Punjab Women Empowerment को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को मोहाली (SAS नगर) में एक ऐतिहासिक बयान दिया। जमीनी स्तर की महिला उद्यमियों के सम्मान समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जो महिलाएं घर और परिवार को कुशलता से चलाती हैं, उन्हें अब देश भी चलाना चाहिए।” उन्होंने महिलाओं से राजनीति में आगे आने और निर्णय लेने की भूमिका निभाने का आह्वान किया। समारोह में पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (PSRLM) के तहत 23 जिलों से 100 शीर्ष प्रदर्शन करने वाली महिला उद्यमियों को ₹25,000, प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। AAP पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि “पहली बार आम परिवारों की महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है, यह आंदोलन महिलाओं के जीवन को बदल देगा।” मुख्यमंत्री ने “मावां धियां सत्कार योजना” के तहत 13 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन शुरू होने, ₹9,300 करोड़ के आवंटन, “मेरी रसोई” योजना, सरकारी नौकरियों में 33% आरक्षण और DC-SSP पदों पर सबसे ज्यादा महिला नियुक्तियों का विस्तृत ब्यौरा दिया।

“लड़कियां राजनीति में आएं, यह सिर्फ पुरुषों की जागीर नहीं”: CM मान
Punjab Women Empowerment पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने महिलाओं से राजनीति में सक्रिय भागीदारी की जोरदार अपील की। उन्होंने कहा, “लड़कियों को आगे आकर राजनीति में भाग लेना चाहिए ताकि वे निर्णय लेने में सक्रिय भागीदार बनें और समाज में जरूरी बदलाव लाएं। आज लड़कियों ने लगभग हर क्षेत्र में लड़कों को पीछे छोड़ दिया है, लेकिन राजनीति अभी भी अपवाद है।”
भगवंत मान ने कहा, “इस क्षेत्र को लंबे समय से पुरुषों की जागीर माना जाता रहा है, लेकिन अब समय आ गया है कि महिलाएं यहां भी उत्कृष्टता हासिल करें। एक समतावादी समाज बनाने और जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य है।”
उन्होंने यह भी कहा कि “महिलाओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे और उनके परिवार सावधानी से अपना वोट इस्तेमाल करें ताकि सही नेता विधानसभा और संसद के लिए चुने जाएं।” यह बयान आगामी चुनावों के संदर्भ में बेहद अहम है।
DC से SSP तक: किसी भी सरकार से सबसे ज्यादा महिला नियुक्तियां
Punjab Women Empowerment में सबसे बड़ा दावा मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक स्तर पर महिलाओं की नियुक्तियों को लेकर किया। भगवंत मान ने कहा, “AAP सरकार ने कई महिलाओं को डिप्टी कमिश्नर (DC) और सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) के पद पर नियुक्त किया है, जो पहले के समय से एक बड़ा बदलाव है। इन पदों पर किसी भी सरकार द्वारा नियुक्त महिलाओं की यह सबसे ज्यादा संख्या है।”
DC और SSP जैसे पद जिला प्रशासन के सबसे शक्तिशाली पद हैं। इन पदों पर महिलाओं की नियुक्ति न सिर्फ प्रतीकात्मक है, बल्कि यह दिखाता है कि महिलाएं सबसे कठिन और जिम्मेदारी भरे पदों पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं।

मावां धियां सत्कार योजना: ₹1,000-₹1,500 प्रति माह, 13 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन
Punjab Women Empowerment में सबसे बड़ी योजना “मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना” है। इसके तहत:
- सामान्य महिलाओं को ₹1,000 प्रति माह
- अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹1,500 प्रति माह
- पैसा सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर होगा
- पंजाब की 97% महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद
- सरकार ने ₹9,300 करोड़ आवंटित किए हैं
- 13 अप्रैल (बैसाखी) से रजिस्ट्रेशन शुरू होगा
₹9,300 करोड़ का आवंटन बताता है कि यह सिर्फ घोषणा नहीं बल्कि जमीन पर लागू होने वाली योजना है। 97% महिलाओं को कवर करने का लक्ष्य बेहद महत्वाकांक्षी है।
“मेरी रसोई” योजना: 40 लाख परिवारों को मुफ्त राशन किट
Punjab Women Empowerment में एक और बड़ी योजना “मेरी रसोई” है। भगवंत मान ने बताया कि इस योजना के तहत 40 लाख परिवारों को राशन किट दी जाएगी। हर किट में शामिल है:
| सामान | मात्रा |
|---|---|
| चीनी | 2 किलो |
| दालें | 2 किलो |
| सरसों का तेल | 1 लीटर |
| हल्दी | 200 ग्राम |
| नमक | 1 किलो |
इस योजना के लिए ₹900 करोड़ आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा दोनों को मजबूत करेगी।
33% आरक्षण, 65,000+ नौकरियां: महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
Punjab Women Empowerment में संरचनात्मक बदलावों की भी विस्तृत जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने बताया:
- सरकारी नौकरियों में 33% आरक्षण महिलाओं के लिए
- 65,000 से ज्यादा नौकरियों में बड़ी संख्या में महिलाओं का चयन हुआ
- स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में 50% आरक्षण
- 27,314 आंगनवाड़ी केंद्रों से 1.86 लाख लड़कियों को पौष्टिक भोजन
- हजारों आंगनवाड़ी कर्मचारियों की भर्ती जारी
- महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा, खासकर स्कूल-कॉलेज जाने वाली लड़कियों के लिए
इसके अलावा आम आदमी क्लीनिक, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत ₹10 लाख तक कैशलेस इलाज और 90% घरों को मुफ्त बिजली जैसी योजनाएं भी महिला कल्याण पर केंद्रित हैं।
58,303 स्वयं सहायता समूह, 5.89 लाख ग्रामीण परिवार जुड़े
Punjab Women Empowerment में ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का विस्तृत ब्यौरा दिया गया। मुख्यमंत्री ने बताया:
- 58,303 स्वयं सहायता समूह (SHG) बनाए गए
- करीब 5.89 लाख ग्रामीण परिवार इनसे जुड़े
- ₹147 करोड़ वित्तीय सहायता दी गई
- 117 विधानसभा क्षेत्रों में 11,700 महिलाओं को सम्मानित किया गया
- 23 जिलों में 2,300 महिलाओं को जिला स्तर पर सम्मानित किया गया
उद्यमिता पहलों के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “पहल स्टार्टअप प्रोजेक्ट” के तहत 2,000 से ज्यादा स्टार्टअप शुरू हुए हैं, जिनसे 7,560 लोगों को रोजगार मिला है। 19 जिलों में “सखी शक्ति मेला” आयोजित हुए, जहां महिलाओं ने ₹1 करोड़ से ज्यादा की कमाई की।
वेरका के सहयोग से डेयरी सहकारी समितियां बनाई जा रही हैं, जिनमें 7,000 महिलाएं जुड़ी हैं। लक्ष्य रोजाना 85,000 लीटर दूध की आपूर्ति करना है और पूरे पंजाब में 1,000 ऐसी समितियां स्थापित करना है।

चीन का उदाहरण देकर बोले: “हर पंजाबी महिला कुछ उत्पादन करे”
Punjab Women Empowerment पर बोलते हुए भगवंत मान ने वैश्विक तुलना भी की। उन्होंने कहा, “चीन में हर महिला कुछ न कुछ उत्पादन करने में लगी है। अगर वे निर्यात करना बंद कर दें तो वैश्विक अर्थव्यवस्था अस्त-व्यस्त हो जाएगी।”
पंजाबी महिलाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें माता गुजरी जी, माई भागो और अन्य ऐतिहासिक शख्सियतों से प्रेरणा लेनी चाहिए और विविध क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करनी चाहिए।
मान ने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा, “कोई भी मुफ्त ‘रेवड़ी’ या रियायत कार्ड गरीबी या सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकता। शिक्षा ही एकमात्र रास्ता है इस चक्र को तोड़ने और जीवन स्तर सुधारने का। इसीलिए हमारी सरकार शिक्षा को मजबूत करने के लिए अथक प्रयास कर रही है।”
मनीष सिसोदिया: “पहली बार आम परिवारों की महिलाओं को मिला सम्मान”
Punjab Women Empowerment पर AAP पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने भावनात्मक बयान दिया। उन्होंने कहा, “पहले ऐसे समारोह सम्पन्न परिवारों की महिला उपलब्धिकर्ताओं तक सीमित रहते थे। पहली बार आम परिवारों की महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है। यह आंदोलन सशक्तिकरण के माध्यम से महिलाओं के जीवन को बदलने और दूसरों को राष्ट्र निर्माता के रूप में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करने में बहुत आगे तक जाएगा।”
सिसोदिया का यह बयान AAP की राजनीतिक रणनीति को भी दर्शाता है। आम परिवारों की महिलाओं को सम्मानित करना और उन्हें राजनीतिक प्रक्रिया से जोड़ना AAP के मूल सिद्धांतों में है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले महिला वोटर बेस को मजबूत करने की यह एक सोची-समझी रणनीति भी हो सकती है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
मुख्य बातें (Key Points)
- CM भगवंत मान बोले “घर चलाने वाली महिलाएं देश भी चलाएं”, DC-SSP पदों पर सबसे ज्यादा महिला नियुक्तियां, PSRLM के तहत 23 जिलों से 100 महिला उद्यमियों को ₹25,000 देकर सम्मानित।
- “मावां धियां सत्कार योजना”: ₹1,000/₹1,500 प्रति माह, ₹9,300 करोड़ आवंटित, 97% महिलाओं को लाभ, 13 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन। “मेरी रसोई”: 40 लाख परिवारों को राशन किट, ₹900 करोड़ बजट।
- 58,303 स्वयं सहायता समूह, 5.89 लाख ग्रामीण परिवार जुड़े, 2,000+ स्टार्टअप से 7,560 रोजगार, वेरका के साथ 7,000 महिलाएं डेयरी सहकारी में, 33% सरकारी नौकरी आरक्षण।
- मनीष सिसोदिया बोले “पहली बार आम परिवारों की महिलाओं को सम्मान”, मान ने कहा “रेवड़ी से गरीबी नहीं मिटती, शिक्षा ही एकमात्र रास्ता”, माता गुजरी और माई भागो से प्रेरणा लेने का आह्वान।








