PM Rally Kolkata में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिगेड रैली से ठीक पहले कोलकाता की सड़कों पर राजनीति गर्मा गई। आरोप है कि रैली के लिए जा रहे भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थकों की गाड़ियों पर पथराव किया गया, कई कार्यकर्ता घायल हुए और कई बसों के शीशे तोड़ दिए गए। घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) और बीजेपी कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जिससे गिरीश पार्क इलाका रणक्षेत्र में बदल गया। पुलिस को हालात काबू में करने के लिए भारी फोर्स और RAF उतारनी पड़ी।
गिरीश पार्क बना रणक्षेत्र, बसों पर ईंट-पत्थर से हमला
कोलकाता से आई जानकारी के मुताबिक, ब्रिगेड रैली में जा रहे बीजेपी समर्थकों की गाड़ियों पर गिरीश पार्क इलाके में ईंट-पत्थर से हमला किया गया। आरोप है कि यह हमला सत्ता पक्ष TMC के कथित समर्थकों ने पुलिस की मौजूदगी में किया। पथराव इतना भारी था कि कई बसों के शीशे चकनाचूर हो गए और कई बीजेपी समर्थक लहूलुहान हो गए।
देखते ही देखते गिरीश पार्क का इलाका पूरी तरह तनावग्रस्त हो गया और सड़कें टूटे शीशों व पत्थरों से पट गईं। चूड़ीदार नारों और राजनीतिक झंडों के बीच चीख-पुकार का माहौल बन गया।
पुलिसकर्मी भी घायल, RAF की एंट्री से हालात पर काबू की कोशिश
झड़प बढ़ने पर पुलिस ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन हालात इतने बेकाबू थे कि कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और तुरंत RAF की टीम भी उतारी गई।
पुलिस की मौजूदगी के बावजूद पत्थरबाज़ी और तोड़फोड़ रुकने में समय लगा, जिस दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। हालांकि बाद में सुरक्षा बलों ने गली-कूचों तक फ्लैग मार्च कर स्थिति सामान्य करने की कोशिश की।
‘Modi Go Back’ पोस्टर और PM के कटआउट तोड़े जाने से भड़का माहौल
PM Rally Kolkata से पहले ही शहर की सियासी हवा तेज़ हो चुकी थी। ब्रिगेड मैदान के आसपास की सड़कों पर लगाए गए पीएम मोदी के कई कटआउट तोड़े गए। वहीं कोलकाता की VIP रोड और कई अन्य जगहों पर “Modi Go Back” लिखे होर्डिंग्स लगे मिले।
एक और विवादित तस्वीर एक्साइड मोड़ के पास फुटपाथ पर दिखी, जहां पीएम के कटआउट का सिर कटा हुआ नीचे ज़मीन पर पड़ा था। माना जा रहा है कि ऐसे ही घटनाक्रमों ने दोनों पक्षों के बीच टकराव का माहौल और भड़का दिया।
मेदनीपुर में भी हमला, BJP कार्यकर्ता की पिटाई की खबर
हंगामा सिर्फ कोलकाता तक सीमित नहीं रहा। PM Rally Kolkata के लिए मेदनीपुर के नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से आ रही बस पर भी तोड़फोड़ की गई।
सूत्रों के अनुसार, ब्रिगेड रैली के लिए BJP समर्थकों को लेकर आ रही इस बस में खिड़कियों और बाहर लगे पोस्टरों को निशाना बनाया गया। इसी दौरान एक बीजेपी कार्यकर्ता की पिटाई किए जाने की भी खबर सामने आई। इन सभी घटनाओं को लेकर बीजेपी ने साफ तौर पर TMC समर्थकों पर हमले के आरोप लगाए हैं।
पोस्टर वॉर: शहरभर में BJP बनाम TMC का शक्ति प्रदर्शन
PM Rally Kolkata को लेकर शहर भर में पोस्टर वॉर भी चरम पर है। प्रधानमंत्री की सभा के उपलक्ष्य में बीजेपी ने कोलकाता के अलग-अलग इलाकों में बड़े-बड़े पोस्टर, बैनर और कटआउट लगाए।
इसके जवाब में TMC ने भी अपने पोस्टर शहर भर में लगा दिए। ब्रिगेड मैदान की ओर जाने वाले रास्तों से लेकर VIP रोड और एक्साइड मोड़ तक, हर तरफ दोनों पार्टियों का शक्ति प्रदर्शन साफ नज़र आया। कटआउट तोड़े जाने और “Modi Go Back” होर्डिंग्स के बीच यह टकराव और व्यक्तिगत होता दिखा।
टकराव ने और गरमाया बंगाल का सियासी माहौल
PM Rally Kolkata से जुड़ी ये झड़पें दिखाती हैं कि सड़क से लेकर मंच तक पश्चिम बंगाल की राजनीति कितनी टकरावपूर्ण हो चुकी है। रैली से पहले ही गाड़ियों पर पथराव, कटआउट तोड़ना और “Modi Go Back” जैसे नारे कानून-व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े करते हैं।
एक तरफ बीजेपी इसे TMC की राजनीतिक हिंसा बताकर मुद्दा बना रही है, तो दूसरी तरफ TMC अपने तरीके से जवाबी संदेश दे रही है। पुलिस और RAF की तैनाती इस बात का संकेत है कि प्रशासन भी हालात की गंभीरता से वाकिफ है और किसी बड़े flare-up से बचने की कोशिश कर रहा है।
क्या है पूरा मामला: रैली से पहले इतनी हिंसा क्यों?
संक्षेप में, PM Rally Kolkata से पहले जो कुछ हुआ, उसकी कड़ियां कई घटनाओं से जुड़ती हैं:
- सबसे पहले शहर में “Modi Go Back” के पोस्टर और होर्डिंग्स लगे।
- इसके बाद ब्रिगेड मैदान के आसपास पीएम के कटआउट तोड़े गए, एक्साइड मोड़ के पास एक कटआउट का सिर कटा मिला।
- नाराज़गी और तनाव के बीच गिरीश पार्क में रैली के लिए जा रहे BJP समर्थकों की बसों पर पथराव हुआ।
- मेदनीपुर के नारायणगढ़ से आ रही बस पर भी हमला और एक कार्यकर्ता की पिटाई की खबर आई।
इन सारी कड़ियों ने मिलकर कोलकाता और आसपास के इलाकों का माहौल इतना गरमा दिया कि पुलिस को अतिरिक्त बल उतारकर मोर्चा संभालना पड़ा। फिलहाल दोनों दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और अब नज़र इस बात पर है कि प्रशासन इस मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने को लेकर क्या कदम उठाता है।








