Shaheed Bhagat Singh Bharat Ratna की मांग को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। फिरोजपुर के हुसैनीवाला में 23 मार्च को शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर ऐतिहासिक राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए CM मान ने कहा कि उन्होंने इन तीनों महान क्रांतिकारियों को Shaheed Bhagat Singh Bharat Ratna यानी देश का सर्वोच्च सम्मान दिए जाने की मांग की थी, लेकिन BJP सरकार ने यह मांग नहीं मानी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिवारों को सम्मानित किया और ₹24.99 करोड़ की लागत से बनने वाले हुसैनीवाला विरासत परिसर (Hussainiwala Heritage Complex) का शिलान्यास भी किया।
“भगत सिंह प्रधानमंत्री होते तो देश की तस्वीर कुछ और होती”: CM मान
Shaheed Bhagat Singh Bharat Ratna की मांग के साथ ही CM भगवंत मान ने एक बेहद भावनात्मक और राजनीतिक रूप से तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “अगर शहीद-ए-आज़म भगत सिंह 1952 के पहले आम चुनावों के बाद भारत के प्रधानमंत्री बन जाते, तो आज देश की तस्वीर पूरी तरह अलग होती।” मान ने युवा नेतृत्व पर जोर देते हुए कहा कि “आज नेपाल में 35 वर्षीय युवा प्रधानमंत्री बन गया है। यदि आजादी के बाद यहां भी युवाओं को नेतृत्व सौंपा गया होता, तो भारत आज दुनिया में अग्रणी राष्ट्र होता।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के शुरुआती वर्षों में देश की बागडोर ऐसे साहसी और निस्वार्थ युवाओं के हाथों में होनी चाहिए थी, जिन्होंने अपना सब कुछ देश के लिए कुर्बान किया। लेकिन दुर्भाग्य से सत्ता के लालचियों ने कुर्सी पर कब्जा कर लिया और खून बहाकर हासिल की गई आजादी का श्रेय खुद ले लिया, जिसके लिए उन्होंने कभी संघर्ष भी नहीं किया। भगत सिंह के जीवन को याद करते हुए मान ने कहा कि “भगत सिंह ने अपने व्यक्तिगत जीवन से ऊपर क्रांति का मार्ग चुना और अपनी सगाई के दिन भी घर छोड़ दिया।” ये शब्द सुनकर हुसैनीवाला में मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं।
BJP पर तीखा हमला: “2014 में आजादी मिली का दावा शहीदों का घोर अपमान”
CM भगवंत मान ने बिना नाम लिए BJP नेतृत्व पर कड़े शब्दों में निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “जिन्होंने आजादी के संग्राम में कुछ नहीं खोया, वे आज दावा कर रहे हैं कि भारत 2014 में ही आजाद हुआ और देश अब उनके आदेशों के अनुसार चले। यह हमारे शहीदों का घोर अपमान है।” मान ने आगे कहा कि “कुछ कृतघ्न नेता यह दावा करते हैं कि भारत को वास्तविक आजादी केवल 2014 में मिली, यह सुनकर उन लाखों शहीदों और उनके परिवारों का अपमान होता है जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया।”
मुख्यमंत्री ने एक और बेहद संवेदनशील मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि “यह हैरान करने वाली बात है कि कुछ लोग शहीद भगत सिंह को केवल एक ‘समाज सेवक’ के रूप में प्रस्तुत करते हैं, उन्हें शहीद नहीं मानते। ऐसे प्रमाण पत्र देने वाले ये लोग कौन हैं?” मान का यह बयान सीधे तौर पर उन विवादित बयानों पर चोट करता है जो समय-समय पर भगत सिंह को शहीद की बजाय अन्य विशेषणों से संबोधित करने को लेकर आते रहे हैं।
“सत्ताधारियों ने अपने नाम पर स्टेडियम बनवाए, शहीदों के लिए कुछ नहीं किया”
Shaheed Bhagat Singh Bharat Ratna की मांग को और धार देते हुए CM मान ने राजनीतिक प्राथमिकताओं पर गहरा सवाल उठाया। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि “इस देश के लालची और स्वार्थी नेताओं ने जीवित रहते हुए अपने नाम पर स्टेडियम बनवा लिए, अपने बुत लगवाए, लेकिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव जैसे सच्चे शहीदों को सम्मानित करने के लिए आज तक कोई आगे नहीं आया।”
मान ने बताया कि उनकी सरकार को मोहाली हवाई अड्डे का नाम शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रखने के लिए भी केंद्र सरकार से लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी, क्योंकि केंद्र सरकार ने बार-बार उनकी मांगों को नजरअंदाज किया। लेकिन लगातार कोशिशों से अंततः वे इसमें सफल रहे। इसके अलावा हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखा जा रहा है, जिन्हें शहीद भगत सिंह अपना गुरु मानते थे। यह कदम शहीदों की विरासत को जीवित रखने की दिशा में आम आदमी पार्टी सरकार का ठोस प्रयास है।
आजादी की कीमत और विभाजन का दर्द: CM मान ने किया भावनात्मक संबोधन
हुसैनीवाला की पवित्र भूमि पर CM भगवंत मान ने आजादी की कीमत को भी याद किया और कहा कि “कोई कल्पना भी नहीं कर सकता कि हमारी आजादी कितनी महंगी थी। विभाजन के दौरान लगभग 10 लाख लोगों ने अपनी जान गंवाई और लाखों लोग विस्थापित हुए।” उन्होंने कहा कि “हमारे बुजुर्गों ने बहुत बलिदान दिए, लेकिन सत्ताधारी इस पीड़ा को समझने में असफल रहे हैं, क्योंकि उन्हें शहीदों की कुर्बानियों से बना तैयार देश विरासत में मिला।”
मान ने इस बात पर भी दुख जताया कि “शहीद राजगुरु, शहीद सुखदेव और शहीद-ए-आजम भगत सिंह को याद करने के लिए केवल फूल ही रह गए, जबकि अन्य लोग आजादी की विरासत का झूठा दावा कर प्रमुख बन गए।” उन्होंने कहा कि “उन महान योद्धाओं को चुप कराने के लिए ही उन्हें जल्दी फांसी दी गई थी, क्योंकि लोग उनके निडर विचारों के पीछे इकट्ठा होने लगे थे।” यह बात इतिहास का एक कटु सत्य है कि अंग्रेजों ने इन तीनों क्रांतिकारियों को निर्धारित तारीख से एक दिन पहले ही चुपचाप फांसी दे दी थी और रात के अंधेरे में हुसैनीवाला में सतलुज नदी के किनारे उनका अंतिम संस्कार किया था।
“वोट की ताकत सबसे बड़ी शक्ति”: मान का युवाओं से आह्वान
CM भगवंत मान ने अपने संबोधन में लोगों से शहीदों से प्रेरणा लेने और उनके बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “आज के समय में बम और हथियारों की जरूरत नहीं है, बल्कि वोट की ताकत सबसे बड़ी शक्ति है और सही नेताओं का चुनाव करके लोग वास्तविक बदलाव ला सकते हैं।” उन्होंने कहा कि “लोग भगत सिंह को केवल उनके जन्म या शहादत दिवस पर याद करते हैं, जबकि वे केवल एक परिवार के नहीं, बल्कि पूरे देश के हैं। यदि हम उनके आदर्शों पर चलें, तो पंजाब को फिर से समृद्ध बनने से कोई नहीं रोक सकता।”
मान ने एक दिलचस्प बात यह भी कही कि “मुझे दुख होता है जब लोग वाहनों पर भगत सिंह की तस्वीर लगाकर कहते हैं कि ‘वे वापस आएंगे’। उनके लौटने का इंतजार करने के बजाय हमें उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए और देश की सेवा करनी चाहिए।” यह बयान पंजाब में भगत सिंह के प्रति लोगों की भावनात्मक आस्था और राजनीतिक इस्तेमाल दोनों पर एक सीधी टिप्पणी है।
₹24.99 करोड़ के हुसैनीवाला विरासत परिसर का शिलान्यास
शहादत दिवस पर CM मान ने ₹24.99 करोड़ की लागत से बनने वाले हुसैनीवाला विरासत परिसर (Hussainiwala Heritage Complex) का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि “यह प्रोजेक्ट हमारे महान शहीदों को श्रद्धांजलि देने और आने वाली पीढ़ियों के लिए उनकी विरासत को संरक्षित करने का एक विनम्र प्रयास है।” इस परियोजना का उद्देश्य हुसैनीवाला में विरासत क्षेत्र का विकास करने के साथ-साथ पंजाब में पर्यटन को बढ़ावा देना भी है।
इस विरासत परिसर में कई आकर्षक सुविधाएं शामिल होंगी। एक भव्य प्रवेश द्वार बनाया जाएगा जो आगंतुकों को शहीदों की गौरवशाली विरासत का अहसास कराएगा। परिसर में शहीदों के जीवन को समर्पित विशेष गैलरी, भित्ति चित्र (Murals), पार्कों और स्मारक स्थलों का सौंदर्यीकरण और लैंडस्केपिंग शामिल होगी। इसके अलावा ऐतिहासिक घटनाओं से संबंधित थीम आधारित चित्र, पुराने पुल पर 3-D मैपिंग शो और एक म्यूजिकल फाउंटेन भी बनाया जाएगा। बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, वरिष्ठ नागरिकों के लिए आराम स्थल, ऑन-ग्रिड सोलर पावर प्लांट और स्वच्छ पेयजल के लिए RO प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे।
यह परियोजना न केवल शहीदों की स्मृति को जीवित रखेगी, बल्कि फिरोजपुर जिले में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा बढ़ावा देगी। हुसैनीवाला पहले से ही भारत-पाकिस्तान सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी और शहीद स्मारक के लिए जाना जाता है, और यह विरासत परिसर इसे एक और बड़ा आकर्षण केंद्र बनाएगा।
CM मान ने अंत में कहा कि “आइए हम शहीदों के मार्ग पर चलने और अपने हाथों से अपने पंजाब का निर्माण करने का संकल्प लें। हमारी सरकार शहीद-ए-आजम भगत सिंह के सपनों का ‘रंगला पंजाब’ बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। देश हमेशा इन शहीदों का ऋणी रहेगा।”
मुख्य बातें (Key Points)
- Shaheed Bhagat Singh Bharat Ratna मांग ठुकराई: CM मान ने कहा कि उन्होंने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को भारत रत्न देने की मांग की थी, लेकिन BJP की केंद्र सरकार ने नहीं मानी।
- BJP पर तीखा हमला: मान ने कहा कि “2014 में आजादी मिली” का दावा करने वाले लोग शहीदों का घोर अपमान कर रहे हैं, जिन्होंने आजादी के संग्राम में कुछ नहीं खोया वे आज दावेदार बने बैठे हैं।
- ₹24.99 करोड़ का विरासत परिसर: हुसैनीवाला में शहीदों की स्मृति में भव्य विरासत परिसर का शिलान्यास किया गया, जिसमें गैलरी, 3-D मैपिंग शो, म्यूजिकल फाउंटेन और सोलर पावर प्लांट शामिल होंगे।
- युवा नेतृत्व पर जोर: मान ने कहा कि अगर भगत सिंह प्रधानमंत्री होते तो देश की तस्वीर अलग होती, मोहाली और हलवारा एयरपोर्ट शहीदों के नाम पर रखे गए।








