Arvind Kejriwal Acquitted: दिल्ली की शराब नीति (Excise Policy) से जुड़े कथित घोटाले मामले में अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत मिली है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले में फैसला सुनाते हुए केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सीबीआई (CBI) अपने आरोपों को साबित करने में नाकाम रही और उसके पास कोई ठोस सबूत नहीं थे। फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
अरविंद केजरीवाल ने कोर्ट के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “मैंने पूरी जिंदगी ईमानदारी कमाई है। मेरे खिलाफ साजिश हुई थी। उन्होंने झूठा केस लगाया और आज यह साबित हो गया। कोर्ट ने कहा है कि केजरीवाल कट्टर ईमानदार है, मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार है, आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार है।”
सुनीता केजरीवाल ने कहा- सत्य की जीत हुई
इस फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हमारे को तड़पाया, हमारे अरविंद जी को, उनके साथियों को जेल में भेजा। बहुत कष्ट दिया। लेकिन मुझे विश्वास था कि ईश्वर हमारा साथ देंगे। सच की जीत होगी।” उन्होंने उन सभी साथियों का भी धन्यवाद किया जो इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े रहे।
सुनीता केजरीवाल ने कहा, “आप लोग न्याय दीजिए, बताइए कि किसका भ्रष्टाचार था? सत्ता के लालच का भ्रष्टाचार था। अरविंद केजरीवाल ने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया। आज सच की जीत हुई है।”
177 दिन जेल में रहे केजरीवाल
यह मामला साल 2021 से जुड़ा है, जब दिल्ली सरकार की शराब नीति में कथित अनियमितताओं को लेकर सीबीआई ने जांच शुरू की थी। इस मामले में अरविंद केजरीवाल 177 दिनों तक जेल में रहे। इस दौरान उन पर आरोप लगते रहे कि वे जेल के अंदर से सरकार चला रहे हैं। मनीष सिसोदिया इस मामले में 510 दिनों तक जेल में रहे, जबकि संजय सिंह 181 दिन और के. कविता 150 दिन जेल में रहे।
सीबीआई ने इस मामले में कुल 23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। लेकिन जब सबूत पेश करने की बारी आई, तो एजेंसी के पास कोई ठोस सबूत नहीं थे।
कोर्ट ने उठाए सीबीआई पर सवाल
राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपने फैसले में सीबीआई की जांच पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए उस तरह के सबूत पेश नहीं किए गए। अरविंद केजरीवाल के बारे में कोर्ट ने कहा कि वे एक चुने हुए नेता थे और उनके खिलाफ आरोप बेहद संवेदनशील थे, लेकिन सीबीआई उन्हें साबित करने में नाकाम रही।
मनीष सिसोदिया के मामले में कोर्ट ने कहा कि सीबीआई ने कुछ बयान तो दर्ज किए, लेकिन कुछ चुनिंदा बयानों को ही चार्जशीट में शामिल किया। वहीं, तत्कालीन डिप्टी एक्साइज कमिश्नर कुलदीप सिंह के बारे में कोर्ट ने कहा, “मुझे समझ में नहीं आ रहा कि आपको इस मामले में आरोपी बनाया क्यों गया। आपके खिलाफ कोई सबूत नहीं है।”
पीएम मोदी-अमित शाह पर लगाया आरोप
अरविंद केजरीवाल ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने मिलकर आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र रचा, ताकि आम आदमी पार्टी को खत्म किया जा सके।” उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ पूरा का पूरा फर्जी केस बनाया गया था और राजनीति से प्रेरित होकर आम आदमी पार्टी को तोड़ने का प्रयास किया गया।
‘जानें पूरा मामला’
दिल्ली की शराब नीति 2021-22 में लागू की गई थी, जिसमें निजी कंपनियों को शराब की दुकानें चलाने की अनुमति दी गई थी। इस नीति में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल की सिफारिश पर सीबीआई ने जांच शुरू की थी। इस मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत कई नेताओं और अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था। आम आदमी पार्टी ने हमेशा इस केस को राजनीतिक साजिश करार दिया था। 24 घंटे टीवी चैनलों पर बहसें चलती रहीं, केजरीवाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे। लेकिन अब कोर्ट के इस फैसले के बाद साफ हो गया है कि केस में कोई दम नहीं था।
मुख्य बातें (Key Points)
Arvind Kejriwal Acquitted: दिल्ली शराब नीति केस में राउज एवेन्यू कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया।
फैसले के बाद केजरीवाल भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने इसे सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश बताया।
अरविंद केजरीवाल 177 दिन, मनीष सिसोदिया 510 दिन और संजय सिंह 181 दिन जेल में रहे। सीबीआई के पास कोई सबूत नहीं थे।
सुनीता केजरीवाल ने कहा- “सत्य की जीत हुई। सत्ता के लालच का भ्रष्टाचार था, केजरीवाल ने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया।”
कोर्ट ने सीबीआई पर सवाल उठाते हुए कहा कि आरोप साबित करने के लिए कोई सबूत पेश नहीं किए गए।








