Jaswinder Sidhu AAP Resign Moga: आम आदमी पार्टी को मोगा जिले में उस वक्त बड़ा झटका लगा जब GADA पंजाब के डायरेक्टर और विधानसभा हलका बाघापुराना के कोऑर्डिनेटर जसविंदर सिंह सिद्धू ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। एलिमेंट्री अध्यापक यूनियन के पूर्व प्रधान सिद्धू ने यह कदम चंडीगढ़ में बजट सत्र के दौरान मुलाजिमों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज और सरकार द्वारा चुनावी वादे पूरे न करने के विरोध में उठाया। इस इस्तीफे ने पंजाब के सियासी माहौल को गरमा दिया है।
‘सोशल मीडिया पर पोस्ट: “मुलाजिमों पर जुल्म बेहद निंदनीय”‘
Jaswinder Sidhu AAP Resign Moga मामले में सिद्धू ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर अपने इस्तीफे की आधिकारिक जानकारी दी। उन्होंने पुलिस द्वारा अपने हकों के लिए संघर्ष कर रहे मुलाजिमों पर किए गए लाठीचार्ज को “बेहद निंदनीय” करार दिया।
सिद्धू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह अब आम आदमी पार्टी से जुड़े किसी भी पद पर बने रहना उचित नहीं समझते। उनकी यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई और बाघापुराना हलके में राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
‘OPS वादा और 2022 के चुनावी वादे: “खूब प्रचार, पर अमल नहीं”‘
Jaswinder Sidhu AAP Resign Moga की सबसे बड़ी वजह पुरानी पेंशन स्कीम यानी OPS की बहाली का वादा है। सिद्धू ने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले AAP ने OPS बहाल करने सहित कई वादे किए थे और इन वादों का खूब प्रचार भी किया गया था।
लेकिन सरकार बनने के बाद अब तक इन्हें पूरा नहीं किया गया। एक एलिमेंट्री अध्यापक यूनियन के पूर्व प्रधान होने के नाते सिद्धू मुलाजिमों की लड़ाई को बेहद करीब से समझते हैं। उनके लिए यह सिर्फ एक राजनीतिक मसला नहीं, बल्कि हजारों कर्मचारियों के भविष्य का सवाल है।
‘सरकार पर सीधा आरोप: “कदम-कदम पर झूठ”‘
Jaswinder Sidhu AAP Resign Moga में उनका सबसे तीखा बयान सरकार पर सीधे झूठ बोलने का आरोप था। सिद्धू ने कहा कि सरकार कदम-कदम पर झूठ बोल रही है और मुलाजिमों की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने साफ कहा कि वह सरकार की “खोखली बयानबाजी” के लिए वाहवाही नहीं कर सकते। आज के बाद पार्टी की किसी भी गतिविधि में हिस्सा नहीं लेंगे। यह बयान AAP के लिए बाघापुराना जैसे महत्वपूर्ण हलके में एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बन गई है।
‘मुलाजिमों का समर्थन जारी रहेगा: इस्तीफे के बाद भी लड़ाई जारी’
Jaswinder Sidhu AAP Resign Moga में एक अहम बात यह भी रही कि सिद्धू ने पार्टी छोड़ने के बावजूद मुलाजिमों की लड़ाई से दूरी नहीं बनाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुलाजिमों के हकों के लिए चल रहे संघर्ष में उनका समर्थन पहले की तरह जारी रहेगा।
यह बयान दर्शाता है कि सिद्धू का AAP से मोहभंग तो हुआ है लेकिन वे उस आंदोलन से नहीं हटे जिसकी वजह से उन्होंने पार्टी ज्वाइन की थी। इससे बाघापुराना में AAP की जमीनी पकड़ पर असर पड़ने की आशंका और बढ़ गई है।
‘बाघापुराना में सियासत गरमाई: कई सवाल खड़े’
Jaswinder Sidhu AAP Resign Moga के बाद विधानसभा हलका बाघापुराना में राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। विभिन्न राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सिद्धू जैसे जमीनी कार्यकर्ता और पदाधिकारी का इस्तीफा पार्टी के लिए सामान्य घटना नहीं है। वह एलिमेंट्री अध्यापक यूनियन जैसे संगठन में नेतृत्व कर चुके हैं और उनके पास एक बड़ा सामाजिक आधार है।
अब देखना होगा कि भगवंत मान सरकार इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया देती है और AAP जिला नेतृत्व इस इस्तीफे को लेकर क्या कदम उठाता है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- Jaswinder Sidhu AAP Resign Moga: GADA Punjab Director और Baghapurana विधानसभा हलका कोऑर्डिनेटर जसविंदर सिंह सिद्धू ने चंडीगढ़ में मुलाजिमों पर लाठीचार्ज के विरोध में सभी पदों से इस्तीफा दिया।
- 2022 चुनावों में OPS बहाली समेत कई वादे किए गए लेकिन पूरे नहीं किए गए; सिद्धू ने सरकार पर “कदम-कदम पर झूठ बोलने” का आरोप लगाया।
- सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ऐलान: लाठीचार्ज “बेहद निंदनीय”; “खोखली बयानबाजी” के लिए वाहवाही नहीं कर सकते; पार्टी की किसी भी गतिविधि में हिस्सा नहीं लेंगे।
- मुलाजिमों के हकों की लड़ाई में समर्थन जारी रहेगा; Elementary Teachers Union के पूर्व प्रधान सिद्धू के इस्तीफे से Baghapurana में AAP की सियासत गरमाई।








