Dhuri Hospital Punjab: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को संगरूर जिले के धूरी में 21.65 करोड़ रुपये की लागत से बने अत्याधुनिक सब-डिविजनल अस्पताल और माता-शिशु स्वास्थ्य देखभाल केंद्र को आम जनता के लिए समर्पित कर दिया। 50 बिस्तरों वाले सब-डिविजनल अस्पताल और 30 बिस्तरों वाले माता-शिशु स्वास्थ्य ब्लॉक से न केवल धूरी शहर बल्कि आसपास के करीब 70 गांवों के हजारों लोगों को अब घर के नजदीक ही आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।

73,000 वर्ग फुट में फैला अत्याधुनिक भवन: संगरूर के स्वास्थ्य ढांचे में बड़ा बदलाव
Dhuri Hospital Punjab के इस नए कॉम्प्लेक्स को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह परियोजना पंजाब की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। लगभग 73,000 वर्ग फुट में फैला यह अत्याधुनिक भवन इस पूरे क्षेत्र के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अस्पताल में ओपीडी, इनडोर इलाज, इमरजेंसी सेवाएं, जांच सुविधाएं और विशेष सेवाएं सभी एक छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इससे सेकेंडरी स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएंगी। धूरी शहर के 58,000 से अधिक निवासियों और आसपास के गांवों के हजारों लोगों के लिए यह अस्पताल बड़ी राहत लेकर आया है, क्योंकि अब उन्हें छोटे-बड़े इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों में नहीं भटकना पड़ेगा।
1978 में 30 बिस्तरों से शुरू, अब 80 बिस्तरों का आधुनिक अस्पताल
भगवंत सिंह मान ने Dhuri Hospital Punjab के इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि यह अस्पताल वर्ष 1978 में महज 30 बिस्तरों के साथ स्थापित हुआ था। समय के साथ इसे 50 बिस्तरों तक अपग्रेड किया गया और अब आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस 80 बिस्तरों वाला पूर्ण अस्पताल बना दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफर सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए उनकी सरकार के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है। एक ऐसा अस्पताल जो दशकों से सीमित संसाधनों में काम कर रहा था, आज वह अत्याधुनिक उपकरणों और बुनियादी सुविधाओं से लैस होकर इस क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर ही बदल देगा।
13 ओपीडी कमरे, 7 ऑपरेशन थिएटर और आधुनिक जांच सुविधाएं
Dhuri Hospital Punjab के इस नए अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यहां 13 ओपीडी कमरे, एक पूरा इमरजेंसी ब्लॉक और दो रजिस्ट्रेशन काउंटर बनाए गए हैं। बड़ी और छोटी सर्जरी के लिए 7 ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था की गई है, जो इस स्तर के अस्पताल के लिए बेहद उल्लेखनीय है।
आधुनिक जांच सुविधाओं की बात करें तो अस्पताल में तीन लैबोरेट्री, ईसीजी, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे जैसे उपकरण उपलब्ध हैं। इसके अलावा 12 निजी कमरे, 6 जनरल वार्ड, एक पूर्ण रूप से कार्यशील दवा भंडार, एसएमओ कार्यालय, 11 नर्स स्टेशन और 2 लिफ्टें भी अस्पताल का हिस्सा हैं। ये सभी सुविधाएं मिलकर मरीजों की बेहतर देखभाल और अस्पताल की कार्यकुशलता को सुनिश्चित करती हैं।

घुटना प्रत्यारोपण से लेकर ईएनटी तक: विशेषज्ञ सेवाओं का दायरा बढ़ा
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि Dhuri Hospital Punjab में अब सर्जिकल सेवाओं के साथ-साथ घुटना प्रत्यारोपण (Knee Replacement) जैसी उन्नत सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। पहले इस तरह की सर्जरी के लिए लोगों को बड़े शहरों के निजी अस्पतालों में जाना पड़ता था और लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे। अब धूरी के इस सरकारी अस्पताल में ही यह सुविधा मिल जाएगी।
इसके अलावा कान-नाक-गला (ईएनटी) के क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टर भी यहां सेवाएं प्रदान करेंगे। आम आदमी के लिए इसका सीधा मतलब यह है कि अब उसे महंगे प्राइवेट अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और घर के पास ही विशेषज्ञ इलाज मिल सकेगा।
माता-शिशु स्वास्थ्य ब्लॉक: गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को समर्पित
Dhuri Hospital Punjab का 30 बिस्तरों वाला माता-शिशु स्वास्थ्य ब्लॉक इस पूरी परियोजना का सबसे अहम हिस्सा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि यह समर्पित केंद्र अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञों की निगरानी में सामान्य और सिजेरियन दोनों तरह की डिलीवरी की सुविधाएं प्रदान करेगा।
इससे गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और बच्चों की देखभाल पहले से कहीं बेहतर होगी। ग्रामीण इलाकों में अक्सर महिलाओं को प्रसव के दौरान सही सुविधाएं नहीं मिल पातीं, जिससे मातृ और शिशु मृत्यु दर बढ़ती है। यह नया ब्लॉक इस गंभीर समस्या से निपटने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि माताओं और बच्चों के लिए आवश्यक इलाज और जांच पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध करवाई जाएंगी, ताकि कोई भी परिवार आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहे।
ईएसआई डिस्पेंसरी से श्रमिकों को भी मिलेगा लाभ
भगवंत सिंह मान ने बताया कि इस अस्पताल के तहत पहले से चल रही ईएसआई (ESI) डिस्पेंसरी के जरिए श्रमिकों को भी स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहेंगी। धूरी और इसके आसपास के इलाकों में कई छोटे-बड़े उद्योग और कारखाने हैं, जहां काम करने वाले मजदूरों के लिए यह सुविधा बेहद जरूरी है। अब उन्हें अपने स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
1500 से ज्यादा डॉक्टरों की भर्ती: पंजाब में स्वास्थ्य क्रांति का दावा
व्यापक स्वास्थ्य सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि AAP सरकार ने पंजाब में 1500 से अधिक डॉक्टरों की भर्ती की है। इनमें 600 से ज्यादा विशेषज्ञ डॉक्टर और 900 से अधिक जनरल डॉक्टर शामिल हैं। इसके अलावा आम आदमी क्लीनिकों में 800 से अधिक डॉक्टर तैनात किए गए हैं।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ने सेकेंडरी स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया है और आम आदमी क्लीनिकों के नेटवर्क का विस्तार किया है। 300 करोड़ रुपये से अधिक की खरीद के जरिए मुफ्त दवाइयों और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। यह आंकड़े बताते हैं कि पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता में रखा है।
10 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर: कोई परिवार इलाज से वंचित नहीं रहेगा
वित्तीय सुरक्षा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पंजाब में प्रति परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर दिया जा रहा है। इसका मतलब यह है कि अगर किसी परिवार के सदस्य को कोई गंभीर बीमारी होती है तो उसे इलाज का खर्च अपनी जेब से नहीं उठाना पड़ेगा।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि मुफ्त इलाज और 10 लाख की स्वास्थ्य योजना के साथ AAP सरकार किसी भी परिवार को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित नहीं रहने देगी। यह योजना खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए बड़ी राहत है, जो अक्सर इलाज के भारी खर्चों के कारण कर्ज में डूब जाते हैं।
क्यों खास है धूरी का यह अस्पताल: एक नजर में समझें
Dhuri Hospital Punjab की इस परियोजना को बड़े संदर्भ में देखें तो पंजाब के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में सरकारी स्वास्थ्य ढांचा लंबे समय से कमजोर रहा है। लोगों को मामूली बीमारियों के लिए भी लुधियाना, चंडीगढ़ या पटियाला जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। धूरी में इस अत्याधुनिक अस्पताल के बनने से इस पूरे इलाके की स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बदल सकती है। 80 बिस्तर, 7 ऑपरेशन थिएटर, घुटना प्रत्यारोपण और माता-शिशु देखभाल जैसी सुविधाएं एक सब-डिविजनल स्तर के अस्पताल में मिलना अपने आप में बड़ी बात है। अगर इन सुविधाओं को सही ढंग से चलाया जाता है और डॉक्टरों व स्टाफ की पर्याप्त तैनाती बनी रहती है, तो यह अस्पताल सचमुच इस क्षेत्र के लोगों की जिंदगी बदल सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने धूरी में 21.65 करोड़ रुपये की लागत से बने 80 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक सब-डिविजनल अस्पताल और माता-शिशु स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन किया।
- अस्पताल में 13 ओपीडी कमरे, 7 ऑपरेशन थिएटर, घुटना प्रत्यारोपण और ईएनटी जैसी विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध होंगी।
- धूरी शहर के 58,000 से अधिक निवासियों और आसपास के 70 गांवों के हजारों लोगों को इस अस्पताल का सीधा लाभ मिलेगा।
- मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर दिया जा रहा है।








