‘दिन में छाया अंधेरा, लगा जैसे ग्रहण हो गया’
तेहरान के निवासियों के लिए यह दिन किसी दुःस्वप्न से कम नहीं था। दिन का समय था, लेकिन शहर के ज्यादातर हिस्सों में सूरज की रोशनी तक नहीं पहुंच पाई। आसमान नारंगी और काले रंग में बदल गया, ठीक वैसे जैसे सूर्यग्रहण के वक्त होता है।
लोग अपनी खिड़कियों से बाहर झांकते रहे और आंखों पर यकीन नहीं हुआ। पक्षी अचानक गायब हो गए और सड़कें सुनसान हो गईं। Iran Israel War के इस मोड़ पर तेहरान के निवासियों ने इस दृश्य को “प्रलय जैसा” बताया, मानो पृथ्वी का अंत आने वाला हो।
‘इजराइल ने किन ठिकानों को बनाया निशाना?’
Iran Israel War में यह हमला बेतरतीब नहीं, बल्कि पूरी सोच के साथ किया गया। तेहरान का शहरान ऑयल डिपो, जो राजधानी की सबसे महत्वपूर्ण ईंधन भंडारण सुविधा है, इस हमले का मुख्य निशाना बना। यहां से पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधन पूरे तेहरान को आपूर्ति होती है।
इसके अलावा कराज में भी कई पेट्रोलियम डिपो और फ्यूल टैंक नष्ट किए गए। ये सभी ठिकाने ईरान के ऊर्जा आपूर्ति नेटवर्क से सीधे जुड़े हुए थे जो न सिर्फ आम जनता बल्कि ट्रांसपोर्ट, उद्योग और IRGC की सैन्य लॉजिस्टिक्स के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
‘चेन रिएक्शन: एक मिसाइल से उठी सैकड़ों फीट ऊंची आग’
Iran Israel War में यह हमला इतना विनाशकारी क्यों साबित हुआ, यह समझना जरूरी है। तेल डिपो में क्रूड ऑयल, पेट्रोल, एविएशन फ्यूल और डीजल एक साथ संग्रहित होते हैं। जैसे ही मिसाइल इन टैंक्स से टकराई, ईंधन वाष्प तुरंत प्रज्वलित हुई और एक के बाद एक टैंक में चेन रिएक्शन शुरू हो गया।
आग की लपटें सेकंडों में सैकड़ों फीट ऊंची उठीं और आसपास की हर चीज को जलाती चली गईं। यही कारण था कि एक ही हमले में आसमान तक धुआं पहुंच गया और पूरा तेहरान आग के तूफान की चपेट में आ गया।
‘जहरीला धुआं: सल्फर, काली बारिश और सांस लेना दूभर’
Iran Israel War के इस हमले का सबसे भयावह पहलू था जहरीला धुआं। पेट्रोलियम जलने से सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड्स, हाइड्रोकार्बन और कालिख के महीन कण हवा में घुल गए। इससे तेहरान जहरीले धुएं के घने बादलों में लिपट गया।
निवासियों को सांस लेने में भारी तकलीफ हुई और आंखों में जलन शुरू हो गई। अधिकारियों ने अम्लीय वर्षा (Acid Rain) की भी चेतावनी दी है। सोचिए: दिल्ली-एनसीआर की सभी गाड़ियां एक महीने में जितना प्रदूषण करती हैं, उतना धुआं कुछ ही सेकंडों में तेहरान पर छा गया।
‘6 मरे, 20 घायल, ईंधन संकट और इंटरनेट बंद’
Iran Israel War में इस हमले में अब तक 6 लोग मारे गए और 20 से अधिक घायल हैं। मारे गए लोगों में मुख्य रूप से तेल डिपो के कर्मचारी, टैंकर चालक और आसपास के नागरिक शामिल हैं। ईरान की कुल आबादी लगभग 9 करोड़ है और अकेले तेहरान में करीब 1 करोड़ लोग रहते हैं।
हमले के बाद ईंधन वितरण पूरी तरह बाधित हो गया है। कई पेट्रोल पंप बंद हो गए हैं, गैसोलिन राशनिंग शुरू हो गई है और लोग ईंधन की कमी के कारण घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे। पहले से ही चल रहे इंटरनेट शटडाउन के बाद अब ईंधन संकट ने हालात और बिगाड़ दिए हैं।
‘इजराइल की रणनीति: ऑयल पर वार, ईरान को घुटनों पर लाने की कोशिश’
Iran Israel War में इजराइल ने बेहद सोची-समझी रणनीति के तहत ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर को चुना। तेल ईरान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसे नुकसान पहुंचाकर इजराइल ईरान की आर्थिक कमर तोड़ना चाहता है। साथ ही IRGC के सैन्य अड्डों और मिसाइल सिस्टम के लिए भी ईंधन डिपो जरूरी होते हैं, इसलिए यह वार सैन्य क्षमता पर भी सीधा असर डालता है।
इसके अलावा राजधानी के बीचों-बीच इतना बड़ा हमला एक मनोवैज्ञानिक संदेश (Psychological Warfare) भी है कि इजराइल ईरान के किसी भी बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है। लेकिन इजराइल का यह दांव उल्टा पड़ रहा है और ईरान पहले से कहीं ज्यादा आक्रामक हो गया है।
‘ईरान का पलटवार: हाइफा रिफाइनरी जली, सऊदी अरब में एक भारतीय की मौत’
Iran Israel War में ईरान चुप नहीं बैठा। इजराइल के महत्वपूर्ण बंदरगाह हाइफा में स्थित रिफाइनरी को ईरान ने निशाना बनाया जिसमें भयंकर आग लग गई और भारी नुकसान हुआ।
इसके साथ ही सऊदी अरब के अल-खर्ज गवर्नरेट में, जो रियाद के दक्षिण में स्थित है, एक प्रोजेक्टाइल सीधे आवासीय इलाके में आकर गिरा। सऊदी अरब की सिविल डिफेंस मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है। इस हमले में 2 लोगों की जान गई, जिनमें एक भारतीय और एक बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। करीब 12 बांग्लादेशी निवासी भी इस हमले में घायल हुए हैं।
‘अयातुल्लाह खमेनई के बाद ईरान का नया सुप्रीम लीडर कौन?’
Iran Israel War की एक और बड़ी कड़ी है ईरान के नए सर्वोच्च नेता को लेकर। इजराइल पहले IRGC के अधिकारियों और सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खमेनई को निशाना बनाता रहा है। अब ईरान के 88 सदस्यीय विशेषज्ञ पैनल ने अगले सुप्रीम लीडर का फैसला कर लिया है, हालांकि अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
सबसे प्रबल दावेदार बताए जा रहे हैं मुजतबा खमेनई, जो अयातुल्लाह खमेनई के बेटे हैं। उन पर विवाद है क्योंकि वह सर्वोच्च स्तर के धार्मिक विद्वान नहीं माने जाते। इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि उनकी मंजूरी के बिना जो भी सुप्रीम लीडर बनेगा, वह ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाएगा।
‘200 डॉलर तेल और भारत पर खतरे की घंटी’
Iran Israel War की आंच अब भारत तक भी पहुंच रही है। ईरान ने खुलेआम धमकी दी है कि अगर हमले जारी रहे तो वह मध्य-पूर्व के सभी आर्थिक केंद्रों, दुबई से लेकर कतर तक, पर हमला करेगा और इससे कच्चे तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। ईरान ने यह भी साफ किया है कि उसके पास 6 महीने का हथियार भंडार मौजूद है।
ईरान ने पड़ोसी मुस्लिम देशों से माफी जरूर मांगी है, लेकिन साथ ही कहा है कि अगर अमेरिका हमले जारी रखता है तो उसके पास कोई विकल्प नहीं बचेगा। अगर तेल की कीमतें इस स्तर तक पहुंचीं तो भारत के लिए यह बड़ी मुसीबत होगी, क्योंकि भारत मध्य-पूर्व से बड़े पैमाने पर तेल आयात करता है।
‘जंग की आग में झुलस रही है दुनिया’
Iran Israel War का यह नया और भयावह अध्याय बताता है कि मध्य-पूर्व में संघर्ष का कोई अंत जल्द नहीं दिखता। दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं और इसमें सऊदी अरब जैसे तीसरे देशों के निर्दोष नागरिक भी जान गंवा रहे हैं। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, तेल की कीमतें और पूरे क्षेत्र की स्थिरता दांव पर लगी है। जब तक कोई ठोस कूटनीतिक हस्तक्षेप नहीं होता, यह संकट और गहराता जाएगा और इसकी आंच दुनिया के हर कोने तक पहुंचती रहेगी।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- Iran Israel War: इजराइल ने तेहरान के शहरान ऑयल डिपो और कराज के पेट्रोलियम ठिकानों पर हवाई हमले किए, 6 मरे, 20 से अधिक घायल।
- जहरीले धुएं से तेहरान का आसमान काला, सल्फर डाइऑक्साइड से सांस लेना मुश्किल, अम्लीय वर्षा की चेतावनी, ईंधन राशनिंग शुरू।
- ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजराइल के हाइफा पोर्ट की रिफाइनरी तबाह की और सऊदी अरब के आवासीय इलाके में हमले में एक भारतीय सहित 2 की मौत।
- ईरान के विशेषज्ञ पैनल ने नया सुप्रीम लीडर चुन लिया, मुजतबा खमेनई प्रबल दावेदार; ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी; ईरान ने 200 डॉलर प्रति बैरल तेल की धमकी दी।
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