IMD Weather Forecast के अनुसार भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) ने 29 मार्च 2026 को जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में देशभर के लिए गंभीर मौसम चेतावनी जारी की है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत काम करने वाले IMD ने बताया कि इस हफ्ते उत्तर-पश्चिमी भारत में बारिश का दौर जारी रहेगा, जिसकी सबसे ज्यादा तीव्रता 29 और 30 मार्च को रहेगी। 30 मार्च 2026 को कश्मीर घाटी में कुछ जगहों पर भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इसके अलावा 29-30 मार्च को उत्तर-पश्चिमी भारत और 30-31 मार्च को मध्य भारत में ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है।

पश्चिमी विक्षोभ से प्रभावित होगा पूरा उत्तर भारत
IMD Weather Forecast के मुताबिक इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तरी ईरान और उससे सटे कैस्पियन सागर के ऊपर मौजूद है, जो निचले और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक स्तरों के बीच एक ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके साथ एक संबद्ध द्रोणी (trough) लगभग 57°E देशांतर के साथ 23°N अक्षांश के उत्तर में मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक स्तरों पर स्थित है।
इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और उसके आसपास के क्षेत्र में भी एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण स्थित है, जो निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तर तक फैला हुआ है। इसी चक्रवाती परिसंचरण से लेकर उत्तरी मध्य प्रदेश के मध्य भागों तक निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तर में एक द्रोणी फैली हुई है। उत्तरी भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम भी प्रभावी है, जिसकी मुख्य हवाओं की गति समुद्र तल से 12.6 किमी की ऊंचाई पर लगभग 80 नॉट्स है।
सबसे अहम बात यह है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ 02 अप्रैल 2026 से उत्तर-पश्चिमी भारत को फिर से प्रभावित कर सकता है, जिसका मतलब है कि बारिश और खराब मौसम का यह सिलसिला अगले हफ्ते भी जारी रह सकता है।
उत्तर-पश्चिम भारत: कश्मीर से लेकर राजस्थान तक बारिश और ओले
IMD Weather Forecast में उत्तर-पश्चिम भारत के लिए विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया गया है। 29-30 मार्च और फिर 02-03 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में, 29-30 मार्च और 03-04 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में, तथा 29-31 मार्च को उत्तराखंड में काफी बड़े इलाके से लेकर बड़े इलाके तक हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इसके साथ कुछ जगहों पर गरज-चमक और 30-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
29-31 मार्च के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी कुछ जगहों से लेकर बिखरी हुई हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
ओलावृष्टि की चेतावनी भी जारी की गई है। 29 मार्च को जम्मू-कश्मीर और पश्चिमी राजस्थान में, 29-30 मार्च को हिमाचल प्रदेश, पंजाब और पूर्वी राजस्थान में, और 30 मार्च को उत्तराखंड में कुछ जगहों पर ओले गिर सकते हैं।
पूर्वोत्तर भारत में भी भारी बारिश का अलर्ट
IMD Weather Forecast के अनुसार पूर्वोत्तर भारत भी इस हफ्ते खराब मौसम की चपेट में रहेगा। 29 मार्च से 02 अप्रैल के दौरान असम और मेघालय में, तथा 29 से 31 मार्च के दौरान नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज, बिजली चमकने और 30-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ काफी बड़े से लेकर विस्तृत क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि 30 मार्च से 01 अप्रैल के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में, तथा 30 मार्च को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मिजोरम के कुछ अलग-अलग स्थानों पर पहले ही ओलावृष्टि की सूचना मिल चुकी है।
पूर्वी भारत: पश्चिम बंगाल और बिहार में 70 किमी प्रति घंटा तक तेज हवाओं की चेतावनी
पूर्वी भारत के लिए IMD Weather Forecast ने जो चेतावनी जारी की है वह बेहद गंभीर है। 29 मार्च से 1 अप्रैल के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में, 29 मार्च को गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल और बिहार में, तथा अगले 5 दिनों के दौरान ओडिशा में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की काफी व्यापक संभावना है।
31 मार्च को गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल और बिहार में गरज के साथ 50-60 किमी प्रति घंटा की तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। इसी दिन उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में ओलावृष्टि के साथ कहीं-कहीं भारी बारिश की भी संभावना है।
मध्य और पश्चिमी भारत: महाराष्ट्र-मराठवाड़ा में ओलावृष्टि, गुजरात में बिजली का खतरा
मध्य भारत भी इस मौसमी उथल-पुथल से अछूता नहीं रहेगा। 29 मार्च से 02 अप्रैल के दौरान मध्य प्रदेश और विदर्भ में, तथा अगले 6 दिनों के दौरान छत्तीसगढ़ में गरज-चमक, बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 30 मार्च को पश्चिमी मध्य प्रदेश में और 31 मार्च को विदर्भ और छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है।
पश्चिमी भारत में महाराष्ट्र के मध्य महाराष्ट्र में 29 से 31 मार्च और मराठवाड़ा में 29 मार्च से 02 अप्रैल के दौरान गरज, बिजली कड़कने और 30-50 किमी प्रति घंटा (झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटा तक) तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। गुजरात में 29-30 मार्च और 02 अप्रैल को बिजली कड़कने की चेतावनी है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 30 और 31 मार्च को ओलावृष्टि भी हो सकती है।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भी गरज-चमक के साथ बारिश जारी
IMD Weather Forecast के मुताबिक दक्षिण भारत भी मौसमी गतिविधियों से प्रभावित रहेगा। 29 मार्च को केरल और माहे में गरज-चमक, बिजली कड़कने और तेज हवाओं (30-50 किमी प्रति घंटा, झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटा तक) के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 29 मार्च से 02 अप्रैल के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा, तेलंगाना और कर्नाटक में बिजली कड़कने की संभावना है।
अकोला में पारा 41.2°C पर पहुंचा, नजीबाबाद में सबसे कम तापमान
पिछले 24 घंटों में दर्ज तापमान के आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं। IMD के अनुसार अधिकतम तापमान (37°C से 41°C) महाराष्ट्र, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, आंतरिक ओडिशा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिणी मध्य प्रदेश के कई स्थानों पर दर्ज किया गया। सबसे अधिक तापमान 41.2°C अकोला (महाराष्ट्र) में दर्ज किया गया।
जम्मू-कश्मीर के कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से काफी अधिक (5.1°C या उससे अधिक) रहा। वहीं दूसरी तरफ भारत के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 15.6°C नजीबाबाद (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) में दर्ज किया गया।
न्यूनतम/रात का तापमान हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, मध्य प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मिजोरम, केरल तथा तमिलनाडु में 12-18°C की सीमा में रहा, जबकि देश के मैदानी इलाकों के शेष हिस्सों में यह 18-25°C की सीमा में रहा।
दिल्ली-NCR में 29 मार्च से 01 अप्रैल तक कैसा रहेगा मौसम
दिल्ली-NCR के लिए IMD Weather Forecast ने दिन-वार विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है।
29 मार्च 2026: आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, जो दोपहर तक बादलों से घिर जाएंगे। दोपहर में गरज/बिजली कड़कने और 30-40 किमी प्रति घंटा की तेज हवाओं (जो 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं) के साथ बहुत हल्की बारिश का एक दौर आ सकता है। शाम से रात के दौरान 20-30 किमी प्रति घंटा की हवाओं के साथ बूंदाबांदी का एक और दौर संभव है। अधिकतम तापमान 31°C से 33°C की सीमा में रहेगा।
30 मार्च 2026: दोपहर से शाम तक गरज/बिजली कड़कने के साथ बहुत हल्की बारिश/बूंदाबांदी की संभावना है। अधिकतम तापमान 28°C से 30°C और न्यूनतम तापमान 20°C से 22°C के बीच रहने की संभावना है। यानी दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य से कम (-1.6°C से -3.0°C) रहेगा, जिससे लोगों को कुछ राहत मिलेगी।
31 मार्च 2026: दोपहर के समय बहुत हल्की बारिश/बूंदाबांदी की संभावना है। अधिकतम तापमान 29°C से 31°C और न्यूनतम तापमान 17°C से 19°C रहेगा।
01 अप्रैल 2026: आसमान आम तौर पर बादल वाला रहेगा। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 31°C से 33°C और 18°C से 20°C के बीच रहने की संभावना है।
तापमान में कैसा रहेगा बदलाव: कहां गिरेगा, कहां बढ़ेगा पारा
IMD Weather Forecast में अधिकतम तापमान के पूर्वानुमान के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई है। उत्तर-पश्चिमी भारत में 30 मार्च तक अधिकतम तापमान में 2-4°C की गिरावट की संभावना है, जबकि 29 मार्च से 02 अप्रैल के दौरान इसमें 3-5°C की वृद्धि हो सकती है।
मध्य भारत में 01 अप्रैल तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन 02 से 04 अप्रैल के बीच 3-5°C की गिरावट हो सकती है। पूर्वी भारत में 02 अप्रैल तक अधिकतम तापमान में 3-5°C की वृद्धि संभव है। गुजरात में 01 अप्रैल तक 2-3°C की गिरावट और महाराष्ट्र में 31 मार्च से 04 अप्रैल के दौरान 2-3°C की गिरावट हो सकती है।
पिछले 24 घंटों में कहां-कहां चलीं 60 किमी प्रति घंटा तक तेज हवाएं
IMD के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में खतरनाक तेज हवाएं दर्ज की गईं। असम और मेघालय में मानस में 63 किमी प्रति घंटा, नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम और त्रिपुरा में इम्फाल में 59 किमी प्रति घंटा, थौबल में 59 किमी प्रति घंटा और मोरेह में 56 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं।
छत्तीसगढ़ में रायपुर में 47 किमी प्रति घंटा, ओडिशा में जान्हुकुडा में 44 किमी प्रति घंटा, और मध्य महाराष्ट्र में पुणे के रगुरुनगर और नारायणगांव तथा नंदुरबार के शहादा में 43 किमी प्रति घंटा की तेज हवाएं दर्ज की गईं।
मछुआरों के लिए IMD की गंभीर चेतावनी
IMD ने मछुआरों को 29 मार्च से 03 अप्रैल 2026 के दौरान कुछ खास समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सख्त सलाह दी है। बंगाल की खाड़ी में 29 मार्च को गंगा-तटीय पश्चिम बंगाल और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी से सटे क्षेत्र के ऊपर मछली पकड़ने से बचना चाहिए। अरब सागर में 29 मार्च को ओमान तट के साथ और उससे दूर, ओमान की खाड़ी और उत्तर-पश्चिमी अरब सागर के कुछ हिस्सों में जाना खतरनाक हो सकता है।
किसानों के लिए जरूरी कृषि-मौसम परामर्श
IMD Weather Forecast ने ओलावृष्टि और भारी बारिश से फसलों को बचाने के लिए किसानों को विस्तृत सलाह दी है। यह सलाह खासकर उन इलाकों के किसानों के लिए है जहां अगले कुछ दिनों में मौसम खराब रहने की संभावना है।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर-पश्चिम राजस्थान, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड में किसानों को फलों के बगीचों और सब्जियों के पौधों को ओलों से बचाने के लिए हेल नेट या हेल कैप का उपयोग करने की सलाह दी गई है। पकी हुई फसलों की तुरंत कटाई करके उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रख देना चाहिए।
मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ में किसानों को पके हुए गेहूं, ज्वार, कुसुम, चना, मक्का, अलसी, फलों और सब्जियों की कटाई करने और कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह है। उत्तराखंड में पकी हुई सरसों, रैपसीड, मसूर और मटर की फसल की कटाई करके उपज को सुरक्षित जगह पहुंचाना चाहिए।
ओलावृष्टि और तेज हवाओं से क्या-क्या नुकसान हो सकता है
IMD ने ओलावृष्टि और तेज हवाओं से होने वाले संभावित नुकसान की भी विस्तृत सूची जारी की है। इनमें पेड़ों की शाखाएं टूटना और सड़क किनारे लगे बड़े पेड़ उखड़ना, खड़ी फसलों को भारी नुकसान, केले और पपीते के पेड़ों को मामूली से गंभीर नुकसान, बिजली और संचार लाइनों को क्षति, खुले स्थानों पर ओलों से लोगों और मवेशियों को चोट, कमजोर ढांचों को आंशिक नुकसान, कच्चे मकानों और झोपड़ियों को नुकसान और ढीली वस्तुओं के उड़ने की संभावना शामिल है।
भारी बारिश से निचले इलाकों और नदी तटों पर जलभराव और बाढ़, नगरपालिका सेवाओं (पानी, बिजली आदि) में स्थानीय व्यवधान, यातायात में गंभीर बाधा, पुरानी इमारतों के लिए खतरा और निचले जल पुलों वाली सड़कों का बंद होना जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
आम लोगों के लिए IMD की जरूरी सलाह
IMD ने आम लोगों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें। घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें और जब तक बहुत जरूरी न हो यात्रा करने से बचें। पेड़ों के नीचे शरण न लें, कंक्रीट के फर्श पर न लेटें, बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्लग निकाल दें और बिजली का संचालन करने वाली सभी वस्तुओं से दूर रहें।
जो किसान पशुपालन और मुर्गीपालन से जुड़े हैं, उन्हें भारी बारिश और ओलावृष्टि के दौरान जानवरों को शेड के अंदर रखना चाहिए और उन्हें संतुलित आहार देना चाहिए। चारे और पशु-आहार को सुरक्षित जगह पर रखें ताकि वे खराब न हों।
मुख्य बातें (Key Points)
- IMD Weather Forecast के अनुसार 30 मार्च 2026 को कश्मीर घाटी में कुछ जगहों पर भारी बारिश/बर्फबारी और उत्तर-पश्चिमी व मध्य भारत में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है।
- पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश का दौर जारी है, 29-30 मार्च को सबसे ज्यादा तीव्रता रहेगी और 02 अप्रैल से नया पश्चिमी विक्षोभ फिर प्रभावित करेगा।
- 31 मार्च को पश्चिम बंगाल-बिहार में 50-70 किमी प्रति घंटा तक तेज हवाओं की चेतावनी, पिछले 24 घंटों में अकोला में सबसे अधिक तापमान 41.2°C दर्ज।
- किसानों को फसलों की तुरंत कटाई और हेल नेट के उपयोग की सलाह, मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कुछ क्षेत्रों में 03 अप्रैल तक न जाने की चेतावनी।







