Israel Killed Iran Commander की खबर ने मिडिल ईस्ट की जंग को एक नए और खतरनाक मोड़ पर ला दिया है। इजराइल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने सोमवार को बेरूत में इजराइली नेवी के हमले में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की Quds Force के सीनियर कमांडर रेजा खजाई को मार गिराने का दावा किया है। खजाई वो शख्स था जो हिजबुल्लाह को दोबारा ऑपरेशनल बनाने की पूरी कोशिशों को लीड कर रहा था।
‘कौन था रेजा खजाई?’
IDF के मुताबिक रेजा खजाई Quds Force के लेबनान कॉर्प्स का चीफ ऑफ स्टाफ था। Israel Killed Iran Commander ऑपरेशन में जिस शख्स को निशाना बनाया गया, वह Quds Force कमांडर के दाहिने हाथ के तौर पर काम करता था और हिजबुल्लाह की ऑपरेशनल क्षमता फिर से बनाने में एक अहम किरदार माना जाता था।
Times of Israel की रिपोर्ट के मुताबिक खजाई हिजबुल्लाह और ईरान के बीच कोऑर्डिनेशन के लिए जिम्मेदार था। खासतौर पर हिजबुल्लाह की जरूरतों और ईरान से मिलने वाले संसाधनों के बीच पुल बनाने की भूमिका में था। यानी ईरान की सबसे संवेदनशील और अहम कड़ी को इजराइल ने खत्म कर दिया।
‘बेरूत में इजराइली नेवी का बड़ा ऑपरेशन’
Israel Killed Iran Commander ऑपरेशन के तहत इजराइली सेना ने बेरूत के दक्षिणी इलाके में एक बिल्डिंग पर हमला किया। इस बिल्डिंग में हिजबुल्लाह का टीवी और रेडियो स्टेशन भी मौजूद था। हमले से पहले इजराइल ने वहां रहने वाले लोगों को इलाका खाली करने की चेतावनी भी दी थी।
हमले के बाद हिजबुल्लाह का अल-मनार टीवी करीब एक घंटे के लिए बंद हो गया, लेकिन बाद में उसने फिर से प्रसारण शुरू कर दिया। गौरतलब है कि 2006 के इजराइल-हिजबुल्लाह युद्ध के दौरान भी अल-मनार टीवी और अल-नूर रेडियो को इजराइली हमलों में निशाना बनाया गया था।
‘लेबनान में इजराइली सेना का प्रवेश, 30 हजार बेघर’
Israel Killed Iran Commander की खबर के साथ-साथ लेबनान में जमीनी हालात भी तेजी से बिगड़ रहे हैं। इजराइली सेना ने लेबनान में प्रवेश किया है और 59 इलाकों में तत्काल निकासी के आदेश जारी किए हैं। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी UNHCR के मुताबिक हालात बिगड़ने के बाद 30,000 से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ चुके हैं।
Reuters की रिपोर्ट के अनुसार लेबनान की सेना सात बॉर्डर पोस्ट से हट रही है। यह इस बात का संकेत है कि जमीनी स्तर पर स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है।
‘ईरान का बदला और बढ़ता तांडव’
Israel Killed Iran Commander ऑपरेशन ऐसे वक्त में आया है जब ईरान पहले से ही खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए अमेरिकी ठिकानों पर लगातार हमले कर रहा है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका-इजराइल की एयर स्ट्राइक में IRGC के पांच और सदस्य भी मारे गए हैं।
कतर, सऊदी अरब और कई अन्य देशों में मौजूद अमेरिकी एयरबेसों को ईरान लगातार निशाना बना रहा है। यह जंग अब सिर्फ इजराइल और ईरान के बीच नहीं रही, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट में फैलती जा रही है।
‘जब दुश्मन की नींव पर ही वार हो’
Israel Killed Iran Commander का यह ऑपरेशन इजराइल की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह ईरान की प्रॉक्सी ताकतों को जड़ से कमजोर करना चाहता है। रेजा खजाई जैसे कमांडर को खत्म करके इजराइल ने हिजबुल्लाह और ईरान के बीच की सबसे अहम कड़ी को तोड़ने की कोशिश की है। लेकिन सवाल यह है कि क्या ईरान इस झटके के बाद चुप बैठेगा? इतिहास बताता है कि हर बड़े नुकसान के बाद तेहरान का जवाब और ज्यादा आक्रामक होता है।
‘क्या है पूरी पृष्ठभूमि’
ईरान-इजराइल जंग की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के ऑपरेशन से हुई जिसमें अली खामेनेई की मौत हो गई। उसके बाद से ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए। अब इजराइल ने बेरूत में IRGC Quds Force के सीनियर कमांडर को मारकर यह साफ कर दिया है कि वह ईरान की प्रॉक्सी नेटवर्क को एक-एक करके खत्म करने पर आमादा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- इजराइली नेवी ने बेरूत में IRGC Quds Force के सीनियर कमांडर रेजा खजाई को मार गिराया।
- खजाई हिजबुल्लाह को दोबारा ऑपरेशनल बनाने और ईरान-हिजबुल्लाह के बीच कोऑर्डिनेशन का मुख्य जिम्मेदार था।
- इजराइली सेना लेबनान में घुसी, 59 इलाकों में निकासी के आदेश, 30,000 से ज्यादा लोग बेघर।
- Reuters के मुताबिक अमेरिका-इजराइल एयर स्ट्राइक में IRGC के 5 और सदस्य मारे गए।








