Mohali Silicon Valley: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मोहाली तेजी से एक बड़े टेक्नोलॉजी और स्टार्ट-अप हब के रूप में उभर रहा है। यह प्रकटीकरण उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली तथा स्थानीय निकाय के कैबिनेट मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने यहां प्रगतिशील पंजाब सम्मेलन के दौरान किया। उन्होंने कहा कि मोहाली “सिलिकॉन वैली” के रूप में तेजी से विकसित होने की राह पर है।
प्लाक्षा यूनिवर्सिटी में प्रगतिशील पंजाब सम्मेलन 2026 के पहले दिन “ब्रांड मोहाली” विषय पर हुई उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मोहाली अब सिर्फ एक सैटेलाइट शहर नहीं, बल्कि यह वैश्विक टेक्नोलॉजी और स्टार्ट-अप मुकाम के रूप में विकसित हो रहा है।
मंत्री संजीव अरोड़ा ने ऐलान किया कि पंजाब सरकार द्वारा कालकट भवन में समर्पित स्टार्ट-अप हब बनाया जा रहा है, जो दक्षिण कोरिया के विश्व प्रसिद्ध पेंगयो टेक्नो वैली की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा, “जैसे दक्षिण कोरिया के पास अपनी सिलिकॉन वैली है, उसी तरह पंजाब के पास भी जल्द ही मोहाली में अपना स्टार्ट-अप हब होगा, जिसके बारे में मुख्यमंत्री पंजाब द्वारा मंजूरी दी जा चुकी है।”
नई औद्योगिक नीति की खूबियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बिजली सुधार इस रणनीति का अहम हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, “हमने आईटी कंपनियों और डेटा सेंटर्स को कमर्शियल बिजली दरों से औद्योगिक दरों के अधीन लाया है। इससे मोहाली की आईटी कंपनियों को देश भर में सबसे सस्ती बिजली मिलेगी।”
उन्होंने कर्मचारियों के लिए दी जा रही सब्सिडियों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आईटी कंपनियों को प्रति कर्मचारी प्रति माह 5,000 रुपए और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) के लिए 7,000 रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा छोटे और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए योग्यता की शर्तें भी कम की गई हैं।
सत्र के दौरान मंत्री संजीव अरोड़ा ने बढ़ती बुनियादी ढांचागत जरूरतों के बारे में बोलते हुए हॉस्पिटैलिटी, आईटी, शिक्षा तथा मेडिकल क्षेत्रों के दिग्गजों को संबोधित किया।
उन्होंने हाल ही में मोहाली कन्वेंशन सेंटर की नीलामी और इंफोसिस सेंटर के खुलने को शहर के विस्तार के मील के पत्थर के रूप में दर्शाते हुए कहा कि मोहाली सिर्फ कारोबार के लिए ही नहीं, बल्कि डेस्टिनेशन वेडिंग्स और अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंसों के लिए भी एक महत्वपूर्ण शहर के रूप में उभर रहा है, क्योंकि यह पहाड़ियों और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नजदीक है।
आईटी टैलेंट पूल के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाबी वैश्विक टेक्निकल हब्स जैसे सिलिकॉन वैली में कार्यरत मानव संसाधन का बड़ा हिस्सा बनाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि मोहाली में निवेश करके कंपनियां टॉप 1 प्रतिशत पंजाबी प्रतिभा को नौकरी पर रख सकती हैं, जो अपनी जड़ों और संस्कृति के नजदीक रहना पसंद करते हैं, जिससे अन्य टेक्निकल सेंटर्स की तुलना में बहुत कम नौकरी छोड़ने की दर सुनिश्चित की जा सकती है।
स्वास्थ्य देखभाल के बारे में बात करते हुए मंत्री ने स्थानीय मेडिकल सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया, जिसमें अस्पताल के बुनियादी ढांचे में 900 करोड़ रुपए का निवेश शामिल है। उन्होंने निजी उद्यमियों से आम आदमी के लिए “किफायती स्वास्थ्य देखभाल” पर ध्यान देने की अपील भी की।
हवाई संपर्कों के बारे में मंत्री ने एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के प्रबंधकों के साथ हुई हालिया चर्चाओं के बारे में जानकारी साझा की और कहा कि बेशक विमानों की कमी एक वैश्विक चुनौती है, लेकिन राज्य मोहाली के विकास की रफ्तार के साथ कदम मिलाते हुए और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए कोशिश कर रहा है।
इससे पहले, हाउसिंग और शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव विकास गर्ग ने बताया कि पिछले एक साल के दौरान मोहाली में 10,000 करोड़ रुपए से अधिक की जमीन की नीलामी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि शहर के सर्वांगीण विकास के लिए 7,000 एकड़ और जमीन हासिल करने की योजना भी बनाई गई है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य मोहाली को एशिया के नक्शे पर लाना है।”
सत्र के दौरान चर्चा में भाग लेने वालों में विशेष तौर पर आईटीसी होटल्स लिमिटेड के चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर भास्कर बरूआह, प्लाक्षा यूनिवर्सिटी के फाउंडिंग वाइस चांसलर डॉ. रुद्र प्रताप, फोर्टिस हेल्थकेयर के रीजनल सीओओ आशीष भाटिया, नेटस्मार्ट्ज के को-फाउंडर और सीईओ मनीपाल धारीवाल तथा टीटी कंसल्टेंट्स, एक्सएलस्काउट के फाउंडर जितिन तलवार शामिल थे, जबकि बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के एमडीपी सत्र के मॉडरेटर थे। इस मौके पर पंजाब डेवलपमेंट कमीशन की वाइस चेयरपर्सन सीमा बंसल भी मौजूद थी।








