US Iran War के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक और देश में सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। ईरान पर हमले के बाद अब ट्रंप प्रशासन ने दक्षिण अमेरिका के इक्वाडोर में आतंक और ड्रग नेटवर्क के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया है। Pentagon के मुताबिक अमेरिका और इक्वाडोर की सेनाएं मिलकर Narco Terror से जुड़े संगठनों को निशाना बना रही हैं।
‘ईरान के बाद इक्वाडोर: ट्रंप का दूसरा मोर्चा’
US Iran War के साथ-साथ ट्रंप प्रशासन अब लैटिन अमेरिका में भी एक्शन में है। यह ऑपरेशन ऐसे वक्त में शुरू हुआ है जब कैरेबियन सागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में संदिग्ध नावों पर अमेरिकी कार्रवाई पहले से ही चर्चा में रही है। ट्रंप प्रशासन इन नावों पर ड्रग्स की तस्करी का आरोप लगाता रहा है।
अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि यह संयुक्त अभियान लैटिन अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र में साझेदार देशों के साथ मिलकर ड्रग आतंक के खतरे से निपटने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
‘US Special Forces की भूमिका: सीधी रेड नहीं, Intelligence Support’
US Iran War और इक्वाडोर ऑपरेशन में अमेरिका की भूमिका अलग-अलग है। अधिकारी के मुताबिक US Special Forces के जवान सीधे छापेमारी में हिस्सा नहीं ले रहे, लेकिन वे इक्वाडोर की सेना को रणनीति बनाने, खुफिया जानकारी जुटाने और Logistics Support देने में मदद कर रहे हैं।
कई जगहों पर ड्रग शिपमेंट से जुड़े ठिकानों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है। कुछ ऑपरेशन में अमेरिकी सलाहकार मौके के पास मौजूद रहे, जबकि कई कार्रवाइयां पूरी तरह इक्वाडोर की सेना ने अंजाम दीं।
‘US South Command की तारीफ: साहस और दृढ़ संकल्प’
US Southern Command के प्रमुख जनरल फ्रांसिस एल. डोनवन ने इक्वाडोर की सेना की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने देश में सक्रिय Narco Terror नेटवर्क के खिलाफ लगातार साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया है। उनके मुताबिक यह साझेदारी क्षेत्र में घोषित आतंकवादी संगठनों को रोकने और खत्म करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
साउथ कमांड की ओर से जारी वीडियो में हेलीकॉप्टर उड़ान भरते और सैनिकों को उतारते हुए दिखाया गया है। बताया गया कि यह देश भर में चल रहे कई अभियानों में से एक की झलक है।
‘इक्वाडोर क्यों है Narco Terror का अड्डा?’
US Iran War के बीच इक्वाडोर पर ध्यान देना इसलिए जरूरी है क्योंकि यह देश खुद ड्रग्स का उत्पादन नहीं करता। लेकिन कोलंबिया और पेरू जैसे देशों में सक्रिय आपराधिक गिरोहों के लिए इक्वाडोर एक अहम Transit Route माना जाता है। इसी वजह से यहां ड्रग तस्करी का नेटवर्क मजबूत रहा है और हिंसा-अस्थिरता बढ़ी है।
अमेरिकी बयान में कहा गया है कि यह ऑपरेशन पूरे पश्चिमी गोलार्ध में फैले उस नेटवर्क के खिलाफ है जिसने लंबे समय से हिंसा और अस्थिरता को बढ़ावा दिया है।
‘ट्रंप की ग्लोबल स्ट्रैटेजी: एक साथ कई मोर्चे’
US Iran War और Ecuador Operation को एक साथ देखें तो ट्रंप प्रशासन की ग्लोबल स्ट्रैटेजी साफ दिखती है। एक तरफ मिडिल ईस्ट में ईरान को सैन्य रूप से कमजोर करना, दूसरी तरफ लैटिन अमेरिका में Narco Terror नेटवर्क को खत्म करना। ट्रंप प्रशासन एक साथ कई मोर्चों पर काम कर रहा है और यह संकेत दे रहा है कि वह किसी भी खतरे को नजरअंदाज नहीं करेगा। हालांकि White House ने इक्वाडोर ऑपरेशन पर तत्काल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
‘क्या है पूरी पृष्ठभूमि’
ट्रंप प्रशासन ने सत्ता में आते ही ड्रग तस्करी और Narco Terror को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा घोषित किया था। US Iran War के साथ-साथ इक्वाडोर में यह ऑपरेशन ट्रंप की उस नीति का हिस्सा है जिसमें अमेरिका दुनिया भर में अपने हितों की रक्षा के लिए सैन्य और खुफिया ताकत का इस्तेमाल करने से नहीं हिचकिचाता। इक्वाडोर में 2023 से ही ड्रग गिरोहों की हिंसा चरम पर रही है।
मुख्य बातें (Key Points)
- ईरान के बाद ट्रंप प्रशासन ने इक्वाडोर में Narco Terror Network के खिलाफ US-Ecuador Joint Operation शुरू किया।
- US Special Forces सीधी रेड में नहीं, लेकिन Intelligence, Strategy और Logistics Support दे रहे हैं।
- इक्वाडोर कोलंबिया और पेरू के ड्रग गिरोहों के लिए अहम Transit Route है।
- US Southern Command के प्रमुख ने इक्वाडोर सेना की तारीफ की, White House ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया।








