रविवार, 10 मई 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - US-Israel Iran Attack: ईरान पर भीषण बमबारी, पूरा मध्यपूर्व दहला

US-Israel Iran Attack: ईरान पर भीषण बमबारी, पूरा मध्यपूर्व दहला

अमेरिका और इसराइल ने मिलकर ऑपरेशन रोअरिंग लायन शुरू किया, ईरान ने भी 125 से ज्यादा मिसाइलों से दिया करारा जवाब

The News Air Team by The News Air Team
शनिवार, 28 फ़रवरी 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, अंतरराष्ट्रीय, सियासत
A A
0
US Israel Iran Attack
106
SHARES
705
VIEWS
ShareShareShareShareShare

US Israel Iran Attack: 28 फरवरी शनिवार को अमेरिका और इसराइल ने संयुक्त रूप से ईरान के कई शहरों पर भीषण बमबारी शुरू कर दी। इसराइल की सेना ने इस हमले को ‘ऑपरेशन रोअरिंग लायन’ का नाम दिया, जबकि अमेरिका ने अपने अभियान को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ कहा। जवाब में ईरान ने भी मध्यपूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर 125 से अधिक मिसाइलें दागकर पूरे इलाके को युद्ध की आग में झोंक दिया है।

ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबिक दक्षिणी ईरान में हुए इस हमले में एक लड़कियों के स्कूल पर बम गिरा, जिसमें पांच मासूम बच्चियों की मौत हो गई। यह एक ऐसी त्रासदी है जो इस युद्ध की भयावहता को बयां करने के लिए काफी है।


तेहरान से तबरीज तक: कहां-कहां गिरे बम

ब्लूमबर्ग ने ईरान के स्थानीय समय के मुताबिक दोपहर करीब 2 बजे इस हमले की पहली खबर दुनिया को दी। हालांकि हमले की शुरुआत सुबह ही हो गई थी, जब तेहरान और अन्य शहरों पर मिसाइलें बरसनी शुरू हुईं। पहला हमला इसराइल ने किया और उसके बाद डोनाल्ड ट्रंप का बयान आया कि ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरू हो चुका है।

तेहरान के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों को निशाना बनाया गया। मेहराबाद एयरपोर्ट पर हमला हुआ। ईरान के खुफिया मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, एटॉमिक एनर्जी ऑर्गेनाइजेशन और पारचिन सैन्य कॉम्प्लेक्स — सभी पर मिसाइलें दागी गईं।

हमले शुरू होने के महज एक घंटे के भीतर कौम, खुर्रमाबाद, इस्फहान और तबरीज जैसे शहरों से भी बमबारी की खबरें आने लगीं। इससे साफ हो गया कि यह कोई सीमित ऑपरेशन नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर चलाया गया व्यापक सैन्य अभियान है।

सूत्रों के हवाले से खबर आई कि 86 वर्षीय सुप्रीम लीडर आयातुल्ला खामेनई को तुरंत सुरक्षित जगह पहुंचा दिया गया। कुछ देर बाद ईरान के रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख आमिर हतामी की हत्या की अपुष्ट खबरें भी तैरने लगीं, लेकिन बाद में ये खबरें झूठी निकलीं।


ईरान का दहाड़ता जवाब: खाड़ी देशों तक पहुंची आग

ईरान ने भी इस हमले का करारा जवाब दिया। ईरान की सेना के प्रवक्ता ने ऐलान किया कि इस इलाके में अमेरिका के सभी जमीनी, समुद्री और हवाई ठिकाने अब ईरान के लिए वैध लक्ष्य बन चुके हैं। इस बयान के कुछ ही देर बाद इसराइल की राजधानी तेल अवीव पर हमले शुरू हो गए।

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उसने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर सीधे हमले किए हैं। बहरेन, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और कतर में जोरदार धमाकों की आवाजें गूंजीं। संयुक्त अरब अमीरात पर हुए एक हमले में एक व्यक्ति की मौत की भी खबर सामने आई।

बहरेन में अमेरिकी नौसेना के मुख्यालय को भी ईरान ने निशाना बनाया। ईरान ने साफ शब्दों में कहा — युद्ध इसराइल और अमेरिका ने शुरू किया है, लेकिन खत्म ईरान करेगा।

हमले के करीब ढाई घंटे बाद इसराइल की सेना ने अपने Twitter हैंडल पर बताया कि ईरान ने इसराइल की ओर बड़ी संख्या में मिसाइलें दागी हैं और उन्हें रोकने के लिए डिफेंसिव सिस्टम तैनात कर दिए गए हैं।


सऊदी अरब भी कूदा मैदान में: मध्यपूर्व का नक्शा बदलेगा?

इस बीच एक चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब ईरान ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर भी हमला कर दिया। जवाब में सऊदी अरब ने ऐलान किया कि वह ईरान के खिलाफ इस युद्ध में अमेरिका की हर तरह से सहायता करने को तैयार है।

इसका सीधा मतलब है कि अरब देश अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोलने का मौका तलाश रहे हैं। अगर ऐसा हुआ तो यह पूरे मध्यपूर्व के भू-राजनीतिक संतुलन को जड़ से हिला देने वाला घटनाक्रम साबित होगा।


ट्रंप का 8 मिनट का बयान: ‘ईरानियों, यह आपकी आजादी का क्षण है’

हमले शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद ट्रंप ने 8 मिनट का बयान जारी किया। उन्होंने खुलकर स्वीकार किया कि इस हमले को अमेरिका की सेना ने लॉन्च किया है। ट्रंप ने कहा — “हमारा उद्देश्य ईरान के शासन में बैठे खतरनाक लोगों को खत्म कर अमेरिकी नागरिकों की रक्षा करना है। 47 सालों से ईरान का शासन ‘डेथ टू अमेरिका’ का नारा लगा रहा है और अमेरिका के खिलाफ खूनखराबे की अंतहीन मुहिम चला रहा है।”

ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन को अपना मुख्य मकसद बताया। उन्होंने ईरान की पुलिस और रिवोल्यूशनरी गार्ड से हथियार रखने को कहा। ईरान की जनता से उनका संदेश था — “यह आपके लिए आजादी का क्षण है। अपने घरों में रहिए। हर जगह बम गिरने वाले हैं। जब हमारा काम पूरा होगा, तब सत्ता पर कब्जा कर लीजिए। आने वाली कई पीढ़ियों तक आपको ऐसा मौका नहीं मिलेगा।”

ट्रंप ने यह भी माना कि इस युद्ध में अमेरिकी सैनिक मारे जा सकते हैं, लेकिन कहा कि यह “भविष्य के लिए” किया जा रहा है। हालांकि वह कौन-सा भविष्य है जिसके लिए अपने ही नौजवानों को युद्ध में झोंका जा रहा है — इसका कोई स्पष्ट जवाब उनके पूरे बयान में नहीं था।


$3 अरब का युद्धपोत और 30 हजार सैनिक: ईरान को ऐसे घेरा

इस हमले की तैयारी कई दिनों पहले से चल रही थी। ईरान के दोनों तरफ अमेरिका ने अपने शक्तिशाली नौसैनिक बेड़े तैनात कर दिए थे। अमेरिका का अब तक का सबसे बड़ा और सबसे महंगा युद्धपोत USS जेराल्ड आर फोर्ड इसराइल के हाइफा शहर के करीब खड़ा कर दिया गया। इसकी कीमत करीब 3 अरब डॉलर है।

दूसरी ओर अरब सागर में USS अब्राहम लिंकन युद्धपोत तैनात किया गया। 20 से 30 हजार अमेरिकी सैनिक ईरान को चारों तरफ से घेरने के लिए भेजे गए।

इस तैनाती के पीछे का मकसद साफ था — अगर ईरान इसराइल पर मिसाइलें दागे, तो उन्हें बीच हवा में ही मारकर गिराया जा सके। बिना इन अमेरिकी बेड़ों को पार किए ईरान की मिसाइलें इसराइल तक पहुंच ही नहीं सकतीं। इसका दूसरा पहलू यह था कि जब ईरान की मिसाइलें अमेरिकी जहाजों से टकराएंगी, तो अमेरिका को पूरी ताकत से ईरान पर हमला करने का सीधा बहाना मिल जाएगा। पिछली बार की तरह इसराइल को नुकसान न हो — यही सोचकर यह पूरी रणनीति बनाई गई।


बातचीत के बीच बमबारी: कूटनीति की धज्जियां उड़ीं

इस हमले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि यह तब हुआ जब ईरान और अमेरिका के बीच स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा में बातचीत चल रही थी। ठीक एक दिन पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास आरागची ने बयान दिया था कि अमेरिका के साथ ज्यादातर मसलों पर सहमति बन चुकी है और परमाणु प्रतिबंधों को हटाने पर बातचीत अच्छी दिशा में बढ़ रही है।

हमले से महज कुछ घंटे पहले ओमान के विदेश मंत्री ने मीडिया को बताया कि ईरान ने भविष्य में यूरेनियम संवर्धन नहीं करने का आश्वासन दिया है। बिना संवर्धन के परमाणु हथियार बनाए ही नहीं जा सकते। ओमान ही इन दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर रहा था — फिर भी अमेरिका ने हमला कर दिया।

यह पहली बार नहीं है। पिछले साल भी जब ईरान के साथ बातचीत चल रही थी, तब उसमें शामिल ईरान के कई प्रतिनिधि मारे गए। इसीलिए इस बार जिनेवा की बातचीत को लेकर शुरू से ही किसी को यकीन नहीं था कि ट्रंप सच में शांति को मौका दे रहे हैं। युद्धपोत तैनात अमेरिका करे, युद्ध की धमकी अमेरिका दे, और फिर कहे कि “ईरान कहीं हमला न कर दे इसलिए बचाव में हमने पहले हमला किया” — इस तर्क को दुनिया भर में गंभीरता से कोई नहीं ले रहा।


एक साल में दूसरा हमला: पिछली बार क्या हुआ था

ईरान पर यह एक साल के भीतर दूसरा बड़ा हमला है। पिछले साल जून में इसराइल ने ईरान पर हमला किया था, जिसमें बाद में अमेरिका को भी उतरना पड़ा। वह युद्ध 12 दिनों तक चला था।

उस युद्ध में ईरान ने इसराइल के मशहूर ‘आयरन डोम’ डिफेंस सिस्टम के मिथक को ध्वस्त कर दिया और तमाम दावों के बावजूद इसराइल को नुकसान पहुंचाया। अंत में अमेरिका अपने B-2 बमवर्षक विमान लेकर आया और परमाणु ठिकानों को नष्ट करने के नाम पर युद्ध को खत्म किया गया।

यह भी पढे़ं 👇

10 May History

10 May History: चर्चिल बने ब्रिटिश PM, मंडेला हुए दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति

रविवार, 10 मई 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates: आज की हर बड़ी खबर, हर पल अपडेट

रविवार, 10 मई 2026
India Weather Forecast

IMD Weather Alert: देश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, यहां Heat Wave का खतरा

रविवार, 10 मई 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates 10 May 2026: Top Alerts, हर खबर सबसे तेज

रविवार, 10 मई 2026

जून के हमले के बाद अमेरिका और इसराइल ने दावा किया कि ईरान के परमाणु ठिकाने नष्ट कर दिए गए और हमला सफल रहा। लेकिन अगर ठिकाने नष्ट हो गए थे, तो फिर इस बार हमले की क्या जरूरत? इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने ईरान के ठिकानों की जांच करके कहा था कि ईरान ने परमाणु हथियार नहीं बनाया। इसके बावजूद परमाणु हथियार के नाम पर दोबारा बमबारी हुई — पिछली बार भी कोई ठोस सबूत नहीं था और इस बार भी नहीं।


अमेरिका के भीतर ही उठे गंभीर सवाल

इस हमले पर अमेरिका के भीतर भी तीखी आलोचना हो रही है। प्रसिद्ध पत्रकार मेहदी हसन ने कहा कि ट्रंप को तीसरी बार महाभियोग (इंपीच) किया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने जो किया वह अमेरिका के संविधान और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर दोनों के तहत गैरकानूनी है।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने इस हमले पर संपादकीय लिखा, जिसमें कहा गया कि 2024 के चुनावी अभियान में ट्रंप ने वादा किया था कि युद्ध खत्म करेंगे, शुरू नहीं करेंगे। लेकिन पिछले एक साल में उन्होंने सात देशों पर सैन्य कार्रवाई की है और सैन्य हस्तक्षेप की उनकी भूख खत्म होने का नाम नहीं ले रही।

Twitter पर ट्रंप का 22 अक्टूबर 2012 का एक पुराना ट्वीट भी जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने अपने समर्थकों से कहा था — “अपने आप को जिताने के लिए ओबामा को ईरान कार्ड मत खेलने दीजिए, रिपब्लिकन्स सावधान रहिए।” विडंबना देखिए कि उसी ट्वीट के ठीक ऊपर 28 फरवरी का ट्वीट है — अमेरिका के रक्षा विभाग का, जिसमें सिर्फ “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” लिखा है और उनकी प्रेस सचिव ने इसे रीट्वीट किया है।

सबसे गंभीर बात यह है कि ट्रंप ने इस हमले की जानकारी अमेरिकी कांग्रेस को नहीं दी, जबकि युद्ध की घोषणा करने की शक्ति संविधान के तहत कांग्रेस के पास है। टैरिफ के मामले में भी दुनिया ने देखा — सुप्रीम कोर्ट ने उनके टैरिफ को अवैध घोषित किया, फिर भी ट्रंप ने परवाह नहीं की। ऐसे नेता की किसी भी दलील को किसी अंतरराष्ट्रीय कानून से समझ पाना अब संभव नहीं रहा।


प्रधानमंत्री मोदी की इसराइल यात्रा और हमले का समय

एक और बात गौर करने वाली है। प्रधानमंत्री मोदी जब इसराइल की यात्रा पर गए, तभी से मध्यपूर्व मामलों के विशेषज्ञ लिखने लगे थे कि मोदी के वापस लौटते ही 27 से 28 फरवरी को ईरान पर हमला शुरू हो जाएगा — और ठीक ऐसा ही हुआ। लिखने वालों का इशारा साफ था कि हमला अमेरिका या इसराइल की तरफ से होगा। किसी ने नहीं कहा कि चारों तरफ से घिरे ईरान की तरफ से हमला होगा। ईरान ने किया भी नहीं।

इसराइल की सेना (IDF) ने खुद स्वीकार किया है कि इस हमले की तैयारी अमेरिका और इसराइल महीनों से कर रहे थे। ऐसे में इसे ‘प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक’ (पहले से बचाव का हमला) कहना कितना तर्कसंगत है, यह सवाल बेहद अहम है।


आम आदमी की जेब पर पड़ेगी सीधी मार

यह युद्ध सिर्फ ईरान और मध्यपूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, इसका असर पूरी दुनिया के आम लोगों की जिंदगी पर पड़ने वाला है। अमेरिका के हमले के जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को तबाह करने की चेतावनी दी है। दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल के लिए इसी रास्ते पर निर्भर है — अगर ईरान ने ऐसा किया तो तेल की सप्लाई पर गंभीर असर पड़ेगा।

सोमवार को जब दुनिया भर के शेयर बाजार खुलेंगे, तो भारी गिरावट की आशंका है। इस डर से कि कहीं यह युद्ध लंबे समय तक न खिंच जाए, बाजार में पहले से ही घबराहट का माहौल है। चीजें महंगी होंगी, पूंजी डूबेगी और इसकी कीमत वो लोग भी चुकाएंगे जिनका इस युद्ध से कोई सीधा लेना-देना नहीं।


गजा से ईरान तक: एक तबाही जो रुकने का नाम नहीं ले रही

यह हमला रमजान के पवित्र महीने में हुआ है। याद कीजिए, मार्च 2024 में जब गजा पर बमबारी चल रही थी, तब संयुक्त राष्ट्र में रमजान के दौरान युद्ध विराम का प्रस्ताव पेश हुआ। उस प्रस्ताव के खिलाफ सिर्फ 14 वोट पड़े और अमेरिका ने मतदान में हिस्सा ही नहीं लिया।

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत गजा से हुई। लेबनान, सीरिया, यमन — एक के बाद एक देश इस आग की चपेट में आते गए और अब बारी ईरान की है। लेकिन कोई भी दावे से नहीं कह सकता कि ईरान के बाद यह रुक जाएगी। अरब देश इसराइल के आगे इस उम्मीद में सिर झुकाकर खड़े हैं कि इसराइल उन तक नहीं पहुंचेगा — लेकिन क्या यह उम्मीद टिकेगी?

ईरान के विदेश मंत्री आरागची ने इसी महीने दोहा में कहा था कि फिलिस्तीन का सवाल पूरी दुनिया की नैतिकता का इम्तिहान है। उनका कहना था कि गजा पर चुप्पी ने अंतरराष्ट्रीय कानून व्यवस्था को नष्ट कर दिया — वहां जानबूझकर नरसंहार की छूट इसीलिए दी गई ताकि एक बार इसराइल को खुली छूट मिल जाए, तो वह पड़ोसी देशों में भी ऐसी तबाही मचाता रहे। फिलिस्तीन पर चुप रहकर आज कोई भी देश दूसरे देशों पर इसराइल के हमले के खिलाफ नैतिक रूप से बोलने की स्थिति में नहीं रहा।

जो लोग गजा पर इसराइल की बमबारी को हमास के हमले का जवाब बताकर सही ठहराते थे — आज उनसे पूछिए, उनके पास भी ईरान पर इस हमले का कोई जवाब नहीं होगा। ट्रंप ने जब वेनेजुएला पर हमला किया, तब यूरोप चुप रहा। लेकिन जैसे ही ग्रीनलैंड को हथियाने की बात आई, यूरोप को अचानक संप्रभुता याद आ गई। सवाल है — क्या अब ईरान के मामले में भी वे वही संप्रभुता की बात करेंगे?


जब नियम-कायदे की व्यवस्था ही खत्म हो जाए

दुनिया भर में जो हो रहा है, उसे हर किसी को समझने की जरूरत है। कुल मिलाकर आधे दर्जन से भी कम नेता हैं जो करोड़ों लोगों की जिंदगी मनमाने तरीके से तबाह कर रहे हैं। अगर दुनिया में कानून की बनाई व्यवस्था नहीं बचेगी, तो आपके पंचायत या मोहल्ले में भी कोई व्यवस्था नहीं बचेगी। अगर दुनिया ने कानून और नियम का रास्ता छोड़ दिया, तो किसी भी देश में आम लोगों की जिंदगी मुश्किल और बदतर होती चली जाएगी।

इसराइल को सैनिक विस्तार की खुली छूट मिल गई है। वह वेपन ऑफ मास डिस्ट्रक्शन बना सकता है, लेकिन कोई और देश वैज्ञानिक तरक्की करे तो उस पर प्रतिबंध लगा दिए जाते हैं। ईरान पर हमला शुरू हो चुका है, जवाब में ईरान भी मिसाइलें दाग रहा है — लेकिन बमों और मिसाइलों की गिनती से ज्यादा जरूरी यह देखना है कि दुनिया भर में नियम-कायदे की व्यवस्था को कितनी बार, कितने तरीके से नष्ट किया जा रहा है।


मुख्य बातें (Key Points)
  • 28 फरवरी को अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया — इसराइल ने इसे ‘ऑपरेशन रोअरिंग लायन’ और अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया।
  • ईरान ने जवाब में 125 से अधिक मिसाइलें दागीं और तेल अवीव, रियाद, बहरेन के अमेरिकी नौसेना मुख्यालय सहित खाड़ी के कई ठिकानों पर हमला किया।
  • ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन को मकसद बताया, लेकिन कोई ठोस कारण नहीं दिया; अमेरिकी कांग्रेस को भी जानकारी नहीं दी गई।
  • सऊदी अरब ने अमेरिका का खुला साथ देने का ऐलान किया, जिससे पूरे मध्यपूर्व में युद्ध के और फैलने का खतरा बढ़ गया है।
  • दक्षिणी ईरान में लड़कियों के स्कूल पर बम गिरने से 5 बच्चियों की मौत हुई; होर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरे के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति और बाजारों में भारी उथल-पुथल की आशंका है।
ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

Cargill Animal Feed Plant Punjab: दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा प्लांट शुरू, किसानों को फायदा

Next Post

AAP Jantar Mantar Rally Cancelled: केजरीवाल बोले- ‘तानाशाही बंद करो, रैली करने दो’

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

10 May History

10 May History: चर्चिल बने ब्रिटिश PM, मंडेला हुए दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति

रविवार, 10 मई 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates: आज की हर बड़ी खबर, हर पल अपडेट

रविवार, 10 मई 2026
India Weather Forecast

IMD Weather Alert: देश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, यहां Heat Wave का खतरा

रविवार, 10 मई 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates 10 May 2026: Top Alerts, हर खबर सबसे तेज

रविवार, 10 मई 2026
Aaj Ka Rashifal

Aaj Ka Rashifal 10 May 2026: वृश्चिक और मकर राशि वालों का दिन शानदार, जानें सभी राशियों का हाल

रविवार, 10 मई 2026
Congress on BJP AAP

Congress on BJP AAP: एक ही सिक्के के दो पहलू हैं बीजेपी और आप

शनिवार, 9 मई 2026
Next Post
AAP Jantar Mantar Rally Cancelled

AAP Jantar Mantar Rally Cancelled: केजरीवाल बोले- 'तानाशाही बंद करो, रैली करने दो'

Iran War Middle East Crisis

Iran War Middle East Crisis: ईरान की मिसाइलों ने पूरे मध्यपूर्व को अपनी जद में लिया

Arvind Kejriwal Press Conference: बोले- अब मोदी जी को मेरा कत्ल करवाना पड़ेगा, दोबारा चुनाव की चुनौती

Arvind Kejriwal Rally Permission: दिल्ली पुलिस ने दी मंजूरी, 1 मार्च को जंतर-मंतर पर होगी रैली

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।