PM Awas Yojana Fake Applicants AI Verification 2026: PM Awas Yojana Gramin में सरकार ने Artificial Intelligence का इस्तेमाल करके एक बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर किया है। पीएम आवास योजना के तहत आए करीब 42,000 आवेदकों को AI तकनीक ने पकड़ लिया जो पहले से पक्के मकान में रहते थे लेकिन बेघर बनकर सूची में शामिल हो गए थे।
’16 लाख से ज्यादा आवेदन आए, हजारों थे फर्जी’
PM Awas Yojana Gramin में पिछले साल आवेदन की नई व्यवस्था लागू की गई। इसमें लाभार्थियों से App के माध्यम से Self Survey कराया गया। आवेदक ने खुद अपनी जानकारी के साथ घर की तस्वीर Upload की। इस प्रक्रिया में कुल 16,64,000 आवेदन आए।
इनमें झोपड़ी और कच्ची कोठरी में रहने वाले असली जरूरतमंदों के साथ-साथ बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी शामिल हो गए जिनके पहले से पक्के मकान बने हुए थे।
‘AI ने कैसे पकड़ा फर्जीवाड़ा?’
PM Awas Yojana की Verification प्रक्रिया में इस बार Artificial Intelligence तकनीक का उपयोग किया गया। Self Survey App में आवेदकों ने अपने कच्चे मकान और झोपड़ी की तस्वीरें Upload की थीं। AI ने उन तस्वीरों को Scan किया जिनमें पक्की दीवार, पक्की छत या कोई अन्य निर्माण नजर आया — और उन्हें तुरंत चिन्हित कर लिया।
जनपद के सभी 23 Block के 61,566 आवेदन संदिग्ध पाए गए। इन्हें सूचीबद्ध करके Block को भेजा गया। Block ने एक-एक आवेदन की जांच करवाई जिसमें करीब 42,000 आवेदकों का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।
‘अब क्या होगा इन 42,000 आवेदकों का?’
PM Awas Yojana की सूची से इन 42,000 अपात्र आवेदकों के नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार ने इस नियम को लेकर अब पूरी कड़ाई शुरू कर दी है। जो वास्तव में बेघर और जरूरतमंद हैं उन्हें ही PM Awas Yojana का लाभ मिलेगा।
‘असली हकदारों को कैसे मिलेगा लाभ?’
PM Awas Yojana Gramin के तहत वही आवेदक पात्र हैं जिनके पास कोई पक्का मकान नहीं है, जो कच्ची झोपड़ी या मिट्टी के मकान में रहते हैं और जो SECC 2011 की सूची में शामिल हैं। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में मकान निर्माण के लिए मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी क्षेत्रों में ₹1.30 लाख की सहायता दी जाती है।
अपनी पात्रता जांचने के लिए pmayg.nic.in पर जाकर Beneficiary Status Check कर सकते हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- PM Awas Yojana में AI तकनीक से 42,000 अपात्र आवेदक पकड़े गए।
- Self Survey App में Upload तस्वीरों में पक्की छत-दीवार देखकर AI ने चिन्हित किया।
- 16,64,000 आवेदनों में से 61,566 संदिग्ध मिले, जांच में 42,000 फर्जी निकले।
- अपात्रों के नाम सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू, असली जरूरतमंदों को मिलेगा लाभ।








