सोमवार, 25 मई 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Navratri Health Upay: बीमारियों से मुक्ति दिलाएंगी मां दुर्गा के ये रूप, जानें गुप्त उपाय

Navratri Health Upay: बीमारियों से मुक्ति दिलाएंगी मां दुर्गा के ये रूप, जानें गुप्त उपाय

नवरात्रि में मां कूष्मांडा और मां स्कंदमाता की उपासना से रोगों का नाश, जानें कर्मों का वो फलसफा जो गरीब से अमीर और रोगी से निरोगी बना दे

अभिनव कश्यप by अभिनव कश्यप
मंगलवार, 24 मार्च 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, धर्म
A A
0
Navratri Health Upay
104
SHARES
691
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Navratri Health Upay: चाहे कितना भी धन हो, कितनी भी संपत्ति हो, लेकिन अगर शरीर स्वस्थ नहीं है तो सब कुछ बेकार है। गोस्वामी तुलसीदास जी ने कहा है: “तुलसी धन धाम शरीर से” यानी जो कुछ भी सुख है वो शरीर से ही है। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर अगर आप किसी भी शारीरिक या मानसिक कष्ट से जूझ रहे हैं तो मां दुर्गा के विशेष स्वरूपों की उपासना आपको रोगमुक्त कर सकती है। आइए जानते हैं Navratri Health Upay में कर्मों का वो फलसफा जो ज़िंदगी बदल दे और मां दुर्गा की वो गुप्त उपासना विधि जो बीमारियों को जड़ से मिटा दे।

शरीर साधन है, इसे स्वस्थ रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी

Navratri Health Upay को समझने से पहले एक बुनियादी बात समझना ज़रूरी है कि शरीर हम नहीं हैं, लेकिन हम शरीर में हैं। जैसे गाड़ी हम नहीं हैं, हम गाड़ी में बैठते हैं। गाड़ी एक साधन है जो हमें मंज़िल तक पहुंचाती है। अगर गाड़ी का टायर पंचर हो जाए तो हम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकते। ठीक उसी तरह शरीर हमारा साधन है और अगर यह साधन खराब हो गया तो हमारा साध्य यानी लक्ष्य कभी पूरा नहीं होगा।

शरीर स्वस्थ रहेगा तभी आप भगवान की उपासना कर सकते हैं। शरीर स्वस्थ रहेगा तभी आप पुरुषार्थ करके अपने परिवार का निर्वाह कर सकते हैं। शरीर स्वस्थ रहेगा तभी आप संसार का कल्याण कर सकते हैं। अगर आप रोगी हैं, बीमार हैं तो न आप अपना भला कर सकते हैं और न संसार का। इसलिए शरीर को स्वस्थ रखना सिर्फ ज़रूरत नहीं बल्कि एक धार्मिक कर्तव्य भी है।

तीन कर्मों का फलसफा: संचित, प्रारब्ध और क्रियमाण

Navratri Health Upay में रोगों की उत्पत्ति को समझने के लिए कर्मों के सिद्धांत को जानना बेहद ज़रूरी है। शास्त्रों के अनुसार मनुष्य के तीन प्रकार के कर्म होते हैं और इन तीनों का हमारे स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

पहला है संचित कर्म: यह भगवान के यहां जमा हमारे पाप और पुण्य का भंडार है। पिछले अनेक जन्मों में हमने जो भी अच्छे-बुरे कर्म किए हैं, वे सब संचित कर्म के रूप में इकट्ठे हैं। यह एक तरह से हमारा “कर्म बैंक अकाउंट” है जिसमें पाप और पुण्य दोनों जमा हैं।

दूसरा है प्रारब्ध कर्म: संचित कर्मों में से कुछ पाप और पुण्य को मिलाकर विधाता ने हमारी यह देह बना दी है। हम यह शरीर धारण करके इस संसार में आए हैं और प्रारब्ध में जो विधाता ने लिखा है, उसके अनुसार सुख और दुख दोनों भोगने ही पड़ेंगे। रोग और बीमारियां भी बहुत हद तक प्रारब्ध के कारण आती हैं।

तीसरा है क्रियमाण कर्म: यह वह कर्म है जो हम अपनी मर्ज़ी से करते हैं यानी “करनी”। जैसे कोई व्यक्ति ट्रेन के आगे कूद जाता है, आत्महत्या करता है, मदिरा सेवन करता है, ज़हर खाता है, ये सब क्रियमाण कर्म हैं। यह होनी नहीं बल्कि करनी है। इसकी सज़ा इस लोक में भी मिलती है और परलोक में भी मिलती है।

यह भी पढे़ं 👇

Cockroach Janata Party

Cockroach Janata Party Supreme Court: CJI सूर्यकांत बोले: इतना भावुक मत होइए, अभी कोई अर्जेंसी नहीं

सोमवार, 25 मई 2026
Kapil Sharma Canada Cafe Shooting Dharmendra Memory

Kapil Sharma Amritsar House Firing: कपिल शर्मा के घर के बाहर नहीं चली गोली, पुलिस ने बताया अफवाह

सोमवार, 25 मई 2026
Dharmendra Padma Vibhushan

Dharmendra Padma Vibhushan: हेमा मालिनी ने राष्ट्रपति भवन में लिया धर्मेंद्र का सर्वोच्च सम्मान

सोमवार, 25 मई 2026
Punjab Municipal Elections

Punjab Municipal Elections: चार नगर कौंसलों में 10 जून को होगा मतदान

सोमवार, 25 मई 2026
बड़े-बड़े संतों को भी भोगना पड़ा प्रारब्ध

Navratri Health Upay की चर्चा में सबसे गहरी बात यह बताई गई है कि प्रारब्ध कर्म इतना शक्तिशाली होता है कि बड़े-बड़े संत, महात्मा और ईश्वर प्राप्त व्यक्तित्व भी इससे अछूते नहीं रहते। स्वामी रामकृष्ण परमहंस साक्षात ईश्वर स्वरूप माने जाते हैं, लेकिन उन्हें गले का कैंसर हुआ था। इतने बड़े आध्यात्मिक गुरु जिन्होंने मां काली का साक्षात दर्शन किया, वे भी प्रारब्ध के कारण रोग से नहीं बच पाए।

इसी तरह परम पूज्य प्रेमानंद जी महाराज की बचपन से ही किडनी प्रभावित थी। 22 सालों से उनकी किडनी खराब है, लेकिन आज भी वे चार-पांच घंटे तक प्रवचन देते हैं। यह सोचने वाली बात है कि इन महात्माओं को भी बीमारियां हुईं, लेकिन फ़र्क यह है कि ईश्वर ने उन्हें रोग और कष्ट को सहने की अद्भुत क्षमता प्रदान की। यह क्षमता सामान्य मनुष्यों को नहीं मिलती, यह तपस्या और भक्ति से प्राप्त होती है।

गरीब से अमीर बनने का अनोखा फलसफा

Navratri Health Upay में तपस्या और प्रारब्ध के बारे में एक बहुत ही गहन और दार्शनिक बात बताई गई है जो ज़िंदगी को देखने का नज़रिया बदल देती है। जब तक किसी व्यक्ति के पास तपस्या की शक्ति नहीं होती, तब तक वह सोचता है कि “काश मेरे पास तपस्या की ताकत होती तो मैं अपने रोग मिटा देता।” लेकिन जब तपस्या के बल पर वह शक्तिशाली हो जाता है, तब उसकी सोच पूरी तरह बदल जाती है।

तब वह सोचता है: “ब्रह्मास्त्र से मच्छर मारूं? इतनी बड़ी तपस्या का फल लगाकर एक नश्वर शरीर का रोग खत्म करूं? यह शरीर तो आज नहीं तो कल मर ही जाएगा, फिर तपस्या को क्यों नष्ट करूं? तपस्या से ईश्वर प्राप्ति करूं, यही तो असली लक्ष्य है।”

इसे और सरल भाषा में ऐसे समझें: जब तक जेब में पैसे नहीं होते, तब तक इंसान सोचता है कि महल खरीदना है। लेकिन जब जेब में पैसे आ जाते हैं तो वह सोचता है कि “इस मिट्टी के घर को खरीदने में पूरी ज़िंदगी की मेहनत क्यों बर्बाद करूं?” यही गरीब से अमीर बनने का असली फलसफा है। जब तक कोई चीज़ नहीं मिलती, वह बहुत कीमती लगती है। जब मिल जाती है, तब समझ आता है कि असली कीमत तो कहीं और है।

मां कूष्मांडा की उपासना: पेट और रक्त विकार से मुक्ति

Navratri Health Upay में सबसे महत्वपूर्ण उपाय मां कूष्मांडा की उपासना है। नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा के कूष्मांडा स्वरूप की पूजा की जाती है। मां कूष्मांडा पेट से संबंधित अंगों को प्रभावित करती हैं और इनकी उपासना से कई गंभीर रोगों से मुक्ति मिलती है।

जिन लोगों को निम्नलिखित समस्याएं हैं उन्हें मां कूष्मांडा की विशेष उपासना करनी चाहिए:

जिनके शरीर में पोषण की कमी है और भरपूर खाना खाने के बावजूद शरीर कमज़ोर रहता है। जिनके शरीर में किसी प्रकार का रक्त विकार (खून की बीमारी) है। जिनका पेट साफ नहीं होता है, कब्ज़ की समस्या बनी रहती है। जो मानसिक कमज़ोरी से पीड़ित हैं, एकाग्रता में कमी है या याददाश्त कमज़ोर हो रही है। जिन्हें हृदय रोग की समस्या है। जो पित्त और गैस की समस्या से परेशान हैं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मां कूष्मांडा की उपासना से कुंडली में सूर्य ग्रह को बल मिलता है। सूर्य ग्रह आत्मविश्वास, ऊर्जा, पाचन शक्ति और शारीरिक बल का कारक है। जब सूर्य ग्रह मज़बूत होता है तो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और पेट से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं। जिन लोगों की कुंडली में सूर्य कमज़ोर है, उनके लिए मां कूष्मांडा की उपासना किसी वरदान से कम नहीं है।

मां स्कंदमाता की उपासना: वात, पित्त और कफ का नाश

Navratri Health Upay में दूसरा सबसे शक्तिशाली उपाय मां स्कंदमाता की उपासना है। नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप की पूजा की जाती है। आयुर्वेद के अनुसार मानव शरीर में तीन दोष होते हैं: वात, पित्त और कफ। जब ये तीनों दोष संतुलित रहते हैं तो शरीर स्वस्थ रहता है और जब इनमें असंतुलन होता है तो रोग उत्पन्न होते हैं।

जिन लोगों को वात संबंधित रोग हैं जैसे जोड़ों में दर्द, गठिया, अर्थराइटिस, शरीर में अकड़न या नसों की समस्या, उन्हें मां स्कंदमाता की उपासना अवश्य करनी चाहिए। जिन्हें पित्त संबंधित रोग हैं जैसे एसिडिटी, त्वचा रोग, जलन, अल्सर या लीवर की समस्या, उनके लिए भी मां स्कंदमाता की पूजा अत्यंत लाभकारी है। जिन्हें कफ संबंधित रोग हैं जैसे सर्दी-खांसी, साइनस, अस्थमा, सांस की तकलीफ या फेफड़ों की समस्या, उन्हें भी मां स्कंदमाता की शरण में जाना चाहिए।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मां स्कंदमाता की उपासना से कुंडली में बुध ग्रह को बल मिलता है। बुध ग्रह बुद्धि, वाणी, तंत्रिका तंत्र और त्वचा का कारक है। बुध मज़बूत होने से शरीर के तीनों दोषों में संतुलन आता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

क्यों ज़रूरी है नवरात्रि में स्वास्थ्य उपासना

नवरात्रि के नौ दिन सिर्फ व्रत-उपवास और पूजा-अर्चना के दिन नहीं हैं। ये नौ दिन अपने शरीर, मन और आत्मा तीनों को शुद्ध करने के दिन हैं। जब व्यक्ति नवरात्रि में सात्विक आहार लेता है, व्रत रखता है, मंत्र जाप करता है तो उसका शरीर डिटॉक्स होता है, मन शांत होता है और आत्मा को ऊर्जा मिलती है।

रोग चाहे प्रारब्ध के कारण आया हो या क्रियमाण कर्मों के कारण, मां दुर्गा की सच्ची भक्ति और उपासना से रोगों से छुटकारा मिलता है। इसमें कोई संदेह नहीं है। शर्त सिर्फ इतनी है कि उपासना पूर्ण श्रद्धा, विश्वास और नियमितता के साथ की जाए। आम आदमी के लिए इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप किसी भी बीमारी से परेशान हैं तो डॉक्टर के इलाज के साथ-साथ मां कूष्मांडा और मां स्कंदमाता की उपासना को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

मुख्य बातें (Key Points)
  • शरीर एक साधन है जिसे स्वस्थ रखना धार्मिक कर्तव्य है, बिना स्वस्थ शरीर के न उपासना हो सकती है और न पुरुषार्थ
  • तीन प्रकार के कर्म हैं: संचित (पाप-पुण्य का भंडार), प्रारब्ध (इस जन्म का भाग्य) और क्रियमाण (अपनी करनी), रोग प्रारब्ध के अनुसार आते हैं
  • मां कूष्मांडा की उपासना से पोषण की कमी, रक्त विकार, पेट की समस्या, मानसिक कमज़ोरी, हृदय रोग और पित्त-गैस की समस्या दूर होती है और सूर्य ग्रह मज़बूत होता है
  • मां स्कंदमाता की उपासना से वात, पित्त और कफ तीनों दोषों का नाश होता है और बुध ग्रह को बल मिलता है

FAQ : अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: नवरात्रि में किस देवी की पूजा से पेट और पाचन संबंधी रोग दूर होते हैं?

नवरात्रि में मां कूष्मांडा (चौथे दिन की देवी) की उपासना से पेट और पाचन संबंधी रोग दूर होते हैं। मां कूष्मांडा पेट से संबंधित अंगों को प्रभावित करती हैं और इनकी पूजा से पोषण की कमी, रक्त विकार, कब्ज़, पित्त-गैस और मानसिक कमज़ोरी जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। इनकी उपासना से कुंडली में सूर्य ग्रह भी मज़बूत होता है।

प्रश्न 2: वात, पित्त और कफ दोष दूर करने के लिए नवरात्रि में क्या करें?

वात, पित्त और कफ तीनों दोषों का नाश करने के लिए मां स्कंदमाता (पांचवें दिन की देवी) की उपासना करनी चाहिए। मां स्कंदमाता की पूजा से शरीर के त्रिदोष संतुलित होते हैं और कुंडली में बुध ग्रह को बल मिलता है जो तंत्रिका तंत्र और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करता है।

प्रश्न 3: क्या प्रारब्ध के कारण आए रोग भी मिट सकते हैं?

शास्त्रों के अनुसार प्रारब्ध के कारण आए रोगों को मिटाने के लिए उच्च स्तर की तपस्या और भक्ति चाहिए। स्वामी रामकृष्ण परमहंस जैसे महान संतों को भी प्रारब्ध के कारण रोग हुए। लेकिन मां दुर्गा की सच्ची उपासना से रोगों से छुटकारा अवश्य मिलता है, भले ही प्रारब्ध पूरी तरह न मिटे लेकिन रोग सहने की क्षमता ईश्वर प्रदान करते हैं।

Previous Post

Navratri 2026 Upay: नवरात्रि में राशि अनुसार नवार्ण मंत्र जाप से बदलेगी किस्मत

Next Post

Navratri Upay 2026: पंडित सुरेश पांडे ने बताए 15 चमत्कारी उपाय, 8 घंटे करो तो दरिद्रता भागेगी

अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप 'The News Air' के संस्थापक और मुख्य संपादक (Chief Editor) हैं। डिजिटल मीडिया में उनके अनुभव में ग्राउंड रिपोर्टिंग, न्यूज़ डेस्क ऑपरेशन और एडिटोरियल लीडरशिप शामिल है। वे हर खबर की फैक्ट-चेकिंग और संपादन की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करते हैं। राजनीति, चुनाव विश्लेषण, सामाजिक मुद्दे और डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स उनकी विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र हैं। अभिनव का संपादकीय सिद्धांत है "सनसनी नहीं, सच्चाई; तेज़ी नहीं, तथ्य।"

Related Posts

Cockroach Janata Party

Cockroach Janata Party Supreme Court: CJI सूर्यकांत बोले: इतना भावुक मत होइए, अभी कोई अर्जेंसी नहीं

सोमवार, 25 मई 2026
Kapil Sharma Canada Cafe Shooting Dharmendra Memory

Kapil Sharma Amritsar House Firing: कपिल शर्मा के घर के बाहर नहीं चली गोली, पुलिस ने बताया अफवाह

सोमवार, 25 मई 2026
Dharmendra Padma Vibhushan

Dharmendra Padma Vibhushan: हेमा मालिनी ने राष्ट्रपति भवन में लिया धर्मेंद्र का सर्वोच्च सम्मान

सोमवार, 25 मई 2026
Punjab Municipal Elections

Punjab Municipal Elections: चार नगर कौंसलों में 10 जून को होगा मतदान

सोमवार, 25 मई 2026
Laljit Bhullar

Laljit Bhullar Case: डिजिटल सबूतों के जाल में फंसे पूर्व मंत्री

सोमवार, 25 मई 2026
Punjab MC Elections

Punjab MC Elections: बैलट पेपर से चुनाव को Supreme Court ने दी हरी झंडी

सोमवार, 25 मई 2026
Next Post
Navratri Upay 2026

Navratri Upay 2026: पंडित सुरेश पांडे ने बताए 15 चमत्कारी उपाय, 8 घंटे करो तो दरिद्रता भागेगी

India Energy Crisis

India Energy Crisis: भारत में तेल-गैस का भयंकर संकट, अर्थव्यवस्था खतरे में

Trump Iran War

Trump Iran War: ईरान के सामने घुटनों पर अमेरिका, 5 दिन का पॉज क्यों?

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।