Post Matric Scholarship Punjab : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) के विद्यार्थियों की शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत मौजूदा वित्तीय वर्ष में 1,91,429 विद्यार्थियों के लिए ₹219 करोड़ की राशि जारी कर दी है। सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने शनिवार, 21 मार्च 2026 को चंडीगढ़ में यह जानकारी देते हुए बताया कि इस वित्तीय वर्ष में 2.70 लाख विद्यार्थियों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया था, जबकि अब तक 2,72,093 विद्यार्थियों से आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जो लक्ष्य से भी अधिक है।
₹219 करोड़ जारी: 1.91 लाख SC Students को मिली स्कॉलरशिप
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पंजाब सरकार हाशिए पर स्थित वर्गों को समाज की मुख्यधारा में लाने और उनका जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत मौजूदा वित्तीय वर्ष के दौरान 1,91,429 अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए ₹219 करोड़ की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई है। मंत्री ने कहा कि यह मान सरकार की अनुसूचित जातियों और अन्य पिछड़े वर्गों (OBC) के कल्याण और सशक्तिकरण के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह रकम कोई मामूली आंकड़ा नहीं है। ₹219 करोड़ का मतलब है कि लगभग दो लाख परिवारों के बच्चों की पढ़ाई बिना किसी आर्थिक बोझ के जारी रह सकेगी। पंजाब जैसे राज्य में, जहां अनुसूचित जाति की आबादी देश में सर्वाधिक (लगभग 32%) है, यह योजना सामाजिक बदलाव का एक बड़ा हथियार बनकर उभर रही है।
लक्ष्य 2.70 लाख, आवेदन आए 2.72 लाख: जनता में बढ़ता भरोसा
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पंजाब सरकार ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में 2.70 लाख विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा था। लेकिन अब तक 2,72,093 विद्यार्थियों से आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जो निर्धारित लक्ष्य से भी अधिक है।
मंत्री ने कहा कि लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होना योजना के प्रति लोगों में बढ़ती जागरूकता और विश्वास को स्पष्ट करता है। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि सरकार ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्कॉलरशिप पोर्टल के जरिए पूरी आवेदन प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है, जिससे विद्यार्थियों और उनके परिवारों को कहीं चक्कर नहीं लगाने पड़ते और बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गई है।
“कोई योग्य विद्यार्थी पैसे की कमी से पढ़ाई न छोड़े”: डॉ. बलजीत कौर
योजना के मानवीय पक्ष को उजागर करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप केवल वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों के लिए उम्मीद की एक किरण है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “कई परिवारों के लिए यह योजना बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने और अपना भविष्य सुनहरा बनाने का अवसर प्रदान कर रही है। हमारी सरकार का दृढ़ संकल्प है कि कोई भी योग्य विद्यार्थी केवल आर्थिक कमी के कारण अपनी पढ़ाई से वंचित न रहे।”
यही वह बात है जो इस योजना को सिर्फ एक सरकारी स्कीम से कहीं आगे ले जाती है। जब किसी गरीब परिवार का पहला बच्चा कॉलेज या यूनिवर्सिटी जाता है तो पूरे परिवार का भविष्य बदल जाता है। पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप उस बदलाव की नींव रखती है, जहां एक पीढ़ी की मेहनत अगली पीढ़ी को गरीबी के चक्र से बाहर निकालने का रास्ता बनाती है।
समय पर भुगतान से बढ़ रही लाभार्थियों की संख्या
कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने एक और अहम बात बताई कि योजना के तहत विद्यार्थियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है, जिसकी वजह से पिछले वर्षों की तुलना में लाभार्थियों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास पंजाब के युवाओं को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।
पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में पंजाब सरकार ने 2,37,456 विद्यार्थियों के लिए ₹267.54 करोड़ जारी किए थे। इसके अलावा सरकार ने 2017-18 से 2019-20 तक का ₹366 करोड़ का बकाया भी चुकाया, जो पिछली सरकारों के समय में लंबित पड़ा हुआ था। यह बकाया चुकाना अपने आप में बताता है कि मान सरकार इस योजना को गंभीरता से ले रही है और पुराने वादे भी पूरे कर रही है।
कैसे करें आवेदन: जानें पूरी प्रक्रिया
पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए विद्यार्थी डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्कॉलरशिप पोर्टल (scholarships.punjab.gov.in) पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आवेदक को पंजाब का मूल निवासी और अनुसूचित जाति वर्ग से होना जरूरी है। विद्यार्थी को मान्यता प्राप्त संस्थान में पोस्ट मैट्रिक कोर्स में दाखिला लेना होगा और परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। आधार कार्ड (बैंक से लिंक), जाति प्रमाणपत्र, पिछली कक्षा की मार्कशीट, आय प्रमाणपत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, 10वीं का सर्टिफिकेट और बैंक पासबुक जैसे दस्तावेज जमा करने होते हैं। यह योजना 60:40 के अनुपात में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर फंड करती हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब सरकार ने Post Matric Scholarship के तहत 1,91,429 SC विद्यार्थियों को ₹219 करोड़ की राशि जारी की।
- मौजूदा वित्तीय वर्ष में 2.70 लाख विद्यार्थियों को कवर करने का लक्ष्य था, जबकि 2,72,093 आवेदन प्राप्त हुए, जो लक्ष्य से अधिक है।
- मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि कोई भी योग्य विद्यार्थी आर्थिक कमी के कारण पढ़ाई से वंचित नहीं रहेगा।
- समय पर भुगतान सुनिश्चित होने से लाभार्थियों की संख्या में पिछले वर्षों की तुलना में लगातार वृद्धि हो रही है।








