Corona Cicada Variant BA.3.2 ने एक बार फिर पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के मुताबिक ओमिक्रॉन का एक नया सब-वेरिएंट BA.3.2 अब तक कम से कम 23 देशों में पाया जा चुका है। इस वेरिएंट को ‘Cicada’ (सिकाडा) नाम दिया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि COVID-19 का यह नया वेरिएंट चुपचाप पूरी दुनिया में पांव पसार रहा है और इसमें म्यूटेशन की संख्या इतनी ज्यादा है कि यह मौजूदा इम्युनिटी और वैक्सीन दोनों को चकमा दे सकता है।
Corona Cicada Variant BA.3.2 को सबसे पहले नवंबर 2024 में दक्षिण अफ्रीका में पहचाना गया था। तब से लेकर अब तक यह 23 देशों तक पहुंच चुका है और अमेरिका के कम से कम 25 राज्यों में 132 मॉनिटरिंग साइटों पर इसका पता चला है। 2020 में जब कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को लॉकडाउन में बंद कर दिया था, उसके बाद से लगातार नए-नए वेरिएंट सामने आते रहे हैं, लेकिन यह वेरिएंट अपनी असामान्य रूप से ज्यादा म्यूटेशन संख्या के कारण खास चिंता का विषय बन गया है।
क्यों पड़ा ‘Cicada’ नाम: सालों तक छुपा रहा, अचानक आया सामने
Corona Cicada Variant BA.3.2 को ‘सिकाडा’ नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि यह उस शोर मचाने वाले कीड़े (Cicada) की तरह व्यवहार करता है जो सालों तक जमीन के नीचे छिपा रहता है और फिर अचानक बड़ी तादाद में बाहर आ जाता है। ठीक इसी तरह BA.3.2 भी लंबे समय तक किसी की नजर में आए बिना फैलता रहा और अब अचानक बड़ी संख्या में दुनिया के कई देशों में सामने आ गया है।
यह नामकरण वैज्ञानिक समुदाय में इस वेरिएंट की प्रकृति को समझाने का एक तरीका है। जिस तरह सिकाडा कीड़ा बरसों तक छिपा रहकर अचानक प्रकट होता है, उसी तरह यह वेरिएंट भी चुपचाप फैलता रहा और जब तक इसका पता चला, तब तक यह 23 देशों तक पहुंच चुका था।
70-75 म्यूटेशन: पिछले वेरिएंट से दोगुनी ताकत
Corona Cicada Variant BA.3.2 की सबसे बड़ी चिंता इसकी जेनेटिक विविधता है। इसके स्पाइक प्रोटीन में लगभग 70 से 75 म्यूटेशन पाए गए हैं। स्पाइक प्रोटीन वायरस का वही हिस्सा है जिसकी मदद से यह इंसानी कोशिकाओं और टिश्यूज से जुड़ पाता है, यानी शरीर में प्रवेश करता है।
CDC ने बताया कि इसकी तुलना में हाल ही में सामने आए दूसरे वेरिएंट जैसे JN.1 और LP.8.1 के स्पाइक प्रोटीन में सिर्फ 30 से 40 म्यूटेशन होते हैं। इसका मतलब यह है कि Corona Cicada Variant BA.3.2 में पिछले वेरिएंट्स की तुलना में लगभग दोगुने म्यूटेशन हैं। इतनी बड़ी संख्या में म्यूटेशन होने का सीधा मतलब है कि यह वेरिएंट पहले के संक्रमण या टीकाकरण से बनी इम्युनिटी को कुछ हद तक चकमा देने में सक्षम हो सकता है।
आम लोगों के लिए सरल भाषा में समझें तो जो सुरक्षा कवच आपके शरीर ने पहले के कोरोना संक्रमण या वैक्सीन से बनाया था, यह नया वेरिएंट उस कवच को भेदने की क्षमता रखता है।
क्या मौजूदा वैक्सीन बेअसर हो जाएगी?
Corona Cicada Variant BA.3.2 को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मौजूदा टीकाकरण इससे बचाव के लिए कारगर होगा। एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने कहा है कि इसमें निश्चित रूप से काफी सारे म्यूटेशन हैं और इसलिए चिंता है कि मौजूदा वैक्सीन इसके लिए बहुत ज्यादा असरदार साबित नहीं होगी।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि वैक्सीन पूरी तरह बेकार हो जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि वैक्सीन गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने से बचाने में अभी भी कुछ हद तक मददगार हो सकती है, लेकिन संक्रमण को पूरी तरह रोकने में इसकी ताकत कम हो सकती है। यह बात उन लोगों के लिए खासतौर पर चिंताजनक है जिनकी इम्युनिटी पहले से कमजोर है, जैसे बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग।
Corona Cicada Variant BA.3.2 के लक्षण क्या हैं?
Corona Cicada Variant BA.3.2 के लक्षण हाल के अन्य कोरोना वेरिएंट जैसे ही दिखाई देते हैं। इनमें प्रमुख लक्षण शामिल हैं:
- गले में खराश
- खांसी
- नाक बंद होना
- थकान
- सिर दर्द
- बुखार
हालांकि, कुछ लोगों में पेट से जुड़ी समस्याएं भी देखी जा रही हैं, जैसे जी मिचलाना और दस्त। यह लक्षण पिछले वेरिएंट्स से थोड़े अलग हैं क्योंकि पहले के वेरिएंट्स में पेट संबंधी समस्याएं इतनी आम नहीं थीं। अगर किसी व्यक्ति को ये लक्षण दिखें, खासकर अगर उन्होंने हाल ही में विदेश यात्रा की हो, तो उन्हें तुरंत कोविड टेस्ट कराना चाहिए।
अमेरिका में 25 राज्यों में फैला, वेस्ट वॉटर सर्विलांस से मिले सबूत
Corona Cicada Variant BA.3.2 की मौजूदगी का पता अमेरिका में वेस्ट वॉटर (सीवेज) सर्विलांस के जरिए लगाया गया। नवंबर 2024 में पहली बार पहचाने जाने के बाद से इस साल 11 फरवरी तक यह वेरिएंट अमेरिका के कम से कम 25 राज्यों में 132 मॉनिटरिंग साइटों पर पाया गया।
इसके अलावा, अमेरिका के एयरपोर्ट्स पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से लिए गए वॉलंटरी नेजल स्वैब सैंपल के जरिए भी इस वेरिएंट की पहचान की गई है। इसका मतलब यह है कि यह वेरिएंट अंतरराष्ट्रीय यात्रा के जरिए तेजी से एक देश से दूसरे देश में फैल रहा है। भारत जैसे देश के लिए भी यह चिंता की बात है क्योंकि यहां से बड़ी संख्या में लोग विदेश यात्रा करते हैं और विदेशों से भी बड़ी संख्या में लोग भारत आते हैं।
गंभीर बीमारी या मौत का खतरा कितना?
Corona Cicada Variant BA.3.2 को लेकर एक राहत की बात यह है कि अभी तक के आंकड़ों के अनुसार यह वेरिएंट ज्यादा गंभीर बीमारी या मृत्यु दर का कारण नहीं बनता दिख रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा प्रतीत नहीं होता कि सिकाडा स्ट्रेन पहले के वेरिएंट्स की तुलना में ज्यादा खतरनाक है।
हालांकि, यह बात परेशान करने वाली जरूर है कि 23 देशों में एक बार फिर कोरोना का नया वेरिएंट फैलता दिख रहा है। भले ही यह वेरिएंट ज्यादा गंभीर बीमारी न पैदा करे, लेकिन इसकी तेज फैलने की रफ्तार और इम्युनिटी को चकमा देने की क्षमता चिंता का विषय बनी हुई है। अगर यह बड़ी आबादी में तेजी से फैलता है, तो कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों और बुजुर्गों के लिए खतरा बढ़ सकता है।
आम लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए
Corona Cicada Variant BA.3.2 के बढ़ते प्रसार को देखते हुए आम लोगों को कुछ बुनियादी सावधानियां बरतनी चाहिए। हालांकि अभी किसी भी देश ने लॉकडाउन जैसा कोई कदम नहीं उठाया है, लेकिन सतर्कता जरूरी है। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल, हाथों की साफ-सफाई और बीमार लोगों से दूरी बनाए रखना अभी भी सबसे प्रभावी बचाव के तरीके हैं। जिन लोगों ने अभी तक बूस्टर डोज नहीं लिया है, उन्हें डॉक्टर की सलाह लेकर टीकाकरण पूरा करना चाहिए क्योंकि भले ही वैक्सीन पूरी तरह संक्रमण न रोक पाए, लेकिन गंभीर बीमारी से बचाव में यह मददगार हो सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- ओमिक्रॉन का नया सब-वेरिएंट Corona Cicada Variant BA.3.2 अब तक 23 देशों में पाया गया, सबसे पहले नवंबर 2024 में दक्षिण अफ्रीका में पहचाना गया।
- इसके स्पाइक प्रोटीन में 70-75 म्यूटेशन हैं, जो पिछले वेरिएंट्स JN.1 और LP.8.1 के 30-40 म्यूटेशन से लगभग दोगुने हैं, जिससे यह मौजूदा इम्युनिटी और वैक्सीन को चकमा दे सकता है।
- अमेरिका के 25 राज्यों में 132 मॉनिटरिंग साइटों पर वेस्ट वॉटर सर्विलांस और एयरपोर्ट सैंपलिंग से इसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई।
- लक्षणों में गले में खराश, खांसी, बुखार, थकान के साथ पेट संबंधी समस्याएं भी देखी जा रही हैं, हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार यह ज्यादा गंभीर बीमारी या मौत का कारण बनता नहीं दिख रहा।








