Gangsteron Te Vaar अभियान के 69वें दिन पंजाब पुलिस ने 30 मार्च को पूरे राज्य में गैंगस्टरों के साथियों के चिन्हित और मैप किए गए 455 ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान 162 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और 1 हथियार बरामद हुआ। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के तहत चलाए जा रहे इस निर्णायक अभियान में अब तक कुल 17,836 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इसके साथ ही ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के 394वें दिन 91 नशा तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया, जिनके कब्जे से 837 ग्राम हेरोइन, 2.6 किलोग्राम अफीम और 198 नशीली गोलियां बरामद हुईं।
Gangsteron Te Vaar अभियान पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए 20 जनवरी 2026 को पुलिस महानिदेशक (DGP) पंजाब गौरव यादव द्वारा शुरू किया गया था। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) पंजाब के समन्वय से सभी जिलों की पुलिस टीमें राज्य भर में यह विशेष अभियान चला रही हैं।
69वें दिन की कार्रवाई: 162 गिरफ्तार, 4 भगोड़े भी पकड़े
Gangsteron Te Vaar अभियान के 69वें दिन पुलिस टीमों ने राज्य भर में गैंगस्टरों के साथियों और संदिग्धों के 455 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में 162 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इनके अलावा 54 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई की गई, जबकि 107 व्यक्तियों को जांच और पूछताछ के बाद रिहा कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस टीमों ने 4 भगोड़े अपराधियों को भी गिरफ्तार किया और 1 हथियार बरामद किया। भगोड़े अपराधियों की गिरफ्तारी इसलिए अहम है क्योंकि ये वे लोग हैं जो कानून की पकड़ से बचकर भाग रहे थे और अपराधिक गतिविधियों में लिप्त बने हुए थे। इनकी गिरफ्तारी से गैंगस्टरों के नेटवर्क को और कमजोर करने में मदद मिलेगी।
69 दिनों में 17,836 गिरफ्तारियां: गैंगस्टरों पर कसता शिकंजा
Gangsteron Te Vaar अभियान की शुरुआत से अब तक महज 69 दिनों में कुल 17,836 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। यह आंकड़ा अपने आप में बताता है कि पंजाब पुलिस किस रफ्तार और पैमाने पर गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। प्रतिदिन सैकड़ों ठिकानों पर छापेमारी और दर्जनों गिरफ्तारियां दिखाती हैं कि यह अभियान कागजी नहीं बल्कि जमीन पर चल रहा है।
आम लोगों के लिए इस अभियान का सीधा मतलब यह है कि उनके इलाकों में अपराधियों और गैंगस्टरों का खौफ कम हो रहा है। जो गैंगस्टर पहले खुलेआम घूमते थे और लोगों को डराते-धमकाते थे, अब वे या तो जेल में हैं या भूमिगत हैं। पुलिस का निरंतर दबाव बने रहने से अपराधियों का मनोबल लगातार टूट रहा है।
गुप्त सूचना दें: एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946
Gangsteron Te Vaar अभियान में आम लोगों की भागीदारी भी अहम भूमिका निभा रही है। पंजाब पुलिस ने एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 शुरू किया है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति गुप्त रूप से वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में जानकारी दे सकता है। इस हेल्पलाइन पर अपराध और आपराधिक गतिविधियों संबंधी सूचना भी साझा की जा सकती है।
सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। यह हेल्पलाइन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कई बार आम लोगों को अपने आसपास संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी होती है, लेकिन डर के कारण वे पुलिस को नहीं बताते। इस हेल्पलाइन के जरिए वे बिना किसी खतरे के जानकारी साझा कर सकते हैं।
‘युद्ध नशों विरुद्ध’ के 394वें दिन: 91 नशा तस्कर गिरफ्तार
Gangsteron Te Vaar अभियान के साथ-साथ पंजाब पुलिस का ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान भी पूरी ताकत से जारी है। इस अभियान के 394वें दिन पुलिस ने 91 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार तस्करों के कब्जे से 837 ग्राम हेरोइन, 2.6 किलोग्राम अफीम, 198 नशीली गोलियां और कैप्सूल तथा ₹2,500 की ड्रग मनी बरामद की गई।
केवल 394 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 56,193 तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा बताता है कि पंजाब में नशे की सप्लाई लाइन को तोड़ने के लिए पुलिस किस पैमाने पर काम कर रही है। हर दिन सैकड़ों ग्राम हेरोइन और किलोग्राम अफीम की बरामदगी दिखाती है कि नशे का कारोबार अभी भी सक्रिय है, लेकिन पुलिस की लगातार कार्रवाई से तस्करों के लिए काम करना मुश्किल होता जा रहा है।
नशा छोड़ने के लिए 24 लोगों को किया प्रेरित
Gangsteron Te Vaar और नशा मुक्ति अभियान का एक संवेदनशील पहलू यह भी है कि पंजाब पुलिस केवल तस्करों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे की लत से जूझ रहे लोगों को इलाज और पुनर्वास के लिए भी प्रेरित कर रही है। 30 मार्च को पुलिस ने 24 व्यक्तियों को नशा छोड़ने और पुनर्वास उपचार के लिए प्रेरित किया।
यह पहलू इसलिए अहम है क्योंकि नशे की समस्या सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और स्वास्थ्य संकट भी है। जब तक नशे की लत से पीड़ित लोगों का इलाज नहीं होगा, तब तक नशे की मांग बनी रहेगी। पंजाब पुलिस का यह दोतरफा दृष्टिकोण, एक तरफ तस्करों पर कड़ी कार्रवाई और दूसरी तरफ पीड़ितों का पुनर्वास, नशा मुक्ति के लिए जरूरी है।
दो अभियान, एक लक्ष्य: सुरक्षित और नशा मुक्त पंजाब
Gangsteron Te Vaar और ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ दोनों अभियान एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। अक्सर गैंगस्टर और नशा तस्कर एक ही नेटवर्क का हिस्सा होते हैं। गैंगस्टर अपनी अपराधिक गतिविधियों के लिए नशे के पैसे का इस्तेमाल करते हैं और नशा तस्कर गैंगस्टरों की ताकत का सहारा लेते हैं। इसलिए दोनों अभियानों का एक साथ चलना जरूरी है।
69 दिनों में 17,836 गैंगस्टर गिरफ्तारियां और 394 दिनों में 56,193 नशा तस्करों की गिरफ्तारी, ये आंकड़े दिखाते हैं कि AAP सरकार और पंजाब पुलिस ने अपराध और नशे के खिलाफ एक लंबी लड़ाई शुरू की है। अगर यह अभियान इसी तीव्रता से जारी रहता है, तो आने वाले समय में पंजाब के आम नागरिकों को सुरक्षित और नशा मुक्त माहौल मिल सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Gangsteron Te Vaar के 69वें दिन 455 ठिकानों पर छापेमारी, 162 गिरफ्तार, 4 भगोड़े पकड़े, 1 हथियार बरामद, अब तक कुल 17,836 गिरफ्तारियां।
- 54 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई, 107 व्यक्ति पूछताछ के बाद रिहा, गुप्त सूचना के लिए हेल्पलाइन 93946-93946 सक्रिय।
- ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ के 394वें दिन 91 नशा तस्कर गिरफ्तार, 837 ग्राम हेरोइन, 2.6 किलो अफीम, 198 नशीली गोलियां बरामद, कुल 56,193 तस्कर गिरफ्तार।
- पुलिस ने 24 व्यक्तियों को नशा छोड़ने और पुनर्वास उपचार के लिए प्रेरित किया, अभियान DGP गौरव यादव के नेतृत्व में AGTF के समन्वय से जारी।








