Ashirwad Yojana Punjab 2026 के तहत पंजाब सरकार ने चंडीगढ़ से एक बड़ी घोषणा करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 15 जिलों के 2,777 पात्र लाभार्थी परिवारों को कुल ₹14.16 करोड़ की वित्तीय सहायता जारी की है। 7 मार्च को यह जानकारी सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मामलों की कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी। यह राशि उन गरीब और पिछड़े वर्ग के परिवारों को दी गई है जो अपनी बेटियों की शादी सम्मान के साथ कर सकें।
‘मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्राथमिकता: कोई बेटी बिना सहारे न रहे’
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने यह साफ कर दिया है कि आर्थिक तंगी किसी भी परिवार की बेटी की शादी के आड़े नहीं आनी चाहिए। इसी सोच के साथ Ashirwad Yojana Punjab को ज़मीन पर उतारा जा रहा है। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार पिछड़े वर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है ताकि वे अपनी बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक कर सकें।
यह योजना सिर्फ पैसे देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन परिवारों के आत्मसम्मान को बचाने की कोशिश भी है जो समाज के सबसे कमज़ोर तबके से आते हैं।
’15 जिलों में पहुँची मदद, जानें किसे कितना मिला’
आशीर्वाद पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आवेदनों में से 15 जिलों के 2,777 पात्र परिवारों को इस बार लाभ मिला है। जिलावार आँकड़ों पर नज़र डालें तो श्री अमृतसर साहिब में 351, बरनाला में 37, फरीदकोट में 59, श्री फतेहगढ़ साहिब में 46, गुरदासपुर में 523 और होशियारपुर में 354 परिवारों को सहायता मिली। जालंधर में 24, लुधियाना में 62, मोगा में 42, श्री मुक्तसर साहिब में 107, पटियाला में 519, एस.ए.एस. नगर में 79, संगरूर में 164, मलेरकोटला में 155 और तरनतारन में 255 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
गुरदासपुर और पटियाला में सबसे अधिक क्रमशः 523 और 519 परिवार लाभान्वित हुए, जो यह दर्शाता है कि इन जिलों में ज़रूरत भी अधिक है और सरकार की पहुँच भी बेहतर हो रही है।
‘₹51,000 की मदद, सीधे बैंक खाते में DBT से’
Ashirwad Yojana Punjab के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को बेटी के विवाह पर ₹51,000 की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाती है। सबसे अहम बात यह है कि यह पैसा Direct Benefit Transfer यानी DBT के ज़रिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है। इससे बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं रहती और पारदर्शिता पूरी तरह बनी रहती है।
एक परिवार की अधिकतम दो बेटियाँ इस योजना का लाभ उठा सकती हैं, जिससे परिवार को दोहरी राहत मिल सकती है।
‘कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ?’
डॉ. बलजीत कौर ने योजना की पात्रता शर्तें स्पष्ट करते हुए बताया कि आवेदक का पंजाब का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। परिवार बीपीएल श्रेणी का होना चाहिए और अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग या आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग से संबंधित होना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि परिवार की वार्षिक आय सभी स्रोतों से मिलाकर ₹32,790 से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदन आशीर्वाद पोर्टल पर सेवा केंद्रों के माध्यम से किया जा सकता है।
‘अधिकारियों को सख्त निर्देश: समय पर मिले लाभ, पारदर्शिता हो पूरी’
कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना का लाभ पात्र परिवारों तक समय पर पहुँचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आशीर्वाद पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया पारदर्शी और सरल बनाई जाए ताकि किसी भी पात्र परिवार को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। यह निर्देश इसलिए भी अहम हैं क्योंकि कई बार सरकारी योजनाओं का लाभ नौकरशाही की जटिलताओं में उलझकर रह जाता है।
‘योजना का असर: गरीब परिवारों में लौट रहा आत्मसम्मान’
Ashirwad Yojana Punjab केवल एक आर्थिक योजना नहीं है, यह उन परिवारों के लिए आत्मसम्मान का ज़रिया बन रही है जो समाज में पहले से हाशिए पर हैं। बेटी की शादी अक्सर गरीब परिवारों के लिए एक बड़ा आर्थिक बोझ बन जाती है। ऐसे में ₹51,000 की सीधी मदद न केवल आर्थिक राहत देती है, बल्कि परिवार को यह भरोसा भी दिलाती है कि सरकार उनके साथ खड़ी है। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई और प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में Ashirwad Yojana के तहत 2,777 पात्र परिवारों को ₹14.16 करोड़ जारी किए।
- 15 जिलों के लाभार्थियों को ₹51,000 प्रति परिवार की सहायता DBT के ज़रिए सीधे बैंक खाते में भेजी गई।
- योजना का लाभ BPL परिवारों को मिलता है जिनकी वार्षिक आय ₹32,790 से अधिक नहीं हो और एक परिवार की अधिकतम दो बेटियाँ लाभान्वित हो सकती हैं।
- कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने अधिकारियों को समय पर और पारदर्शी तरीके से लाभ पहुँचाने के निर्देश दिए।








