Iran War Update Trump Putin Call: ईरान पर थोपी गई जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की परेशानी इतनी बढ़ गई है कि उन्हें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात करनी पड़ी है। इस बातचीत का मुख्य मकसद यही था कि इस युद्ध से बाहर निकलने का रास्ता कैसे ढूंढा जाए। इसी बीच ट्रंप ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि तीन लोगों: जेरेड कुशनर, स्टीव विटकॉफ और पीट हेग्सेथ की सलाह पर उन्होंने ईरान पर बमबारी का आदेश दिया। दूसरी तरफ कुवैत के अमीर ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि वे ईरान पर हमले के लिए न अपनी जमीन देंगे, न अपना आसमान। चीन ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर का समर्थन किया और मेक्सिको के राष्ट्रपति ने लड़कियों के स्कूल पर बमबारी को अपराध बताया।
ट्रंप-पुतिन फोन कॉल: ईरान जंग से एग्जिट का रास्ता खोज रहा अमेरिका
Iran War Update Trump Putin Call की सबसे बड़ी खबर यह है कि डोनाल्ड ट्रंप ने खुद स्वीकार किया है कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत की। ट्रंप ने कहा कि “प्रेसिडेंट पुतिन के साथ हमारी बहुत अच्छी और कंस्ट्रक्टिव बातचीत हुई। मिडिल ईस्ट के मामले में पुतिन मददगार होना चाहते हैं। लेकिन मैंने उनसे कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कर वह अधिक मददगार साबित हो सकते हैं।”
ट्रंप ने यह भी कहा कि “मैं डींगें नहीं हांकना चाहता, लेकिन कोई दूसरा प्रेसिडेंट वह काम नहीं कर सकता जो मैं कर रहा हूं।” लेकिन दिलचस्प बात यह है कि दोनों पक्षों ने बातचीत का अलग-अलग वर्णन किया। ट्रंप का कहना है कि ईरान से ज्यादा यूक्रेन की बात हुई, जबकि रूसी पक्ष का कहना है कि मिडिल ईस्ट की अशांति, पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों और ईरान युद्ध पर चर्चा हुई। पुतिन ने ईरान की जंग को जितनी जल्दी हो सके रोकने की सलाह दी।
ट्रंप का बड़ा खुलासा: इन तीन लोगों के कहने पर ईरान पर बमबारी का दिया आदेश
Iran War Update Trump Putin Call के बीच ट्रंप ने सबसे बड़ा खुलासा यह किया कि आखिर ईरान पर अमेरिका और इजराइल ने हमला किसके कहने पर किया। ट्रंप ने साफ-साफ बताया कि तीन लोगों की सलाह पर उन्होंने ईरान पर बमबारी का आदेश दिया। ये तीन लोग हैं जेरेड कुशनर, स्टीव विटकॉफ और पीट हेग्सेथ।
ट्रंप ने कहा कि “इन तीनों को लगा कि ईरान अमेरिका पर हमला बस करने ही वाला है। इसीलिए अगर हम पहले हमला नहीं करते तो ईरान हमारे ऊपर हमला कर देता।” ट्रंप ने आगे कहा कि “स्थिति बहुत तेजी से नो रिटर्न पॉइंट की ओर बढ़ रही थी और स्टीव, जेरेड, पीट और मार्को ने मुझे बताया कि अगर हमने इस वक्त हमला नहीं किया तो वे हम पर हमला कर देते।” यह खुलासा अपने आप में बहुत बड़ा है क्योंकि इससे साफ हो गया कि ईरान पर युद्ध शुरू करने का फैसला किन लोगों के दबाव में लिया गया।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर ट्रंप की भयंकर धमकी: 20 गुना ज्यादा हमले की चेतावनी
Iran War Update Trump Putin Call के बीच ट्रंप ने ट्रुथ सोशल मीडिया पर एक बेहद आक्रामक बयान लिखा है। ट्रंप ने धमकी दी कि “अगर ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में तेल के प्रवाह को रोकने वाला कोई भी कार्य करता है, तो अमेरिका उस पर अब तक हुए हमलों से 20 गुना अधिक भीषण हमला करेगा।” ट्रंप ने लिखा कि “हम ऐसे लक्ष्यों को नष्ट कर देंगे जिससे ईरान के लिए एक राष्ट्र के रूप में फिर से खड़ा होना लगभग असंभव हो जाएगा। उन पर मृत्यु, आग और क्रोध का राज होगा।”
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता है। यह ईरान और यूएई-ओमान के बीच सिर्फ 35 किलोमीटर चौड़ा जलमार्ग है, जो पारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के कुल तेल का लगभग 20 फीसदी हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से गुजरता है। मौजूदा जंग के कारण यहां से आवाजाही काफी कम हो गई है और दुनिया भर में तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी जा रही है। हालांकि ट्रंप ने इस धमकी के साथ यह भी लिखा कि “मैं आशा और प्रार्थना करता हूं कि ऐसा न हो।”
कुवैत के अमीर का बड़ा बयान: ईरान पर हमले के लिए न जमीन देंगे न आसमान
Iran War Update Trump Putin Call के बीच सबसे बड़ी ब्रेकिंग खबर कुवैत से आई है। कुवैत के अमीर शेख मिशाल अल-अहमद अल-जाबेर अल-सबाह ने एक टीवी संदेश जारी करके साफ कर दिया कि वे ईरान पर हमले के लिए अपनी जमीन, अपना आसमान और अपनी तटरेखा (बॉर्डर) का इस्तेमाल नहीं होने देंगे। कुवैत पर ईरान ने हमला किया था, जिसकी कुवैत के अमीर ने निंदा भी की, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने ईरान का पक्ष लिया।
कुवैत के अमीर ने अपने राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए कहा कि “महामहिम, मुझे आपको सूचित करना है कि इस मामले पर आपके जोर देने के बावजूद, आप में इसे अमल में लाने के लिए आवश्यक साहस, क्षमता और योग्यता का अभाव है। इसीलिए ईरान एक मित्र देश होने के नाते आपकी ओर से इस मामले को संभाल रहा है।” यानी कुवैत ने सीधे-सीधे अमेरिका को चेतावनी दे दी कि वे ईरान के खिलाफ कुवैत की जमीन को हथकंडे के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश न करें। ना जमीन देंगे, ना आसमान।
चीन ने किया ईरान के नए सुप्रीम लीडर का समर्थन: अमेरिका को दी करारी लताड़
Iran War Update Trump Putin Call के बीच चीन ने भी अपना रुख बिल्कुल साफ कर दिया है। जब पश्चिमी मीडिया ने चीन से पूछा कि “क्या ईरान का नया नेता आपको अस्वीकार्य है?”, तो चीन ने करारा जवाब दिया कि “यह निर्णय ईरान के संविधान के अनुसार लिया गया है, न कि वाशिंगटन की लोकप्रियता रेटिंग के आधार पर।” चीन ने कहा कि यह मामला ईरान का आंतरिक है, इसमें किसी दूसरे देश को दखल नहीं देना चाहिए और तत्काल प्रभाव से इस जंग को रोकना चाहिए। डायलॉग (बातचीत) स्थापित करना चाहिए।
इसके अलावा एक और बड़ी खबर आई है कि चीन ने ईरान को मिसाइल, आर्म्स और जेट विमानों की खेप देने की तैयारी कर ली है। खबरों के मुताबिक दो खेप पहले ही रवाना हो चुकी हैं। ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई पर कहा कि “हम उन्हें जानते भी नहीं और हम खुश नहीं हैं।” लेकिन तेहरान में रात को हजारों-लाखों की भीड़ सड़कों पर उतरी और नए सुप्रीम लीडर का जश्न मनाते हुए “अमेरिका मुर्दाबाद” और “इजराइल मुर्दाबाद” के नारे लगाए।
पुतिन ने दोहराया ईरान से अटूट दोस्ती का वादा
Iran War Update Trump Putin Call के बाद व्लादिमीर पुतिन ने भी ईरान के साथ खड़े होने का ऐलान किया। पुतिन ने कहा कि “तेहरान के लिए रूस अपना अटूट समर्थन और ईरानी दोस्तों के साथ एकजुटता को दोहराता है। हम वादा करते हैं कि हम एक भरोसेमंद साथी बने रहेंगे।” यानी एक तरफ ट्रंप पुतिन से मदद मांग रहे हैं, दूसरी तरफ पुतिन ईरान के साथ अपनी दोस्ती और मजबूत कर रहे हैं। यह स्थिति अमेरिका के लिए कूटनीतिक रूप से बेहद मुश्किल बना रही है।
ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान बोले: जनता की आजीविका हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता
Iran War Update Trump Putin Call के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान का भी बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा कि “जनता की आजीविका हमेशा से हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।” पेज़ेश्कियान ने बताया कि खाद्य पदार्थों, दवाओं और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने और बैंकिंग दायित्वों की तिथि बढ़ाने के लिए आर्थिक सहायता पैकेज जारी किया गया है। उत्पादकों को समर्थन और बुनियादी वस्तुओं के आयात को सुगम बनाने के लिए भी सहायता प्रदान की जाएगी।
यानी ईरान एक तरफ जंग के मैदान में इजराइल पर ताबड़तोड़ हमले कर रहा है और दूसरी तरफ अपनी जनता के लिए आर्थिक राहत पैकेज भी जारी कर रहा है। रमजान के महीने में ईरान की जनता हर शाम सड़कों पर निकलती है और जंग के बीच भी अफरातफरी नहीं मचती, बल्कि लोग और जोरदार नारेबाजी करते हैं कि “मर मिटेंगे लेकिन अपने देश के साथ खड़े हैं।”
अली लारीजानी की चेतावनी: हॉर्मुज में सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं
Iran War Update Trump Putin Call के बीच ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारीजानी का भी बड़ा बयान सामने आया है। लारीजानी ने कहा कि “इस क्षेत्र में संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल द्वारा भड़काई गई युद्ध की आग के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में किसी भी प्रकार की सुरक्षा प्राप्त होने की संभावना नहीं है। खासकर यदि यह उन पक्षों की योजना के तहत किया गया हो जो इस युद्ध का समर्थन करने और इसे भड़काने में योगदान देने से बहुत दूर नहीं थे।” यह बयान सीधे-सीधे अमेरिका और इजराइल पर निशाना साधता है और बताता है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की सुरक्षा की कोई गारंटी ईरान नहीं दे सकता।
मेक्सिको के राष्ट्रपति बोले: लड़कियों के स्कूल पर बमबारी अपराध है, आत्मरक्षा नहीं
Iran War Update Trump Putin Call के बीच मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबॉम ने भी जोरदार बयान दिया। उन्होंने कहा कि “मैं अमेरिकी-इजरायली युद्ध गठबंधन का विरोध करती हूं। लड़कियों से भरे स्कूलों पर बमबारी करना अपराध है, आत्मरक्षा नहीं है।” इस हमले में लगभग 168 छात्राओं और टीचर्स सहित कुल 183 लोगों की मौत हो गई थी। शीनबॉम ने साफ कहा कि इसे आत्मरक्षा कहना गलत है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल का खुलासा: ट्रंप के सलाहकार चाहते हैं एग्जिट प्लान
Iran War Update Trump Putin Call के बीच वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक बड़ी रिपोर्ट छापी है। इस रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप के कुछ सलाहकार प्राइवेट तौर पर उनसे ईरान युद्ध से बाहर निकलने का प्लान पब्लिक में बताने की अपील कर रहे हैं। सलाहकारों ने ट्रंप को चेतावनी दी है कि लंबी लड़ाई उनके राजनीतिक सपोर्ट को कम कर देगी और आने वाले मिड टर्म चुनाव पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। बढ़ती गैस की कीमतों के बीच इस लड़ाई को जनता के सामने सही ठहराना मुश्किल होता जा रहा है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार ज्यादातर सर्वे बता रहे हैं कि अमेरिकी जनता इस युद्ध का विरोध करती है। हालांकि व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने इस रिपोर्ट का जोरदार खंडन करते हुए कहा कि “यह कहानी अनजान सोर्स से मिली बकवास से भरी है। प्रेसिडेंट के टॉप सहयोगी 24×7 इस बात पर फोकस कर रहे हैं कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को जबरदस्त कामयाबी मिलती रहे।”
ट्रंप बोले: जंग इस हफ्ते खत्म नहीं होगी, ईरान के पास कुछ नहीं बचा
Iran War Update Trump Putin Call के बाद ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि “ईरान में अमेरिकी सेना का अभियान जल्द खत्म हो सकता है, लेकिन यह इस हफ्ते खत्म नहीं होगा।” ट्रंप ने दावा किया कि “ईरान के पास जो कुछ था वह लगभग खत्म हो चुका है। उनकी मिसाइलें खत्म हो चुकी हैं और उनकी लीडरशिप भी खत्म हो चुकी है।” लेकिन ईरान के काउंटरपार्ट का कहना है कि वे इस युद्ध को आखिरी छोर तक लेकर जाएंगे, क्योंकि अमेरिका ने उनकी लीडरशिप को तबाह किया, देश को तबाह करने की कोशिश की और 168 बच्चियों को मार डाला।
दुनिया पर क्या असर: तेल संकट और शेयर बाजार में हाहाकार
Iran War Update Trump Putin Call का सीधा असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने वाले तेल के रास्ते पर खतरा मंडरा रहा है, जिससे दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। भारत में भी पेट्रोलियम और गैस की किल्लत होने की आशंका बन रही है। शेयर बाजार पिट चुके हैं, सेंसेक्स 85,000 से गिरकर 78,000 के आसपास आ गया है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान सहित कई देशों में तेल संकट गहराता जा रहा है। ऐसे में भारत की संसद में भी यह मुद्दा छाया हुआ है और विपक्ष सरकार से इस जंग के भारत पर असर को लेकर जवाब मांग रहा है।
‘जानें पूरा मामला’
Iran War Update Trump Putin Call का पूरा घटनाक्रम बताता है कि अमेरिका इस युद्ध में फंसता जा रहा है और एग्जिट का रास्ता खोज रहा है। ट्रंप ने खुद स्वीकार किया कि तीन सलाहकारों: जेरेड कुशनर, स्टीव विटकॉफ और पीट हेग्सेथ के कहने पर ईरान पर बमबारी का आदेश दिया गया। पुतिन से फोन पर बात करके मदद मांगी गई। लेकिन ईरान के इरादे बिल्कुल सख्त हैं, नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने कमान संभालते ही इजराइल पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। कुवैत ने अमेरिका को साफ कहा कि ईरान पर हमले के लिए जमीन और आसमान नहीं देंगे। चीन और रूस दोनों ईरान के साथ खड़े हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट बताती है कि ट्रंप के अपने सलाहकार भी इस जंग से बाहर निकलने का रास्ता चाहते हैं। ऑपरेशन का नाम अमेरिका ने “एपिक फ्यूरी” और ईरान ने “ट्रू प्रॉमिस फोर” रखा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- ट्रंप ने खुलासा किया कि जेरेड कुशनर, स्टीव विटकॉफ और पीट हेग्सेथ की सलाह पर ईरान पर बमबारी का आदेश दिया गया।
- ट्रंप ने पुतिन से फोन पर बात की, पुतिन ने ईरान जंग रोकने की सलाह दी, ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध खत्म करने को कहा।
- कुवैत के अमीर ने कहा: ईरान पर हमले के लिए न जमीन देंगे, न आसमान, न तटरेखा; ईरान हमारा मित्र देश है।
- ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर धमकी दी: तेल प्रवाह रोका तो 20 गुना ज्यादा भीषण हमला करेंगे।
- वॉल स्ट्रीट जर्नल: ट्रंप के सलाहकार प्राइवेट में एग्जिट प्लान बताने की अपील कर रहे हैं, अमेरिकी जनता युद्ध का विरोध करती है।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न








