Amit Shah Punjab Visit: कुलदीप सिंह धालीवाल, आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक, ने शनिवार 14 मार्च 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मोगा रैली पर जोरदार पलटवार किया। धालीवाल ने कहा कि अमित शाह पंजाब की धरती पर कदम रखने से पहले केंद्र सरकार द्वारा रोके गए 9000 करोड़ रुपये का हिसाब दें, जुमला और लारे लेकर न आएं।
पंजाब के 9000 करोड़ रुपये कहां हैं: धालीवाल का सीधा सवाल
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब की तरक्की के लिए जो 8300 करोड़ रुपये बकाया थे, वह अब बढ़कर 9000 करोड़ रुपये हो चुके हैं और केंद्र सरकार इस पूरी रकम को दबाकर बैठी है। इसमें आरडीएफ यानी ग्रामीण विकास फंड समेत कई दूसरे फंड भी शामिल हैं, जिनसे पंजाब के गांवों में सड़कों का निर्माण होना था।
धालीवाल ने सीधे तौर पर अमित शाह से पूछा कि क्या केंद्र सरकार पंजाब के लोगों को सजा दे रही है? उन्होंने कहा कि अगर अमित शाह पंजाब आ रहे हैं तो खाली हाथ न आएं, पंजाब को उसका हक साथ लेकर आएं।
Amit Shah Moga Rally: जीएसटी का भी नहीं मिला पूरा हिसाब
विधायक धालीवाल ने जीएसटी लागू होने के बाद पंजाब को हुए वित्तीय नुकसान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद से पंजाब को जो आर्थिक नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई करने में केंद्र सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। धालीवाल ने मांग की कि अमित शाह पंजाब के रुके हुए जीएसटी फंड को तुरंत जारी करने का ऐलान करें, ताकि राज्य की विकास योजनाएं पटरी पर आ सकें।
यह मामला सिर्फ आंकड़ों का नहीं है। जब किसी राज्य के हजारों करोड़ रुपये केंद्र सरकार रोककर बैठती है, तो उसका सीधा असर उस राज्य के आम लोगों पर पड़ता है: सड़कें नहीं बनतीं, अस्पतालों में सुविधाएं नहीं आतीं और विकास के काम ठप हो जाते हैं।
PM Modi ने बाढ़ पीड़ितों से किया वादा, 8 महीने बाद भी एक पैसा नहीं मिला
बाढ़ राहत के मुद्दे पर धालीवाल ने सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले साल पंजाब में आई भयानक बाढ़ के कारण किसानों की फसलें तबाह हो गईं और लोगों के घर बर्बाद हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद पंजाब के दौरे पर आए थे और उन्होंने 1600 करोड़ रुपये की टोकन मनी देने का वादा किया था।
धालीवाल ने कहा कि आज 8 महीने बीत जाने के बावजूद पंजाब के बाढ़ पीड़ितों को एक पैसा भी नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने आपदा पीड़ितों से झूठ बोलकर मुकर गए। धालीवाल ने अमित शाह से सीधा सवाल पूछा कि वह बताएं कि वह 1600 करोड़ रुपये आखिर कहां गए?
US-India Trade Deal से पंजाब के किसान खतरे में: धालीवाल
कृषि संकट पर केंद्र सरकार को घेरते हुए धालीवाल ने कहा कि मोदी सरकार ने पहले तीन काले कृषि कानून लाकर किसानों की जमीनें अपने कॉर्पोरेट दोस्तों को सौंपने की साजिश रची थी। इसके विरोध में किसान दिल्ली की सीमाओं पर धरने पर बैठ गए थे और इस आंदोलन में करीब 750 किसान शहीद हो गए। हालांकि, मोदी सरकार को किसानों के आगे झुकना पड़ा और इन कानूनों को वापस लेना पड़ा।
धालीवाल ने कहा कि अब एक बार फिर केंद्र सरकार ने अमेरिका के साथ एक ‘सीक्रेट’ ट्रेड डील करके पंजाब और पूरे देश के किसानों को नए संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन समय-समय पर इस डील के बारे में ट्वीट करता है, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री चुप बैठे हैं। धालीवाल ने सवाल उठाया कि क्या ट्रंप भारत का देश चला रहे हैं? उन्होंने साफ कहा कि ऐसी किसी भी डील को मंजूर नहीं किया जाएगा जिससे पंजाब की खेती बर्बाद हो।
Anti-Drone System पर 52 करोड़ खर्च किए पंजाब ने, केंद्र ने नहीं की मदद
नशा तस्करी और सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर धालीवाल ने केंद्र सरकार की नाकामी को उजागर किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पाकिस्तान सीमा से होने वाली ड्रोन के जरिए नशे की तस्करी के खिलाफ अकेले जंग लड़ रही है। पंजाब सरकार ने अपने खुद के संसाधनों से 52 करोड़ रुपये खर्च करके एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए हैं, लेकिन गृह मंत्रालय के अधीन आने वाली केंद्रीय एजेंसियों ने पंजाब की कोई मदद नहीं की।
धालीवाल ने तीखे सवाल पूछे कि केंद्र सरकार पंजाब को वह टेक्नोलॉजी और फंड क्यों नहीं दे रही है जिससे सीमा पार से आने वाले ड्रोन और हथियारों को रोका जा सके? उन्होंने पूछा कि क्या केंद्र जानबूझकर पंजाब को नशे की आग में झोंकना चाहता है? यह सवाल गंभीर है, क्योंकि सीमा सुरक्षा केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है और अगर पंजाब को अपने बजट से एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने पड़ रहे हैं, तो यह केंद्र की विफलता को उजागर करता है।
हिमाचल-जम्मू कश्मीर जैसी रियायतें पंजाब को भी मिलें: धालीवाल की मांग
धालीवाल ने एक और अहम मांग रखते हुए कहा कि केंद्र सरकार पड़ोसी राज्यों हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर को जो उद्योगिक रियायतें और सब्सिडी देती है, वही पंजाब को भी मिलनी चाहिए। पंजाब भी एक बॉर्डर स्टेट है और यहां की इंडस्ट्री को भी सस्ती बिजली और खास छूट मिलनी चाहिए, ताकि राज्य का औद्योगिक विकास हो सके और रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
‘जुमला और लारे लेकर मत आना पंजाब में’: धालीवाल की चेतावनी
अपनी बात के अंत में धालीवाल ने अमित शाह को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब की धरती पर आकर फिर से कोई ‘जुमला’ या नया ‘लारा’ मत लेकर आना। पंजाब के लोग जागरूक हैं और वे वादों और हकीकत के बीच का फर्क अच्छी तरह समझते हैं। धालीवाल ने कहा कि अगर अमित शाह पंजाब की मदद नहीं कर सकते, तो उन्हें यहां आकर झूठ बोलने का कोई अधिकार नहीं है।
गौरतलब है कि अमित शाह ने शनिवार को मोगा के किल्ली चाहल में ‘बदलाव रैली’ को संबोधित किया, जिसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 2027 पंजाब विधानसभा चुनावों की अनौपचारिक शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। इस रैली में शाह ने आप सरकार पर भ्रष्टाचार, बढ़ते अपराध और नशे पर काबू न पाने के आरोप लगाए थे, जिसके जवाब में AAP नेता धालीवाल ने यह तीखा पलटवार किया।
मुख्य बातें (Key Points)
- कुलदीप सिंह धालीवाल ने अमित शाह से पंजाब के रोके गए 9000 करोड़ रुपये का हिसाब मांगा और कहा कि जुमला लेकर न आएं।
- PM मोदी ने बाढ़ पीड़ितों को 1600 करोड़ की टोकन मनी का वादा किया था, 8 महीने बाद भी एक पैसा नहीं मिला।
- अमेरिका के साथ ‘सीक्रेट’ US-India Trade Deal से पंजाब के किसानों पर खतरा, धालीवाल ने विरोध किया।
- पंजाब सरकार ने 52 करोड़ खर्च कर Anti-Drone System लगाए, लेकिन केंद्र ने मदद नहीं की।








