World News | ख़बरें विदेश की : Iran US War में 26 मार्च 2026 को एक बेहद खतरनाक मोड़ आ गया है। ईरान ने अमेरिका के बातचीत के प्रस्ताव को साफ तौर पर ठुकरा दिया है और इजराइल तथा मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उम्मीद थी कि ईरान जंग खत्म करने के लिए मान जाएगा, लेकिन ईरान के रुख में जरा सा भी बदलाव नहीं आया। अब अमेरिका की तरफ से संकेत मिल रहे हैं कि ट्रंप जिस बड़े हमले की बात कर रहे थे, वो कुछ ही घंटों में हो सकता है और इसका निशाना ईरान का खार्ग द्वीप (Kharg Island) बन सकता है।
Trump फंसे Iran US War के जाल में, निकलने का रास्ता नहीं दिख रहा
Iran US War की सबसे बड़ी सच्चाई यह है कि डोनाल्ड ट्रंप इस जंग को शुरू करके खुद बुरी तरह फंस गए हैं। उनके हालिया बयानों से साफ है कि अब वो किसी भी कीमत पर इस युद्ध से बाहर निकलना चाहते हैं। ट्रंप ने अपने सहयोगियों से भी कहा है कि वो ईरान के साथ जारी जंग को लंबा नहीं खींचना चाहते और आने वाले कुछ ही हफ्तों में इसे खत्म करना चाहते हैं।
लेकिन उनकी कोशिशें रंग नहीं ला रहीं। ईरान ने ट्रंप के सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है और अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है। ऐसे में ट्रंप एक बार फिर धमकियों पर उतर आए हैं।
Trump का अजीबोगरीब दावा: ‘ईरानियों ने मुझे Supreme Leader बनने को कहा’
Iran US War के बीच ट्रंप ने एक ऐसा दावा किया जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया। ट्रंप ने कहा कि ईरान के कुछ लोग अनौपचारिक रूप से उनसे कह रहे थे कि आप हमारे अगले सुप्रीम लीडर बन जाइए, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। दुनिया में किसी भी देश का नेता ईरान का सुप्रीम लीडर नहीं बनना चाहेगा: ट्रंप ने यह भी जोड़ा।
ट्रंप ने आगे दावा किया कि ईरान समझौता करना चाहता है लेकिन खुलकर कहने से डर रहा है। उन्हें डर है कि उनके अपने लोग उन्हें मार देंगे या अमेरिका उन्हें मार देगा। ट्रंप ने जीत का बड़ा दावा भी किया कि अमेरिका ने ईरान को बहुत बुरी तरह हरा दिया है और इतनी बड़ी जीत किसी ने पहले कभी नहीं देखी। लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल उलट है।
ईरान के हमलों से इजराइल में तबाही: Kafr Qasim में मिसाइलें गिरीं
Iran US War में ईरान ने इजराइल और अमेरिकी ठिकानों पर जो ताबड़तोड़ हमले किए हैं उनसे भारी नुकसान हुआ है। इजराइल के कफर कासिम शहर में ईरानी मिसाइल हमले से इमारतें मलवे में तब्दील हो गईं, कई गाड़ियां पलट गईं और लगभग पांच लोग घायल हुए। खाड़ी देशों ने भी पुष्टि की है कि उन्होंने कई ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को बीच में ही रोका।
इसके साथ ही ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने एक कड़ी चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि खुफिया जानकारी के मुताबिक दुश्मन एक क्षेत्रीय देश के सहयोग से ईरानी द्वीप पर कब्जा करने की योजना बना रहा है। ईरानी सेना दुश्मन की हर गतिविधि पर नजर रख रही है और अगर ऐसा कोई कदम उठाया गया तो ईरान उस क्षेत्रीय देश के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार और तेज हमले करेगा।
Kharg Island पर क्यों है अमेरिका की नजर: ईरान की लाइफलाइन पर खतरा
Iran US War में अमेरिका की सबसे बड़ी नजर ईरान के खार्ग द्वीप पर टिकी है। फारस की खाड़ी में बसा यह बेहद छोटा द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन माना जाता है। यहां ईरान के प्रमुख तेल टर्मिनल हैं जहां से देश का लगभग 90 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात होता है। आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका जल्द ही इस Kharg Island पर कब्जे के लिए जमीनी हमला शुरू कर सकता है।
लेकिन ईरान भी पूरी तरह तैयार है। ईरानी नौसेना ने खार्ग द्वीप के तटों पर बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं जो किसी भी जमीनी हमले के खिलाफ पहली दीवार का काम करेंगी। इसके अलावा ईरान ने एयर डिफेंस सिस्टम भी तैनात कर दिए हैं।
Houthi विद्रोही भी कूदे Iran US War में: Bab al-Mandab Strait पर नया खतरा
Iran US War में अब एक नया मोर्चा खुलने वाला है। ईरान की सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक हूती विद्रोही ईरान के साथ मिलकर युद्ध में शामिल होने के लिए तैयार हैं और बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य पर नियंत्रण करने की तैयारी कर रहे हैं।
यह खबर इसलिए बेहद खतरनाक है क्योंकि पहले से ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान के दबदबे ने पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। तेल के दाम आसमान छू रहे हैं क्योंकि ईरान ने इस क्षेत्र से जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। सिर्फ उन्हीं जहाजों को गुजरने दिया जा रहा है जिन्हें ईरान ने इजाजत दी है।
भारत और चीन के लिए ईरान से राहत की खबर
Iran US War के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर भी सामने आई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्षी के मुताबिक ईरान ने अपने मित्र देशों के जहाजों को Strait of Hormuz से बिना रुकावट आने-जाने की इजाजत दी है। इसमें भारत और चीन जैसे देश शामिल हैं। हालांकि इससे वैश्विक ऊर्जा संकट खत्म होता नजर नहीं आ रहा।
अगर ईरान हूती विद्रोहियों के साथ मिलकर बाब अल-मंदाब स्ट्रेट को भी बंद कर देता है तो यह वैश्विक व्यापार के लिए दोहरा झटका होगा। बाब अल-मंदाब लाल सागर के मुहाने पर स्थित है और स्वेज नहर के रास्ते एशिया को यूरोप से जोड़ता है। इस ट्रेड रूट से हर दिन लगभग 10 मिलियन बैरल तेल के साथ-साथ भारी मात्रा में प्राकृतिक गैस, सामान और भोजन का व्यापार होता है। यानी ईरान अब हर मोर्चे पर अमेरिका और इजराइल को घेर रहा है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने भी कसा अमेरिका पर तंज
Iran US War में अमेरिका की हालत इतनी बिगड़ गई है कि पाकिस्तान जैसे देश भी उस पर तंज कस रहे हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल के अभियान का मकसद अब समझ में नहीं आ रहा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब ऐसा लगता है कि युद्ध का मकसद Strait of Hormuz को खोलना हो गया है, जो युद्ध शुरू होने से पहले ही खुला हुआ था।
जब किसी जंग का मकसद ही बदल जाए और यह साफ न हो कि लड़ाई किसलिए लड़ी जा रही है, तो इससे बड़ी रणनीतिक विफलता कुछ नहीं होती। अमेरिका इस वक्त ठीक इसी दोराहे पर खड़ा दिखाई दे रहा है।
ईरान को भी लगा बड़ा झटका: IRGC Navy Chief Alireza Tangsiri मारे गए
Iran US War में ईरान को भी एक बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। इजराइली सेना ने दावा किया कि उसने ईरान के कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक Strait of Hormuz क्षेत्र में हुए हमले में ईरान के IRGC नौसेना प्रमुख अलीरेजा तंगसीरी मारे गए हैं।
तंगसीरी को “The Man Who Ran Strait of Hormuz” यानी होर्मुज को चलाने वाला शख्स कहा जाता था। उनकी मौत ईरान की नौसैनिक कमान में एक बड़ा खालीपन पैदा करेगी। अब देखना होगा कि ईरान इस नुकसान का कैसा और कितना भयावह जवाब देता है।
Iran US War में शांति की उम्मीद कितनी बची?
Iran US War अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है जहां से शांति की राह बेहद कठिन दिखाई दे रही है। एक तरफ ईरान Strait of Hormuz से लेकर बाब अल-मंदाब तक वैश्विक व्यापार मार्गों पर अपना शिकंजा कसता जा रहा है, दूसरी तरफ अमेरिका Kharg Island पर बड़े हमले की तैयारी कर रहा है।
इस Iran US War का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। तेल के दाम बेतहाशा बढ़ रहे हैं जिससे पेट्रोल, डीजल, गैस और रोजमर्रा की जरूरी चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं। जब तक यह जंग जारी रहेगी, दुनिया का हर आम इंसान इसकी कीमत चुकाता रहेगा।
क्या युद्ध विराम की कोई संभावना बचेगी या Iran US War एक और लंबे और विनाशकारी दौर में दाखिल होने वाली है: यह आने वाले दिन ही बताएंगे।
क्या है पूरी पृष्ठभूमि?
ईरान और अमेरिका के बीच यह जंग पिछले कई हफ्तों से जारी है और अमेरिका इजराइल के साथ मिलकर ईरान से लड़ रहा है। इस युद्ध के दौरान ईरान ने Strait of Hormuz पर अपना नियंत्रण और मजबूत कर लिया और जहाजों की आवाजाही पर सख्त पाबंदी लगा दी, जिससे पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा हो गया। ईरान ने सिर्फ अपने मित्र देशों जैसे चीन और भारत के जहाजों को ही गुजरने दिया। ट्रंप ने बातचीत से जंग खत्म करने की कई कोशिशें कीं लेकिन ईरान ने हर बार अमेरिकी शर्तें ठुकरा दीं। अब Kharg Island पर बड़े अमेरिकी हमले और ईरान की जवाबी तैयारियों ने इस Iran US War को एक और खतरनाक मोड़ पर ला खड़ा किया है।
मुख्य बातें (Key Points)
- ईरान ने अमेरिका के बातचीत के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और इजराइल तथा अमेरिकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले जारी रखे हैं।
- अमेरिका की नजर ईरान के Kharg Island पर है जहां से ईरान का 90% कच्चा तेल निर्यात होता है: ईरान ने बारूदी सुरंगें और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए हैं।
- हूती विद्रोही बाब अल-मंदाब स्ट्रेट पर नियंत्रण की तैयारी कर रहे हैं: Strait of Hormuz के बाद यह दूसरा वैश्विक चोक पॉइंट बंद हो सकता है।
- IRGC नौसेना प्रमुख अलीरेजा तंगसीरी इजराइली हमले में मारे गए: ईरान की नौसैनिक कमान को बड़ा झटका।








