Air India flights Iran Israel conflict: अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर किए गए संयुक्त हवाई हमले का असर भारतीय विमानन क्षेत्र पर भी पड़ा है। तेहरान में धमाकों और हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण एयर इंडिया ने अपनी दिल्ली-तेल अवीव फ्लाइट (AI 139) को तत्काल वापस लौटने का आदेश दिया। यह फ्लाइट सऊदी अरब के एयरस्पेस में थी, जिसे वापस मुंबई के लिए डायवर्ट कर दिया गया। साथ ही, शिकागो-दिल्ली फ्लाइट (AI 126) को इराक एयरस्पेस में प्रवेश करने से पहले सीरिया की ओर डायवर्ट कर लंबा रास्ता अपनाने को कहा गया।
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा, “AI139 (दिल्ली-तेल अवीव) को इजराइल में हवाई क्षेत्र बंद होने और यात्रियों व क्रू की सुरक्षा के मद्देनजर वापस मुंबई लाया जा रहा है। एयर इंडिया इस अप्रत्याशित स्थिति के लिए यात्रियों से क्षमा याचना करती है और सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।”
तेल अवीव से क्रू की निकासी की तैयारी
हमले के बाद एयर इंडिया अब तेल अवीव में मौजूद अपने क्रू मेंबर्स को वापस लाने की योजना बना रही है। कंपनी लगातार सुरक्षा स्थिति का आकलन कर रही है और जरूरत पड़ने पर अपने ऑपरेशन में बदलाव करेगी। फिलहाल तेल अवीव से किसी भी उड़ान की संभावना नहीं है।
अमेरिका और यूरोप रूट पर बड़ा असर
जानकारों के मुताबिक, एयर इंडिया ने शुक्रवार रात से ही यूरोप के लिए अपनी नाइट फ्लाइट्स का इराक के ऊपर से उड़ान भरना बंद कर दिया था। अब अमेरिका जाने वाली फ्लाइट्स भी दिन में इराक के ऊपर से नहीं उड़ेंगी। एयर इंडिया की नॉर्थ अमेरिका फ्लाइट्स को अब वियना या रोम में फ्यूलिंग के लिए रुकना पड़ सकता है।
पाकिस्तान से लेकर इराक तक का पूरा पश्चिमी हवाई क्षेत्र भारतीय विमानों के लिए नो-गो एरिया बन गया है। इससे यूरोप, ब्रिटेन और नॉर्थ अमेरिका जाने वाली सभी फ्लाइट्स प्रभावित होंगी। इंडिगो की CIS देशों (रूस आदि) की फ्लाइट्स पर भी इसका असर पड़ सकता है।
भारतीय एयरलाइंस के लिए बड़ी चुनौती
जब ईरान पर सैन्य कार्रवाई शुरू हुई, उस समय सैकड़ों कमर्शियल विमान या तो ईरान और इजराइल के हवाई क्षेत्र में थे या वहां प्रवेश करने वाले थे। एयर इंडिया की दिल्ली-तेल अवीव फ्लाइट उनमें से एक थी। इस अप्रत्याशित स्थिति ने पूरे एविएशन सेक्टर को अलर्ट कर दिया है।
एयर इंडिया ने चीन के उत्तर-पश्चिम में स्थित होतान वेपॉइंट (Hotan waypoint) के इस्तेमाल की अनुमति मांगी है, लेकिन अभी तक इसे मंजूरी नहीं मिली है। अगर यह रास्ता मिल जाता है, तो एयर इंडिया पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र को पूरी तरह से बायपास कर यूरोप, ब्रिटेन और नॉर्थ अमेरिका के लिए उड़ान भर सकती है। यह ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं के ऊपर से जाने वाला रूट है।
‘जानें पूरा मामला’
अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़ा हवाई हमला किया है, जिसके बाद तेहरान समेत कई शहरों में धमाके हुए। इसके चलते ईरान और इजराइल का हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया है। यही वजह है कि एयरलाइंस अपनी फ्लाइट्स का रूट बदलने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर डायवर्ट करने को मजबूर हैं। यह पूरा विवाद अब सीधे तौर पर वैश्विक विमानन उद्योग को प्रभावित कर रहा है, खासकर उन मार्गों को जो यूरोप, मध्य पूर्व और एशिया को जोड़ते हैं। भारतीय एयरलाइंस के लिए यह एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि उन्हें लंबे रास्ते और अतिरिक्त ईंधन स्टॉप का प्रबंध करना होगा।
मुख्य बातें (Key Points)
अमेरिका-इजराइल के ईरान पर हमले के बाद एयर इंडिया की दिल्ली-तेल अवीव फ्लाइट AI139 को वापस मुंबई लाया गया।
शिकागो-दिल्ली फ्लाइट AI126 को इराक एयरस्पेस से हटाकर सीरिया की ओर डायवर्ट किया गया।
एयर इंडिया ने यूरोप और अमेरिका जाने वाली फ्लाइट्स के लिए इराक के ऊपर से उड़ान भरना बंद कर दिया है।
नॉर्थ अमेरिका फ्लाइट्स को अब वियना या रोम में फ्यूलिंग स्टॉप करना पड़ सकता है।
एयर इंडिया ने चीन के होतान वेपॉइंट से पाकिस्तान बायपास करने की अनुमति मांगी है, जिस पर अभी फैसला नहीं हुआ।








