता है। जहां एक तरफ यात्रियों को तेज और बिना रुकावट सफर मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ उन्हें डिजिटल भुगतान के प्रति और जागरूक होना पड़ेगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- 10 अप्रैल 2026 से टोल प्लाजा पर कैश भुगतान पूरी तरह बंद, FASTag अनिवार्य
- बिना FASTag के UPI से भुगतान का विकल्प होगा, लेकिन 1.25 गुना शुल्क देना होगा
- NHAI के वार्षिक FASTag पास के 50 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर, ₹3000 में 200 बार टोल फ्री
- देशभर के 10,150 से ज्यादा टोल प्लाजा पर लागू होगा नया नियम













