Punjab Investors Summit 2026 Verka: मोहाली की प्लक्षा यूनिवर्सिटी में चल रहे प्रगतिशील पंजाब निवेश सम्मेलन (PPIS) 2026 में जहां बड़ी-बड़ी कंपनियां और उद्योगपति निवेश के वादे कर रहे हैं, वहीं एक स्टॉल ने सबका ध्यान खींच लिया। वेरका (Verka) द्वारा अपने डेयरी उत्पादों के प्रदर्शन के लिए लगाया गया स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। विभिन्न देशों और भारत के अलग-अलग राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने वेरका के उत्पादों के निर्यात और तकनीकी सहयोग के लिए गहरी दिलचस्पी दिखाई।
England और Singapore में Verka Products की बढ़ी मांग
सम्मेलन में सबसे उत्साहजनक बात यह रही कि इंग्लैंड और सिंगापुर से आए प्रतिनिधियों ने वेरका के उत्पादों के निर्यात के लिए विशेष रुचि दिखाई। प्रतिनिधियों ने न सिर्फ वेरका के उत्पादों को खरीदने में रुचि दिखाई, बल्कि टेट्रा पैक, मिल्क हैंडलिंग और प्रोसेसिंग संबंधी तकनीक लेने के लिए भी दिलचस्पी जताई।
वेरका के स्टॉल पर देसी घी, मक्खन, पंजीरी, गच्चक, दूध, लस्सी, खीर, दही, योगर्ट, क्रीम, प्रोटीन योगर्ट, काजू पिन्नी और रबड़ी जैसे पारंपरिक और आधुनिक दोनों तरह के उत्पाद प्रदर्शित किए गए। विदेशी प्रतिनिधियों ने इन उत्पादों की गुणवत्ता और स्वाद की खूब तारीफ की।
ट्राईसिटी में Amul को पछाड़ा: देश की पहली सहकारी संस्था ने रचा इतिहास
वेरका के अधिकारी सिमरप्रीत सिंह गिल ने एक बेहद गर्व की बात बताई कि वेरका ने ट्राईसिटी (चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला) में अमूल (Amul) को पूरी तरह पीछे छोड़ दिया है। ऐसी सफलता हासिल करने वाली वेरका देश की पहली सहकारी संस्था है।
यह उपलब्धि इसलिए गजब की है क्योंकि अमूल भारत का सबसे बड़ा और सबसे पुराना डेयरी ब्रांड है। किसी क्षेत्रीय सहकारी संस्था का अमूल को अपने इलाके में पछाड़ देना, यह पंजाब के किसानों की मेहनत और वेरका की गुणवत्ता का प्रमाण है। सिमरप्रीत गिल ने बताया कि इस समय वेरका के पास ट्राईसिटी में ताजे दूध का लगभग 75 प्रतिशत मार्केटिंग शेयर है।
दूध के 80 परीक्षण और 4 चरणों में जांच: ऐसी है Verka की गुणवत्ता
वेरका की गुणवत्ता का राज बताते हुए सिमरप्रीत गिल ने कहा कि दूध में मिलावट को रोकने के लिए विश्व की नवीनतम तकनीक पर आधारित मशीनों के माध्यम से चार चरणों में दूध की जांच की जाती है। पहली जांच कलेक्शन सेंटर में होती है और अंतिम जांच मिल्क प्लांट में की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान दूध के लगभग 80 अलग-अलग परीक्षण किए जाते हैं।
जब बाजार में मिलावटी दूध और डेयरी उत्पादों की शिकायतें आम हैं, तब वेरका का 80 टेस्ट और 4 चरणों वाला गुणवत्ता नियंत्रण सिस्टम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की बात है। यही कारण है कि लोग वेरका के उत्पादों पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं।
Japan की JICA के साथ मिलकर बढ़ाई जा रही मोहाली प्लांट की क्षमता
सिमरप्रीत गिल ने बताया कि मोहाली स्थित वेरका के मिल्क प्लांट की क्षमता को जापान की जे.आई.सी.ए. (JICA) यानी जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी के साथ मिलकर बढ़ाया जा रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग वेरका की बढ़ती मांग और निर्यात क्षमता को पूरा करने के लिए बेहद जरूरी है।
वर्तमान में वेरका के उत्पादों का मिडिल ईस्ट, साउथ ईस्ट एशिया और ऑस्ट्रेलिया में निर्यात किया जा रहा है। अब इंग्लैंड और सिंगापुर जैसे नए बाजारों में भी मांग बढ़ रही है, जो पंजाब के डेयरी सेक्टर के लिए एक बड़ा अवसर है।
पंजाब के किसानों के लिए क्यों अहम है Verka की सफलता
वेरका की यह सफलता सिर्फ एक डेयरी ब्रांड की कहानी नहीं है, यह पंजाब के लाखों किसानों की खुशहाली से जुड़ी है। वेरका एक सहकारी संस्था है, यानी इसका फायदा सीधे दूध उत्पादक किसानों को मिलता है। जितना अधिक वेरका का कारोबार बढ़ेगा और निर्यात होगा, उतना अधिक पंजाब के डेयरी किसानों को उनके दूध का सही दाम मिलेगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने वेरका को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं और निवेश सम्मेलन में वेरका का स्टॉल इसी दिशा में एक अहम प्रयास है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Punjab Investors Summit 2026 में Verka का स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, England और Singapore से निर्यात के लिए रुचि दिखाई गई।
- वेरका ने ट्राईसिटी में Amul को पछाड़कर इतिहास रचा, ताजे दूध में 75% मार्केट शेयर हासिल किया।
- दूध की गुणवत्ता के लिए 4 चरणों में 80 परीक्षण किए जाते हैं, Japan JICA के साथ मोहाली प्लांट की क्षमता बढ़ाई जा रही है।
- वर्तमान में Middle East, South East Asia और Australia में वेरका का निर्यात हो रहा है।








