MP Excise Constable Exam Cheating 12 Candidates FIR : 100 सवाल, 2 घंटे का वक्त और 1 लाख से ज्यादा उम्मीदवार — लेकिन 12 लोगों ने जो काम किया वह चौंका देने वाला था। इन्होंने पूरा पेपर महज 15 मिनट में हल कर दिया, यानी हर सवाल के लिए सिर्फ 9 सेकंड। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने जब डेटा खंगाला तो कहानी खुद-ब-खुद सामने आ गई और अब इन 12 कैंडिडेट्स पर FIR दर्ज हो चुकी है।
253 पद, 1 लाख उम्मीदवार और एक संदिग्ध सेंटर
मध्य प्रदेश आबकारी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2024 के जरिए कुल 253 रिक्तियाँ भरी जानी थीं। MPESB ने 9 से 21 सितंबर 2025 के बीच यह परीक्षा आयोजित की। राज्यभर में अलग-अलग परीक्षा केंद्र बनाए गए थे जिनमें से एक था रतलाम जिले का रतलाम पब्लिक स्कूल। खास बात यह है कि इस स्कूल को पहली बार परीक्षा केंद्र बनाया गया था।
5 फरवरी को जब रिजल्ट जारी होना था, उससे पहले MPESB ने टॉप परसेंटाइल वाले उम्मीदवारों की जांच शुरू की। और यहीं से असली खेल सामने आया।
डेटा ने उगला सच: 15 मिनट में 100 सवाल, बाकी समय खाली बैठे
जांच में पाया गया कि 12 कैंडिडेट्स ने 2 घंटे के पेपर को 15 से 30 मिनट में हल कर दिया। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि बाकी बचे डेढ़ घंटे में इन्होंने न कंप्यूटर स्क्रीन छुई, न कोई रफ वर्क किया। यानी वे खाली बैठे रहे।
यही बात सबसे बड़ा सबूत बन गई। अगर कोई वाकई तेज होता तो वह दोबारा सवाल चेक करता, कुछ बदलता। लेकिन इन्होंने कुछ नहीं किया — क्योंकि उन्हें पहले से जवाब पता थे, बस टिक लगाना था।
AI और CCTV ने खोला राज: एक ही चेहरा, बार-बार
MPESB के चेयरमैन संजय शुक्ला ने मीडिया को बताया कि तकनीकी टीम ने AI की मदद से एक महीने तक डेटा का विश्लेषण किया। CCTV फुटेज में एक चेहरा बार-बार सामने आ रहा था। यह वह शख्स था जो अलग-अलग तारीखों और अलग-अलग शिफ्टों में आए उम्मीदवारों की मदद कर रहा था — और सभी का परीक्षा केंद्र एक ही था: रतलाम पब्लिक स्कूल।
MPESB के प्रिंसिपल सिस्टम एनालिस्ट प्रणीत सिजारिया की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।
कौन-कौन हैं ये 12 आरोपी और कैसे-कैसे की नकल?
आशुतोष, विवेक, दयाशंकर और कुलदीप ने पहले 15 मिनट सवाल देखे और अगले 30 मिनट में सभी 100 सवाल हल कर दिए। अनिल नाम के कैंडिडेट ने पहले 15 मिनट स्क्रीन तक नहीं छुई, फिर 30 मिनट सवाल देखे और एक झटके में सारे जवाब भर दिए।
सुभाष, अंकित, संजीत, पुष्पेंद्र, आशु और रवि ने 30 मिनट सवाल देखे और अगले 30 मिनट में हल कर दिए। शैलेंद्र ने शुरुआती 15 मिनट कंप्यूटर स्क्रीन पर कोई हरकत नहीं की, फिर 30 मिनट सवाल देखे और आखिरी 15 मिनट में 100 के 100 सवाल हल कर दिए।
FIR दर्ज करने में भी हुई खींचतान
मामला रतलाम जिले का था लेकिन जब MPESB ने भोपाल के MP नगर थाने में आवेदन दिया तो थाने ने लेने से इनकार कर दिया। MPESB का तर्क था कि जांच भोपाल हेड ऑफिस में हुई है इसलिए FIR यहीं हो। आला अधिकारियों के दखल के बाद MP नगर थाने में जीरो FIR दर्ज कर डायरी रतलाम भेजी गई।
सभी 12 आरोपियों पर BNS की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज है।
3 महीने क्यों लटका रिजल्ट? अब आया सच सामने
आबकारी कांस्टेबल परीक्षा का रिजल्ट नवंबर 2025 में आना था लेकिन 5 फरवरी 2026 को आया। तीन महीने की देरी का कारण यही जांच थी। संदिग्ध कैंडिडेट्स के रिजल्ट होल्ड करके बाकी सभी का रिजल्ट जारी किया गया और जांच पूरी होने के बाद FIR दर्ज की गई।
पहली बार: परीक्षा में गड़बड़ी पकड़ने के लिए AI का इस्तेमाल
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शायद पहली बार है जब किसी राज्य की परीक्षा संस्था ने AI-आधारित डेटा एनालिसिस से नकल पकड़ी। जांच के बाद अब रतलाम का परीक्षा केंद्र भी जांच के दायरे में है। सबसे बड़ा सवाल अभी भी अनुत्तरित है: उस एक शख्स की पहचान क्या है जिसने सारे कैंडिडेट्स को जवाब दिए?
तकनीक बनी ढाल, अब बचना मुश्किल
MP Excise Constable Exam का यह मामला यह साबित करता है कि डिजिटल परीक्षा प्रणाली में नकल करना भले ही आसान लगे, लेकिन डेटा कभी झूठ नहीं बोलता। 9 सेकंड प्रति सवाल की रफ्तार, खाली बैठे रहने का पैटर्न और CCTV में दोहराता चेहरा — AI ने वह सब पकड़ लिया जो आँखें शायद चूक जाती। यह मामला आने वाले वक्त में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में AI निगरानी की नई मिसाल बन सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- MP Excise Constable Exam 2024 में 12 कैंडिडेट ने 2 घंटे का पेपर 15-30 मिनट में हल किया, बाकी समय स्क्रीन नहीं छुई।
- MPESB की AI टीम ने 1 महीने की डेटा एनालिसिस और CCTV फुटेज से नकल उजागर की।
- सभी 12 आरोपी रतलाम पब्लिक स्कूल सेंटर के थे; एक अज्ञात व्यक्ति पर आंसर शीट देने का संदेह।
- BNS धारा 318(4) के तहत FIR दर्ज, जीरो FIR भोपाल MP नगर थाने से रतलाम भेजी गई।








