Iran Ceasefire India Politics में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया है। इस सीजफायर में पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका सामने आने के बाद भारत के अंदर राजनीतिक बवाल मच गया है। कांग्रेस पार्टी ने नरेंद्र मोदी सरकार की विदेश नीति पर सबसे तीखा हमला बोला है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबा पोस्ट लिखकर मोदी सरकार की कूटनीति की विफलता को बेनकाब किया है।
जयराम रमेश का मोदी सरकार पर तीखा हमला
जयराम रमेश ने लिखा कि पूरी दुनिया इस दो हफ्ते के सीजफायर का सावधानी से स्वागत करेगी। उन्होंने याद दिलाया कि यह संघर्ष 28 फरवरी से शुरू हुआ था जब ईरान के शीर्ष नेताओं की लक्षित हत्याएं की गईं। उन्होंने कहा कि ये हत्याएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजराइल यात्रा के ठीक दो दिन बाद हुईं।
जयराम रमेश ने लिखा कि मोदी जी की उस यात्रा ने भारत की वैश्विक इज्जत को ठेस पहुंचाई। उन्होंने गाजा में इजराइल द्वारा हो रहे नरसंहार और वेस्ट बैंक में इजराइल की विस्तारवादी नीतियों पर कुछ भी नहीं कहा। Iran Ceasefire India Politics के इस नए अध्याय में कांग्रेस ने मोदी सरकार की चुप्पी को सबसे बड़ी कमजोरी बताया है।
पाकिस्तान की भूमिका पर कांग्रेस का सवाल
जयराम रमेश ने कहा कि अब सीजफायर कराने में पाकिस्तान की भूमिका मोदी सरकार की विदेश नीति को करारा झटका है। उन्होंने कहा कि भारत पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद समर्थन देने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने की कोशिश करता रहा, लेकिन अब वही पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
जयराम रमेश ने इसे मोदी की व्यक्तिगत कूटनीति की असफलता बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि 10 मई 2025 को शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर को अचानक क्यों रोक दिया गया, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसकी बहुत तारीफ की थी। लेकिन भारत की तरफ से इस बारे में कुछ नहीं बताया गया।
‘विश्व गुरु बेनकाब, 56 इंच का सीना सिकुड़ा’
Iran Ceasefire India Politics पर कांग्रेस ने और तीखा प्रहार करते हुए कहा कि विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को ‘दलाल’ कहकर खारिज किया था, लेकिन अब स्वयंभू विश्व गुरु पूरी तरह बेनकाब हो गए हैं और उनका खुद का घोषित 56 इंच का सीना सिकुड़ सा गया है। कांग्रेस ने कहा कि पाकिस्तान की इस भूमिका से मोदी सरकार की विदेश नीति पूरी तरह उजागर हो गई है।
प्रियंका गांधी ने भी किया पोस्ट
प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए ईरानी पुरुषों और महिलाओं की हिम्मत की तारीफ की, जो अपने देश के संसाधनों की रक्षा के लिए मानव श्रृंखला बना रहे थे। उन्होंने कहा कि नफरत, गुस्सा और हिंसा कभी नहीं जीतते, साहस हमेशा जीतता है।
सरकार की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं
इस सीजफायर से दुनिया में तनाव कम होने और खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने से तेल सप्लाई पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। लेकिन भारत के अंदर Iran Ceasefire India Politics को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस का कहना है कि मोदी सरकार की चुप्पी और कूटनीति ने भारत को कमजोर दिखाया है, जबकि सरकार की तरफ से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
मुख्य बातें (Key Points)
- ईरान-अमेरिका सीजफायर में पाकिस्तान की मध्यस्थता पर कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा
- जयराम रमेश ने मोदी की इजराइल यात्रा और ऑपरेशन सिंदूर को रोकने पर सवाल उठाए
- प्रियंका गांधी ने ईरानी नागरिकों की हिम्मत की तारीफ की
- सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई













