Trump Tariff Attack on India : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर टैरिफ का हथियार उठाया है और इस बार निशाना भारत समेत तीन देशों के सोलर एनर्जी प्रोडक्ट्स पर साधा है। अमेरिका ने भारत, इंडोनेशिया और लाओस से आयातित सोलर सेल्स और पैनल्स पर भारी काउंटरवेलिंग ड्यूटी (सब्सिडी विरोधी शुल्क) लगा दी है। भारत के लिए यह दर करीब 126% (125.87% से 126%) तय की गई है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट से रेसिप्रोकल टैरिफ पर हार के बाद ट्रंप के टैरिफ अटैक का ताजा उदाहरण है।
अमेरिकी वाणिज्य विभाग का कहना है कि इन देशों की सरकारों ने अपने सोलर मैन्युफैक्चरर्स को इतनी सब्सिडी दी है कि वे अमेरिकी कंपनियों से कहीं सस्ते में प्रोडक्ट बेच पाते हैं, जिससे अमेरिकी घरेलू सोलर इंडस्ट्री को नुकसान हो रहा है।
क्या है काउंटरवेलिंग ड्यूटी और क्यों लगाई गई?
काउंटरवेलिंग ड्यूटी (Countervailing Duty) एक तरह का आयात शुल्क है जो उन वस्तुओं पर लगाया जाता है, जिन्हें उनके मूल देश में सरकारी सब्सिडी मिलती है। इसका उद्देश्य घरेलू उद्योगों को अनुचित प्रतिस्पर्धा से बचाना है। अमेरिका का आरोप है कि भारत, इंडोनेशिया और लाओस ने अपने सोलर निर्माताओं को इतनी सब्सिडी दी कि वे अमेरिकी बाजार में बेहद कम कीमत पर माल बेच रहे थे। यह फैसला फेयर प्ले के नाम पर लिया गया है।
कितनी ड्यूटी लगी और किन देशों पर?
भारत: 125.87% से 126% (करीब 126%)
इंडोनेशिया: 104% से 143%
लाओस: करीब 811%
यह प्रारंभिक फैसला है। अंतिम फैसला जुलाई 2026 तक आएगा और अगर यह कन्फर्म हो गया तो यह ड्यूटी परमानेंट हो सकती है।
भारत पर क्या होगा असर?
यह भारत के सोलर एक्सपोर्ट के लिए एक बड़ा झटका है क्योंकि अमेरिका एक बड़ा बाजार है। 2024 में भारत से अमेरिका को करीब 793 मिलियन डॉलर (लगभग 65 अरब रुपये) के सोलर प्रोडक्ट एक्सपोर्ट हुए थे। 2025 के पहले हाफ में भारत, इंडोनेशिया और लाओस मिलकर अमेरिका के 57% सोलर इंपोर्ट की सप्लाई कर रहे थे। यानी कुल मिलाकर करीब 4.5 बिलियन डॉलर का ट्रेड प्रभावित हो सकता है।
इस खबर का असर भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिला। वेरे एनर्जी और प्रीमियर एनर्जी जैसी कंपनियों के शेयर आज 10% तक गिर गए।
ट्रंप के टैरिफ अटैक का सिलसिला जारी
यह फैसला ट्रंप के हालिया दूसरे कार्यकाल में आया है। कुछ दिन पहले ही अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उनके रेसिप्रोकल टैरिफ को रद्द कर दिया था। उसके बाद उन्होंने पहले 10% ग्लोबल टैरिफ लगाया और फिर इसे बढ़ाकर 15% कर दिया। अब सीधे सोलर सेक्टर को निशाना बनाया गया है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर क्या असर पड़ेगा?
भारत और अमेरिका के बीच इन दिनों ट्रेड डील को लेकर बातचीत चल रही है। लेकिन ट्रंप का यह कदम उस वार्ता को भी प्रभावित कर सकता है। यह ट्रेड वॉर का एक नया दौर दिख रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि भारत सरकार और भारतीय कंपनियां क्या रणनीति अपनाती हैं – क्या वे नए बाजारों की तलाश करेंगी (डायवर्सिफिकेशन), या अमेरिका के साथ बातचीत से कोई हल निकालेंगी।
मुख्य बातें (Key Points)
अमेरिका ने भारत से आयातित सोलर प्रोडक्ट्स पर 126% तक काउंटरवेलिंग ड्यूटी लगाई।
इंडोनेशिया पर 104-143% और लाओस पर 811% ड्यूटी तय की गई है।
इससे करीब 4.5 बिलियन डॉलर के सोलर ट्रेड पर असर पड़ सकता है।
वेरे एनर्जी, प्रीमियर एनर्जी जैसी कंपनियों के शेयरों में 10% तक गिरावट आई।
सुप्रीम कोर्ट से हार के बाद ट्रंप के टैरिफ अटैक का यह ताजा मामला है।








