Raman Lakhesar Controversy: पंजाबी सिंगर रमन लखेसर का गाना ‘माई वर्ल्ड-2’ एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस गाने के लिरिक्स से ‘बादलां दा गढ़ लंबी थाना बल्लिए‘ लाइन को हटा दिया गया है, जिसके बाद सियासी पारा चढ़ गया है। गाने को रमन लखेसर ने गाया है और यह 9 महीने पहले रिलीज हुआ था। इस गाने को अब तक 20 मिलियन से अधिक व्यूज मिल चुके हैं। गाने में यह लाइन आने के बाद पहले भी इस पर विवाद हो चुका था, लेकिन अब इस लाइन को हटाए जाने ने नए सिरे से बहस छेड़ दी है।
इस मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। यूथ अकाली दल ने आप सरकार पर सेंसरशिप का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार एक गाने की एक लाइन से इतना डर गई कि उसे यूट्यूब से हटवाना पड़ा। यूथ अकाली दल के अध्यक्ष सरबजीत सिंह झिंझर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो जारी कर इस मामले पर जमकर हमला बोला।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पंजाबी सिंगर रमन लखेसर का गाना ‘माई वर्ल्ड-2’ पिछले 9 महीनों से यूट्यूब पर था। इस गाने की एक लाइन थी – ‘जाणदा निआणा की सियाणा बल्लिए, बादलां दा गढ़ लंबी थाना बल्लिए’। अब इस गाने के वीडियो से यह लाइन म्यूट कर दी गई है, यानी हटा दी गई है। इससे पहले जब यह गाना रिलीज हुआ था, तब भी इस लाइन को लेकर विवाद हुआ था। उस समय सिंगर रमन लखेसर ने कहा था कि यह लाइन किसी ने उनसे नहीं डलवाई है, बल्कि वह इसी इलाके का रहने वाला है, इसलिए यह लाइन नेचुरली उनके दिमाग में आई थी। उन्होंने बादलों की तारीफ के आरोपों को भी नकारा था।
‘बादलां दा गढ़’ का मतलब है बादलों का गढ़, जो शिरोमणि अकाली दल के सर्वेसर्वा रहे प्रकाश सिंह बादल और उनके परिवार के गढ़ लंबी गांव की ओर इशारा करता है। यह गाना पंजाब के युवाओं में काफी पॉपुलर है, खासकर शादियों में इसे डीजे पर खूब बजाया जा रहा है।
यूथ अकाली दल ने सरकार पर बोला हमला
यूथ अकाली दल के अध्यक्ष सरबजीत सिंह झिंझर ने इस मामले को लेकर भगवंत मान सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि सरकार बादलों के नाम से बौखला चुकी है। उन्होंने कहा, “एक गाने की एक लाइन से इतना डर गई है सरकार कि उसे यूट्यूब से हटवाना पड़ रहा है। यह बोलने की आजादी पर हमला है और शिरोमणि अकाली दल के प्रति बढ़ती लोकप्रियता का डर है।”
झिंझर ने कहा, “बादलों का गढ़ लंबी कहना कोई गुनाह नहीं है, बल्कि यह उस इलाके की एक ऐतिहासिक और राजनीतिक सच्चाई है।” उन्होंने दावा किया कि पंजाब के नौजवानों के फोनों में या पंजाब की शादियों में आजकल डीजे पर यह गाना बड़ा मशहूर है। उन्होंने कहा, “गाना तो नौजवान बड़े उत्साह के साथ चला रहे हैं, शादियों में चला रहे हैं, फोनों पर चला रहे हैं, गाड़ियों में चला रहे हैं, पर सरकार को बड़ी तकलीफ हुई और उन्होंने यूट्यूब से इस गाने में से यह लाइन ही हटवा दी।”
यूट्यूब से लाइन कटवा सकते हैं, पर दिलों से नहीं
यूथ अकाली दल के प्रधान ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “सो इतना डर मान सरकार, इतना डर! एक गाने के अंदर एक लाइन, अगर बादलों का शब्द आ गया, बादलों पर एक लाइन लिखी गई और वह लाइन अगर आजकल शादियों में, गाड़ियों में, फोनों में बज रही है, इतनी तकलीफ है कि यूट्यूब से जो रमन लखेसर का यह गाना है, लाइन ही कटवा दी गई।”
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “यूट्यूब से इस गाने में से लाइन कटवा सकते हो, पर पंजाब के दिलो में से अब यह लाइन नहीं कटवा सकते। यह गाना, यह लाइन अब शादियों में भी, गाड़ियों में भी, फोनों में भी ऐसे ही बजेगी, ऐसे ही चलेगी। सो यह भाई अब तुम्हारे बस का काम नहीं कि तुम इस गाने को अब दिलों में बजने से रोक सको।”
‘जानें पूरा मामला’
यह पूरा विवाद पंजाब की सियासत से जुड़ा हुआ है। शिरोमणि अकाली दल का गढ़ माना जाने वाला लंबी गांव बादल परिवार का पैतृक गांव है। प्रकाश सिंह बादल और उनके बेटे सुखबीर सिंह बादल लंबी से ही राजनीति करते रहे हैं। ऐसे में जब रमन लखेसर ने अपने गाने में ‘बादलां दा गढ़ लंबी’ लाइन डाली, तो इसे अकाली दल की तारीफ के तौर पर देखा गया। हालांकि, सिंगर ने साफ किया था कि यह उनकी अपनी रचना है और किसी राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित नहीं है। अब इस लाइन को हटाए जाने के बाद अकाली दल ने इसे सरकार की मजबूरी और डर करार दिया है। इस मामले ने पंजाब में एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ा दिया है।
कल्चरल पॉलिटिक्स का नया मोड़
पंजाब में पॉपुलर कल्चर और राजनीति का गहरा संबंध रहा है। पंजाबी गानों और सिंगर्स का इस्तेमाल अक्सर राजनीतिक दलों द्वारा किया जाता रहा है। इस मामले में ‘बादलां दा गढ़’ लाइन को हटाने को लेकर अकाली दल ने इसे सरकार की ‘कल्चरल सेंसरशिप’ करार दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक गाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पंजाब की राजनीति में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और सत्तारूढ़ पार्टी की अकाली दल के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता को भी दर्शाता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस मामले में सरकार कोई सफाई देती है या फिर यह विवाद और गहराता है।
मुख्य बातें (Key Points)
पंजाबी सिंगर रमन लखेसर के गाने ‘माई वर्ल्ड-2’ से ‘बादलां दा गढ़ लंबी थाना बल्लिए’ लाइन हटाई गई।
यूथ अकाली दल ने आरोप लगाया कि आप सरकार ने डर के कारण यह लाइन हटवाई, इसे सेंसरशिप करार दिया।
सरबजीत सिंह झिंझर ने कहा- यूट्यूब से लाइन कटवा सकते हो, पर पंजाब के दिलों से नहीं कटवा सकते।
सिंगर रमन लखेसर ने पहले कहा था कि यह लाइन नेचुरली उनके दिमाग में आई, किसी ने नहीं डलवाई।
9 महीने पहले रिलीज इस गाने को 20 मिलियन से अधिक व्यूज मिल चुके हैं और यह शादियों में खूब बज रहा है।








