China Taiwan Tension: पूर्वी एशिया में जंग की तैयारियां तेजी से मजबूत हो रही हैं। चीन ने अपनी समुद्री तट के पास 40 दिनों के लिए हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद कर दिया है। यह प्रतिबंध 27 मार्च 2026 से शुरू होकर 6 मई तक लागू रहेंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि चीन ने इस फैसले का कोई कारण या स्पष्टीकरण नहीं दिया है, जिसने ताइवान और जापान की चिंताएं कई गुना बढ़ा दी हैं।
अमेरिका ईरान में उलझा, चीन को मिला मौका
जिस तरह पश्चिमी एशिया में भयंकर तबाही मची हुई है और अमेरिका का पूरा फोकस ईरान पर चला गया है, यही वजह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ना तो रूस के खिलाफ यूक्रेन की मदद करते नजर आ रहे हैं और ना ही उनका ध्यान ताइवान और चीन के बीच बढ़ते तनाव की तरफ जा रहा है। ऐसे में चीन के लिए यह बेहतरीन मौका माना जा रहा है क्योंकि अभी अमेरिका ईरान के पैरेलल एक और जंग में उलझने का रिस्क नहीं उठाएगा।
शंघाई के उत्तर-दक्षिण तक फैला प्रतिबंधित क्षेत्र
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य अभ्यास की घोषणा नहीं की है। इस प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र की कोई ऊपरी सीमा भी नहीं बताई गई है, जिसे SFC-UNL नाम दिया गया है। अमेरिका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) के मुताबिक यह प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र शंघाई के उत्तर और दक्षिण दोनों तरफ के इलाकों को कवर करता है। यह क्षेत्र येलो सी से लेकर ईस्ट चाइना सी तक फैला हुआ है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि 40 दिनों की बहुत लंबी अवधि और कोई घोषित सैन्य अभ्यास का ना होना, यह किसी एक बार के अभ्यास का संकेत नहीं बल्कि लगातार सैन्य तैयारी वाली स्थिति का संकेत है।
ताइवान ने जापान को भी बताया खतरे में
ताइवान की तरफ से इस पर तीखी प्रतिक्रिया आई है। ताइवान ने कहा है कि चीन अपनी सैन्य उपस्थिति को क्षेत्र में बढ़ा रहा है, खासकर ऐसे वक्त में जब अमेरिका ईरान के साथ तनाव में व्यस्त है। ताइवान ने यहां तक कहा कि “यह बंद किया गया हवाई क्षेत्र साफ तौर पर जापान को निशाना बनाता है और यह अमेरिकी सेना को रोकने और उसकी ताकत कम करने की कोशिश लगती है।”
जापान ने भी दी चीन को कड़ी चेतावनी
जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने पहले ही साफ कह दिया है कि अगर ताइवान के खिलाफ चीन ने आक्रामक अभियान शुरू किया तो जापान भी हथियार उठाने से नहीं चूकेगा। जिसके बाद से चीन ने जापान को जंग की चेतावनी देनी शुरू कर दी है। इसके बावजूद जापान पीछे नहीं हटा है, बल्कि उसने भी अपनी सैन्य तैयारियां मजबूत करनी शुरू कर दी हैं।
इन हालात में चीन का 40 दिनों तक एयरस्पेस पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किसी बड़े खतरे के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। पूरी दुनिया की नजरें अब चीन पर टिक गई हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- चीन ने 27 मार्च से 6 मई तक 40 दिनों के लिए समुद्री तट के पास एयरस्पेस बंद किया
- कोई सैन्य अभ्यास घोषित नहीं, कोई स्पष्टीकरण भी नहीं दिया
- ताइवान ने कहा: यह जापान और अमेरिकी सेना को रोकने की कोशिश है
- जापान की PM ताकाइची ने चीन को हथियार उठाने की चेतावनी दी













